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श्योपुर जिले की खितारपाल ग्राम पंचायत में सड़क की उचित व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या के समाधान की अपील की है। ग्राम पंचायत के निवासियों ने श्रीमान कलेक्टर महोदय जी से निवेदन किया है कि उनकी पंचायत में सड़क की व्यवस्था जल्द से जल्द कराई जाए, ताकि उन्हें रोज़मर्रा की मुश्किलों से निजात मिल सके।
Suneel Adivasee
श्योपुर जिले की खितारपाल ग्राम पंचायत में सड़क की उचित व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या के समाधान की अपील की है। ग्राम पंचायत के निवासियों ने श्रीमान कलेक्टर महोदय जी से निवेदन किया है कि उनकी पंचायत में सड़क की व्यवस्था जल्द से जल्द कराई जाए, ताकि उन्हें रोज़मर्रा की मुश्किलों से निजात मिल सके।
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- मुरैना जिले के सबलगढ़ स्थित टेट्रा में अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। यह उत्खनन खरिका के श्री भैरो बाबा के मंदिर के पास हो रहा है, जिससे ग्रामीणों की इस मंदिर में गहरी आस्था जुड़ी हुई है। ग्रामीणों ने इस अवैध उत्खनन को बंद करवाने की मांग की है। यह भूमि राजस्व क्षेत्र के अंतर्गत आती है। संबंधित अधिकारियों से इस मामले पर ध्यान देने और मंदिर परिसर की ओर हो रहे उत्खनन को रोकने का आग्रह किया गया है।1
- धौलपुर जिले में, जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर का लाभ उठाएँ।1
- करौली के भांकरी में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी लेने के लिए सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा गुरुवार दोपहर 12:00 बजे भांकरी शिविर स्थल पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक टीबी रोगी को निक्षय पोषण किट प्रदान की और स्वास्थ्य कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीपीसी -आईईसी लखन सिंह लोधा भी इस अवसर पर मौजूद थे। सीएमएचओ ने ग्राम पंचायत भांकरी के सेवा केंद्र पर लगे इस शिविर में कार्मिकों की स्थिति और उपलब्ध दवाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि शिविर के दौरान अधिक से अधिक लोगों की बीपी और शुगर की जांच की जाए। इसके अतिरिक्त, सीएमएचओ ने टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली और एएनएम को बच्चों वाले घरों तक ओआरएस पैकेट और जिंक की गोलियां वितरित करने का आदेश दिया। यह निर्देश दस्त नियंत्रण पखवाड़े के अंतर्गत दिए गए।1
- करौली जिले में 18 जून को भांकरी शिविर स्थल पर ग्रामीण सेवा शिविरों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सेवाओं का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सतीश चंद मीणा ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक टीबी रोगी को निक्षय पोषण किट प्रदान किया और स्वास्थ्य कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया। इस अवसर पर डीपीसी-आईईसी लखन सिंह लोधा भी उपस्थित थे। सीएमएचओ ने ग्राम पंचायत भांकरी के सेवा केंद्र पर आयोजित शिविर में कर्मचारियों और दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को शिविर के दौरान अधिक से अधिक लोगों की बीपी-शुगर की जांच करने के निर्देश दिए। टीकाकरण की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने एएनएम को बच्चों वाले घरों तक ओआरएस पैकेट और जिंक की गोलियां वितरित करने के भी निर्देश दिए, जो दस्त नियंत्रण पखवाड़े के तहत है। सीएमएचओ ने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य स्क्रीनिंग के तहत महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग, बच्चों का टीकाकरण, और एनसीडी स्क्रीनिंग जैसी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी रोग की स्क्रीनिंग, निक्षय मित्र बनाना और पोषण किट का वितरण भी किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि शिविरों में पीएमजेवाई कार्ड बनाने और वितरित करने की सेवाएं भी उपलब्ध हैं, और आमजन नजदीकी शिविर स्थलों पर इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।4
- मासलपुर के रोहर गांव में पीएचईडी विभाग की एक बोरिंग पिछले लगभग 3-4 वर्षों से बंद पड़ी हुई है। इस बोरिंग से पहले गांव में पेयजल की आपूर्ति होती थी, साथ ही बोरिंग के पास स्थित पोखर में भी पानी पहुँचता था, जिससे गांव के पशु-पक्षी अपनी प्यास बुझाते थे। बोरिंग के लंबे समय से बंद होने के कारण गांव के लोगों को पेयजल की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें दूर-दूर से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इसके अलावा, पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की गंभीर परेशानी उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए, बंद पड़ी बोरिंग की शीघ्र जांच करवाकर उसे जल्द से जल्द चालू करवाने की मांग की है, ताकि गांववासियों और पशुओं को राहत मिल सके। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यह समस्या आखिर कब तक ठीक होगी।1
- एक सीधी और सशक्त चेतावनी जारी की गई है कि जब 'किरोड़ी' का स्मरण होगा, तब 'मोटी अटकेगी', यानी भारी मुसीबत का सामना करना पड़ेगा। इस संदेश में दृढ़तापूर्वक इस बात पर जोर दिया गया है कि 'किसान हित सर्वोपरि' है, जो इस गंभीर चेतावनी का मूल आधार है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में बल्लू टी स्टॉल फेमस ने मानवता और सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्धा बुजुर्ग से आए एक यात्री की मोटरसाइकिल सफर के दौरान अचानक पंचर हो गई, जिससे उन्हें रास्ते में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर, जो अपनी मेहमाननवाजी और भाईचारे के लिए जाना जाता है, तुरंत जरूरतमंद यात्री की सहायता के लिए आगे आया। टी स्टॉल ने दिन हो या रात, राहगीरों की मदद करने, उन्हें सहयोग देने और अपनापन महसूस कराने की अपनी प्राथमिकता को दोहराते हुए यह सहायता प्रदान की। इस छोटी सी मदद ने यात्री को बड़ी राहत दी और समाज में सेवा तथा भाईचारे की भावना को मजबूत किया। बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर ने वर्धा बुजुर्ग से आए भाई को शुभ यात्रा और सुरक्षित सफर की शुभकामनाएं दी हैं।1
- धौलपुर के सरमथुरा क्षेत्र में गुरुवार दोपहर 2:05 बजे मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे आसमान में बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। इस अप्रत्याशित बारिश ने क्षेत्रवासियों को कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दिलाई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई है, क्योंकि उनका मानना है कि इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और आगामी फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और युवाओं ने भी इस बारिश का खूब आनंद लिया। सरमथुरा के पास मौठियापुरा गांव सहित पूरे क्षेत्र में मौसम के इस बदलाव को लेकर चर्चा का माहौल रहा और लोगों ने इसे गर्मी से राहत देने वाली बारिश बताया।1
- करौली के मासलपुर स्थित सीएचसी अस्पताल परिसर में एक साल पहले नरेगा योजना के तहत शुरू किया गया पार्क निर्माण कार्य अब तक अधूरा पड़ा है, जिससे मरीजों और उनके साथ आए अटेंडरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पार्क को चारों तरफ से पानी, कुर्सियाँ, लाइट और पानी के लिए एक ट्यूबवेल जैसी सुविधाओं से सुसज्जित किया जाना था। हालांकि, एक साल बीत जाने के बाद भी, पार्क में केवल मिट्टी डाली गई है और जाल लगाने के लिए पोल गाड़े गए हैं, बाकी सारा काम अधूरा है। आम जनता ने पंचायती राज और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से सवाल किया है कि मरीजों और अटेंडरों के आराम के लिए बनाया जा रहा यह पार्क आखिर कब पूरा होगा। जनता जानना चाहती है कि इस कार्य में देरी और अधूरेपन के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार है, और यह काम कब तक पूरा किया जाएगा। मासलपुर CHC हॉस्पिटल परिसर के इस बेहाल पार्क की स्थिति पर सवाल उठाते हुए, आमजन लगातार परेशान हो रहा है और अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की माँग कर रहा है।1