बेरोजगार युवाओं की विरोधाभास खनिज लोह अयस्क हमारा कामकर ले जा रहा है बाहरी अब बहुत हुआ अब न सहेंगे न रुकेंगे *मेरे किरंदुल–बचेली के साथियों* आज मैं आपसे भाषण देने नहीं, बल्कि सच दिखाने आया हूँ एक ऐसा सच,जो हम रोज़ देखते हैं, लेकिन कभी खुलकर बोलते नहीं *किरंदुल और बचेली और हमारे गर्व का प्रतीक बैलाडीला* ये वो धरती है, जहाँ पहाड़ सिर्फ पत्थर नहीं, बल्कि दौलत के भंडार हैं, *जहाँ हर दिन धरती का सीना चीरकर लाखों-करोड़ों का लोह अयस्क निकाला जाता है* जहाँ से निकलने वाला लोहा देश की फैक्ट्रियों में जाता है, और दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगों को ताकत देता है, लेकिन यहीं से शुरू होता है सबसे बड़ा विरोधाभास, विरोधाभास की सच्चाई जहाँ से देश को ताकत मिलती है, वहीं के युवा खुद कमजोर और बेरोजगार हैं, जहाँ से उद्योगों को गति मिलती है, वहीं के घरों में ठहराव और चिंता है, जहाँ से मशीनें कभी नहीं रुकती, वहीं के युवाओं के सपने रुक गए हैं, जहाँ हर दिन प्रगति की कहानी लिखी जाती है, वहीं के लोगों की जिंदगी आज भी संघर्ष की किताब बनी हुई है, जहाँ खदानों में रोशनी है, वहीं घरों में अंधेरा क्यों है? जहाँ से अरबों की कमाई होती है, वहीं के युवाओं के पास नौकरी क्यों नहीं है? जहाँ बाहर वालों के लिए अवसरों की बारिश है, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए सूखा क्यों है? असली तस्वीर आज बड़ी कंपनियां—जैसे एन यम डी सी हमारी धरती से खजाना निकाल रही हैं, लेकिन? ऑफिस में बैठने वाला बाहर का मशीन चलाने वाला बाहर का इंजीनियर बाहर का सुपरवाइजर बाहर का ठेकेदार बाहर का ज़्यादातर क्यू *और* लाइन में खड़ा स्थानीय युवक हाथ में डिग्री लेकर बेरोजगार स्थानीय युवक, घर में बैठा आईटीआई, डिप्लोमा किया हुआ स्थानीय युवक, *क्या यही न्याय है?* टूटते सपनों की कहानी सोचिए उस मां के बारे में जिसने अपने बेटे को पढ़ाया, इस उम्मीद में कि वो यहीं नौकरी करेगा लेकिन आज वही बेटा दूसरे राज्य में मजदूरी कर रहा है, जिस धरती ने उसे जन्म दिया, वही उसे रोजगार नहीं दे पाई… क्या इससे बड़ा विरोधाभास हो सकता है? 😡हमारी चुप्पी = उनका हौसला जब हम चुप रहते हैं—वे मजबूत होते हैं, जब हम बंटे रहते हैं—वे जीतते हैं जब हम डरते हैं—वे फायदा उठाते हैं *हमारी खामोशी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई है* ✊ अब फैसला हमें करना है क्या हम ऐसे ही चुप रहेंगे? क्या हम अपने हक को यूं ही खोते रहेंगे? क्या हम अपने बच्चों का भविष्य भी अंधेरे में डाल देंगे? *या* हम उठेंगे हम एकजुट होंगे हम सवाल पूछेंगे हम अपना हक लेकर रहेंगे, *हमारी मांग – हमारा अधिकार* स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता रोजगार कंपनियों में तय प्रतिशत लोकल भर्ती, *हर प्रोजेक्ट में लोकल को अनिवार्य भागीदारी* *स्किल ट्रेनिंग और स्थायी रोजगार व्यवस्था* अंतिम संदेश अब ये नहीं चलेगा कि हमारी जमीन से कोई और अमीर बने और हम बेरोजगार रहें, कि बाहर वाले आएं और अवसर ले जाएं और हम देखते रह जाएं, कि हमारे सपने टूटें और कोई और अपने सपने पूरा करे, ✊ अंतिम हुंकार जब तक हम बंटे हैं—हम कमजोर हैं और जब हम एक हो गए—तो हम ताकत हैं एकता ही हमारा हथियार है संघर्ष ही हमारा रास्ता है 🙏और याद रखिए इतिहास उन्हीं का लिखा जाता है, जो अपने हक के लिए खड़े होते हैं✊✊✊🤝🤝🤝🙏🙏🙏
बेरोजगार युवाओं की विरोधाभास खनिज लोह अयस्क हमारा कामकर ले जा रहा है बाहरी अब बहुत हुआ अब न सहेंगे न रुकेंगे *मेरे किरंदुल–बचेली के साथियों* आज मैं आपसे भाषण देने नहीं, बल्कि सच दिखाने आया हूँ एक ऐसा सच,जो हम रोज़ देखते हैं, लेकिन कभी खुलकर बोलते नहीं *किरंदुल और बचेली और हमारे गर्व का प्रतीक बैलाडीला* ये वो धरती है, जहाँ पहाड़ सिर्फ पत्थर नहीं, बल्कि दौलत के भंडार हैं, *जहाँ हर दिन धरती का सीना चीरकर लाखों-करोड़ों का लोह अयस्क निकाला जाता है* जहाँ से निकलने वाला लोहा देश की फैक्ट्रियों में जाता है, और दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगों को ताकत देता है, लेकिन यहीं से शुरू होता है सबसे बड़ा विरोधाभास, विरोधाभास की सच्चाई जहाँ से देश को ताकत मिलती है, वहीं के युवा खुद कमजोर और बेरोजगार हैं, जहाँ से उद्योगों को गति मिलती है, वहीं के घरों में ठहराव और चिंता है, जहाँ से मशीनें कभी नहीं रुकती, वहीं के युवाओं के सपने रुक गए हैं, जहाँ हर दिन प्रगति की कहानी लिखी जाती है, वहीं के लोगों की जिंदगी आज भी संघर्ष की किताब बनी हुई है, जहाँ खदानों में रोशनी है, वहीं घरों में अंधेरा क्यों है? जहाँ से अरबों की कमाई होती है, वहीं के युवाओं के पास नौकरी क्यों नहीं है? जहाँ बाहर वालों के लिए अवसरों की बारिश है, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए सूखा क्यों है? असली तस्वीर आज बड़ी कंपनियां—जैसे एन यम डी सी हमारी धरती से खजाना निकाल रही हैं, लेकिन? ऑफिस में बैठने वाला बाहर का मशीन चलाने वाला बाहर का इंजीनियर बाहर का सुपरवाइजर बाहर का ठेकेदार बाहर का ज़्यादातर क्यू *और* लाइन में खड़ा स्थानीय युवक हाथ में डिग्री लेकर बेरोजगार स्थानीय युवक, घर में बैठा आईटीआई, डिप्लोमा किया हुआ स्थानीय युवक, *क्या यही न्याय है?* टूटते सपनों की कहानी सोचिए उस मां के बारे में जिसने अपने बेटे को पढ़ाया, इस उम्मीद में कि वो यहीं नौकरी करेगा लेकिन आज वही बेटा दूसरे राज्य में मजदूरी कर रहा है, जिस धरती ने उसे जन्म दिया, वही उसे रोजगार नहीं दे पाई… क्या इससे बड़ा विरोधाभास हो सकता है? 😡हमारी चुप्पी = उनका हौसला जब हम चुप रहते हैं—वे मजबूत होते हैं, जब हम बंटे रहते हैं—वे जीतते हैं जब हम डरते हैं—वे फायदा उठाते हैं *हमारी खामोशी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई है* ✊ अब फैसला हमें करना है क्या हम ऐसे ही चुप रहेंगे? क्या हम अपने हक को यूं ही खोते रहेंगे? क्या हम अपने बच्चों का भविष्य भी अंधेरे में डाल देंगे? *या* हम उठेंगे हम एकजुट होंगे हम सवाल पूछेंगे हम अपना हक लेकर रहेंगे, *हमारी मांग – हमारा अधिकार* स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता रोजगार कंपनियों में तय प्रतिशत लोकल भर्ती, *हर प्रोजेक्ट में लोकल को अनिवार्य भागीदारी* *स्किल ट्रेनिंग और स्थायी रोजगार व्यवस्था* अंतिम संदेश अब ये नहीं चलेगा कि हमारी जमीन से कोई और अमीर बने और हम बेरोजगार रहें, कि बाहर वाले आएं और अवसर ले जाएं और हम देखते रह जाएं, कि हमारे सपने टूटें और कोई और अपने सपने पूरा करे, ✊ अंतिम हुंकार जब तक हम बंटे हैं—हम कमजोर हैं और जब हम एक हो गए—तो हम ताकत हैं एकता ही हमारा हथियार है संघर्ष ही हमारा रास्ता है 🙏और याद रखिए इतिहास उन्हीं का लिखा जाता है, जो अपने हक के लिए खड़े होते हैं✊✊✊🤝🤝🤝🙏🙏🙏
- *🔥 खुशखबरी, खुशखबरी, खुशखबरी* *🟥 श्री तरुण मार्ट* *🟥अक्षय तृतीया के पावन एवं शुभ अवसर पर हम अपने नए प्रतिष्ठान श्री तरुण मार्ट भानपुरी* *🛑भव्य शुभारंभ 20 अप्रैल सोमवार की सुबह 9:00 बजे से आपके आगमन तक स्थान मेन रोड भानपुरी जिला (बस्तर) छत्तीसगढ़* *🛑श्री तरुण मार्ट में आपकी सभी जरूरतों का हर सामान एक ही छत के नीचे घरेलू सामान, इलेक्ट्रॉनिक, किचन सामग्री ,कॉस्मेटिक, बच्चों की आकर्षक समान प्लास्टिक आइटम आदि उपलब्ध है।*1
- जगदलपुर : लोकसभा में नारी शक्ति वंदन बिल पास न होने पर फूटा भाजपा महिला मोर्चा का गुस्सा , धरना प्रदर्शन कर कांग्रेस पर बरसीं महिलाएं... बाइट - वेदवती कश्यप, बस्तर जिला पंचायत अध्यक्ष बाइट - सफिरा साहू , भाजपा जिला उपाध्यक्ष1
- आड़ावाल - मारेंगा बाईपास रोड़ में बिलोरी गांव के पास अनयंत्रित हो कर इंनोवा कार नाले में जा घुसी गाड़ी हुई पुरी तरह क्षतिग्रस्त घटना संबंधित पुरी जानकारी का इंतजार है1
- नारायणपुर जिला म पहली बार विशाल मेगा हेल्थ कैंप के आयोजन करे गीस, जिहां विशेषज्ञ डॉक्टर मन के टीम अबूझमाड़ जइसन दूर-दराज इलाका तक पहुंचिस। इस कैंप म सैकड़ों ग्रामीण मन ला मुफ्त इलाज, जांच अउ दवाई के सुविधा मिलिस। प्रशासन के ये पहल ले अबूझमाड़ क्षेत्र म स्वास्थ्य सुविधा मजबूत होए के उम्मीद हवय।1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आग बुझाने और आपातकालीन सेवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली फायर ब्रिगेड की गाड़ी एक पेड़ पर पानी का छिड़काव करती नजर आ रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कार्रवाई किसी आग या आपदा के लिए नहीं, बल्कि एक पालतू तोते को पकड़ने के लिए की गई।नारायणपुर के OBC बॉयज हॉस्टल के पास स्थित एक साल वृक्ष पर बैठा एक पालतू तोता अचानक चर्चा का केंद्र बन गया। बताया जा रहा है कि तोता अपने मालिक के पिंजरे से निकलकर पेड़ की ऊंचाई पर जा बैठा। लेकिन उसकी यह “आजादी” मालिक को रास नहीं आई। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे प्रशासनिक सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। तोते को नीचे लाने के लिए सीधे फायर ब्रिगेड की मदद ली गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी पेड़ पर पानी का तेज छिड़काव कर रही है, ताकि तोता भीगकर नीचे आ जाए और उसे फिर से पकड़कर पिंजरे में बंद किया जा सके। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस फायर ब्रिगेड का उपयोग आगजनी, दुर्घटनाओं और आपातकालीन स्थितियों में लोगों की जान बचाने के लिए किया जाता है, उसका इस्तेमाल एक पालतू पक्षी को पकड़ने के लिए किया जाना क्या उचित है? स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ साल पहले नगर सेना कार्यालय के पास स्थित पुराने मान सरोवर क्षेत्र में आग लगी थी, जहां समय पर पर्याप्त संसाधन नहीं पहुंच पाने के कारण स्थिति गंभीर हो गई थी और एक व्यक्ति की जान भी चली गई थी। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या फायर ब्रिगेड की यही तत्परता उस समय नहीं दिखाई जानी चाहिए थी? यह भी चिंताजनक है कि यदि उसी समय किसी अन्य स्थान पर वास्तविक आपात स्थिति उत्पन्न हो जाती, तो क्या फायर ब्रिगेड उपलब्ध हो पाती? क्या एक तोते को पकड़ना इतना बड़ा “आपातकाल” था कि सरकारी मशीनरी को इस तरह झोंक दिया जाए?1
- क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया अक्तई तिहार, किसानों ने नई फ़सल की तैयारी को लेकर की पुजा फरसगांव :- ब्लॉक के कई ग्रामों सहित ग्राम बड़ेडोंगर में भी सोमवार को अक्षय तृतीया के शुभ दिन पर अक्तई तिहार का पर्व अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस शुभ अवसर पर ग्रामवासियों ने अपने-अपने इष्ट एवं कुल देवी-देवताओं का स्मरण कर विधिवत पूजा-अर्चना की। पूरे गांव में भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त रहा। ग्राम के सभी वर्गों के लोगों ने आपसी भाईचारा एवं सौहार्द का परिचय देते हुए एकजुट होकर इस पर्व को मनाया। महिलाओं, पुरुषो एवं युवाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-पाठ मे भाग लेकर सामाजिक एकता का संदेश दिया। पर्व के अवसर पर परंपरागत मान्यताओं का पालन करते हुए घर-घर में विशेष पूजा का आयोजन किया गया। इसी क्रम में सोमवार के शुभ दिन को कृषि कार्य के लिए भी अत्यंत मंगलकारी मानते हुए किसानो द्वारा धान बीज निकालकर नई फसल की शुरुआत की गई। ग्रामीणो ने खेत-खलिहानो से जुड़ी अपनी परंपराओं का निर्वहन करते हुए समृद्धी एवं अच्छी पैदावार की कामना की। किसानो मे नई फसल को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। ग्राम बड़ेडोंगर में अक्षय तृतीया का पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता, परंपरा एवं कृषि संस्कृति के समन्वय का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।3
- *✰BJP नेताओं द्वारा संत रामपाल जी महाराज जी को पगड़ी पहना के सम्मानित किया गया✰* पूरी वीडियो अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel पर1
- जगदलपुर : बस्तर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य के सोशल मीडिया पर किए गए आपत्तिजनक पोस्ट पर, भड़की भाजपा, महिला मोर्चा ने कोतवाली थाने दर्ज कराने पहुंची FIR... बाइट - सुधा मिश्रा,भाजपा पश्चिम मण्डल उपाध्यक्ष व महिला नेत्री1