पत्रकार ब्यूरो चीफ, डिस्ट्रिक्ट हैंड प्रैस रिपोर्टर राजीव सिकरवार वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज चैनल आगरा उत्तर प्रदेश 🌹 🙏🇮🇳 ✍️ 🚩 भारतसूत्र लाइव टीवी न्यूज चैनल आगरा उत्तर प्रदेश 🌹 🙏 🇮🇳 ✍️ 🚩 दैनिक उजाला आज तक हिंदी पेपर आगरा उत्तर प्रदेश 🌹 🙏 🇮🇳 ✍️ 🚩 बांदा ् फतेहपुर में खनन माफिया बेखौफ, प्रशासन मौन। लोकेटरों की फौज के सहारे धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन और ओवरलोडिंग का खेल। बांदा जिले से लेकर फतेहपुर जनपद तक अवैध खनन और ओवरलोडिंग का कारोबार इस कदर संगठित हो चुका है, कि अब यह केवल खनन माफियाओं तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि इसके पीछे एक पूरी “लोकेटरों की फौज” सक्रिय भूमिका निभा रही है। बांदा जिले के *मर्का घाट खंड संख्या 3 में खुलेआम अवैध खनन जारी है,* जबकि फतेहपुर की सड़कों पर मोरम से लदे ओवरलोड वाहन दिन-रात बेखौफ दौड़ते नजर आ रहे हैं। एसटीएफ की कार्रवाई, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश—सब कुछ कागज़ों तक सिमटा हुआ प्रतीत होता है। जमीनी हकीकत यह है कि खनन माफिया निडर होकर कानून को चुनौती दे रहा है और जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। 🕵️♂️ *लोकेटरों की फौज बना रही है माफियाओं के लिए रास्ता साफ* सूत्रों के अनुसार अवैध खनन और परिवहन के इस पूरे नेटवर्क में लोकेटरों की एक संगठित फौज तैनात है। 🚴♂️ बाइक सवार लोकेटर, 📞 मोबाइल कॉल और 📲 व्हाट्सएप नेटवर्क के जरिए पुलिस चेकिंग, प्रशासनिक मूवमेंट और संभावित दबिश की पल-पल की जानकारी माफियाओं तक पहुंचाते हैं। नतीजा यह होता है कि कार्रवाई से पहले ही ओवरलोड वाहन सुरक्षित रूट बदल लेते हैं और प्रशासन खाली हाथ रह जाता है। 🌾 *कृषि परमिट की आड़ में सरकारी राजस्व की खुली लूट* कृषि कार्यों के लिए जारी सीमित परमिटों को ढाल बनाकर सैकड़ों ट्रैक्टरों से मोरम का अवैध परिवहन कराया जा रहा है। ⏰ *लोकेटरों के निर्देश पर दिन और रात का समय तय किया जाता है।* इसका सीधा नुकसान सरकारी खजाने को हो रहा है, जबकि ग्रामीण सड़कें, पुल और संपर्क मार्ग भारी वाहनों के दबाव से टूटने की कगार पर हैं। 🌉 *रामनगर कौहन यमुना पुल बना अवैध नेटवर्क का सुरक्षित कॉरिडोर* रामनगर कौहन स्थित यमुना पुल अब अवैध परिवहन का स्थायी कॉरिडोर बन चुका है। 🌙 देर रात बांदा जिले से निकलने वाले ओवरलोड वाहन, 👁️🗨️ लोकेटरों की निगरानी में, ➡️ इसी पुल के जरिए फतेहपुर जनपद में प्रवेश करते हैं। यह साफ संकेत देता है कि यह खेल बिना मजबूत नेटवर्क और अंदरूनी संरक्षण के संभव नहीं। 🏛️ *मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बावजूद क्यों जारी है अवैध कारोबार?* प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर शून्य सहनशीलता नीति के बावजूद यह अवैध कारोबार जारी है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी आखिर क्यों मौन बैठे हैं—यह बड़ा सवाल है। 🚔 *एसडीएम और पुलिस की सख्ती लोकेटर नेटवर्क के आगे फेल* रामनगर कौहन, सिंघुतारा और मुराईन डेरा नगर पंचायत असोथर प्रताप नगर झाल क्षेत्र से प्रतिदिन और प्रति रात्रि लोकेशन-आधारित परिवहन यह दर्शाता है कि अवैध नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय है और कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है। 📸 *तस्वीरें और वीडियो उजागर कर रहे हैं सिस्टम की पोल* मौके से सामने आई लाइव तस्वीरें और वीडियो प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी हैं। इन साक्ष्यों के बावजूद यदि ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो यह लापरवाही ही नहीं बल्कि मिलीभगत की आशंका को भी मजबूत करता है। ❓ *कब टूटेगा माफिया–लोकेटर गठजोड़* अब सवाल सिर्फ अवैध खनन का नहीं, बल्कि यह भी है कि माननीय मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों के बावजूद इस खुलेआम चल रहे अवैध कारोबार पर कब निर्णायक प्रहार होगा। जब तक लोकेटरों की इस फौज और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक खनन माफिया यूं ही कानून को चुनौती देता रहेगे।
पत्रकार ब्यूरो चीफ, डिस्ट्रिक्ट हैंड प्रैस रिपोर्टर राजीव सिकरवार वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज चैनल आगरा उत्तर प्रदेश 🌹 🙏🇮🇳 ✍️ 🚩 भारतसूत्र लाइव टीवी न्यूज चैनल आगरा उत्तर प्रदेश 🌹 🙏 🇮🇳 ✍️ 🚩 दैनिक उजाला आज तक हिंदी पेपर आगरा उत्तर प्रदेश 🌹 🙏 🇮🇳 ✍️ 🚩 बांदा ् फतेहपुर में खनन माफिया बेखौफ, प्रशासन मौन। लोकेटरों की फौज के सहारे धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन और ओवरलोडिंग का खेल। बांदा जिले से लेकर फतेहपुर जनपद तक अवैध खनन और ओवरलोडिंग का कारोबार इस कदर संगठित हो चुका है, कि अब यह केवल खनन माफियाओं तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि इसके पीछे एक पूरी “लोकेटरों की फौज” सक्रिय भूमिका निभा रही है। बांदा जिले के *मर्का घाट खंड संख्या 3 में खुलेआम अवैध खनन जारी है,* जबकि फतेहपुर की सड़कों पर मोरम से लदे ओवरलोड वाहन दिन-रात बेखौफ दौड़ते नजर आ रहे हैं। एसटीएफ की कार्रवाई, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के
सख्त निर्देश—सब कुछ कागज़ों तक सिमटा हुआ प्रतीत होता है। जमीनी हकीकत यह है कि खनन माफिया निडर होकर कानून को चुनौती दे रहा है और जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। 🕵️♂️ *लोकेटरों की फौज बना रही है माफियाओं के लिए रास्ता साफ* सूत्रों के अनुसार अवैध खनन और परिवहन के इस पूरे नेटवर्क में लोकेटरों की एक संगठित फौज तैनात है। 🚴♂️ बाइक सवार लोकेटर, 📞 मोबाइल कॉल और 📲 व्हाट्सएप नेटवर्क के जरिए पुलिस चेकिंग, प्रशासनिक मूवमेंट और संभावित दबिश की पल-पल की जानकारी माफियाओं तक पहुंचाते हैं। नतीजा यह होता है कि कार्रवाई से पहले ही ओवरलोड वाहन सुरक्षित रूट बदल लेते हैं और प्रशासन खाली हाथ रह जाता है। 🌾 *कृषि परमिट की आड़ में सरकारी राजस्व की खुली लूट* कृषि कार्यों के लिए जारी सीमित परमिटों को ढाल बनाकर सैकड़ों ट्रैक्टरों से मोरम का अवैध परिवहन कराया जा रहा है। ⏰ *लोकेटरों के निर्देश पर दिन और रात का समय तय किया जाता है।* इसका
सीधा नुकसान सरकारी खजाने को हो रहा है, जबकि ग्रामीण सड़कें, पुल और संपर्क मार्ग भारी वाहनों के दबाव से टूटने की कगार पर हैं। 🌉 *रामनगर कौहन यमुना पुल बना अवैध नेटवर्क का सुरक्षित कॉरिडोर* रामनगर कौहन स्थित यमुना पुल अब अवैध परिवहन का स्थायी कॉरिडोर बन चुका है। 🌙 देर रात बांदा जिले से निकलने वाले ओवरलोड वाहन, 👁️🗨️ लोकेटरों की निगरानी में, ➡️ इसी पुल के जरिए फतेहपुर जनपद में प्रवेश करते हैं। यह साफ संकेत देता है कि यह खेल बिना मजबूत नेटवर्क और अंदरूनी संरक्षण के संभव नहीं। 🏛️ *मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बावजूद क्यों जारी है अवैध कारोबार?* प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर शून्य सहनशीलता नीति के बावजूद यह अवैध कारोबार जारी है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी आखिर क्यों मौन बैठे हैं—यह बड़ा सवाल है। 🚔 *एसडीएम और पुलिस
की सख्ती लोकेटर नेटवर्क के आगे फेल* रामनगर कौहन, सिंघुतारा और मुराईन डेरा नगर पंचायत असोथर प्रताप नगर झाल क्षेत्र से प्रतिदिन और प्रति रात्रि लोकेशन-आधारित परिवहन यह दर्शाता है कि अवैध नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय है और कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है। 📸 *तस्वीरें और वीडियो उजागर कर रहे हैं सिस्टम की पोल* मौके से सामने आई लाइव तस्वीरें और वीडियो प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी हैं। इन साक्ष्यों के बावजूद यदि ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो यह लापरवाही ही नहीं बल्कि मिलीभगत की आशंका को भी मजबूत करता है। ❓ *कब टूटेगा माफिया–लोकेटर गठजोड़* अब सवाल सिर्फ अवैध खनन का नहीं, बल्कि यह भी है कि माननीय मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों के बावजूद इस खुलेआम चल रहे अवैध कारोबार पर कब निर्णायक प्रहार होगा। जब तक लोकेटरों की इस फौज और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक खनन माफिया यूं ही कानून को चुनौती देता रहेगे।
- मध्यप्रदेश के जिला भिंड के थाना असवार अंतर्गत हमारे एक और दलित भाई की निर्मम हत्या की खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है। लगातार दलित समाज पर हो रहे अत्याचार और हत्याएं यह दिखाती हैं कि दबंगों के हौसले कितने बुलंद होते जा रहे हैं। हम प्रशासन SP BHIND महोदय से मांग करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच1
- आगरा में ताजमहल के पश्चिमी गेट के सामने स्थित उद्यान विभाग के पार्क में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। यह पार्क बसई घाट जाने वाले रास्ते पर स्थित है। सूचना मिलते ही ताज सुरक्षा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फायर सर्विस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में फायर टेंडर मौके पर पहुंचा और करीब 10 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया। मौके पर ताज सुरक्षा पुलिस, ताजगंज थाना पुलिस, पुरातत्व विभाग और CISF के जवान मौजूद रहे। पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।2
- Post by Soni Verma1
- खूबसूरत ताजमहल को देखने के लिए तमाम देशों की सुंदरियों ने भी ताजमहल को देखा और सभी सुंदरियां ताजमहल की दीवानी हो गई। दिखने में सुंदरियां इतनी सुंदर थीं ऐसे में ताजमहल भी दमक रहा था....1
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- Post by Dharmendra Kumar1
- pura Bihar ki Road Banna chahie Dobara Gaddha ho chuki hai Road Kitna bahut sara Sarkar2
- आगरा के शमशाबाद थाना क्षेत्र के गांधी चौक स्थित एक ऑटो पार्ट्स के गोदाम में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने के बाद गोदाम से धुएं का गुबार उठने लगा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। आग की चपेट में आने से गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोग बाल्टियों से आग बुझाने में जुटे रहे, वहीं फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और हालात को संभालने में जुटी रही।2