मुंबई के 140 तालाबों को मिलेगा पुनर्जीवन, पर्यावरण विभाग को दी गई जलाशयों के सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी मुंबई। मुंबई महानगरपालिका मुंबई के 140 से अधिक तालाबों को पुनर्जीवन देने का निर्णय लिया है। मुंबई के जलाशयों को पाटकर खत्म किया जा रहा है। भूमि को रिचार्ज करने के लिए यह जलाशय बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। अतिक्रमण के कारण खत्म होते इन तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए केंद्र सरकार ने 217.50 करोड़ रुपए फंड दिया है। पहले चरण में 15 तालाबों की सफाई कर उनके किनारे सौंदर्यीकरण किया जाएगा। मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले तालाबों की देखरेख मनपा उद्यान विभाग के पास था। लेकिन अब तालाबों के रखरखाव और उनको पुनर्जीवन देने की जिम्मेदारी मनपा पर्यावरण विभाग एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को दिया गया है। इसके लिए जल्द ही सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी। पी उत्तर विभाग में एक बड़े तालाब को पाट कर वहां पर डंपिंग ग्राउंड बना दिया गया था। बाद में मनपा ने तालाब की जगह पर उद्यान बना दिया था। स्थानीय लोगों ने मनपा की इस कार्यप्रणाली के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि वहां पर दोबारा तालाब बनाया जाए। वहां उद्यान बना दिया गया था इसलिए मनपा के आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट ने तालाब के बदले उसके पास में नया तालाब बनाने का आदेश दिया। हालांकि अब तक मनपा की तरफ से तालाब का निर्माण नहीं किया गया है। मनपा पर्यावरण विभाग के उपायुक्त अविनाश काटे ने बताया कि राज्य सरकार ने 15 तालाबों के पुनरोद्धार के लिए एनओसी दी है। तालाबों में जमा गाद निकाली जाएगी। वहां उपलब्ध स्थान के आधार पर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। वहां कितने जानवर, पशु पक्षी रहते हैं इसके अलावा स्थानीय लोग तालाब के किनारे विहार कर सके इसका भी ध्यान रखा जाएगा। केंद्र सरकार ने एयर क्वालिटी ग्रांट के तहत यह फंड दिया है। पी उत्तर विभाग के एक तालाब के लिए 50 लाख रुपए जारी किए गए हैं। पूर्व और पश्चिम उपनगर में 140 जलाशय होने की सूची प्राप्त हुई है। हमने जिलाधिकारी को पत्र लिख कर शहर विभाग में कितने तालाब हैं इसकी सूची मांगी है। कुछ तालाब प्राइवेट हो सकते हैं। सभी का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
मुंबई के 140 तालाबों को मिलेगा पुनर्जीवन, पर्यावरण विभाग को दी गई जलाशयों के सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी मुंबई। मुंबई महानगरपालिका मुंबई के 140 से अधिक तालाबों को पुनर्जीवन देने का निर्णय लिया है। मुंबई के जलाशयों को पाटकर खत्म किया जा रहा है। भूमि को रिचार्ज करने के लिए यह जलाशय बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। अतिक्रमण के कारण खत्म होते इन तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए केंद्र सरकार ने 217.50 करोड़ रुपए फंड दिया है। पहले चरण में 15 तालाबों की सफाई कर उनके किनारे सौंदर्यीकरण किया जाएगा। मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले तालाबों की देखरेख मनपा उद्यान विभाग के पास था। लेकिन अब तालाबों के रखरखाव और उनको पुनर्जीवन देने की जिम्मेदारी मनपा पर्यावरण विभाग एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को दिया गया है। इसके लिए जल्द ही सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी। पी उत्तर विभाग में एक बड़े तालाब को पाट कर वहां पर डंपिंग ग्राउंड बना दिया गया था। बाद में मनपा ने तालाब की जगह पर उद्यान बना दिया था। स्थानीय लोगों ने मनपा की इस कार्यप्रणाली के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि वहां पर दोबारा तालाब बनाया जाए। वहां उद्यान बना दिया गया था इसलिए मनपा के आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट ने तालाब के बदले उसके पास में नया तालाब बनाने का आदेश दिया। हालांकि अब तक मनपा की तरफ से तालाब का निर्माण नहीं किया गया है। मनपा पर्यावरण विभाग के उपायुक्त अविनाश काटे ने बताया कि राज्य सरकार ने 15 तालाबों के पुनरोद्धार के लिए एनओसी दी है। तालाबों में जमा गाद निकाली जाएगी। वहां उपलब्ध स्थान के आधार पर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। वहां कितने जानवर, पशु पक्षी रहते हैं इसके अलावा स्थानीय लोग तालाब के किनारे विहार कर सके इसका भी ध्यान रखा जाएगा। केंद्र सरकार ने एयर क्वालिटी ग्रांट के तहत यह फंड दिया है। पी उत्तर विभाग के एक तालाब के लिए 50 लाख रुपए जारी किए गए हैं। पूर्व और पश्चिम उपनगर में 140 जलाशय होने की सूची प्राप्त हुई है। हमने जिलाधिकारी को पत्र लिख कर शहर विभाग में कितने तालाब हैं इसकी सूची मांगी है। कुछ तालाब प्राइवेट हो सकते हैं। सभी का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
- संसद में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने पुलवामा हमले को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि CRPF के जवानों के शहीद होने के बाद प्रधानमंत्री ने उनके नाम पर वोट मांगे, लेकिन उन्हें शहीद का दर्जा तक नहीं दिया गया। इस बयान के बाद सियासत गरमा गई है और विपक्ष-सरकार के बीच तीखी बहस जारी है।1
- लॉकडाऊन घे अफवा हे फैलाई जा रही है सोशल मीडिया पर इसलिये लोगो मे दहशत हो रही है इसलिये महाराष्ट्र मुख्यमंत्री ने इस अफवा से बचने के लिए दिया परमान कहा अफवा ये फैलाने वाले को होगी जेल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा1
- सोशल मीडिया पर सीमा गोविंद अचानक सुर्खियों में आ गई और सुर्खियों में आने की वजह है, उनका राजनीति में महिलाओं की एंट्री को लेकर दिया गया एक बयान. जिसके बाद हर कोई जानना चाहता है कि आखिर सीमा गोविंद कौन हैं और उनके साथ ऐसा क्या हुआ है जिसके चलते उन्होंने इतनी बड़ी बात कह दी ? दरअसल सीमा गोविंद ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर की इस वीडियो में उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राजनीति में महिलाओं की एंट्री नेताओं के बिस्तर से होती है. उनका ये वीडियो अब काफी तेजी से वायरल हो रहा है. बता दें, एक समय सीमा गोविंद भी राजनीति में एक्टिव थी, लेकिन वे ज्यादा दिन टिक नहीं पाई. इसका कारण भी उन्होंने बताया है. क्या बोली सीमा गोविंद ? सोशल मीडिया पर इन दिनों सीमा गोविंद का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने राजनीति और अपनी निजी जिंदगी से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. सीमा गोविंद ने वीडियो में कहा "कहा जाता है कि राजनीति में महिलाओं का रास्ता नेताओं के बिस्तर से होकर निकलता है. यह बिल्कुल सच बात है और आज मैं बहुत सारे खुलासे करूंगी." कौन हैं सीमा गोविंद ? सीमा गोविंद Govind Foundation की संस्थापक हैं और 'द आर्ट ऑफ हैप्पीनेस' की भी फाउंडर हैं. वे पूर्व में एक कॉलेज की प्रिंसिपल और डायरेक्टर रह चुकी हैं और शिक्षा में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर चुकी हैं. इसके अलावा सीमा गोविंद एक प्रसिद्ध कंटेंट क्रिएटर और मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं. उनका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी प्रभाव है और वे नियमित रूप से महिलाओं और युवाओं को प्रेरित करने वाली सामग्री साझा करती हैं. क्या है यूजर्स के रिएक्शन ? सीमा गोविंद का ये वीडियो एक्स पर भी काफी चर्चा का विषय बन गया है. यूजर्स तरह-तरह की कमेंट इसको लेकर कर रहे हैं. वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा कि 'वो सभी पार्टियों पर इलजाम लगा रही है और जिनका नाम ले रही है उनके जीवित रहते आरोप लगाना चाहिए था.' दूसरे यूजर ने लिखा 'ये बहुत ही गंभीर है इन आरोपों में मुझे लगता है सच्चाई 10 या 20% हो सकती है इससे ज्यादा नहीं.' वहीं तीसरे यूजर ने लिखा 'इस महिला ने बहुत बड़ा खुलासा किया है. महिलाओं को राजनीति से लेकर पुलिस विभाग में भी आगे बढ़ने के लिए कंप्रोमाइज करना पड़ता है. महिलाओं के लिए कोई भी स्थान सुरक्षित नहीं हैं। इसमें UP के पूर्व CM कल्याण सिंह का भी जिक्र है, जब वो राजस्थान के राज्यपाल थे। हम और हमारा चैनल इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- मुंबई। सोमवार मुंबई महानगरपालिका सभागृह की बैठक में उपमहापौर और विरोधी पक्ष नेता किशोरी पेडणेकर का अपमान किए जाने को लेकर विपक्षी दलों ने सभागृह की बैठक का बहिष्कार किया। शनिवार को लोकमान्य तिलक अस्पताल रिडेवलपमेंट का मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों आधारशिला रखी गई। उस समय उपमहापौर संजय घाड़ी को स्थान नहीं दिया गया। मनपा प्रशासन की तरफ से प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया गया। सोमवार को महापौर रितु तावड़े की केबिन में मनपा गुट नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। जब मनपा गुट नेता पहुंचे तो वहां पहले से शिवसेना शिंदे गुट के नेता उपमहापौर का अपमान का मुद्दा उठा रहे थे। विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर को एंटी चेंबर में जाने के लिए कहा गया। वे वहां गई और वापस आ गई। शिंदे गुट की तरफ से कहा गया कि अभी हमारी मीटिंग चल रही है। इसे विपक्ष ने अपना अपमान माना और बाहर निकल आए। मनपा सभागृह की बैठक में विपक्षी दलों ने इसे मुद्दा बनाते हुए महापौर से सवाल पूछे। सम्मानजनक उत्तर नहीं मिलने पर विपक्षी दलों ने हंगामा किया और सभागृह का बहिष्कार किया। किशोरी पेडणेकर ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी की तरफ से लगातार हो रहे अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।3
- मुंबई वडाला राक रोड का ज्ञानेश्वर विद्यालय के पास रोड का यह हाल है1
- Post by Sanam Fadnis News Mumbra1
- जावेद हैदर ने दिव्यांगें के लिए लाया सुनेरा अवसर मिलेगा लाभ BNN NEWS1
- *मिरा-भाईंदर मेट्रो – कालानुक्रमे घडामोडी* 🔹 2015–2016 • Mira-Bhayandar शहरासाठी मेट्रोची गरज पहिल्यांदा मोठ्या प्रमाणावर मांडली गेली. • स्थानिक नेते आणि नागरिकांकडून शासनाकडे मागणी सुरू. 🔹 2017 • Mumbai Metropolitan Region Development Authority कडून मेट्रो नेटवर्क विस्ताराच्या प्राथमिक योजना चर्चेत. • मिरा-भाईंदरला जोडणाऱ्या मार्गांचा प्राथमिक विचार. 🔹 2018 • Pratap Sarnaik यांनी विधानसभेत आणि सार्वजनिक व्यासपीठावर प्रश्न उपस्थित केला. • मिरा-भाईंदर मेट्रोसाठी मागणी तीव्र केली. 🔹 2019 • मेट्रो लाईन 9 (दहिसर–मिरा-भाईंदर) प्रस्ताव अधिकृतपणे पुढे आला. • नागरिकांच्या बैठका, निवेदने आणि स्थानिक आंदोलने वाढली. 🔹 2020 • कोविड काळात कामाची गती कमी झाली, पण प्रस्ताव कायम राहिला. • ऑनलाइन निवेदने व सोशल मीडिया मोहिमा सुरू. 🔹 2021 • मंत्रालयाच्या पायऱ्यांवर आंदोलन • Pratap Sarnaik यांनी लक्षवेधी आंदोलन केले. • “मुंबई, पुणे, नागपूरला मेट्रो – मग मिरा-भाईंदरला कधी?” असा सवाल. 🔹 2022 • मेट्रो लाईन 9 चे काही काम प्रत्यक्ष सुरू (दहिसरपर्यंत प्रगती). • मिरा-भाईंदर विस्तारासाठी निधी व मंजुरीबाबत पाठपुरावा. 🔹 2023 • स्थानिक पातळीवर मोर्चे, निवेदने, लोकप्रतिनिधींची बैठक • मेट्रो लवकर सुरू करण्यासाठी दबाव वाढवला. 🔹 2024 • प्रकल्पाची कामे टप्प्याटप्प्याने पुढे. • काही ठिकाणी जमीन व तांत्रिक अडचणींवर चर्चा. 🔹 2025–2026 • मेट्रो कनेक्टिव्हिटीचा विस्तार आणि उद्घाटनाच्या चर्चा वेगात. • स्थानिक राजकारणात हा मुख्य मुद्दा बनला. • विकासकामांमध्ये मेट्रो हा प्रमुख अजेंडा. 📢 मुख्य आंदोलन / लक्षवेधी मुद्दे • मंत्रालयावर आंदोलन • निवेदने व मोर्चे • विधानसभेत प्रश्न उपस्थित • सोशल मीडिया मोहिमा • स्थानिक नागरिकांचा वाढता दबाव1