नवादा के समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को पंचायती राज विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लंबित कार्यों को समय पर पूरा कराने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के माननीय मंत्री दीपक प्रकाश ने की। बैठक के दौरान नवादा जिले में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की बारी-बारी से समीक्षा की गई और मंत्री ने अधिकारियों से भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। मंत्री दीपक प्रकाश ने विभागीय अधिकारियों को सभी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि पंचायत स्तर पर हो रहे विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और आम जनता को योजनाओं का सीधा लाभ बिना किसी देरी के मिले, इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में लंबित परियोजनाओं के मार्ग में आ रही बाधाओं पर चर्चा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को लंबित कार्यों को शीघ्र निपटाने और नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। इस समीक्षा बैठक में नवादा की उप विकास आयुक्त नीलम साहू, पंचायती राज विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। डीडीसी ने बैठक के दौरान मंत्री को जिले में चल रही योजनाओं की अद्यतन स्थिति और किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। बैठक के अंत में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और नवादा जिले में विकास कार्यों को और अधिक गति दी जाएगी।
नवादा के समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को पंचायती राज विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लंबित कार्यों को समय पर पूरा कराने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के माननीय मंत्री दीपक प्रकाश ने की। बैठक के दौरान नवादा जिले में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की बारी-बारी से समीक्षा की गई और मंत्री ने अधिकारियों से भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। मंत्री दीपक प्रकाश ने विभागीय अधिकारियों को सभी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि पंचायत स्तर पर हो रहे विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और आम जनता को योजनाओं का सीधा लाभ बिना किसी देरी के मिले, इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में लंबित परियोजनाओं के मार्ग में आ रही बाधाओं पर चर्चा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को लंबित कार्यों को शीघ्र निपटाने और नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। इस समीक्षा बैठक में नवादा की उप विकास आयुक्त नीलम साहू, पंचायती राज विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। डीडीसी ने बैठक के दौरान मंत्री को जिले में चल रही योजनाओं की अद्यतन स्थिति और किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। बैठक के अंत में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और नवादा जिले में विकास कार्यों को और अधिक गति दी जाएगी।
- नवादा में एक महिला ने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा देने से साफ इनकार कर दिया है। महिला ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वे दान पेटी में पैसा नहीं डालेंगी, बल्कि इसके बजाय वे अपना चंदा किसी लंगड़े-लुलहे व्यक्ति को देना पसंद करेंगी।1
- बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को नवादा समाहरणालय सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान उन्होंने जिले में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति और कार्यों की गुणवत्ता का विस्तृत आकलन किया। बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, पंचायती राज विभाग के पदाधिकारियों और प्रखंड स्तरीय कर्मियों ने हिस्सा लिया। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास योजनाओं का काम पूरी पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पंचायतों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान पंचायत भवनों के निर्माण, ग्रामीण आधारभूत संरचना, स्वच्छता, पेयजल और अन्य जनसुविधाओं से संबंधित लंबित कार्यों पर विशेष चर्चा की गई। समीक्षा बैठक के बाद हिसुआ पहुंचने पर मंत्री दीपक प्रकाश का कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भारी उपस्थिति रही, जिन्होंने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया। समर्थकों के बीच अपने संबोधन में मंत्री ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गांव के सर्वांगीण विकास और जनता को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अपना सक्रिय सहयोग दें।1
- बांकीपुर उपचुनाव 2026 के बीच प्रशांत किशोर के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। जन सुराज के पूर्व सदस्य होने का दावा करने वाले पुरुषोत्तम कुमार ने प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 2025 में पार्टी की सदस्यता ली थी, लेकिन टिकट बेचने के आरोपों के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी है। पुरुषोत्तम कुमार ने पूरे चुनाव अभियान के दौरान बांकीपुर में घूम-घूमकर लोगों से स्थानीय उम्मीदवार को वोट देने और बाहरी उम्मीदवार का विरोध करने की अपील करने का ऐलान किया है। उनका यह भी आरोप है कि प्रशांत किशोर लोगों को भटका रहे हैं और सेक्युलर वोटों को काट रहे हैं, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का काम आसान हो सके। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुरुषोत्तम कुमार के समर्थकों में 'पुरुषोत्तम कुमार जिंदाबाद' और प्रशांत किशोर के खिलाफ नारे लगाए जा रहे हैं।1
- बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर स्थिति बदल चुकी है। पहले जहां राज्य की आम जनता इस शराबबंदी कानून को तोड़ती थी, वहीं अब खुद पुलिस भी इस कानून को तोड़ने लगी है।1
- नालंदा में विराट कोहली के हमशक्ल का जलवा देखने को मिल रहा है। जब यह हमशक्ल एक मॉल में पहुंचा, तो वहां उसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। पूरे भारत में विराट कोहली के इस हमशक्ल का जबरदस्त जलवा बना हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट @biharkavirat पर देखा जा सकता है।1
- नालंदा के बिहार शरीफ में गाँव के जीवन की शांति और सुकून को सबसे अनमोल बताया गया है। यहाँ व्यक्त भावनाओं के अनुसार, जीवन का असली सुकून सिर्फ गाँव में ही मिलता है, जबकि रोजी-रोटी या अन्य कारणों से शहर जाना तो महज़ एक मजबूरी बनकर रह गया है।1
- नालंदा जिले के अस्थावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत मां पार्वती मिष्ठान भंडार के संचालक के यहाँ घरेलू बंटवारे को लेकर भारी विवाद हो गया। इस आपसी विवाद के दौरान जमकर लाठी, डंडे और ईंटें चलीं।1