बांका में बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ मुक्ति निकेतन का निर्णायक अभियान, 2030 तक चलेगा राष्ट्रव्यापी मिशन बांका। विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस के अवसर पर बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठन मुक्ति निकेतन ने बांका जिले में बच्चों की ट्रैफिकिंग (बाल दुर्व्यापार) के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया है। संगठन ने कहा कि सरकार, प्रशासन और आम नागरिकों के सहयोग से जिले में बाल तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही ट्रैफिकरों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा कमजोर परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने का प्रयास किया जाएगा। यह घोषणा नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श "Ensuring Child Rights, Potential and Prosperity" के दौरान की गई। इस अवसर पर "नेशनल कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड ट्रैफिकिंग" की शुरुआत की गई, जो वर्ष 2030 तक पूरे देश में चलाया जाएगा। इस राष्ट्रीय परामर्श में देश के 782 जिलों से आए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुक्ति निकेतन, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) का सहयोगी संगठन है। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन दुनिया का सबसे बड़ा कानूनी हस्तक्षेप कार्यक्रम संचालित कर रहा है। संगठन के अनुसार, उसके सहयोगी संस्थानों के प्रयासों से अप्रैल 2023 से दिसंबर 2025 के बीच देशभर में 1,22,516 बच्चों को मानव तस्करी के चंगुल से मुक्त कराया गया है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि किसी भी बच्चे की जिंदगी बचाना सबसे बड़ा मानव सेवा का कार्य है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बच्चियां अक्सर मानव तस्करी का शिकार हो जाती हैं और फिर कभी अपने घर नहीं लौट पातीं। ऐसे बच्चों को बचाने और उन्हें सुरक्षित जीवन देने का कार्य करने वाले सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवक वास्तव में समाज के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं। मुक्ति निकेतन के सचिव चिरंजीव कुमार सिंह ने कहा कि देश में प्रतिदिन औसतन 6 बच्चे मानव तस्करी का शिकार होते हैं और 5 बच्चों को जबरन मजदूरी में धकेला जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हर घंटे 11 बच्चे लापता हो जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या बाद में मानव तस्करी का शिकार पाई जाती है। उन्होंने कहा कि हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी के बाद मानव तस्करी दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है। महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक निशाना बनाया जाता है क्योंकि अपराधी उनसे देह व्यापार, भिक्षावृत्ति और बंधुआ मजदूरी के माध्यम से भारी कमाई करते हैं। उन्होंने बताया कि बाल तस्कर अक्सर बाहरी नहीं बल्कि स्थानीय लोग ही होते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को नौकरी, अच्छी कमाई या बेहतर जीवन का सपना दिखाकर अपने साथ ले जाते हैं। बाद में उन्हें बंधुआ मजदूरी, यौन शोषण और भिक्षावृत्ति जैसे अमानवीय कार्यों में धकेल दिया जाता है। चिरंजीव कुमार सिंह ने कहा कि मुक्ति निकेतन का मुख्य फोकस मानव तस्करी की रोकथाम, बच्चों के सुरक्षित बचाव और उनके सम्मानजनक पुनर्वास पर रहेगा। इसके लिए संगठन जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ मिलकर गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाएगा। साथ ही गरीब एवं हाशिए पर रह रहे परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और वे मानव तस्करों के झांसे में आने से बच सकें। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी से मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा, परामर्श और सामाजिक पुनर्स्थापन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे भय और शोषण से बाहर निकलकर सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा में लौट सकें। मुक्ति निकेतन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी बच्चे को नौकरी, मजदूरी या अन्य बहाने से बाहर ले जाने की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी तत्काल सूचना पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें। समाज, प्रशासन और सामाजिक संगठनों की संयुक्त भागीदारी से ही बच्चों की तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
बांका में बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ मुक्ति निकेतन का निर्णायक अभियान, 2030 तक चलेगा राष्ट्रव्यापी मिशन बांका। विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस के अवसर पर बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठन मुक्ति निकेतन ने बांका जिले में बच्चों की ट्रैफिकिंग (बाल दुर्व्यापार) के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया है। संगठन ने कहा कि सरकार, प्रशासन और आम नागरिकों के सहयोग से जिले में बाल तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही ट्रैफिकरों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा कमजोर परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने का प्रयास किया जाएगा। यह घोषणा नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श "Ensuring Child Rights, Potential and Prosperity" के दौरान की गई। इस अवसर पर "नेशनल कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड ट्रैफिकिंग" की शुरुआत की गई, जो वर्ष 2030 तक पूरे देश में चलाया जाएगा। इस राष्ट्रीय परामर्श में देश के 782 जिलों से आए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुक्ति निकेतन, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) का सहयोगी संगठन है। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन दुनिया का सबसे बड़ा कानूनी हस्तक्षेप कार्यक्रम संचालित कर रहा है। संगठन के अनुसार, उसके सहयोगी संस्थानों के प्रयासों से अप्रैल 2023 से दिसंबर 2025 के बीच देशभर में 1,22,516 बच्चों को मानव तस्करी के चंगुल से मुक्त कराया गया है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि किसी भी बच्चे की जिंदगी बचाना सबसे बड़ा मानव सेवा का कार्य है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बच्चियां अक्सर मानव तस्करी का शिकार हो जाती हैं और फिर कभी अपने घर नहीं लौट पातीं। ऐसे बच्चों को बचाने और उन्हें सुरक्षित जीवन देने का कार्य करने वाले सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवक वास्तव में समाज के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं। मुक्ति निकेतन के सचिव चिरंजीव कुमार सिंह ने कहा कि देश में प्रतिदिन औसतन 6 बच्चे मानव तस्करी का शिकार होते हैं और 5 बच्चों को जबरन मजदूरी में धकेला जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हर घंटे 11 बच्चे लापता हो जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या बाद में मानव तस्करी का शिकार पाई जाती है। उन्होंने कहा कि हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी के बाद मानव तस्करी दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है। महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक निशाना बनाया जाता है क्योंकि अपराधी उनसे देह व्यापार, भिक्षावृत्ति और बंधुआ मजदूरी के माध्यम से भारी कमाई करते हैं। उन्होंने बताया कि बाल तस्कर अक्सर बाहरी नहीं बल्कि स्थानीय लोग ही होते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को नौकरी, अच्छी कमाई या बेहतर जीवन का सपना दिखाकर अपने साथ ले जाते हैं। बाद में उन्हें बंधुआ मजदूरी, यौन शोषण और भिक्षावृत्ति जैसे अमानवीय कार्यों में धकेल दिया जाता है। चिरंजीव कुमार सिंह ने कहा कि मुक्ति निकेतन का मुख्य फोकस मानव तस्करी की रोकथाम, बच्चों के सुरक्षित बचाव और उनके सम्मानजनक पुनर्वास पर रहेगा। इसके लिए संगठन जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ मिलकर गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाएगा। साथ ही गरीब एवं हाशिए पर रह रहे परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और वे मानव तस्करों के झांसे में आने से बच सकें। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी से मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा, परामर्श और सामाजिक पुनर्स्थापन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे भय और शोषण से बाहर निकलकर सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा में लौट सकें। मुक्ति निकेतन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी बच्चे को नौकरी, मजदूरी या अन्य बहाने से बाहर ले जाने की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी तत्काल सूचना पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें। समाज, प्रशासन और सामाजिक संगठनों की संयुक्त भागीदारी से ही बच्चों की तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
- महादलित टोला के विकास को मिलेगी नई रफ्तार! 🚩 15 अगस्त से पहले प्रशासन ने विकास मित्रों को दिए बड़े निर्देश। बांका: महादलित टोला के विकास और जनजागरूकता अभियान को लेकर कल्याण पदाधिकारी रौशन कुमार की अध्यक्षता में प्रखंड के सभी विकास मित्रों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। ✅ बैठक में महादलित टोला में समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का निर्देश दिया गया। 💰 बड़ी खबर: प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) के तहत भुरना पंचायत के महादलित टोला तूरडीह का विकास कार्यों के लिए चयन किया गया है, जिसके लिए ₹50 हजार की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। 🇮🇳 इसके साथ ही आगामी 15 अगस्त को सभी संबंधित पंचायतों के विकास मित्रों को अपने-अपने महादलित टोला में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश भी दिया गया। 📰 ऐसी ही हर बड़ी और भरोसेमंद स्थानीय खबर के लिए जुड़े रहें — बांका टुडे न्यूज़ डिजिटल। 👍 पोस्ट को Like, Share और Follow करना न भूलें।1
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- हंसडीहा–बासुकीनाथ मुख्य मार्ग पर रामगढ़ मोड़ के समीप राष्ट्रीय सूंड़ी समाज द्वारा आयोजित निशुल्क कांवरिया सेवा शिविर 2026 का भव्य शुभारंभ केंद्रीय पदाधिकारियों एवं समाज के सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया।1
- डॉ. दिलीप जायसवाल ने किया श्रावणी मेला-2026 का उद्घाटन कांवरियों के स्वागत को तैयार बांका, श्रावणी मेला शुरू टेंट सिटी और जीविका दीदी की रसोई का हुआ लोकार्पण1
- श्रावणी मेला में पुलिस सहायता शिविर खाली, पहले दिन ही चरमराई सुरक्षा व्यवस्था तारापुर। श्रावणी मेला के शुभारंभ के साथ गुरुवार को तारापुर से होकर गुजरने वाला कांवर पथ शिवभक्तों की आस्था से सराबोर हो गया। दोपहर बाद कांवरियों की संख्या तेजी से बढ़ी। श्रद्धालु ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ते रहे। हल्की बारिश से मौसम सुहाना रहा, जिससे कांवरियों को राहत मिली। प्रशासन ने पूरे श्रावण माह निश्शुल्क पेयजल, चिकित्सा, शौचालय, धर्मशाला, प्रकाश और सफाई की व्यवस्था की है। पीएचईडी पेयजल, स्वास्थ्य विभाग चिकित्सा शिविर व एंबुलेंस तथा नगर पंचायत सफाई व्यवस्था संभाल रहा है। पुलिस सुरक्षा में तैनात है। हालांकि पहले दिन कई पुलिस सहायता शिविरों में बल की तैनाती नहीं होने से यातायात प्रभावित रहा। एसडीओ राकेश रंजन कुमार ने बताया कि शाम तक सभी जवान योगदान कर देंगे। मुख्य बाजार में अतिक्रमण से जाम की स्थिति बनी रही। थाना के समीप सड़क का गड्ढा और चौरा नदी पुल की क्षतिग्रस्त रेलिंग भी परेशानी का कारण बनी रही।1
- बोल बम कच्ची कमरिया बांका जिला का अद्भुत दृश्य देखकर हैरान 3 साल के बच्चे बाबा नगरी जा रहे हैं।1
- 🚨 बालू माफियाओं में मचा हड़कंप! बांका में प्रशासन का बड़ा एक्शन, 5 वाहन जब्त 🚨 बांका जिले में अवैध बालू उत्खनन और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। समाहर्ता के निर्देश पर खनन विभाग की टीम ने विशेष अभियान चलाते हुए कुल 5 वाहनों को जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान बांका थाना से 1 हाईवा, खेसर थाना से 1 हाईवा, रजौन थाना से 1 जुगाड़ गाड़ी और शंभुगंज थाना से 2 ट्रैक्टर जब्त किए गए। 👮♂️ जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बालू माफियाओं के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध खनन या परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। 📢 आपकी इस कार्रवाई पर क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं। 📍 बांका 👉 बांका की हर बड़ी और भरोसेमंद खबर के लिए जुड़े रहें बांका टुडे न्यूज़ डिजिटल के साथ।1
- सुपौल -भावी से अवैध संबंध रहने के कारण अपने ही पत्नी को सुपारी किलर से कराया हत्या। सुपौल जिला के किशन पुर थाना क्षेत्र अंतर्गत किशनपुर उत्तर रतनपुरा ढाला, पूर्वी कोशी तटबंध स्पर संख्या 49 के समीप लगभग एक माह पहले मिले महिला के सर कटी शव के मामले का किशनपुर पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्या मामले मे अपने भाभी से अवैध संबंध मे पति ने ही सुपारी देकर अपनी पत्नी की हत्या कराई थी। पुलिस ने मृतिका के पति, ससुर और एक सुपारी किलर को गिरफ्तार कर व्यवहार न्यायालय सुपौल भेज दिया है। मामला थाना क्षेत्र अंतर्गत राजपुर पंचायत के बेलाटेढा गांव निवासी मु वदूर का 28 वर्षीय पुत्र मु अंसारुल का प्रेम विवाह ढाई वर्ष पूर्व सिसौनी गांव निवासी शंकर साह के पुत्री सोनी कुमारी से हुआ था जिसमे सोनी को एक सात माह का बच्चा भी है।अवैध संबंध रहने के कारण अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए पहले अपने पत्नी सोनी को मिथिला हाट घुमाने के नाम पर मधुबनी ले गया वहां से लौटने के दौरान सुपारी किलर बगहा गांव निवासी मो मंसूर को बीस हजार रूपया मे अपनी पत्नी की हत्या का सुपारी पुर्व मे ही दिया हुआ था। बीते 22 जून को मिथिला हाट से लौटने के क्रम मे कोशी पुर्वी तटबंध पर स्पर संख्या 49 के समीप रात के करीब दस बजे आया और शराब पीने के बहाने तटबंध से नीचे ले जाकर सुपारी किलर के द्वारा सोनी का गला काटकर धङ को वही छोङ दिया और सिर को कोशी नदी मे फेंक दिया। उसके बाद पुलिस द्वारा लाश बरामद किया गया लेकिन उसका पहचान नही हो पाया था। मामला सामने तब आया जब मृतक लङकी की मां ने एक महीने बाद थाना मे आवेदन देकर अपने पुत्री कि बरामदगी का गुहार लगाई थी जिसके बाद पुलिस हरकत मे आया और लङकी के पति अंसारुल को गिरफ्तार कर थाना लाया गया।पुलिस के गहन पूछताछ के बाद मृतिका लङकी के पति ने घटना कि जानकारी दिया जिसके बाद पुलिस द्वारा सुपारी किलर मो मंसूर को उनके घर से गिरफ्तार कर थाना लाया और दोनो ने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूला साजिश में ससुर मो. वदूल, पति की बड़ी भोजाई और बगहा वार्ड-15 निवासी सुपारी किलर मु मंसूर के विरुद्ध मामला दर्ज कर मृतिका के ससूर, पति, व सुपारी किलर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत मे भेज दिया। इस दौरान थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार ने बताया सोनी का हत्या उनके ससुर मृतिका के बड़ी गोतनी ने मिलकर सुपारी किलर के माध्यम से करवाया जिसमे पति ससूर व सुपारी किलर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत मे भेज दिया गया। रिपोर्ट -पंकज कुमार ठाकुर1