पाली जिले की धर्म नगरी रानी स्थित त्रिवेणी संगम की पावन भूमि पर इस वर्ष ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा के अवसर पर एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। श्री ईश्वरदासजी की तपोस्थली पर प्रभु श्रीरामचंद्रजी एवं श्री हनुमानजी की असीम कृपा से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में चार महीना सूर्य अग्नि तपस्या की पूर्णाहुति विधि-विधान के साथ संपन्न होगी। इस विशेष आयोजन में श्री मुरलीदासजी महाराज की सूर्य अग्नि तपस्या की चौरासी धुनी की पूर्णाहुति, श्री गोपालदासजी की सप्तधुनी तपस्या की पूर्णाहुति तथा श्री अर्जुनदासजी की पंचधुनी तपस्या की पूर्णाहुति सम्मिलित है। यह धार्मिक आयोजन 31 मई 2026 को निर्धारित है। आयोजकों ने बताया कि इस पावन अवसर पर श्रद्धालु संतों के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बना सकेंगे, क्योंकि धर्मशास्त्रों के अनुसार संतों की सेवा एवं दर्शन से जीवन के अनेक दुख, कष्ट एवं बाधाएं दूर होती हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत 30 मई 2026 की शाम सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन होगा। वहीं, 31 मई 2026 को प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक हवन कार्यक्रम, दोपहर 12 बजे से महाप्रसाद वितरण और दोपहर 1 बजे संतों की विदाई का कार्यक्रम रखा गया है। यह आयोजन श्री ईश्वरदास देवलीवालों तथा रानी क्षेत्र के भक्तों के सहयोग से संतों के सान्निध्य में संपन्न होगा। आयोजकों ने क्षेत्रभर के भक्तों को कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया है और अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
पाली जिले की धर्म नगरी रानी स्थित त्रिवेणी संगम की पावन भूमि पर इस वर्ष ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा के अवसर पर एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। श्री ईश्वरदासजी की तपोस्थली पर प्रभु श्रीरामचंद्रजी एवं श्री हनुमानजी की असीम कृपा से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में चार महीना सूर्य अग्नि तपस्या की पूर्णाहुति विधि-विधान के साथ संपन्न होगी। इस विशेष आयोजन में श्री मुरलीदासजी महाराज की सूर्य अग्नि तपस्या की चौरासी धुनी की पूर्णाहुति, श्री गोपालदासजी की सप्तधुनी तपस्या की पूर्णाहुति तथा श्री अर्जुनदासजी की पंचधुनी तपस्या की पूर्णाहुति सम्मिलित है। यह धार्मिक आयोजन 31 मई 2026 को निर्धारित है। आयोजकों ने बताया कि इस पावन अवसर पर श्रद्धालु संतों के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बना सकेंगे, क्योंकि धर्मशास्त्रों के अनुसार संतों की सेवा एवं दर्शन से जीवन के अनेक दुख, कष्ट एवं बाधाएं दूर होती हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत 30 मई 2026 की शाम सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन होगा। वहीं, 31 मई 2026 को प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक हवन कार्यक्रम, दोपहर 12 बजे से महाप्रसाद वितरण और दोपहर 1 बजे संतों की विदाई का कार्यक्रम रखा गया है। यह आयोजन श्री ईश्वरदास देवलीवालों तथा रानी क्षेत्र के भक्तों के सहयोग से संतों के सान्निध्य में संपन्न होगा। आयोजकों ने क्षेत्रभर के भक्तों को कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया है और अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
- पाली जिले के बाली उपखंड के आमलिया ग्राम में हुई तेज बारिश से ग्रामीणों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।1
- सुमेरपुर, सांडेराव और तखतगढ़ क्षेत्रों में 30 मई शनिवार अलसुबह हुई बारिश के कारण समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया, जिसके बाद प्रशासन और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) हरकत में आ गए। इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद एफसीआई अजमेर मंडल प्रबंधक राकेश कुमार के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। यह टीम शनिवार शाम करीब 7 बजे तखतगढ़ स्थित खरीद केंद्र पहुंची, जिसमें एफसीआई प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना, प्रबंधक रींकूजी खटूमरा और गोविंदराम गोसाईवाल शामिल थे। अधिकारियों ने बारिश से प्रभावित गेहूं के कट्टों का गहन निरीक्षण किया और बूम्बी का उपयोग कर विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्र किए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए संग्रहित किया गया। टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन भी किया। यह उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग के डाक बंगले परिसर में संचालित अस्थायी खरीद केंद्र पर गेहूं का समय पर उठाव न होने के कारण बड़ी मात्रा में स्टॉक खुले में पड़ा था। शनिवार सुबह हुई बारिश से कई कट्टे भीग गए, जिससे किसानों और संबंधित एजेंसियों में भारी चिंता बढ़ गई थी। एफसीआई अधिकारियों ने प्रभावित गेहूं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना ने बताया कि बारिश से प्रभावित गेहूं के नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण किया जा चुका है और इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। गुणवत्ता निरीक्षक दिलीप गोस्वामी ने भी पुष्टि की कि बारिश के कारण कुछ गेहूं के बैग प्रभावित हुए हैं और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- पाली जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में बिरामी गांव के पास 1400 एमएम व्यास की जवाई-पाली जीआरपी पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इस सूचना के तुरंत बाद, संबंधित विभाग ने पाइपलाइन के रखरखाव और मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक, जवाई पाइपलाइन से जुड़े सभी क्षेत्रों में वैकल्पिक भंडारण और उपलब्ध जल स्रोतों के माध्यम से जलापूर्ति सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, तकनीकी कार्य के चलते संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति आगामी दो दिनों तक प्रभावित रहने की संभावना है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे जल का संयमित उपयोग करें और आवश्यकतानुसार पानी का संग्रह करके रखें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नियमित जलापूर्ति बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए टीम लगातार सक्रिय रूप से काम कर रही है।2
- एक धार्मिक कार्यक्रम में दिल्ली के ख्यातनाम झांकी कलाकारों (मनोज रिया एंड पार्टी) द्वारा महाकाल भस्म आरती और राम दरबार की शानदार झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस आयोजन में राजू माली ने कुशल मंच संचालन किया, जिसके तहत मशहूर भजन गायक प्रकाश माली, भगवत सुथार, श्याम पालीवाल और गायिका मधुबाला राव ने अपनी मधुर प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर राजू माली ने मंच से सभी दानदाताओं और प्रवासियों का सम्मान भी किया।1
- पाली जिले के कूरना गांव में एक भयंकर तूफान के साथ तेज बारिश हुई। इस भीषण तूफान के कारण एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे उस ओर का रास्ता भी अवरुद्ध हो गया। तूफान के चलते किसी व्यक्ति के छठ के ऊपर पत्र (दस्तावेज़) भी गिर गए।1
- राजस्थान के पाली जिले में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट बदली, जहाँ भीषण गर्मी के बीच 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से धूल भरी आंधी ने दस्तक दी। आंधी के तुरंत बाद जिले भर में तेज बारिश का दौर भी शुरू हो गया, जिसने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया। पाली शहर के साथ-साथ रोहट और आसपास के अन्य इलाकों से भी भारी आंधी और नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। एहतियात के तौर पर पूरे शहर की विद्युत आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई, ताकि फॉल्ट या शॉर्ट सर्किट से होने वाले हादसों को टाला जा सके। तेज अंधड़ के कारण शहर के कई स्थानों पर बिजली के पोल, दुकानों के टिन शेड और पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस अचानक हुए मौसमी बदलाव से जहाँ तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इस बीच, मौसम विभाग ने अगले 3 घंटों के लिए क्षेत्र में तेज आंधी का अलर्ट भी जारी किया है।1
- पाली में भाजपा युवा शक्ति ने नेता रणवीर सिंह राजपुरोहित धर्मधारी के नेतृत्व में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की शव यात्रा निकाली और उनका पुतला फूंका। इस दौरान जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया। यह विरोध प्रदर्शन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित और अभद्र भाषा का उपयोग करने के लिए किया गया, जिसे भाजपा युवा नेता राजपुरोहित ने उनकी 'छोटी मानसिकता और घटिया सोच' का परिणाम बताया। रणवीर सिंह राजपुरोहित धर्मधारी ने कहा कि जनप्रतिनिधि के मुख से ऐसे शब्द शोभा नहीं देते और बेनीवाल की पत्नी की विधानसभा चुनाव में हार के बाद उनकी बौखलाहट साफ झलक रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनता ने खींवसर विधानसभा चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत से जिताकर यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा 'सबका साथ और सबका विकास' के सिद्धांत पर चलती है। राजपुरोहित ने बेनीवाल पर आए दिन अलग-अलग जातियों और समाजों को निशाना बनाकर लोकतंत्र की सरेआम हत्या करने का भी आरोप लगाया। भाजपा युवा शक्ति ने मांग की कि हनुमान बेनीवाल समय रहते माफी मांगें और अपने शब्द वापस लें। चेतावनी दी गई कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो राजस्थान का युवा सड़कों पर उतरेगा और बेनीवाल को मुंहतोड़ जवाब देगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान 'बेनीवाल मुर्दाबाद' के नारे भी लगाए गए। इस मौके पर पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, भाजपा जिला प्रवक्ता त्रिलोक चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि, पदाधिकारीगण और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा युवा शक्ति ने कहा कि आने वाले समय में राजस्थान की जनता ऐसे लोगों को 'ईंट का जवाब पत्थर से देगी'।1
- सुमेरपुर और तखतगढ़ समेत पूरे उपखंड क्षेत्र में नौतपा के छठे दिन, शनिवार 30 मई को अलसुबह मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। सुबह करीब तीन बजे तेज धूलभरी आंधी चलने के बाद क्षेत्र के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई और घंटों तक बिजली गुल रही। बारिश और बादलों की मौजूदगी से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई; जहाँ पिछले दिनों अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा था, वहीं शनिवार को यह घटकर 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बदलाव से लोगों को तपती गर्मी और उमस से सुकून मिला। इस बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई, जबकि लंबे समय से तेज गर्मी और लू के थपेड़ों से परेशान लोगों ने राहत की साँस ली। हालांकि, कुछ स्थानों पर जलभराव के कारण छोटे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तखतगढ़ नगर में बारिश के दौरान कई नालों में प्लास्टिक कचरा और गंदगी जमा दिखाई दी, जिससे स्थानीय लोगों ने नियमित सफाई के दावों के बावजूद नालों की समुचित सफाई न होने पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, इस कारण जल निकासी प्रभावित हुई और नगर की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आगामी कुछ दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत सुहाना बना रह सकता है और जून के शुरुआती दिनों में दिन तथा रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। मौसम में आए इस बदलाव ने नौतपा की तपिश के बीच क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत प्रदान की है।4