मथुरा के महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय परिसर में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज अग्रवाल के सान्निध्य में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत चिकित्सालय के सभी चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्टों, लैब टेक्नीशियनों तथा अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश दिया। दिनभर चले इस कार्यक्रम में डॉ. सिद्धार्थ धनगर, डॉ. अमन कुमार सहित चिकित्सालय के समस्त चिकित्सकीय स्टाफ और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। सभी ने 'एक वृक्ष माँ के नाम' की भावना के साथ अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज अग्रवाल ने कहा कि यह अभियान केवल पर्यावरण संरक्षण का ही नहीं, बल्कि माँ के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व हरित वातावरण देने का एक प्रेरणादायी प्रयास है। उन्होंने सभी से पौधों के रोपण के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने का भी आह्वान किया।
मथुरा के महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय परिसर में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज अग्रवाल के सान्निध्य में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत चिकित्सालय के सभी चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्टों, लैब टेक्नीशियनों तथा अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश दिया। दिनभर चले इस कार्यक्रम में डॉ. सिद्धार्थ धनगर, डॉ. अमन कुमार सहित चिकित्सालय के समस्त चिकित्सकीय स्टाफ और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। सभी ने 'एक वृक्ष माँ के नाम' की भावना के साथ अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज अग्रवाल ने कहा कि यह अभियान केवल पर्यावरण संरक्षण का ही नहीं, बल्कि माँ के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व हरित वातावरण देने का एक प्रेरणादायी प्रयास है। उन्होंने सभी से पौधों के रोपण के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने का भी आह्वान किया।
- मथुरा महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता और अध्यक्ष यतेंद्र मुकदम ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के नाम पर भारी वित्तीय अनियमितताओं और चंदे की चोरी का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों देशवासियों की आस्था का केंद्र है, लेकिन इसके नाम पर बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया है। मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मामला सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि जन-जन की आस्था पर लगी गहरी चोट है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर वह पवित्र स्थान है जिसके लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के समय से प्रयास और आस्था की शुरुआत हुई थी, लेकिन आज भगवान राम के नाम पर जो करोड़ों रुपये का चंदा इकट्ठा हुआ है, उसमें भारी चोरी की जा रही है। वर्तमान सरकार और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने इसे सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि राम भक्तों की भावनाओं की चोरी करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरे देश और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता और राम भक्त सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक चंदे और आस्था की चोरी करने वाले लोग सलाखों के पीछे नहीं जाते, तब तक राम भक्तों को न्याय और उनकी आहत भावनाओं को राहत नहीं मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि प्रभु श्री राम के नाम का सहारा लेकर उत्तर प्रदेश और देश की सत्ता पर काबिज होने वाले लोग अगर थोड़ी भी नैतिकता रखते हैं, तो वे इस विफलता को अपनी उपलब्धि मानते हुए तुरंत अपने पदों से इस्तीफा दें।4
- मथुरा-वृंदावन में ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल जारी है, जिससे यात्रियों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चालकों का कहना है कि उनके ₹20,000 तक के चालान काटे जा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी कार्रवाई के विरोध में ही ई-रिक्शा चालकों ने हड़ताल कर दी है।1
- मथुरा में कार्यकर्ताओं से अपील की गई है कि वे अपने पर्सनल झगड़ों में संगठन को न लाएं। इसके साथ ही, डीएम साहब से भी यह विशेष निवेदन किया गया है कि वे गाड़ियों में बेवजह हूटर लगाकर चलने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करें।1
- मथुरा के वृंदावन में रुक्मिणी विहार मुख्य द्वार पर प्रदर्शनकारी ई-रिक्शा चालकों ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने इस मार्ग से गुजरने वाले अन्य ई-रिक्शों को जबरन रोका और बात न मानने वाले चालकों के साथ सरेराह हाथापाई और अभद्रता की। प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों ने चलते हुए ई-रिक्शों की चाबियां जबरदस्ती छीन लीं और इस भीषण गर्मी में सवारियों को गाड़ियों से उतारकर सड़क पर खड़ा होने के लिए मजबूर कर दिया। इस पूरे हंगामे के दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पुलिस के सामने ही ई-रिक्शा चालकों को जबरन रोका जा रहा था, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनकर तमाशबीन बनी रही। इस खुलेआम हुई गुंडागर्दी के बाद से स्थानीय रिक्शा चालकों और राहगीरों में भारी गुस्सा है और पूरे इलाके में डर का माहौल है।1