*2027 यूपी चुनाव: चंद्रशेखर आजाद ने फूंका चुनावी बिगुल, 45 प्रभारियों की पहली स *2027 यूपी चुनाव: चंद्रशेखर आजाद ने फूंका चुनावी बिगुल, 45 प्रभारियों की पहली सूची जारी; दलित-ओबीसी और मुस्लिमों पर बड़ा दांव* लखनऊ / नई दिल्ली: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां अभी से तेज कर दी हैं। शुक्रवार को पार्टी की प्रदेश समिति की सिफारिश पर चंद्रशेखर ने 45 विधानसभा प्रभारियों की पहली सूची जारी की। इस सूची के जरिए पार्टी ने अपने सोशल इंजीनियरिंग के समीकरण को साधने की कोशिश की है, जिसमें दलित, पिछड़ों (OBC) और अल्पसंख्यक समुदाय को सबसे ज्यादा तरजीह दी गई है। सामाजिक गणित: किसको कितनी जगह मिली? पार्टी द्वारा जारी पहली सूची के तहत कुल 45 प्रभारियों की नियुक्ति में सामाजिक प्रतिनिधित्व इस प्रकार है: दलित (SC/ST): 18 स्थान (सर्वाधिक प्रतिनिधित्व) अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 16 स्थान (यादव, गुर्जर, प्रजापति, वाल्मीकि, मौर्य आदि समुदाय) मुस्लिम समाज: 10 स्थान सिख समाज: 01 स्थान सवर्ण (ब्राह्मण/ठाकुर): पहली सूची में कोई स्थान नहीं दिया गया है। पश्चिमी यूपी पर सबसे ज्यादा ध्यान आजाद समाज पार्टी ने अपनी रणनीति के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश को प्राथमिकता दी है। सूची में मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, हापुड़, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर जैसे जिलों की सीटों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। पार्टी का मकसद पश्चिमी यूपी के साथ-साथ पूर्वांचल में भी अपने जनाधार को मजबूत करना है। दिग्गजों और पुराने चेहरों को जिम्मेदारी सूची में कई ऐसे नेताओं को मौका दिया गया है, जो पूर्व में चुनाव लड़ चुके हैं या स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं: हाथरस (सुरक्षित): पूर्व IPS आदित्य प्रकाश वर्मा अलीगढ़ (छर्रा): पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह गोवर्धन: दीपक चौधरी फतेहपुर सीकरी: जगदीश बघेल गोविंद नगर: तुलसीराम वाल्मीकि मऊ (मधुबन): शिवसागर यादव राजनीतिक मायने: BSP को सीधी चुनौती बहुजन समाज पार्टी (BSP) भी विधानसभा प्रभारियों के जरिए अपनी तैयारियों में जुटी है। ऐसे में चंद्रशेखर आजाद का यह कदम सीधे तौर पर बसपा के दलित और बहुजन वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी का बयान: > "यह नियुक्तियां राज्य समिति की सिफारिश पर की गई हैं। सभी प्रभारियों को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और सामाजिक न्याय, संविधान तथा बहुजन समाज से जुड़े मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य सौंपा गया है।"
*2027 यूपी चुनाव: चंद्रशेखर आजाद ने फूंका चुनावी बिगुल, 45 प्रभारियों की पहली स *2027 यूपी चुनाव: चंद्रशेखर आजाद ने फूंका चुनावी बिगुल, 45 प्रभारियों की पहली सूची जारी; दलित-ओबीसी और मुस्लिमों पर बड़ा दांव* लखनऊ / नई दिल्ली: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां अभी से तेज कर दी हैं। शुक्रवार को पार्टी की प्रदेश समिति की सिफारिश पर चंद्रशेखर ने 45 विधानसभा प्रभारियों की पहली सूची जारी की। इस सूची के जरिए पार्टी ने अपने सोशल इंजीनियरिंग के समीकरण को साधने की कोशिश की है, जिसमें दलित, पिछड़ों (OBC) और अल्पसंख्यक समुदाय को सबसे ज्यादा तरजीह दी गई है। सामाजिक गणित: किसको कितनी जगह मिली? पार्टी द्वारा जारी पहली सूची के तहत कुल 45 प्रभारियों की नियुक्ति में सामाजिक प्रतिनिधित्व इस प्रकार है: दलित (SC/ST): 18 स्थान (सर्वाधिक प्रतिनिधित्व) अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 16 स्थान (यादव, गुर्जर, प्रजापति, वाल्मीकि, मौर्य आदि समुदाय) मुस्लिम समाज: 10 स्थान सिख समाज: 01 स्थान सवर्ण (ब्राह्मण/ठाकुर): पहली सूची में कोई स्थान नहीं दिया गया है। पश्चिमी यूपी पर सबसे ज्यादा ध्यान आजाद समाज पार्टी ने अपनी रणनीति के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश को प्राथमिकता दी है। सूची में मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, हापुड़, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर जैसे जिलों की सीटों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। पार्टी का मकसद पश्चिमी यूपी के साथ-साथ पूर्वांचल में भी अपने जनाधार को मजबूत करना है। दिग्गजों और पुराने चेहरों को जिम्मेदारी सूची में कई ऐसे नेताओं को मौका दिया गया है, जो पूर्व में चुनाव लड़ चुके हैं या स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं: हाथरस (सुरक्षित): पूर्व IPS आदित्य प्रकाश वर्मा अलीगढ़ (छर्रा): पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह गोवर्धन: दीपक चौधरी फतेहपुर सीकरी: जगदीश बघेल गोविंद नगर: तुलसीराम वाल्मीकि मऊ (मधुबन): शिवसागर यादव राजनीतिक मायने: BSP को सीधी चुनौती बहुजन समाज पार्टी (BSP) भी विधानसभा प्रभारियों के जरिए अपनी तैयारियों में जुटी है। ऐसे में चंद्रशेखर आजाद का यह कदम सीधे तौर पर बसपा के दलित और बहुजन वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी का बयान: > "यह नियुक्तियां राज्य समिति की सिफारिश पर की गई हैं। सभी प्रभारियों को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और सामाजिक न्याय, संविधान तथा बहुजन समाज से जुड़े मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य सौंपा गया है।"
- पत्रकार : राहुल जी, दिल्ली पुलिस पर जो हमले हुए उसपर आप कब प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे? राहुल गांधी : आप BJP से हो क्या? शाम तक इन्हीं की पार्टी की प्रवक्ता टीवी डिबेट में जाकर बड़ा लंबा चौड़ा ज्ञान देंगे... पाकिस्तान के कटोरे से भी ज्यादा गिरा हुआ विपक्ष हमारे देश में है1
- आप सभी को #_जगत_न्यूज़_24 परिवार की तरफ से अगस्त माह के पहले शनिवार की हार्दिक शुभकामनाएं।1
- राजस्थान के बिकानेर शहर और मौसम मिजाज की झलकियां। (BC) राजस्थान के बिकानेर शहर और मौसम मिजाज की झलकियां।1
- दिल्ली। राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले पर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, "आज 100 करोड़ से अधिक लोग जिन्होंने चंदा दिया है #WATCH दिल्ली। राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले पर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, "आज 100 करोड़ से अधिक लोग जिन्होंने चंदा दिया है, भारत के किसी न किसी मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च, कहीं पर भी, आज उसके साथ खड़े हैं। केदानराथ हो, बदरीनाथ हो या फिर दक्षिण का कोई मंदिर हो, सभी के आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है फिर ऑडिट क्यों नहीं, RTI क्यों नहीं, SIT के जरिए जांच क्यों? छोटी मछली को आगे लाकर बड़ी मछली को क्यों बचा रहे हो, पूरी कमेटी को क्यों बचा रहे हो, पैसा गया कहां?...सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज से जांच करवाओ।1
- जंतर-मंतर पर जो हुआ देश और दुनिया ने देखा। कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी और अपशब्दों वाली भाषा का इस्तेमाल किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा, "आज मन करता है आपसे ही बातें करता रहूं। जंतर-मंतर पर जो हुआ देश और दुनिया ने देखा। कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी और अपशब्दों वाली भाषा का इस्तेमाल किया ऐसे शब्द जो किसी भी सभ्य समाज के लिए ठीक नहीं हैं। मुझे व्यक्तिगत रूप से अपशब्द कहे गए, और मेरी दिवंगत माँ के बारे में भी अपशब्द कहे गए... मैं समाज में मौजूद गुस्से को पूरी तरह समझ सकता हूँ। हमारी बेटियों को ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते देखना एक सांस्कृतिक सदमे जैसा है। फिर भी, अब समय आ गया है कि हम इन बच्चों को अपनाएँ और उन्हें सही रास्ता दिखाएँ। वे रास्ता भटक गए हैं, और उन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा कर्तव्य है। उन्हें सज़ा देना, अदालती कार्यवाही में उलझाना और समाज में परेशान करना - इनमें से किसी से भी स्थिति नहीं बदलेगी। मैं उन्हें माफ़ करना चाहता हूँ। समाज को भी इसे स्वीकार करना चाहिए। मेरे दिल में बस एक ही भावना है। कभी-कभी, हमारी जीभ दाँतों के बीच आ जाती है और खून निकल आता है, फिर भी हम अपने दाँत नहीं तोड़ते; आखिर दाँत और जीभ दोनों हमारे ही तो हैं। ये बच्चे भी हमारे ही हैं। उन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा कर्तव्य है। जो भटक गए हैं, उन्हें सही रास्ता दिखाना मुश्किल है, लेकिन यह एक ऐसा काम है जो हमें करना ही होगा। तो आइए, मैं इन बच्चों से कहता हूँ, आइए देश के लिए हम सब मिलकर आगे बढ़ें। आइए कुछ नया सीखें और अपनी गलतियों से भी सीखें। आइए अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ें। देश आगे बढ़ रहा है और और तरक्की के लिए तैयार है, और मेरा सपना है कि आप भी आगे बढ़ें। मैं आपके लिए जीता हूँ; मैं खुद को आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित करता हूँ। आइए, हम सब मिलकर देश को आगे बढ़ाएँ।"1
- यह बाड़मेर मे मरूधल खेत का सुन्दर नजारा है आपको पसंद आएगा बाड़मेर के मरुधल में खेत का सुन्दर नजारा1
- 'मेरे पापा के माथे पर टांके लगे थे...' CJP Protest में पत्थरबाजी से घायल Delhi Police ACP के बेटे ने क्या आपबीती सुनाई?1
- दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी, नासिम दुर्रानी गैंग का सक्रिय सहयोगी गिरफ्तार दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नासिम दुर्रानी गैंग के एक सक्रिय सहयोगी और थाना दयालपुर क्षेत्र के बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपहरण, जबरन वसूली और फिरौती से जुड़े मामले में वांछित था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी से दिल्ली के विभिन्न थानों में दर्ज चार आपराधिक मामलों का खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना दयालपुर में अपहरण, जबरन वसूली और फिरौती का मामला दर्ज था। पूछताछ के दौरान थाना प्रीत विहार, करावल नगर और दयालपुर से जुड़े कुल चार मामलों को सुलझाने में सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।1