कोटा दौरे पर जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत का स्पेशल इंटरव्यू: राजस्थान में जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत करेंगे जेबा पटेल/कोटा। राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत के कोटा दौरे के दौरान सूचना इंडिया के लिए ब्यूरो जेबा पटेल ने उनका विशेष साक्षात्कार लिया। इस खास बातचीत में मंत्री रावत ने प्रदेश में जल प्रबंधन, सिंचाई परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की। मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि राजस्थान जैसे जल संकट वाले राज्य में जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में जल संरक्षण, नहरों के आधुनिकीकरण और नई सिंचाई योजनाओं के माध्यम से किसानों को अधिक से अधिक पानी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़े, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त संसाधन मिल सकें और उनकी खेती अधिक मजबूत बन सके।
कोटा दौरे पर जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत का स्पेशल इंटरव्यू: राजस्थान में जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत करेंगे जेबा पटेल/कोटा। राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत के कोटा दौरे के दौरान सूचना इंडिया के लिए ब्यूरो जेबा पटेल ने उनका विशेष साक्षात्कार लिया। इस खास बातचीत में मंत्री रावत ने प्रदेश में जल प्रबंधन, सिंचाई परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की। मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि राजस्थान जैसे जल संकट वाले राज्य में जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में जल संरक्षण, नहरों के आधुनिकीकरण और नई सिंचाई योजनाओं के माध्यम से किसानों को अधिक से अधिक पानी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़े, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त संसाधन मिल सकें और उनकी खेती अधिक मजबूत बन सके।
- जंग का आज 12 वां दिन: ईरान ने इजराइल के तेल अवीव एयरपोर्ट पर हाइपरसोनिक मिसाइल से हमला किया है: वीडियो 2 घंटे पहले जारी: फुटेज साफ दिख रहा है कि टारगेट पर सीधा हमला हुआ है...1
- जेबा पटेल/कोटा। उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर कार्य कर रही संस्था Consumer Confederation of India (CCI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Anant Kumar ने कहा कि आज के समय में उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है। सूचना इंडिया के लिए ब्यूरो जेबा पटेल द्वारा लिए गए विशेष साक्षात्कार में अनंत कुमार ने उपभोक्ता अधिकारों, शिकायत निवारण व्यवस्था और संगठन की गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की। उपभोक्ता जागरूकता पर विशेष जोर साक्षात्कार के दौरान अनंत कुमार ने बताया कि Consumer Confederation of India (CCI) देशभर में उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों का उपयोग नहीं कर पाते, इसलिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है।1
- मोड़क क्षेत्र के दरा अभ्यारण क्षेत्र में अबली मणी के सामने बुधवार को सड़क पर एक कंटेनर ख़राब मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी दूसरी तरफ से वाहनों निकालने में लगे हैं जिससे हाईवे पर जाम कि स्थिति ना बने दरा नाल में बढ़ता जा रहा वाहनों का दबाव।1
- Post by VKH NEWS1
- खान सर ने बताया पूरा प्लान ईरान का ईरान का अगला प्लान क्या हो सकता है यदि वह मरकरी पानी में मिला देता है उसे एक रोग होता है जिससे मिनीमाता रोग करते हैं अगर यह हुआ तो यह मानकर चलिए की वहां के लोग हैं उनमें लकवा की शिकायत हो जाएगी और भी बहुत सारी बीमारियां होने की संभावना है1
- Post by Sadbhavna sandesh news1
- बूंदी जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में युवक की मौत का मामला #bundi #kota #rajasthan #news1
- जेबा पटेल/कोटा। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में प्राचीन समय से उपयोग की जाने वाली लीच थेरेपी (जोंक चिकित्सा) आज भी कई रोगों के उपचार में प्रभावी मानी जाती है। इसी विषय को लेकर आयोजित एक विशेष चिकित्सा शिविर में सूचना इंडिया की ब्यूरो जेबा पटेल ने विशेषज्ञ आयुर्वेद चिकित्सकों से खास बातचीत की और इस उपचार पद्धति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। साक्षात्कार में आयुर्वेद चिकित्सकों ने बताया कि लीच थेरेपी आयुर्वेद की “रक्तमोक्षण” चिकित्सा पद्धति का एक महत्वपूर्ण भाग है। इसमें विशेष प्रकार की जोंक (लीच) का उपयोग कर शरीर के दूषित रक्त को बाहर निकाला जाता है, जिससे कई प्रकार के रोगों में राहत मिलती है। कैसे किया जाता है लीच थेरेपी उपचार विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रक्रिया में पहले प्रभावित स्थान को अच्छी तरह साफ किया जाता है, फिर प्रशिक्षित चिकित्सक जोंक को उस स्थान पर लगाते हैं। जोंक धीरे-धीरे दूषित रक्त को चूसती है, जिससे सूजन और दर्द में कमी आती है। कुछ समय बाद जोंक को सावधानीपूर्वक हटाकर घाव की सफाई की जाती है और आवश्यक औषधियां लगाई जाती हैं। पूरी प्रक्रिया प्रशिक्षित आयुर्वेद विशेषज्ञ की देखरेख में ही की जाती है।1