अयोध्या के रामनगर धौरहरा में भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की दिनदहाड़े पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में लखनऊ की विभूतिखंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस हत्याकांड के तीन आरोपियों शांतनु रावत उर्फ अंकित रावत, हरि तिवारी और विवेक सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिस पर पुलिस ने इनाम घोषित किया है। एडीसीपी ईस्ट डॉ. अमोल मुरकूट ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए पुलिस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी है। हालांकि, इन गिरफ्तारियों के बाद अब पूरे अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में कानून के समान पैमाने को लेकर एक नया सवाल चर्चा का विषय बन गया है। इस मुद्दे पर सपा नेता अनूप सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में कई चर्चित मामलों में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर, बुलडोजर और कठोर कार्रवाई देखने को मिली है।
अयोध्या के रामनगर धौरहरा में भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की दिनदहाड़े पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में लखनऊ की विभूतिखंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस हत्याकांड के तीन आरोपियों शांतनु रावत उर्फ अंकित रावत, हरि तिवारी और विवेक सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिस पर पुलिस ने इनाम घोषित किया है। एडीसीपी ईस्ट डॉ. अमोल मुरकूट ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए पुलिस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी है। हालांकि, इन गिरफ्तारियों के बाद अब पूरे अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में कानून के समान पैमाने को लेकर एक नया सवाल चर्चा का विषय बन गया है। इस मुद्दे पर सपा नेता अनूप सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में कई चर्चित मामलों में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर, बुलडोजर और कठोर कार्रवाई देखने को मिली है।
- लखनऊ में तेज़ बारिश के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से आंधी चली, जिसके चलते दिन के समय ही पूरे शहर में अंधेरा छा गया। इस तूफानी मौसम का असर यह रहा कि कई पेड़ जड़ से उखड़ गए और शहर के विभिन्न हिस्सों में व्यापक जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई।1
- लखनऊ के दुबग्गा डिपो के संविदा कर्मचारी निजी कंपनी एसएस एंटरप्राइजेज में अपने विलय के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस व्यापक विरोध प्रदर्शन के कारण लखनऊ की सिटी बस सेवा पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे लगभग 20 हजार यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगभग 500 से 600 चालक और परिचालक कार्य बहिष्कार कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप 115 ई-सिटी बसों का संचालन पूरी तरह बंद है। इसका सीधा असर 22 प्रमुख रूटों पर पड़ रहा है, जिससे हजरतगंज, चारबाग और एयरपोर्ट सहित कई महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों का यह कार्य बहिष्कार मुख्य रूप से भर्ती विवाद को लेकर जारी है। अधिकारियों और प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के बीच देर रात तक हुई वार्ता बेनतीजा रही, और डिपो में लगातार नारेबाजी की जा रही है। मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंचने के बावजूद अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। वहीं, अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों को प्रदर्शन खत्म करने के लिए कथित तौर पर धमकी भी दी जा रही है, जबकि प्रदर्शनकारियों का धरना अभी भी जारी है।2
- लखनऊ के विकासनगर थाना क्षेत्र में पुलिस की ऑपरेशन टीम और संदिग्ध बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिससे घटनास्थल पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस उपायुक्त पूर्वी, डॉ. दीक्षा शर्मा ने जानकारी दी कि सूचना मिलने पर पुलिस ने दबिश दी थी, जिसके बाद संदिग्धों ने पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे यह मुठभेड़ हुई। डॉ. दीक्षा शर्मा के अनुसार, मौके से हथियार और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं, और उन्होंने इस घटना में पुलिस की कार्रवाई को कानूनन सही और आवश्यक बताया है। अधिकारी फिलहाल मुठभेड़ में घायल या मृतक पक्ष की स्थिति की पुष्टि कर रहे हैं, और मामले की विस्तृत तफ्तीश जारी है। डॉ. दीक्षा शर्मा ने जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफ़वाहों से बचने का आग्रह किया है। पुलिस ने इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आगे की जानकारी उपलब्ध होते ही अपडेट साझा किया जाएगा।1
- लखनऊ के थाना गुडंबा क्षेत्र स्थित आदिल नगर में टेढ़ी पुलिया के पास नशे के अवैध कारोबार को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में खुलेआम गांजा बेचने के आरोपों के बाद एक नाबालिग लड़के को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था। हालांकि, कार्रवाई की उम्मीद कर रहे लोगों को तब झटका लगा जब नशा बेचने की शिकायत करने वाली महिला के पति को ही कथित तौर पर पुलिस हिरासत में ले लिया गया। वायरल वीडियो और स्थानीय निवासियों के दावों के मुताबिक, इस घटना के बाद कुछ कथित रसूखदार और दलाल आरोपियों के पक्ष में सक्रिय हो गए, जिसके बाद पुलिस पर मामले को दबाने का प्रयास करने के आरोप लग रहे हैं। इस पूरे प्रकरण से क्षेत्रीय नागरिकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को ही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, तो अपराधियों के हौसले और भी बढ़ेंगे। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की गहन पड़ताल कराने की मांग की है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- लखनऊ से ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, भाजपा नेता हत्याकांड के मामले में विभूतिखंड के एसीपी और एसएचओ को उनके पदों से हटा दिया गया है। इसी कार्रवाई के तहत, गोमतीनगर विस्तार के इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इस प्रकरण में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।1
- गाजियाबाद के खोड़ा में हुए सनसनीखेज सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को यूपी पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। यह अपराधी, जिस पर ₹50,000 का इनाम था, बकरीद के दिन मासूम सूर्या की हत्या कर फरार चल रहा था। पुलिस ने कल रात उसे भागने की फिराक में रहते हुए पकड़ लिया और उसके मंसूबों को नाकाम कर दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की अपराधियों के प्रति 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति को दर्शाते हुए, यह कार्रवाई मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में यूपी पुलिस के कड़े प्रहार का परिणाम है। इस एनकाउंटर से अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अपराध करने पर वे कानून और पुलिस की गोली से बच नहीं पाएंगे। इस मुठभेड़ को सिर्फ एक एनकाउंटर नहीं, बल्कि सूर्या को न्याय दिलाने और उसकी तड़पती मां की पुकार को शांत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह घटना अपराधियों में खौफ पैदा करने और आम जनता में सुरक्षा का विश्वास जगाने की दिशा में एक उदाहरण है, जिसे असली सुशासन के रूप में देखा जा रहा है।1