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शॉट सर्किट से फसल में लगी आग ग्राम गुदरी तहसील स्लीमनाबाद जिला कटनी रिपोर्टर गणेश सोनी गुदरी तहसील स्लीमनाबाद जिला कटनी शॉट सर्किट से फसल में लगी आग ग्राम गुदरी में फसल का हुआ नुकसान ग्राम गुदरी में शॉर्ट सर्किट गुदरी में जाली किसानों की फसल जिसमें से सुनील रजक राजेंद्र रजक सोनेलाल चौधरी संदीप चौधरी की गाड़ी होंडा साईं और भी किसानों की फसल का नुकसान हुआ
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शॉट सर्किट से फसल में लगी आग ग्राम गुदरी तहसील स्लीमनाबाद जिला कटनी रिपोर्टर गणेश सोनी गुदरी तहसील स्लीमनाबाद जिला कटनी शॉट सर्किट से फसल में लगी आग ग्राम गुदरी में फसल का हुआ नुकसान ग्राम गुदरी में शॉर्ट सर्किट गुदरी में जाली किसानों की फसल जिसमें से सुनील रजक राजेंद्र रजक सोनेलाल चौधरी संदीप चौधरी की गाड़ी होंडा साईं और भी किसानों की फसल का नुकसान हुआ
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- रिपोर्टर गणेश सोनी गुदरी तहसील स्लीमनाबाद जिला कटनी शॉट सर्किट से फसल में लगी आग ग्राम गुदरी में फसल का हुआ नुकसान ग्राम गुदरी में शॉर्ट सर्किट गुदरी में जाली किसानों की फसल जिसमें से सुनील रजक राजेंद्र रजक सोनेलाल चौधरी संदीप चौधरी की गाड़ी होंडा साईं और भी किसानों की फसल का नुकसान हुआ8
- *13 अप्रैल संत कंवर राम जयंती* 13 अप्रैल, 1885 को बैसाखी के दिन सिंध (अब पाकिस्तान) के जरवार गाँव में जन्मे संत कंवर राम सिंधी समाज के एक महान संत, गायक और मानवतावादी थे। उनकी जयंती (13 अप्रैल) को सिंधी समुदाय में उत्साह के साथ मनाया जाता है। वे अपने मधुर भजनों (लाडा) और गरीब-दुखियों की सेवा के लिए जाने जाते हैं, जो सत्य, प्रेम, भाईचारे और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक माने जाते हैं। *संत कंवर राम जयंती से संबंधित मुख्य बातें:* जन्म और प्रारंभिक जीवन: उनका जन्म 13 अप्रैल 1885 को जरवार, सक्खर (सिंध) में हुआ था। उनके पिता ताराचंद और माता तीर्थबाई थे, जो अत्यंत सादगीपूर्ण जीवन जीते थे। *आध्यात्मिक झुकाव:* संत कंवर राम बचपन से ही ईश्वर के प्रति समर्पित थे। उन्होंने संत खोतराम साहिब के सानिध्य में आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त की और उन्हें अपना गुरु माना। *गायन और भजन:* उनकी आवाज बहुत मधुर थी और वे *अपने भजनों से लोगों के दिलों को छू लेते थे।* वे विशेष रूप से सिंधी समाज में 'लाडा' (शुभ विवाह के गीत) गाने के लिए प्रसिद्ध है। *समाज सेवा:* वे अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों में बाँट देते थे। उनके अनुसार, मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची पूजा थी। *शहीद का दर्जा:* उन्हें "अमर शहीद" कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने 1939 में रूक रेलवे स्टेशन पर धर्म के लिए अपना बलिदान दे दिया था।1
- Post by सच की खबर 241
- “Hamare dost nahi… full time nashedi gang hai 😂🍻” . . #ComedyVideo #FunnyFriends #NashediGang #DesiComedy #ViralReels #FriendshipGoals #FunnyContent1
- Post by Sourabh Shrivastava1
- कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छपरा, रजा मार्बल के पास शुक्रवार देर रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां हाईवे किनारे खड़ी एक मिनी ट्रक में चालक का रक्तरंजित शव मिलने से इलाके में दहशत फैल गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 42 वर्षीय राकेश दाहिया पिता घासीराम दाहिया, निवासी वार्ड क्रमांक 14 खितौला, सिहोरा जिला जबलपुर के रूप में हुई है। राकेश पेशे से ट्रक ड्राइवर था और वह स्वराज माजदा वाहन (क्रमांक MP 20 GA 6242) चलाता था। परिजनों के मुताबिक, राकेश 10 अप्रैल 2026 को जबलपुर से कटनी आया था और बिलहरी से मटके लोड कर वापस जबलपुर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में यह रहस्यमयी घटना घटित हो गई। थाना प्रभारी सुदेश समन ने बताया कि देर रात करीब 2 बजे एनएचएआई के माध्यम से सूचना मिली कि छपरा के आगे रजा मार्बल के पास एक गाड़ी संदिग्ध अवस्था में खड़ी है, जिसमें एक शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शव को कब्जे में लिया गया। एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी ने बताया कि घटनास्थल से लगभग 200 मीटर दूर खून से सनी एक लोहे की रॉड बरामद की गई है। वहीं, मृतक के शरीर पर कई चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। फिंगरप्रिंट टीम द्वारा वाहन की गहन जांच की गई है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। 👉 पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है, जल्द ही घटना का खुलासा होने की उम्मीद है।1
- : सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावों की पोल खोल रहा है। अभिषेक पाठक नाम के एक यूजर ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो साझा किया है, जिसमें सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को उजागर किया गया है। क्या है पूरा मामला? वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि इस भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड या जांच के लिए ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से गाड़ी या स्ट्रेचर की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। ### अभिषेक पाठक के वीडियो की मुख्य बातें: व्यवस्था का अभाव: अस्पताल को 'सुपर स्पेशलिटी' कहा जा रहा है, लेकिन मरीजों के लिए बुनियादी परिवहन (Transport) की सुविधा शून्य है। तीमारदारों की बेबसी: भीषण गर्मी में मरीज के परिजन उन्हें सहारा देकर या खुद ही स्ट्रेचर खींचकर ले जाने को मजबूर हैं। प्रशासन पर सवाल: वीडियो शेयर करते हुए अभिषेक ने व्यवस्था की हकीकत बताते हुए अस्पताल प्रबंधन और सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। "यह है सुपर स्पेशलिटी की हकीकत! भीषण गर्मी में मरीज बेहाल हैं, लेकिन उन्हें लाने-ले जाने के लिए कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं है।" > — अभिषेक पाठक (फेसबुक पोस्ट के माध्यम से) निष्कर्ष अक्सर बड़ी इमारतों और आधुनिक मशीनों को 'सुपर स्पेशलिटी' का नाम दे दिया जाता है, लेकिन जब तक एक आम मरीज को धूप और गर्मी से बचाने जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तब तक ऐसे दावे खोखले ही नजर आएंगे। अब देखना यह है कि इस वीडियो के वायरल होने के बाद क्या अस्पताल प्रशासन की नींद टूटती है?1
- रिपोर्टर गणेश सोनी गुदरी तहसील स्लीमनाबाद जिला कटनी शॉट सर्किट से फसल में लगी आग ग्राम गुदरी में फसल का हुआ नुकसान ग्राम गुदरी में शॉर्ट सर्किट गुदरी में जाली किसानों की फसल जिसमें से सुनील रजक राजेंद्र रजक सोनेलाल चौधरी संदीप चौधरी की गाड़ी होंडा साईं और भी किसानों की फसल का नुकसान हुआ8