छतरपुर में शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जहां शादी के महज 24 घंटे के भीतर ही नवविवाहिता पत्नी घर का सामान समेटकर फरार हो गई। पीड़ित दीपक चौरसिया (48) शादी का सपना लेकर कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन वह एक बड़े सिंडिकेट का शिकार बन गए। पुलिस की तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि यह ₹1.80 लाख में 'शादी का पैकेज' बेचने वाला एक गिरोह है जो लोगों को अपना शिकार बनाता है। यह पूरा मामला लवकुशनगर क्षेत्र का है, जहां दूधनाथ कॉलोनी के निवासी दीपक चौरसिया ने 6 जुलाई को लवकुशनगर कोर्ट में कोर्ट मैरिज की थी। अगले ही दिन 7 जुलाई की रात करीब 9:30 बजे दीपक अपने बीमार भाई को देखने जिला अस्पताल गए, और इसी मौके का फायदा उठाकर नई-नवेली दुल्हन घर का कीमती सामान लेकर गायब हो गई। पीड़ित द्वारा 9 जुलाई को शिकायत दर्ज कराने के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की, तब इस बड़ी साजिश का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि टीकमगढ़ के बम्होरी निवासी आरोपी बबलू उर्फ जयप्रकाश अहिरवार ने दीपक से संपर्क कर ₹1.80 लाख में शादी कराने की डील की थी और इसके बाद रचना अनुरागी को दुल्हन बनाकर भेजा था। पुलिस ने इस ठगी गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता बबलू उर्फ जयप्रकाश अहिरवार, कमलेश पटेल उर्फ भगतजी, राजनारायण सिसोदिया, शंभू पटेल और 'लुटेरी दुल्हन' रचना अनुरागी शामिल हैं। जांच के दौरान रचना अनुरागी का सच भी सामने आया है। देवी रोड क्षेत्र की रहने वाली रचना की पहले ही 2 शादियां हो चुकी हैं और लालच में उसने यह तीसरी नकली शादी की थी। पुलिस ने उसके पास से 4 अलग-अलग आधार कार्ड और एक बुरखा बरामद किया है, जिससे आशंका है कि वह पहचान बदल-बदलकर कई लोगों को अपना शिकार बना चुकी है। पुलिस का कहना है कि यह एक व्यवस्थित ठगी सिंडिकेट है जो गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर लाखों रुपये हड़पता है। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को शादी के नाम पर ठगा है, और क्या इस नेटवर्क में रचना के अलावा अन्य महिलाएं भी शामिल हैं।
छतरपुर में शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जहां शादी के महज 24 घंटे के भीतर ही नवविवाहिता पत्नी घर का सामान समेटकर फरार हो गई। पीड़ित दीपक चौरसिया (48) शादी का सपना लेकर कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन वह एक बड़े सिंडिकेट का शिकार बन गए। पुलिस की तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि यह ₹1.80 लाख में 'शादी का पैकेज' बेचने वाला एक गिरोह है जो लोगों को अपना शिकार बनाता है। यह पूरा मामला लवकुशनगर क्षेत्र का है, जहां दूधनाथ कॉलोनी के निवासी दीपक चौरसिया ने 6 जुलाई को लवकुशनगर कोर्ट में कोर्ट मैरिज की थी। अगले ही दिन 7 जुलाई की रात करीब 9:30 बजे दीपक अपने बीमार भाई को देखने जिला अस्पताल गए, और इसी मौके का फायदा उठाकर नई-नवेली दुल्हन घर का कीमती सामान लेकर गायब हो गई। पीड़ित द्वारा 9 जुलाई को शिकायत दर्ज कराने के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की, तब इस बड़ी साजिश का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि टीकमगढ़ के बम्होरी निवासी आरोपी बबलू उर्फ जयप्रकाश अहिरवार ने दीपक से संपर्क कर ₹1.80 लाख में शादी कराने की डील की थी और इसके बाद रचना अनुरागी को दुल्हन बनाकर भेजा था। पुलिस ने इस ठगी गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता बबलू उर्फ जयप्रकाश अहिरवार, कमलेश पटेल उर्फ भगतजी, राजनारायण सिसोदिया, शंभू पटेल और 'लुटेरी दुल्हन' रचना अनुरागी शामिल हैं। जांच के दौरान रचना अनुरागी का सच भी सामने आया है। देवी रोड क्षेत्र की रहने वाली रचना की पहले ही 2 शादियां हो चुकी हैं और लालच में उसने यह तीसरी नकली शादी की थी। पुलिस ने उसके पास से 4 अलग-अलग आधार कार्ड और एक बुरखा बरामद किया है, जिससे आशंका है कि वह पहचान बदल-बदलकर कई लोगों को अपना शिकार बना चुकी है। पुलिस का कहना है कि यह एक व्यवस्थित ठगी सिंडिकेट है जो गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर लाखों रुपये हड़पता है। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को शादी के नाम पर ठगा है, और क्या इस नेटवर्क में रचना के अलावा अन्य महिलाएं भी शामिल हैं।
- टीकमगढ़ जिले की पलेरा तहसील के खरगपुर स्थित ग्राम फुटेर चक्र एक में एक कपड़ा दुकान में भीषण आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है और स्थिति स्पष्ट नहीं है।1
- टीकमगढ़ में आरटीओ ऑफिस के सामने स्थित श्री राम राजा फाइनेंस कंपनी में विभिन्न गाड़ियाँ बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। राम सिंह यादव की इस विशेष रिपोर्ट के अनुसार, यहाँ पिकअप, ईको, बोलेरो और माइक्रो टैक्सी जैसे वाहन उपलब्ध हैं।1
- पन्ना जिले के ग्राम हरदुआ (पोस्ट लक्ष्मीपुर) निवासी 23 वर्षीय आनंद अहिरवार का चयन मध्य प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (SI) के पद पर हुआ है। आनंद ने इस परीक्षा में ऑल एमपी रैंक 27 हासिल की है, जिससे उन्होंने अपने परिवार, गांव और पूरे जिले का नाम रोशन किया है। आनंद के पिता सुग्रीव अहिरवार पेशे से शिक्षक हैं और उनकी माता का नाम प्रेमा अहिरवार है। आनंद ने अपनी स्कूली शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, पन्ना से पूरी की थी। इसके बाद, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया और फिर इंदौर में रहकर मध्य प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर परीक्षा की तैयारी में जुट गए। इस शानदार और गौरवमयी उपलब्धि पर आनंद अहिरवार को भारत जंक्शन न्यूज़ की ओर से हार्दिक बधाई दी गई है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं।1
- छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र में एक पत्नी द्वारा अपने ही पति की हत्या करवाने का मामला सामने आया है। पति की हत्या की इस वारदात के बाद पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है। इस घटना के बाद घर के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।1
- छतरपुर के सटई थाना क्षेत्र के सिगरामपुरा गांव का रहने वाला 22 वर्षीय युवक प्रेम लाल रैकवार घर से आटा पिसाने के लिए निकला था, लेकिन उसका शव अमरोनिया गांव के पास जंगल में एक नाले के भीतर जमीन में दबा हुआ मिला। इस घटना के बाद पुलिस ने शव को बरामद कर उसका पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर सघन जांच शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में पुलिस ने कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ भी शुरू कर दी है। इस घटना के संबंध में आधिकारिक जानकारी 11 जुलाई की दोपहर करीब 3:30 बजे छतरपुर के सीएसपी अरूण कुमार सोनी ने साझा की है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में एक प्रदर्शन के दौरान अचानक हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए और पुलिस पर पथराव कर दिया गया। इस घटना में पुलिस अधीक्षक (SP) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) घायल हो गए हैं। घटना के वक्त मौके पर मौजूद कलेक्टर ने बताया कि दोनों पुलिस अधिकारियों ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे वे किसी गंभीर चोट का शिकार होने से बच गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तुरंत आवश्यक कार्रवाई की और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है और पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी है।1
- पलेरा में नरोत्तम दादा के समर्थन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्र होकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने सीना पीटकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस पूरे घटनाक्रम में नरोत्तम दादा के साथ-साथ डॉ. मोहन यादव, डॉ. वीरेंद्र कुमार, पीएमओ इंडिया, डॉ. शिशुपाल यादव, दीपक यादव, आकाशवाणी भोपाल, राहुल सिंह लोधी, सुनील खटीक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के संदर्भ भी सामने आए हैं।1
- छतरपुर की सिटी कोतवाली पुलिस ने कोर्ट मैरिज के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दूधनाथ कॉलोनी के निवासी 48 वर्षीय फरियादी दीपक चौरसिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि बीती 6 जुलाई को लवकुशनगर में उनकी कोर्ट मैरिज कराई गई थी, जिसके एवज में उनसे ₹1.80 लाख की डील की गई थी। शादी के अगले ही दिन यानी 7 जुलाई की रात करीब 9:30 बजे जब दीपक अपने बड़े भाई को देखने जिला अस्पताल पहुंचे, तो उनकी नवविवाहिता पत्नी मौका पाकर वहां से फरार हो गई। इसके बाद पीड़ित ने 9 जुलाई को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस की जांच में सामने आया कि इस ठगी का सौदा सबसे पहले टीकमगढ़ के बम्होरी निवासी बबलू उर्फ जयप्रकाश अहिरवार से तय हुआ था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बबलू उर्फ जयप्रकाश अहिरवार, कमलेश पटेल उर्फ भगतजी, राजनारायण सिसोदिया, शंभू पटेल और देरी रोड निवासी महिला रचना अनुरागी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि गिरफ्तार महिला पहले ही दो शादियां कर चुकी थी और लालच में आकर उसने यह तीसरी शादी रचाई थी। पुलिस ने महिला के पास से चार अलग-अलग आधार कार्ड और एक बुर्का भी बरामद किया है। इस घटना की पूरी जानकारी 11 जुलाई की दोपहर करीब 3:00 बजे छतरपुर के सीएसपी अरुण कुमार सोनी ने दी। सिटी कोतवाली थाना पुलिस अब इस पूरे गिरोह के नेटवर्क और इनके द्वारा किए गए अन्य संभावित मामलों की गहनता से जांच कर रही है।1
- उज्जैन निवासी छंदा राय ने पुलिस अधीक्षक को एक आवेदन सौंपकर अपने ससुर की संपत्ति से जुड़े एक कथित फर्जी वसीयतनामे के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस संपत्ति पर अवैध रूप से दावा करने का प्रयास किया जा रहा है। छंदा राय ने मांग की है कि यदि जांच के दौरान दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। वर्तमान में लगाए गए ये सभी आरोप आवेदनकर्ता के हैं और मामले की सत्यता की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसी द्वारा की जाएगी।1