नर्मदापुरम में मणिशंकर शर्मा सपोर्ट फाउंडेशन द्वारा विद्या मंदिर निमसाडिया स्थित मनस्विनी कला केंद्र में संचालित सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे सत्र का समापन शनिवार को हुआ। एमएसएस की संस्थापक श्रीमती आरती शर्मा के मार्गदर्शन में, निर्देशक एवं संचालक श्रीमती प्रीति शर्मा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम विद्या मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। ‘आत्मनिर्भरता की और एक कदम’ पहल के तहत मध्यम व गरीब वर्ग की महिलाओं एवं युवतियों ने इस प्रशिक्षण में उत्साह और लगन के साथ हिस्सा लिया, जिससे उनमें स्वरोजगार के प्रति रुचि बढ़ी है। कार्यक्रम का शुभारंभ देवी सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ हुआ, जिसमें भोपाल से आईं स्किल डेवलपमेंट मार्गदर्शिका श्रीमती रेनू नायक और नर्मदापुरम की श्रीमती चित्रा हर्णे ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली महिलाओं एवं युवतियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। एमएसएस फाउंडेशन की निर्देशक श्रीमती प्रीति शर्मा ने प्रशिक्षार्थियों की लगन की सराहना करते हुए घोषणा की कि आगामी समय में सिलाई-कढ़ाई के साथ ही बड़ी, पापड़ और अचार जैसे घरेलू उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। श्रीमती रेनू नायक ने भी सिलाई-कढ़ाई के प्रशिक्षण के घरेलू जीवन में महत्व और स्वरोजगार स्थापित करने की क्षमता पर जोर दिया। अतिथियों ने प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार की गई फाइलों का अवलोकन कर उन्हें बधाई दी। इस प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं और युवतियों को मशीन डायग्राम, काज-बटन लगाना, डाइनिंग कवर, झूल बैग, बेबी नैपकिंस, डोरी पाइपिंग, पेटीकोट, ए-लाइन फ्रॉक, चार नंबर आस्तीन, चुन्नट वाली फ्रॉक, अंब्रेला फ्रॉक, कुर्ती, एप्पल कट कुर्ती, सादी, चार कली वाली म्यानी, बेबी पैंट, पटियाला सलवार, धोती सलवार, अफगानी सलवार, फुल गोल कॉलर, हाफ कॉलर, कॉलर वाली कुर्ती, सिंगल टक्स ब्लाउज, प्रिंसेस कट ब्लाउज, प्रिंसेस बेल्ट ब्लाउज, चार टक्स वाला ब्लाउज, कटोरी वाला ब्लाउज एवं अंब्रेला प्लाजो जैसे विभिन्न सिलाई कौशल में दक्ष किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधानाचार्य श्रीमती नीतू चौरे और श्रीमती राम सुईया कीर का भी विशेष योगदान रहा।
नर्मदापुरम में मणिशंकर शर्मा सपोर्ट फाउंडेशन द्वारा विद्या मंदिर निमसाडिया स्थित मनस्विनी कला केंद्र में संचालित सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे सत्र का समापन शनिवार को हुआ। एमएसएस की संस्थापक श्रीमती आरती शर्मा के मार्गदर्शन में, निर्देशक एवं संचालक श्रीमती प्रीति शर्मा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम विद्या मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। ‘आत्मनिर्भरता की और एक कदम’ पहल के तहत मध्यम व गरीब वर्ग की महिलाओं एवं युवतियों ने इस प्रशिक्षण में उत्साह और लगन के साथ हिस्सा
लिया, जिससे उनमें स्वरोजगार के प्रति रुचि बढ़ी है। कार्यक्रम का शुभारंभ देवी सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ हुआ, जिसमें भोपाल से आईं स्किल डेवलपमेंट मार्गदर्शिका श्रीमती रेनू नायक और नर्मदापुरम की श्रीमती चित्रा हर्णे ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली महिलाओं एवं युवतियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। एमएसएस फाउंडेशन की निर्देशक श्रीमती प्रीति शर्मा ने प्रशिक्षार्थियों की लगन की सराहना करते हुए घोषणा की कि आगामी समय में
सिलाई-कढ़ाई के साथ ही बड़ी, पापड़ और अचार जैसे घरेलू उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। श्रीमती रेनू नायक ने भी सिलाई-कढ़ाई के प्रशिक्षण के घरेलू जीवन में महत्व और स्वरोजगार स्थापित करने की क्षमता पर जोर दिया। अतिथियों ने प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार की गई फाइलों का अवलोकन कर उन्हें बधाई दी। इस प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं और युवतियों को मशीन डायग्राम, काज-बटन लगाना, डाइनिंग कवर, झूल बैग, बेबी नैपकिंस, डोरी पाइपिंग, पेटीकोट, ए-लाइन फ्रॉक, चार नंबर आस्तीन, चुन्नट
वाली फ्रॉक, अंब्रेला फ्रॉक, कुर्ती, एप्पल कट कुर्ती, सादी, चार कली वाली म्यानी, बेबी पैंट, पटियाला सलवार, धोती सलवार, अफगानी सलवार, फुल गोल कॉलर, हाफ कॉलर, कॉलर वाली कुर्ती, सिंगल टक्स ब्लाउज, प्रिंसेस कट ब्लाउज, प्रिंसेस बेल्ट ब्लाउज, चार टक्स वाला ब्लाउज, कटोरी वाला ब्लाउज एवं अंब्रेला प्लाजो जैसे विभिन्न सिलाई कौशल में दक्ष किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधानाचार्य श्रीमती नीतू चौरे और श्रीमती राम सुईया कीर का भी विशेष योगदान रहा।
- Post by Harish Pal3
- राजस्थान के चूरू शहर में शनिवार दोपहर मौसम ने अचानक बेहद रौद्र रूप धारण कर लिया, जिसके चलते दिन के समय ही रात जैसा गहरा अंधेरा छा गया। इस दौरान तेज धूल भरी आंधी और एक विशाल रेतीले बवंडर ने पूरे आसमान को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयावह रेतीले तूफान के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई।1
- देवास जिले में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट बदली है, जहाँ सुबह-सुबह झमाझम बारिश दर्ज की गई। ठंडी हवाओं और बारिश की बूंदों ने भीषण गर्मी के प्रकोप को तोड़ा है, जिससे क्षेत्र में ठंडक फैल गई। इस दौरान, कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी जानकारी मिली है। मौसम में आए इस बदलाव और बारिश से भीषण गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, अभी भी और बारिश की संभावना बनी हुई है।1
- नर्मदापुरम की डिप्टी कलेक्टर श्रीमती बबीता राठौर ने दिनांक 29 मई को इटारसी स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं, मरीजों को मिलने वाले इलाज और परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का बारीकी से मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान, श्रीमती राठौर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और दवाओं की उपलब्धता के बारे में प्रतिक्रिया (फीडबैक) प्राप्त की। उन्होंने वार्डों, ओपीडी (आउटपेशेंट डिपार्टमेंट) और पूरे परिसर की साफ-सफाई को लेकर सख्त निर्देश दिए, इस बात पर जोर दिया कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ-साथ स्वच्छता का स्तर भी सर्वोच्च होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा मरीजों को बेहतर एवं त्वरित उपचार प्रदान करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस सक्रियता से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में अस्पताल की व्यवस्थाओं में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा।1
- नर्मदापुरम के सोहागपुर में माखन नगर (बाबई) के प्रतिष्ठित तिवारी परिवार ने अपने पूज्य पिताजी, स्व. श्री वीरेंद्र तिवारी जी की 14वीं पुण्यतिथि पर एक पुण्य व सराहनीय कार्य किया। टेक प्वाइंट कंप्यूटर के संचालक सुश्री रश्मी तिवारी जी, श्री आशीष तिवारी जी और श्री अमित तिवारी जी ने बाबई से सोहागपुर आकर जरूरतमंदों, बेघर, बेसहारा लोगों और नर्मदा परिक्रमावासियों को व्यंजनों के साथ स्वादिष्ट भोजन कराया। इस दौरान, तिवारी परिवार द्वारा इन जरूरतमंद लोगों की भोजन व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए एक समिति को ₹21000 का नगद सहयोग भी प्रदान किया गया। माखन नगर (बाबई) के इस सेवाभावी तिवारी परिवार का जरूरतमंदों के लिए भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री हेतु दिए गए सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया गया है। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि उनके पिताजी की दिवंगत पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें और उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें।1
- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के दीवानगंज क्षेत्र के ग्राम सेमरी की अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अंजना यादव ने 27 मई 2026 को सुबह 5:24 बजे विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। एक साधारण ग्रामीण परिवार से आने वाली अंजना की यह उपलब्धि उनकी अथक मेहनत, साहस और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। अपने एवरेस्ट अभियान के दौरान अंजना यादव ने राष्ट्रभक्ति का भी संदेश दिया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक वर्ष पूर्ण होने पर पहले 6119 मीटर ऊँची लाबुचे पीक पर इसका बैनर लहराकर भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को नमन किया था। इसके बाद, उन्होंने विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर भी 'ऑपरेशन सिंदूर' का बैनर फहराकर देशवासियों तक राष्ट्रप्रेम और वीर सैनिकों के सम्मान का संदेश पहुँचाया। अंजना ने अपने अभियान के माध्यम से "फिट इंडिया, हिट इंडिया" का संदेश देते हुए लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए "माँ के नाम एक पेड़" अभियान का संदेश देते हुए नागरिकों से अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने का आग्रह भी किया। अंजना यादव ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के प्रोत्साहन, सहयोग एवं मार्गदर्शन को देते हुए उनका विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के समर्थन और शुभकामनाओं ने उनके इस कठिन एवरेस्ट अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंजना ने पूरे भारतवर्ष के आशीर्वाद, शुभकामनाओं और प्रेम को भी अपनी सफलता का आधार बताया, जिसकी बदौलत वे इस चुनौतीपूर्ण अभियान को पूरा कर सकीं। उन्होंने देशवासियों, अपने परिवार, पति, माता-पिता, मित्रों, समर्थकों और उन सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद किया जिन्होंने हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया। अपनी इस उपलब्धि को देश, प्रदेश, परिवार, समर्थकों और उन सभी लोगों को समर्पित करते हुए जिन्होंने उनके सपनों को साकार करने में सहयोग दिया, अंजना यादव ने कहा कि यह सफलता विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। एवरेस्ट विजय के बाद अंजना यादव 1 जून 2026 को भारत वापस लौट रही हैं, जहाँ उनके भव्य स्वागत की तैयारियाँ की जा रही हैं। उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मजबूत इरादों और निरंतर प्रयासों से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।1
- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक सूने मकान में अज्ञात बदमाशों ने सेंधमारी की और लाखों रुपये की चोरी कर मौके से फरार हो गए।1