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खबर के अनुसार, कर्मचारी अब प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा एटीएम के माध्यम से एक महीने के भीतर निकाल सकेंगे।
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खबर के अनुसार, कर्मचारी अब प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा एटीएम के माध्यम से एक महीने के भीतर निकाल सकेंगे।
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दिल्ली सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान के तहत एक विशेष सफाई अभियान का आयोजन किया गया। यह अभियान नरेला जोन के वार्ड-29 स्थित प्रहलादपुर बांगर गांव में संपन्न हुआ। इस दौरान भाजपा के बाहरी उत्तरी जिला अध्यक्ष विनोद सहरावत और निगम पार्षद अंजु अमन कुमार ने स्वयं झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। इस अभियान में स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और उपस्थित जनप्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। पार्षद अंजु अमन कुमार ने क्षेत्र में हुए विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी दी और यह भरोसा दिलाया कि जो कार्य अभी अधूरे हैं, उन्हें जल्द ही पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मीठे पेयजल की समस्या को उठाते हुए इसकी मांग रखी, जिस पर जिला अध्यक्ष विनोद सहरावत ने संबंधित अधिकारियों से बात कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया। इस स्वच्छता अभियान के तहत घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छता का संदेश भी दिया गया।1
- दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है, जहाँ उत्तर-पश्चिम जिले की स्पेशल स्टाफ और मॉडल टाउन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 100 से अधिक चोरी और सेंधमारी के मामलों में शामिल कुख्यात अपराधी फरीद को गिरफ्तार किया है। आरोपी को थाना जहांगीर पुरी का घोषित बैड कैरेक्टर (BC) बताया गया है। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को जहांगीर पुरी इलाके से पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान आरोपी फरीद ने मॉडल टाउन क्षेत्र में हुई एक बड़ी सेंधमारी की वारदात को कबूल किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई एक लाइसेंसी रिवॉल्वर, जिंदा कारतूस, सोने-चांदी के आभूषण, एफडी दस्तावेज और एक टूटा हुआ लॉकर बरामद किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि अपराधी पहले घरों की रेकी करता था और परिवार के बाहर जाने पर ही सेंधमारी की वारदात को अंजाम देता था। फिलहाल पुलिस आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है और उसके अन्य मामलों में संलिप्तता की गहन जांच जारी है।1
- दिल्ली के यशोभूमि में नारेडको रियल एस्टेट कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया गया, जिसमें देश के प्रमुख उद्योगपति, रियल एस्टेट विशेषज्ञ और नीति-निर्माता शामिल हुए। कॉन्क्लेव में विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत, शहरी विकास और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस आयोजन का मुख्य संदेश यह रहा कि रियल एस्टेट सेक्टर विकसित भारत की ताकत बनेगा।1
- राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा और बेहतर पुलिसिंग सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, दिल्ली का पहला पूर्ण समर्पित महिला पुलिस स्टेशन सब्जी मंडी इलाके में तैयार हो गया है। इसका उद्घाटन शनिवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने किया, जिसमें दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा भी उपस्थित रहे। यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस थाना दो अलग-अलग इमारतों में बनाया गया है। मुख्य भवन में एसएचओ, एटीओ, ड्यूटी ऑफिसर और जांच अधिकारियों के लिए पृथक कमरे हैं, साथ ही एक आधुनिक सीसीटीवी कंट्रोल रूम भी है जहाँ से पूरे परिसर की निगरानी की जाएगी। दूसरी इमारत में पुलिस स्टाफ सहित अन्य महिलाओं के लिए जिम, कैंटीन और अन्य सुविधाएँ मौजूद हैं, जबकि थाने में आने वाली पीड़ित महिलाओं के बच्चों के लिए विशेष प्ले एरिया भी बनाया गया है। प्रवेश पर रिसेप्शन की सुविधा है और वेटिंग एरिया में आरामदायक सोफे व वॉटर कूलर लगाए गए हैं। इस महिला थाने की कमान इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह को सौंपी गई है, और थानाध्यक्ष से लेकर जांच अधिकारी तक सभी पदों पर महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं। कुल 58 पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ, यह थाना पूरी तरह हाईटेक बनाया गया है जिसमें सोशल मीडिया, ऑनलाइन अपराध और कंप्यूटर संबंधी मामलों की समझ रखने वाले प्रशिक्षित स्टाफ, आधुनिक कंप्यूटर सिस्टम और हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था है। यहाँ 24 घंटे हेल्प डेस्क और काउंसलिंग सेंटर की सुविधा भी उपलब्ध है। नॉर्थ जिले के किसी भी थाना क्षेत्र में महिलाओं से संबंधित अपराध होने पर पीड़िताएँ यहाँ शिकायत दर्ज करा सकेंगी, जिसमें दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, पोक्सो एक्ट और मानव तस्करी जैसे मामलों की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी। उद्घाटन के बाद, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि सशक्तिकरण के साथ जिम्मेदारी भी आती है और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपराध या अन्याय होने पर चुप न रहने का आह्वान किया। संधू ने यह भी बताया कि यह दिल्ली का पहला पूर्ण महिला थाना है और इसे सभी 15 पुलिस जिलों में दोहराया जाएगा, जिससे महिलाओं को हर जिले में सहज और सुरक्षित माहौल मिल सके। पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने कहा कि महिला स्टाफ होने से पीड़िताओं को शिकायत दर्ज कराने में कोई संकोच नहीं होगा, और यह भी बताया कि सभी थानों में महिलाओं के लिए विशेष डेस्क पहले से ही काम कर रही हैं।1
- थाना बादलपुर पुलिस ने स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर थाना क्षेत्र के अम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री से आगे अंडरपास के समीप एन.टी.पी.सी. कट के पास चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सामने से आ रही एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को रुकने का इशारा किया गया। लेकिन, मोटरसाइकिल सवार व्यक्तियों ने रुकने के बजाय वाहन को तेजी से चलाते हुए भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर उक्त मोटरसाइकिल फिसल गई। स्वयं को घिरा देखकर मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दी। पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए। घायल बदमाशों की पहचान विवेक नागर उर्फ विक्की (पुत्र राजेश्वर, निवासी ग्राम अच्छेजा, थाना बादलपुर, गौतमबुद्धनगर, उम्र करीब 27 वर्ष) और विशाल (पुत्र राजेश, निवासी रोयल सिटी, भीमा चौक के पास, ग्राम अच्छेजा, थाना बादलपुर, गौतमबुद्धनगर, उम्र करीब 25 वर्ष) के रूप में हुई है। ये दोनों हत्यारोपी बदमाश बताए जा रहे हैं।1
- पोस्ट में पुरुषों के आंतरिक संघर्ष और उनकी अनदेखी भावनात्मक स्थिति पर प्रकाश डाला गया है। इसमें कहा गया है कि पुरुष अक्सर अपने घर का मुख्य आधार और सहारा बनते हैं, लेकिन उनके अपने लिए अक्सर कोई सहारा नहीं होता। वे रोना चाहते हैं पर अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर पाते, और थकने के बावजूद भी रुकने में असमर्थ होते हैं।1
- आउटर जिला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक स्नैचिंग मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। यह कार्रवाई 21 जून 2026 को निहाल विहार थाना क्षेत्र में की गई, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- दिल्ली के नरेला फाटक पर एक ‘मौत का मंजर’ सामने आया है, जहाँ संदिग्ध परिस्थितियों में एक शव बरामद हुआ। इस घटना को लेकर पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। बताया गया है कि पुलिस ने घटनास्थल से शव को फॉरेंसिक टीम के पहुँचने और जाँच शुरू होने से पहले ही हटा लिया था, जिसके कारण उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।1