अबूझमाड़ से नक्सलवाद के लाल आतंक का काला अध्याय समाप्त, हथियार गोला बारूद का जखीरा बरामद..... अबूझमाड़ से नक्सलवाद का अंत! नारायणपुर पुलिस का ऐतिहासिक ऐलान, हथियारों के बड़े जखीरे के साथ आखिरी ईनामी नक्सली ने किया सरेंडर... नारायणपुर से एक ऐतिहासिक और निर्णायक खबर सामने आई है, जहां वर्षों से नक्सलवाद के गढ़ माने जाने वाले अबूझमाड़ से आज नक्सलवाद के काले अध्याय के समाप्त होने का ऐलान किया गया। 31 मार्च 2026 की डेडलाइन पर “माड़ बचाओ अभियान” के तहत पुलिस ने नक्सलियों द्वारा छिपाए गए भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री की प्रदर्शनी लगाकर इस सफलता को सार्वजनिक किया। इस विशेष अभियान के दौरान नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, आईटीबीपी और बीएसएफ की संयुक्त टीमों ने सघन सर्चिंग कर अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों से नक्सल डंप का बड़ा खुलासा किया। इस कार्रवाई में कुल 59 हथियार, 1856 जिंदा राउंड सहित 1908 गोला-बारूद, 581 से अधिक विस्फोटक सामग्री, बीजीएल राउंड और लॉन्चर समेत 330 नग सामग्री बरामद की गई। बरामद सामग्री में इंसास एलएमजी, स्टेनगन, 303 रायफल, 315 बोर, 12 बोर बंदूक, पिस्टल, रिवॉल्वर जैसे आधुनिक और पारंपरिक हथियार शामिल हैं। साथ ही भारी मात्रा में डेटोनेटर, कार्डेक्स वायर, प्राइमा कॉर्ड, 55 किलो से अधिक विस्फोटक रसायन, आईईडी, ग्रेनेड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जिससे नक्सलियों की लॉजिस्टिक और हमलावर क्षमता को बड़ा झटका लगा है। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया, बीएसएफ और आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शनी के दौरान एक लाख रुपये का ईनामी माओवादी कैडर बिजलू मंडावी ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। वह आमदाई एरिया कमेटी से जुड़ा सक्रिय सदस्य था। पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया ने बताया कि वर्ष 2004 से अब तक अबूझमाड़ क्षेत्र में 108 जवान शहीद हुए, 450 से अधिक मुठभेड़ हुईं, 229 नक्सली मारे गए, 1721 गिरफ्तार हुए और 1149 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। वर्ष 2024 से अब तक 42 नए पुलिस कैंप स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में ही 302 नक्सली मुख्यधारा में लौटे हैं और 270 हथियार बरामद किए गए हैं, जो इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में शांति और विकास की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। अबूझमाड़, जो कभी नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना माना जाता था, आज सुरक्षा बलों की रणनीति, ग्रामीणों के सहयोग और सुदृढ़ खुफिया तंत्र के दम पर नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल नारायणपुर पुलिस बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो अब विकास, विश्वास और नई उम्मीदों की ओर अग्रसर हो चुका है।
अबूझमाड़ से नक्सलवाद के लाल आतंक का काला अध्याय समाप्त, हथियार गोला बारूद का जखीरा बरामद..... अबूझमाड़ से नक्सलवाद का अंत! नारायणपुर पुलिस का ऐतिहासिक ऐलान, हथियारों के बड़े जखीरे के साथ आखिरी ईनामी नक्सली ने किया सरेंडर... नारायणपुर से एक ऐतिहासिक और निर्णायक खबर सामने आई है, जहां वर्षों से नक्सलवाद के गढ़ माने जाने वाले अबूझमाड़ से आज नक्सलवाद के काले अध्याय के समाप्त होने का ऐलान किया गया। 31 मार्च 2026 की डेडलाइन पर “माड़ बचाओ अभियान” के तहत पुलिस ने नक्सलियों द्वारा छिपाए गए भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री की प्रदर्शनी लगाकर इस सफलता को सार्वजनिक किया। इस विशेष अभियान के दौरान नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, आईटीबीपी और बीएसएफ की संयुक्त टीमों ने सघन सर्चिंग कर अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों से नक्सल डंप का बड़ा खुलासा किया। इस कार्रवाई में कुल 59 हथियार, 1856 जिंदा राउंड सहित 1908 गोला-बारूद, 581 से अधिक विस्फोटक सामग्री, बीजीएल राउंड और लॉन्चर समेत 330 नग सामग्री बरामद की गई। बरामद सामग्री में इंसास एलएमजी, स्टेनगन, 303 रायफल, 315 बोर, 12 बोर बंदूक, पिस्टल, रिवॉल्वर जैसे आधुनिक और पारंपरिक हथियार शामिल हैं। साथ ही भारी मात्रा में डेटोनेटर, कार्डेक्स वायर, प्राइमा कॉर्ड, 55 किलो से अधिक विस्फोटक रसायन, आईईडी, ग्रेनेड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जिससे नक्सलियों की लॉजिस्टिक और हमलावर क्षमता को बड़ा झटका लगा है। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया, बीएसएफ और आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शनी के दौरान एक लाख रुपये का ईनामी माओवादी कैडर बिजलू मंडावी ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। वह आमदाई एरिया कमेटी से जुड़ा सक्रिय सदस्य था। पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया ने बताया कि वर्ष 2004 से अब तक अबूझमाड़ क्षेत्र में 108 जवान शहीद हुए, 450 से अधिक मुठभेड़ हुईं, 229 नक्सली मारे गए, 1721 गिरफ्तार हुए और 1149 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। वर्ष 2024 से अब तक 42 नए पुलिस कैंप स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में ही 302 नक्सली मुख्यधारा में लौटे हैं और 270 हथियार बरामद किए गए हैं, जो इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में शांति और विकास की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। अबूझमाड़, जो कभी नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना माना जाता था, आज सुरक्षा बलों की रणनीति, ग्रामीणों के सहयोग और सुदृढ़ खुफिया तंत्र के दम पर नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल नारायणपुर पुलिस बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो अब विकास, विश्वास और नई उम्मीदों की ओर अग्रसर हो चुका है।
- नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया ने मीडिया से बात करते हुए नक्सल उन्मूलन की समाप्ति पर अपने अनुभव साझा किये और उन्होंने अबूझमाड़ से सशस्त्र नक्सलवाद के समाप्ति का ऐलान किया है।1
- कोंडागांव में महावीर जयंती पर दिया जियो और जीने दो का संदेश एंकर :- कोंडागांव जिला मुख्यालय में मनाया गया महावीर जयंतीपर्व, नगर के ओस्तवाल भवन से निकली रथयात्रा निकाली गई, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर है भगवान महावीर जी, सत्य-अहिंसा का दिया संदेश, जियो और जीने दो के मार्ग पर चलने की अपील। *वीओ* :- कोंडागांव में जैन समाज ने महावीर जयंती मनाई, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिन पर सत्य,अहिंसा और सौहाद्र का संदेश देते निकाली रथ यात्रा और प्रभात फेरी, महावीर के सिद्धांत जियो और जीने दो का संदेश देते नगर के प्रमुख मार्गों से निकली रथ यात्रा इस दौरान समाज के लोग भारी संख्या में मौजूद रहे। बाईट :- हरीश गोलछा, अध्यक्ष - जैन समाज कोंडागांव3
- Post by Ashish parihar Parihar1
- उत्कल दिवस पर उत्कल उड़िया समाज के द्वारा रैली निकाली गई जहां पर भगवान जगन्नाथ जी को याद किया गया, यह शोभायात्रा यात्रा उत्कल समाज होते हुए मैं रोड, दंतेश्वरी मंदिर होते हुए पंच पथ चौंक, होते हुए भवन पहुंचा।4
- तेज रफ्तार ट्रक सड़क दुर्घटना का आया LIVE वीडियो, कानून व्यवस्था को लेकर आक्रोश2
- सरेंडर नक्सलियों के निशानदेही पर भारी मात्रा में डंप हथियार जप्त। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बस्तर को नक्सल मुक्त होने की औपचारिक घोषणा की।1
- गृह मंत्री अमित शाह नक्सलवाद को लेकर सदन में कहा पूरे रिपोर्ट देखी भाजपा के सरकार में ही नक्सलवाद बड़ी और भाजपा कोई खत्म करना पड़ रहा हैं #भाजपा #अमित शाह #गृह मंत्री1
- Post by AKASH singh thakur1