मध्यप्रदेश शासन के संकल्प के अनुरूप डिंडौरी जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से 13 जुलाई से ‘दुग्ध समृद्धि सघन अभियान’ का तीसरा चरण शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभागीय टीम जिले के 711 गांवों में 3 से 4 पशु (गौवंश और मादा भैंस) रखने वाले 4,859 पशुपालकों के घर-घर पहुंचेगी। टीम पशुपालकों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें नस्ल सुधार, पशुपालन प्रबंधन और पशु स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करेगी। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप संचालक डॉ. आर.एम. भुरसेडे ने बताया कि इस अभियान के प्रभावी संचालन के लिए 11 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण और कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसमें 35 राज्यस्तरीय पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों और 77 मैत्री/पशु सखियों को प्रशिक्षित किया गया। अभियान की सतत निगरानी और मैदानी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए एक जिला स्तरीय कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिसके नोडल अधिकारी के रूप में डॉ. अभिजीत चतुर्वेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पशुपालन विभाग ने जिले के सभी पशुपालकों और आम जनता से इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग की अपील की है।
मध्यप्रदेश शासन के संकल्प के अनुरूप डिंडौरी जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से 13 जुलाई से ‘दुग्ध समृद्धि सघन अभियान’ का तीसरा चरण शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभागीय टीम जिले के 711 गांवों में 3 से 4 पशु (गौवंश और मादा भैंस) रखने वाले 4,859 पशुपालकों के घर-घर पहुंचेगी। टीम पशुपालकों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें नस्ल सुधार, पशुपालन प्रबंधन और पशु स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करेगी। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप संचालक डॉ. आर.एम. भुरसेडे ने बताया कि इस अभियान के प्रभावी संचालन के लिए 11 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण और कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसमें 35 राज्यस्तरीय पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों और 77 मैत्री/पशु सखियों को प्रशिक्षित किया गया। अभियान की सतत निगरानी और मैदानी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए एक जिला स्तरीय कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिसके नोडल अधिकारी के रूप में डॉ. अभिजीत चतुर्वेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पशुपालन विभाग ने जिले के सभी पशुपालकों और आम जनता से इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग की अपील की है।
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बैगा बहुल ग्राम पंचायत देवरा से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहाँ प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को परिजनों और ग्रामीणों ने कपड़े के सहारे कांधों पर उठाकर काफी दूरी तय कर नेशनल हाईवे तक पहुंचाया। बारिश के कारण गांव तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया था, जिससे 108 एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी और हाईवे पर ही खड़ी इंतजार कर रही थी। इसके बाद महिला को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रसूता के पति सुनील रौतेल ने बताया कि प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन खराब सड़क और कीचड़ के कारण वाहन गांव तक नहीं आ सका, जिसके चलते मजबूरी में उन्हें ग्रामीणों की मदद से पत्नी को कांधों पर उठाना पड़ा। आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी सिंह ने भी माना कि बारिश के मौसम में गांव तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है और खराब सड़क के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। उमरिया जिले की सीमा पर स्थित देवरा गाँव एक बैगा बहुल गाँव है, जिसे सेना में शहीद हुए स्वागत भूप सिंह के नाम से भी जाना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है और बारिश के दिनों में गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण स्वीकृत किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही के कारण लोगों को अब भी कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। यह घटना सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को साफ उजागर करती है और इस वायरल वीडियो के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।4
- उमरिया जिले में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात विभाग द्वारा विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर शुरू किए गए इस 7 दिवसीय अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक 10 स्कूल बसों की गहन जांच की गई है। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर 4 स्कूल बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई है। यातायात प्रभारी ज्योति शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने स्कूल बसों के संचालन के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध दस्तावेजों, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य बताया है। साथ ही, उन्होंने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।4
- मंडला में शिक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोलती एक बेहद बेबस और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां मासूम बच्चे टूटी दीवारों और जर्जर छत के साये में एक झोपड़ी के भीतर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कागज़ों पर किए जा रहे शिक्षा के तमाम दावों के विपरीत ज़मीन पर हालात बेहद बदहाल हैं, जो बच्चों के सुनहरे भविष्य और उनके सपनों पर पहरा लगा रहे हैं। जमीनी हकीकत की इस बदहाली को लेकर अब तीखे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस बदइंतजामी के लिए जिम्मेदार कौन है और इसका जवाब कब मिलेगा।1
- मंडला के जिला योजना भवन में आज 'प्रोजेक्ट संकल्प' का शुभारंभ किया गया है। छात्र-छात्राओं के करियर को नई दिशा देने वाली इस सार्थक पहल की शुरुआत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उईके और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते की गरिमामयी उपस्थिति में हुई। इस कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रोजेक्ट संकल्प के इस शुभारंभ से छात्र-छात्राओं का भविष्य उज्ज्वल होगा।1
- अनूपपुर जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरबसपुर के भोलगढ़ जंगल में तीन हाथियों का समूह पिछले आठ दिनों से डेरा डाले हुए है। शनिवार (11/07/2026) को शाम 7:30 बजे ये हाथी मुख्य मार्ग के पास विचरण करते देखे गए। इससे पहले दोपहर में, समूह के एक बड़े नर हाथी ने जंगल के तालाब में पानी पिया और फिर वापस अपने दल में शामिल हो गया। वर्तमान में यह हाथियों का समूह शहडोल-कोतमा-मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर भोलगढ़ गांव के बस स्टैंड और वाटर शेड तालाब के बीच सड़क किनारे जंगल में घूम रहा है। आज रात इन हाथियों के भोलगढ़ और बरबसपुर के विभिन्न टोले-मोहल्लों में पहुंचने की आशंका बनी हुई है। हाथियों के मुख्य मार्ग के बिल्कुल करीब आने पर वन विभाग के गश्ती दल, कोतवाली पुलिस और अनूपपुर यातायात पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ देर के लिए वाहनों का आवागमन रोक दिया था। हाथियों के सड़क किनारे से दोबारा जंगल की ओर लौट जाने के बाद यातायात को फिर से सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम हाथियों की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है।1
- शहडोल के कृष्णा कॉलोनी वार्ड नंबर 28 में धनपुरी निवासी मथुरा अग्रवाल और मयंक अग्रवाल के एक निर्माणाधीन भवन में ढलाई के दौरान डबल सेंटरिंग का सपोर्ट अचानक खिसक जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के तीन मजदूर घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा इस हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।1