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उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला नीति-मलारी नेशनल हाईवे (NH-107B) *भारी भूस्खलन* के कारण हाईवे बाधित हो गया है। लाता और सालधार के पास भारी बोल्डर और मलबा आने से सीमांत नीति घाटी के दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है। बीआरओ मार्ग को खोलने में जुटा है।

2 hrs ago
user_जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
रिपोर्टर मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला नीति-मलारी नेशनल हाईवे (NH-107B) *भारी भूस्खलन* के कारण हाईवे बाधित हो गया है। लाता और सालधार के पास भारी बोल्डर और मलबा आने से सीमांत नीति घाटी के दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है। बीआरओ मार्ग को खोलने में जुटा है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • 🛑 पुलिस के घर पुलिस की दबिश! लखनऊ पुलिस लाइन में भ्रष्टाचार और ड्यूटी के नाम पर कथित वसूली का आरोप लगाने वाले सिपाही सुनील कुमार शुक्ला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सिपाही का आरोप है कि आधी रात पुलिस उसके घर पहुंचकर दबाव बनाने लगी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना गुनाह है? मामले में अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होरहा है।
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    🛑 पुलिस के घर पुलिस की दबिश!
लखनऊ पुलिस लाइन में भ्रष्टाचार और ड्यूटी के नाम पर कथित वसूली का आरोप लगाने वाले सिपाही सुनील कुमार शुक्ला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सिपाही का आरोप है कि आधी रात पुलिस उसके घर पहुंचकर दबाव बनाने लगी।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना गुनाह है? मामले में अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होरहा है।
    user_D.D.NEWS UTTER PRADESH
    D.D.NEWS UTTER PRADESH
    Journalist सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    46 min ago
  • घायल अवस्था में उन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार हेतु जिला अस्पताल भेजा गया, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
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    घायल अवस्था में उन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार हेतु जिला अस्पताल भेजा गया, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
    user_Talib Siddique
    Talib Siddique
    Local News Reporter सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • _*नारी शक्ति वंदन ,महिला सशक्तिकरण,महिला आरक्षण भाजपा की दिखावा नीति,सरकार बहुजन समाज में जन्मे गुरुओं संतो व महापुरूषों के नाम मिटाने पर आमादा --_क्रांति ज्योति सावित्री बाई फूले फाउंडेशन*_ _*अझुवा कौशाम्बी* कोईलहा स्थित सावित्रीबाई फुले राजकीय बालिका आश्रम पद्धति विद्यालय का नाम दोबारा बदले जाने के बाद जिले में सामाजिक और राजनीतिक बहस तेज हो गई है। क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले फाउंडेशन( अनिल कुशवाहा)सहित कई सामाजिक संगठनों ने सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए इसे बहुजन समाज के महापुरुषों और महिला शिक्षा आंदोलन के इतिहास से छेड़छाड़ बताया है।संगठन ने विद्यालय का मूल नाम पुनः बहाल करने की मांग उठाई है।_ _संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2009 में तत्कालीन प्रदेश सरकार द्वारा दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों के बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश भर में विभिन्न संतों, गुरुओं और महापुरुषों के नाम पर आश्रम पद्धति विद्यालयों की स्थापना कराई गई थी। इसी योजना के तहत कौशाम्बी के कोईलहा में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका और महिला शिक्षा आंदोलन की अग्रदूत माता सावित्रीबाई फुले के नाम पर बालिका विद्यालय की स्थापना हुई थी।फाउंडेशन के सदस्यों का आरोप है कि वर्ष 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद विद्यालय का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय बालिका आश्रम पद्धति विद्यालय कर दिया गया।_ _इसके विरोध में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लंबे समय तक आंदोलन चलाया और राष्ट्रपति, राज्यपाल,मुख्यमंत्री तथा जिला प्रशासन को लगातार ज्ञापन सौंपे।संगठन का दावा है कि करीब तीन वर्षों तक चले संघर्ष के बाद सितंबर 2021 में सरकार ने विद्यालय का मूल नाम पुनः बहाल कर दिया था।अब अप्रैल 2026 में विद्यालय का नाम फिर बदलकर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय किए जाने से एक बार फिर विरोध शुरू हो गया है। संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार एक ओर *नारी शक्ति वंदन*, *महिला सशक्तिकरण* और *महिला आरक्षण* जैसे नारों की बात करती है, वहीं दूसरी ओर देश की प्रथम महिला शिक्षिका के नाम को सरकारी संस्थानों से हटाया जा रहा है। उनका आरोप है कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि बहुजन समाज के महापुरुषों की पहचान और विचारधारा को कमजोर करने का प्रयास है।फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले केवल एक ऐतिहासिक नाम नहीं बल्कि महिलाओं, दलितों और वंचित समाज के शिक्षा अधिकार की प्रतीक हैं। उन्होंने ऐसे दौर में लड़कियों को शिक्षा देने का कार्य शुरू किया था, जब समाज में महिलाओं और पिछड़े वर्गों की शिक्षा का घोर विरोध होता था। ऐसे में उनके नाम से बने संस्थानों का सम्मान बनाए रखना समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है।संगठन ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से मांग की है कि विद्यालय का मूल नाम सावित्रीबाई फुले राजकीय बालिका आश्रम पद्धति विद्यालय, कोईलहा कौशाम्बी तत्काल बहाल किया जाए। साथ ही यह भी कहा कि यदि सरकार अन्य महापुरुषों के नाम पर विद्यालय खोलना चाहती है तो नए संस्थानों की स्थापना करे, लेकिन पहले से स्थापित विद्यालयों के नाम न बदले जाएं।इस मुद्दे को लेकर जिले में सामाजिक संगठनों के बीच चर्चा तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस विषय पर आंदोलन और ज्ञापन कार्यक्रम तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।_
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    _*नारी शक्ति वंदन ,महिला सशक्तिकरण,महिला आरक्षण भाजपा की दिखावा नीति,सरकार बहुजन समाज में जन्मे गुरुओं संतो व महापुरूषों के नाम मिटाने पर आमादा --_क्रांति ज्योति सावित्री बाई फूले फाउंडेशन*_

_*अझुवा कौशाम्बी* कोईलहा स्थित सावित्रीबाई फुले राजकीय बालिका आश्रम पद्धति विद्यालय का नाम दोबारा बदले जाने के बाद जिले में सामाजिक और राजनीतिक बहस तेज हो गई है। क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले फाउंडेशन( अनिल कुशवाहा)सहित कई सामाजिक संगठनों ने सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए इसे बहुजन समाज के महापुरुषों और महिला शिक्षा आंदोलन के इतिहास से छेड़छाड़ बताया है।संगठन ने विद्यालय का मूल नाम पुनः बहाल करने की मांग उठाई है।_
_संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2009 में तत्कालीन प्रदेश सरकार द्वारा दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों के बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश भर में विभिन्न संतों, गुरुओं और महापुरुषों के नाम पर आश्रम पद्धति विद्यालयों की स्थापना कराई गई थी। इसी योजना के तहत कौशाम्बी के कोईलहा में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका और महिला शिक्षा आंदोलन की अग्रदूत माता सावित्रीबाई फुले के नाम पर बालिका विद्यालय की स्थापना हुई थी।फाउंडेशन के सदस्यों का आरोप है कि वर्ष 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद विद्यालय का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय बालिका आश्रम पद्धति विद्यालय कर दिया गया।_
_इसके विरोध में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लंबे समय तक आंदोलन चलाया और राष्ट्रपति, राज्यपाल,मुख्यमंत्री तथा जिला प्रशासन को लगातार ज्ञापन सौंपे।संगठन का दावा है कि करीब तीन वर्षों तक चले संघर्ष के बाद सितंबर 2021 में सरकार ने विद्यालय का मूल नाम पुनः बहाल कर दिया था।अब अप्रैल 2026 में विद्यालय का नाम फिर बदलकर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय किए जाने से एक बार फिर विरोध शुरू हो गया है। संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार एक ओर *नारी शक्ति वंदन*, *महिला सशक्तिकरण* और *महिला आरक्षण* जैसे नारों की बात करती है, वहीं दूसरी ओर देश की प्रथम महिला शिक्षिका के नाम को सरकारी संस्थानों से हटाया जा रहा है। उनका आरोप है कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि बहुजन समाज के महापुरुषों की पहचान और विचारधारा को कमजोर करने का प्रयास है।फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले केवल एक ऐतिहासिक नाम नहीं बल्कि महिलाओं, दलितों और वंचित समाज के शिक्षा अधिकार की प्रतीक हैं। उन्होंने ऐसे दौर में लड़कियों को शिक्षा देने का कार्य शुरू किया था, जब समाज में महिलाओं और पिछड़े वर्गों की शिक्षा का घोर विरोध होता था। ऐसे में उनके नाम से बने संस्थानों का सम्मान बनाए रखना समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है।संगठन ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से मांग की है कि विद्यालय का मूल नाम सावित्रीबाई फुले राजकीय बालिका आश्रम पद्धति विद्यालय, कोईलहा कौशाम्बी तत्काल बहाल किया जाए। साथ ही यह भी कहा कि यदि सरकार अन्य महापुरुषों के नाम पर विद्यालय खोलना चाहती है तो नए संस्थानों की स्थापना करे, लेकिन पहले से स्थापित विद्यालयों के नाम न बदले जाएं।इस मुद्दे को लेकर जिले में सामाजिक संगठनों के बीच चर्चा तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस विषय पर आंदोलन और ज्ञापन कार्यक्रम तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।_
    user_सन्त लाल मौर्य पत्रकार
    सन्त लाल मौर्य पत्रकार
    Media and information sciences faculty सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • कौशांबी के तरनी गांव में एक पति ने अपने भाइयों संग मिलकर पहली पत्नी और बच्चों को बेरहमी से पीटा और घर से बाहर निकाल दिया। सराय अकिल थाना क्षेत्र की इस हृदय विदारक घटना ने रिश्तों और इंसानियत दोनों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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    कौशांबी के तरनी गांव में एक पति ने अपने भाइयों संग मिलकर पहली पत्नी और बच्चों को बेरहमी से पीटा और घर से बाहर निकाल दिया। सराय अकिल थाना क्षेत्र की इस हृदय विदारक घटना ने रिश्तों और इंसानियत दोनों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
    user_प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी
    प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
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    Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    user_कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Announcement City / Locality : sirahatu Event Date : 01/01/1997 Event Time : pm Announcement Type : Upcoming Event
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    Announcement

City / Locality : sirahatu
Event Date : 01/01/1997
Event Time : pm 
Announcement Type : Upcoming Event
    user_Shiv saran
    Shiv saran
    Farmer सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • लखनऊ के एक भारतीय पत्रकार को नेपालगंज-जमुनहा सीमा पर रिपोर्टिंग के दौरान बालेन शाह की पुलिस ने रोका और अनुमति पर सवाल उठाए। यह घटना भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ते तनाव को दर्शाती है, जहाँ अब आम लोगों और पत्रकारों का आवागमन मुश्किल हो गया है। बालेन सरकार के आने के बाद से दोनों देशों के बीच कटुता बढ़ी है, जिससे उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के लोग भी प्रभावित हैं।
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    लखनऊ के एक भारतीय पत्रकार को नेपालगंज-जमुनहा सीमा पर रिपोर्टिंग के दौरान बालेन शाह की पुलिस ने रोका और अनुमति पर सवाल उठाए। यह घटना भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ते तनाव को दर्शाती है, जहाँ अब आम लोगों और पत्रकारों का आवागमन मुश्किल हो गया है। बालेन सरकार के आने के बाद से दोनों देशों के बीच कटुता बढ़ी है, जिससे उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के लोग भी प्रभावित हैं।
    user_जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    रिपोर्टर मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • 🛑 कौशांबी में गैस सिलेंडर संकट से जनता बेहाल, घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौट रहे लोग कौशांबी जनपद के भरवारी और कोखराज क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और समय पर आपूर्ति न होने से आम जनता परेशान दिखाई दे रही है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियों पर सुबह से लंबी लाइनें लग रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। मजबूरन लोगों को निराश होकर खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि लगातार बढ़ रही महंगाई ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है। रसोई का बजट संभालना मुश्किल हो गया है। महिलाओं को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार को गैस सिलेंडर की कीमतों पर नियंत्रण करने के साथ-साथ समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। क्षेत्र में बढ़ती समस्याओं को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। कई लोगों का कहना है कि जनता अब झूठे वादों को समझ चुकी है और यदि हालात नहीं सुधरे तो आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में इसका असर देखने को मिल सकता है। क्षेत्रीय जनता का कहना है कि महंगाई और गैस संकट ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। सुबह से शाम तक लाइन में लगने के बावजूद सिलेंडर न मिलना लोगों के गुस्से और निराशा का कारण बनता जा रहा है। फिलहाल लोग प्रशासन और सरकार से जल्द राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ✍️ पत्रकार शिवकुमार की रिपोर्ट #कौशांबी #भरवारी #कोखराज #गैससंकट #महंगाई #LPG #उत्तरप्रदेश
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    🛑 कौशांबी में गैस सिलेंडर संकट से जनता बेहाल, घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौट रहे लोग
कौशांबी जनपद के भरवारी और कोखराज क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और समय पर आपूर्ति न होने से आम जनता परेशान दिखाई दे रही है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियों पर सुबह से लंबी लाइनें लग रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। मजबूरन लोगों को निराश होकर खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि लगातार बढ़ रही महंगाई ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है। रसोई का बजट संभालना मुश्किल हो गया है। महिलाओं को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है।
लोगों का कहना है कि सरकार को गैस सिलेंडर की कीमतों पर नियंत्रण करने के साथ-साथ समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। क्षेत्र में बढ़ती समस्याओं को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। कई लोगों का कहना है कि जनता अब झूठे वादों को समझ चुकी है और यदि हालात नहीं सुधरे तो आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में इसका असर देखने को मिल सकता है।
क्षेत्रीय जनता का कहना है कि महंगाई और गैस संकट ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। सुबह से शाम तक लाइन में लगने के बावजूद सिलेंडर न मिलना लोगों के गुस्से और निराशा का कारण बनता जा रहा है। फिलहाल लोग प्रशासन और सरकार से जल्द राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
✍️ पत्रकार शिवकुमार की रिपोर्ट
#कौशांबी #भरवारी #कोखराज #गैससंकट #महंगाई #LPG #उत्तरप्रदेश
    user_D.D.NEWS UTTER PRADESH
    D.D.NEWS UTTER PRADESH
    Journalist सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • क्षेत्राधिकारी कौशाम्बी की वीडियो बाईट । #kaushambinews आज दिनांक 10 मई 2026 को सुबह लगभग 7:00 बजे सूचना प्राप्त हुई कि थाना महेवाघाट क्षेत्र के ग्राम पोरकाशीरामपुर KBF ईट भट्टा के पास एक व्यक्ति ने पेड़ से लटककर फासी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस सूचना पर थाना स्थानीय पुलिस बल ने तत्काल मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम हेतु मॉर्चरी भेजा गया। स्थानीय लोगों से पूछताछ के दौरान मृतक की पहचान रजनीश (17 वर्ष), पुत्र नोखेलाल के रूप में हुई, मृतक किसी लड़की से बातचीत करता था एवं मानसिक तनाव और अवसाद (डिप्रेशन) में था। आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है मौके पर कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य है। प्रकरण में क्षेत्राधिकारी कौशाम्बी की वीडियो बाईट ।
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    क्षेत्राधिकारी कौशाम्बी की वीडियो बाईट । #kaushambinews 
आज दिनांक 10 मई 2026 को सुबह लगभग 7:00 बजे सूचना प्राप्त हुई कि थाना महेवाघाट क्षेत्र के ग्राम पोरकाशीरामपुर KBF ईट भट्टा के पास एक व्यक्ति ने पेड़ से लटककर फासी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस सूचना पर थाना स्थानीय पुलिस बल ने तत्काल मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम हेतु मॉर्चरी भेजा गया। स्थानीय लोगों से पूछताछ के दौरान मृतक की पहचान रजनीश (17 वर्ष), पुत्र नोखेलाल के रूप में हुई, मृतक किसी लड़की से बातचीत करता था एवं मानसिक तनाव और अवसाद (डिप्रेशन) में था। आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है मौके पर कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य है। प्रकरण में क्षेत्राधिकारी कौशाम्बी की वीडियो बाईट ।
    user_Talib Siddique
    Talib Siddique
    Local News Reporter सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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