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गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) ने नगरपालिका अधिकारी को एक सांकेतिक ज्ञापन सौंपकर महारानी दुर्गावती पार्क का नाम पुनः बहाल करने की पुरजोर मांग की है। पार्टी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आगामी 24 जून को महारानी दुर्गावती के शहादत दिवस से पहले इस पार्क का नाम बहाल कर दिया जाना चाहिए।
Salim khan
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) ने नगरपालिका अधिकारी को एक सांकेतिक ज्ञापन सौंपकर महारानी दुर्गावती पार्क का नाम पुनः बहाल करने की पुरजोर मांग की है। पार्टी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आगामी 24 जून को महारानी दुर्गावती के शहादत दिवस से पहले इस पार्क का नाम बहाल कर दिया जाना चाहिए।
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- मंडला जिले के नैझर से पडरी तलाई तक ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा हाल ही में बनाई गई डामर सड़क निर्माण के महज एक महीने के भीतर ही उखड़ गई है। सड़क की ऊपरी डामर की परत पूरी तरह से हट गई है, जिससे जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। ग्रामीणों ने इस गुणवत्ताविहीन कार्य के लिए अधिकारियों और ठेकेदार की सांठगांठ पर भारी आक्रोश व्यक्त किया है। इसके अलावा, निर्माण स्थल से सूचना बोर्ड भी गायब पाया गया, जो नियमों का उल्लंघन है।1
- मंडला जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 53 लीटर देशी और विदेशी शराब जब्त की है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत लगभग 27 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा के मार्गदर्शन में जिले में अवैध शराब के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ज्ञानदीप स्कूल के पास दो व्यक्ति अवैध रूप से शराब का परिवहन और विक्रय कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में रानी अवंती बाई वार्ड, मंडला निवासी 62 वर्षीय सीताराम विश्वकर्मा और उनके 22 वर्षीय पुत्र राहुल विश्वकर्मा शामिल हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शफीक खान और उप निरीक्षक भुनेश्वर वामनकर सहित थाना कोतवाली के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही।1
- जबलपुर में कैंट विधायक और पार्षद की उपस्थिति में गोपालापुरम से खानदारी नाला तक नाली खुदाई का कार्य किया गया।1
- धर्म संगठन द्वारा 'जय श्री राम' का उद्घोष किया गया है, जिसमें प्रभु राम को मन और तन में धारण करने की बात कही गई है। इस उद्घोष में यह भावना प्रकट की गई है कि जहाँ भी देखा जाए, वहाँ प्रभु ही मौजूद हों और वह सदा दृष्टि में रहें। संगठन ने प्रार्थना की है कि प्रभु उन्हें हर दुख, तकलीफ, परेशानी, बुराई और बुरी संगत से दूर रखें।1
- नर्मदा जल परियोजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जहाँ करोड़ों रुपये के ठेके दिए जाने के बावजूद परियोजना के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि यह स्थिति तब है जब कथित तौर पर इंजीनियर एसी कमरों में बैठकर काम कर रहे हैं। इस पूरी परियोजना की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाया जा रहा है कि आखिर नर्मदा जल परियोजना अपने मूल उद्देश्य को पूरा करने के बजाय भ्रष्टाचार का शिकार क्यों हो रही है।1
- जनपद पंचायत खैरलांजी में 18 जून, गुरुवार को कार्यवाहक जनपद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव आयोजित किया गया। इस चुनाव में जनपद सदस्य खुशबू गिरीश बिसेन ने शानदार जीत हासिल की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, जनपद सदस्य रीतू योगेश सुलाखिया को 6 मतों के अंतर से पराजित किया। चुनावी नतीजों के अनुसार, खुशबू गिरीश बिसेन को 14 मत प्राप्त हुए, जबकि रीतू योगेश सुलाखिया को 8 मत मिले और एक मतपत्र निरस्त हुआ। जनपद पंचायत खैरलांजी में कुल 24 जनपद सदस्य हैं, जिनमें से 23 सदस्यों ने चुनाव प्रक्रिया में मतदान किया। एक जनपद सदस्य का निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 19 से माननीय न्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया था। जानकारी दी गई है कि पूर्व जनपद अध्यक्ष आशु गुनाराम बघेले का निर्वाचन भी महाराष्ट्र के जाति प्रमाण पत्र से संबंधित मामले में माननीय न्यायालय द्वारा जनपद सदस्य और जनपद अध्यक्ष पद से शून्य घोषित कर दिया गया था, जिसके कारण यह चुनाव हुआ। नव निर्वाचित कार्यवाहक अध्यक्ष खुशबू गिरीश बिसेन ने अपनी जीत का श्रेय जनपद सदस्यों और समर्थकों को दिया। उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के चहुंमुखी विकास पर जोर देने की बात कही। खुशबू बिसेन की जीत के बाद समर्थकों ने खुशी जाहिर करते हुए रैली निकाली और नगर भ्रमण किया। इस दौरान कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें जिला पंचायत सदस्य सुनीता मानसिंह बल्लेटवार, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष गिरीश बिसेन, समाजसेवी सागर बिसेन, पूर्व जनपद अध्यक्ष राकेश बनोटे, मंडल भाजपा अध्यक्ष नरेंद्र शुक्ला, कटोरी भाजपा मंडल अध्यक्ष ज्ञानेश रांगहडाले, भाजपा ब्लॉक उपाध्यक्ष राजकुमार बोटवार, नरेंद्र साहू, फिरोज ठाकरे, भंडारबोडी के पूर्व सरपंच देवेंद्र लिल्हारे, अभिषेक सेलोकर, पलास बिसेन, देवेंद्र लिल्हारे और डालिराम नागपुरे सहित अन्य समर्थक शामिल थे। खैरलांजी जनपद पंचायत में भाजपा की खुशबू बिसेन ने अध्यक्ष पद पर बाजी मारी।4
- पुलिस ने सराफा बाजार में सोने की अंगूठी बेच रहे दो युवकों को सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से एक सुने मकान में हुई चोरी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इन युवकों के पास से सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और एक स्कूटी सहित कुल 4.15 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया है।1
- मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बहुचर्चित डबलमनी धोखाधड़ी मामले में आज, 17 जून को, दो आरोपियों को कड़ी सज़ा सुनाई गई है। विद्वान न्यायाधीश दीपनारायण सिंह ने 24 वर्षीय सौरभ हलकरे और 26 वर्षीय विकास हलकरे, दोनों निवासी कोसमी, को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 7 साल के सश्रम कारावास और 9-9 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है, यानी कुल ₹18 लाख का जुर्माना लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, इन दोनों आरोपियों ने वर्ष 2022 से मई 2023 तक बालाघाट में एक अवैध कार्यालय संचालित किया था। वे लोगों को मात्र चार महीने में पैसे दोगुना करने का लालच देते थे और बैंक के चेक भी जारी करते थे। कुल 49 लोगों से 47 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई थी। जब निवेशकों को उनके पैसे वापस नहीं मिले, तो उन्होंने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 420, 120 बी, 34 भादवी और विनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम 2019 की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को उसी समय जेल भेज दिया था। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। विशेष लोक अभियोजक एवं सहायक अभियोजन कपिल कुमार डहेरिया की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया। यह मामला बालाघाट जिले के लाँजी, बोलेगांव और किरनापुर क्षेत्रों में भी काफी चर्चित रहा है।1
- जबलपुर में बरगी डैम से गौर बरेला तक नर्मदा जल परियोजना के तहत करोड़ों रुपये के पाइपलाइन के ठेके को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस परियोजना में बिछाए जा रहे पाइपों का इंजीनियरों और संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई मुआयना नहीं किया गया है। यह अनदेखी एक बड़ा प्रश्न खड़ा करती है कि क्या यह करोड़ों का ठेका भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है।1