उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बच्चों से भरी एक स्कूल बस हादसे का शिकार हो गई। बस में करीब 35 मासूम बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि इस हादसे में एक बड़ा अनहोनी टल गई। उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बच्चों से भरी एक स्कूल बस हादसे का शिकार हो गई। बस में करीब 35 मासूम बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि इस हादसे में एक बड़ा अनहोनी टल गई। मामला मेरठ जिले के दौराला-लावड़ मार्ग का है, जहां बुधवार सुबह एक निजी स्कूल बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। बताया जा रहा है कि बस में सेंट मैरी स्कूल के करीब 35 बच्चे सवार थे, जो ग्रामीण इलाकों से स्कूल जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस की रफ्तार काफी तेज थी और सड़क किनारे ढलान होने की वजह से चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद बस पूरी तरह पलट गई। बस पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। अंदर फंसे बच्चों की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। बस के दरवाजे लॉक हो जाने के कारण बच्चे अंदर फंस गए थे। ग्रामीणों ने शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला और एक-एक कर सभी को सुरक्षित बाहर लाया। हालांकि बाहर आने के बाद भी बच्चे दहशत के कारण लगातार रोते रहे। इस हादसे में ग्रामीण किसी देवदूत से कम साबित नहीं हुए, जिन्होंने बिना समय गंवाए बच्चों की जान बचाई। अगर समय रहते मदद नहीं मिलती, तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था। फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन यह हादसा एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा करता है— क्या स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है? और क्या ड्राइवरों की लापरवाही पर सख्त निगरानी होनी चाहिए? कैमरे के साथ [रिपोर्टर का नाम], [चैनल का नाम]।
उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बच्चों से भरी एक स्कूल बस हादसे का शिकार हो गई। बस में करीब 35 मासूम बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि इस हादसे में एक बड़ा अनहोनी टल गई। उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बच्चों से भरी एक स्कूल बस हादसे का शिकार हो गई। बस में करीब 35 मासूम बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि इस हादसे में एक बड़ा अनहोनी टल गई। मामला मेरठ जिले के दौराला-लावड़ मार्ग का है, जहां बुधवार सुबह एक निजी स्कूल बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। बताया जा रहा है कि बस में सेंट मैरी स्कूल के करीब 35 बच्चे सवार थे, जो ग्रामीण इलाकों से स्कूल जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस की रफ्तार काफी तेज थी और सड़क किनारे ढलान होने की वजह से चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद बस पूरी तरह पलट गई। बस पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। अंदर फंसे बच्चों की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। बस के दरवाजे लॉक हो जाने के कारण बच्चे अंदर फंस गए थे। ग्रामीणों ने शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला और एक-एक कर सभी को सुरक्षित बाहर लाया। हालांकि बाहर आने के बाद भी बच्चे दहशत के कारण लगातार रोते रहे। इस हादसे में ग्रामीण किसी देवदूत से कम साबित नहीं हुए, जिन्होंने बिना समय गंवाए बच्चों की जान बचाई। अगर समय रहते मदद नहीं मिलती, तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था। फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन यह हादसा एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा करता है— क्या स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है? और क्या ड्राइवरों की लापरवाही पर सख्त निगरानी होनी चाहिए? कैमरे के साथ [रिपोर्टर का नाम], [चैनल का नाम]।
- Post by Neelesh THAKUR1
- उत्तर प्रदेश के से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां एक मेले में बड़ा हादसा हो गया। भैसाहा मेले में लगा करीब 60 फुट ऊंचा झूला अचानक गिर पड़ा, जिससे अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि यह हादसा बुधवार रात हुआ, जब झूला अपने संचालन के दौरान अचानक टूटकर नीचे गिर गया। उस वक्त झूले में करीब 80 लोग सवार थे। झूला महज दो राउंड ही पूरा कर पाया था कि यह बड़ा हादसा हो गया। झूले का गिरना (रीक्रिएशन/विजुअल) मेले में अफरा-तफरी का माहौल घायलों को अस्पताल ले जाते लोग हादसे में 30 से 40 लोगों के घायल होने की खबर है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। “अचानक झूला जोर से हिला और कुछ ही सेकंड में नीचे गिर गया… हमें कुछ समझ नहीं आया।” हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एंबुलेंस मौके पर पुलिस और राहत टीम अस्पताल के दृश्य फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जांच में लापरवाही या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। इस हादसे ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- Post by प्रशांत पटैल1
- Post by Salim khan1
- Post by Rishi Rajak1
- हर क्षेत्र में वैज्ञानिक खेती बाड़ी में तरक्की कर रहे हैं1
- कमल की डंठल से लेता रहा सांस; 400 से अधिक चोरी के मामलों में वांटेड --- जबलपुर के खितौला क्षेत्र में एक शातिर अंतरराज्यीय चोर पुलिस से बचने के लिए तालाब में कूद गया और करीब 5 घंटे तक पानी में छिपा रहा। बताया जा रहा है कि वह कमल की डंठल के जरिए सांस लेता रहा। - सूचना मिलने पर पुलिस ने गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया और आरोपी को पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी 400 से अधिक चोरी के मामलों में वांटेड है। --- 📍 लोकेशन खितौला, जबलपुर (मध्यप्रदेश) --- 👤 रिपोर्टर दीपक विश्वकर्मा --- 📰 स्रोत सच तक पत्रिका न्यूज़1
- Post by Neelesh THAKUR1