नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती | जहानाबाद में गूंजा देशभक्ति का स्वर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 134वीं जयंती के अवसर पर जहानाबाद में देशभक्ति का वातावरण देखने को मिला। पतंजलि योग समिति, जहानाबाद के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. उदय कुमार तिवारी ने की। इस अवसर पर नेताजी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पतंजलि से जुड़े कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पतंजलि योग समिति के महामंत्री अनिल कुमार सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस शौर्य, साहस और वीरता के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि यदि नेताजी के नेतृत्व में देश आज़ाद हुआ होता तो आज भारत का भूगोल ही कुछ और होता। नेताजी का संपूर्ण जीवन देशप्रेम से ओत-प्रोत था और उनका एकमात्र लक्ष्य भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराना था। अनिल कुमार सिंह ने कहा कि नेताजी केवल एक राजनेता नहीं बल्कि एक सशक्त विचारधारा थे। उनका जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक (ओडिशा) में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा कोलकाता में प्राप्त की तथा उच्च शिक्षा कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से पूरी की। स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के माध्यम से अहम भूमिका निभाई और बाद में आज़ाद हिंद फौज का गठन कर अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का मार्ग अपनाया। वक्ताओं ने कहा कि नेताजी का जीवन और संघर्ष आज भी युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है। उनकी विरासत भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। कार्यक्रम के अंत में नेताजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर कुन्दन कुमार, नरेश कुमार शर्मा, राम प्रवेश विश्वकर्मा, महिला पतंजलि महामंत्री संगीता कुमारी, छोटे लाल यादव, जितेन्द्र जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती | जहानाबाद में गूंजा देशभक्ति का स्वर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 134वीं जयंती के अवसर पर जहानाबाद में देशभक्ति का वातावरण देखने को मिला। पतंजलि योग समिति, जहानाबाद के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. उदय कुमार तिवारी ने की। इस अवसर पर नेताजी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पतंजलि से जुड़े कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पतंजलि योग समिति के महामंत्री अनिल कुमार सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस शौर्य, साहस और वीरता के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि यदि नेताजी के नेतृत्व में देश आज़ाद हुआ होता तो आज भारत का भूगोल ही कुछ और होता। नेताजी का संपूर्ण जीवन देशप्रेम से ओत-प्रोत था और उनका एकमात्र लक्ष्य भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराना था। अनिल कुमार सिंह ने कहा कि नेताजी केवल एक राजनेता नहीं बल्कि एक सशक्त विचारधारा थे। उनका जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक (ओडिशा) में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा कोलकाता में प्राप्त की तथा उच्च शिक्षा कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से पूरी की। स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के माध्यम से अहम भूमिका निभाई और बाद में आज़ाद हिंद फौज का गठन कर अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का मार्ग अपनाया। वक्ताओं ने कहा कि नेताजी का जीवन और संघर्ष आज भी युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है। उनकी विरासत भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। कार्यक्रम के अंत में नेताजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर कुन्दन कुमार, नरेश कुमार शर्मा, राम प्रवेश विश्वकर्मा, महिला पतंजलि महामंत्री संगीता कुमारी, छोटे लाल यादव, जितेन्द्र जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
- जहानाबाद के निजामुद्दीन पुर में मोहल्ला जगदीश नगर में मैं रेंट हाउस पर रहती हूं जहां पर मैं रहती हूं वहां पर बगल में ही खुला स्थान है मैदान जहां पर बच्चे खेलते हैं उसके साइड में यह वीडियो जो मैंने भेजा है उसमें खुला हुआ जो स्थान है वहां पर कचरा अंबार लगा हैजिसकी वजह से मच्छर और कचरा तो इतना है कि आप देखिएगा अगल-बगल में जलकुंभी है जिसकी वजह से अभी आए दिन मच्छर डेंगू बहुत सारी बीमारियां न यहां पर कभी भी ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहींहोता है ना कुछ ऐसा प्रबंध है कि डस्टबिन रखा जाए यहां पर ना यहां पर मोहल्ला के लोग हैं जो आवाज उठाते हैं मैं रेंट हाउस में रहती हूं फिर भी यहां पर कोई बोलने वाला नहीं है मुझे बहुत खराब लगता है मैं आए दिन ऐसी चीजों को देखती हूं तो मुझे बर्दाश्त नहीं होता और मैं बोल देता हूं आपसे अनुरोध है की प्लीज यहां पर डस्टबिन का प्रबंध किया जाए और गली में एक लाइट नहीं है जिसके वजह से बुजुर्गों को बहुत दिक्कत होती है आने-जाने में1
- नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 134वीं जयंती के अवसर पर जहानाबाद में देशभक्ति का वातावरण देखने को मिला। पतंजलि योग समिति, जहानाबाद के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. उदय कुमार तिवारी ने की। इस अवसर पर नेताजी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पतंजलि से जुड़े कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पतंजलि योग समिति के महामंत्री अनिल कुमार सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस शौर्य, साहस और वीरता के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि यदि नेताजी के नेतृत्व में देश आज़ाद हुआ होता तो आज भारत का भूगोल ही कुछ और होता। नेताजी का संपूर्ण जीवन देशप्रेम से ओत-प्रोत था और उनका एकमात्र लक्ष्य भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराना था। अनिल कुमार सिंह ने कहा कि नेताजी केवल एक राजनेता नहीं बल्कि एक सशक्त विचारधारा थे। उनका जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक (ओडिशा) में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा कोलकाता में प्राप्त की तथा उच्च शिक्षा कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से पूरी की। स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के माध्यम से अहम भूमिका निभाई और बाद में आज़ाद हिंद फौज का गठन कर अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का मार्ग अपनाया। वक्ताओं ने कहा कि नेताजी का जीवन और संघर्ष आज भी युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है। उनकी विरासत भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। कार्यक्रम के अंत में नेताजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर कुन्दन कुमार, नरेश कुमार शर्मा, राम प्रवेश विश्वकर्मा, महिला पतंजलि महामंत्री संगीता कुमारी, छोटे लाल यादव, जितेन्द्र जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- Post by विक्रांत पासवान2
- अरवल जिला के जिला उपाध्यक्ष व बंशी प्रखंड के जिला परिषद यादव कुसुम गणेश ने छात्रों के बारे में क्या बोले #news #breakingnews #Bihar #biharnews1
- अरवल जिला के पायस मिशन स्कूल प्रांगण में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर माता सरस्वती की पूजा-अर्चना की गयी। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या सोनम मिश्रा के द्वारा माता सरस्वती की विधि-विधान से पूजा कराया गया। विद्यालय के छात्राओं के द्वारा माता की आरती एवं वंदना करवाया गया। सभी बच्चों ने बड़े ही धुमधाम से इस पर्व को मनाया तथा पूजा में सम्मिलित होकर माता का आशिर्वाद लिया। पूजा के उपरांत छात्र-छात्राओं ने आपस में मिलजुल कर एक-दूसरे को अबीर लगाया एवं होली गायन भी किया। विद्यालय के सभी शिक्षकों ने विद्या की देवी माता सरस्वती की पूजा की एवं आने वाले नये सत्र के लिए माता का आशिर्वाद लिया। पूजा के उपरांत सभी शिक्षक आपस में एक-दूसरे को अबीर लगाया। विद्यालय के सह निदेशक अशोक कुमार ने बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सभी बच्चों एवं शिक्षकों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने आने वाले आगामी सत्र के लिए सभी को शुभकामनायें दी। इस अवसर पर विद्यालय के सह निदेशक अशोक कुमार, प्राचार्या सोनम मिश्रा, समन्वयक प्रेम राजवंश, नीरज कुमार, श्याम सुन्दर शर्मा, कविता शर्मा सहित अन्य शिक्षक उपस्थित हुए।1
- Post by Sushil Kumar Niashad ji1
- जय बाबा शिव गुरु विडियो न0-459🚩🌅⛲🪷♥️👋1
- 🚩 शहादत को नमन: जम्मू में खाई में गिरी सेना की गाड़ी, भोजपुर के लाल हरेराम कुंवर समेत 10 जवान शहीद! 🫡🇮🇳 आरा/भोजपुर: जम्मू-कश्मीर से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। डोडा जिले के 'खन्नी टॉप' के पास सेना की एक बुलेटप्रूफ गाड़ी (Casspir) अनियंत्रित होकर लगभग 400 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण हादसे में 10 जांबाज सैनिक शहीद हो गए हैं, जिनमें बिहार के भोजपुर जिले (बड़हरा) के लाल हरेराम कुंवर भी शामिल हैं। 🥀 💔 सुबह माँ से बात की, दोपहर में आई मौत की खबर शहीद हरेराम कुंवर (38 वर्ष) बड़हरा प्रखंड के नथमलपुर गांव के रहने वाले थे। गुरुवार की सुबह उन्होंने फोन पर अपनी माँ शांति देवी से बात की थी, उन्हें ठंड से बचने की सलाह दी थी और अपने बच्चों का हाल जाना था। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी। दोपहर करीब 3 बजे परिवार को उनकी शहादत की खबर मिली। 🥺 🎖️ करियर और परिवार: बहाली: वर्ष 2009 में दानापुर के बिहार रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। परिवार: पीछे पत्नी खुशबू देवी और दो मासूम बेटे (पीयूष और प्रियांशु) को छोड़ गए हैं, जो अभी नर्सरी में पढ़ते हैं। भाई: उनके बड़े भाई जयप्रकाश कुंवर गुंडी गांव के सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। "देश सेवा ही मेरा धर्म है" — अपनी इस सोच को हरेराम जी ने आखिरी सांस तक निभाया। लंबे समय से वे चुनौतीपूर्ण सीमावर्ती इलाकों में तैनात रहे। 📉 घटना की मुख्य बातें: 📍 स्थान: जम्मू-कश्मीर, डोडा जिला (खन्नी टॉप)। 🚛 हादसा: बर्फबारी और खराब मौसम के चलते गाड़ी खाई में फिसली। 🚁 रेस्क्यू: रेस्क्यू के दौरान ही हरेराम कुंवर जी 'ऑन स्पॉट' शहीद पाए गए। 🕯️ पूरा देश स्तब्ध: जम्मू के उपराज्यपाल और वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों के बलिदान पर गहरा शोक जताया है। 🙏 भावभीनी श्रद्धांजलि: भोजपुर का यह वीर सपूत अब हमारे बीच नहीं रहा, लेकिन उनका बलिदान इतिहास के पन्नों में अमर रहेगा। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें और परिजनों को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।1