बौंडीफतेउल्लापुर में निर्माणाधीन सीसी रोड में जमकर भ्रष्टाचार,बनते ही उखड़ने लगी सीसी रोड बहराइच: महसी में PWD की सड़क में भ्रष्टाचार का खेल, ग्रामीणों ने हाथों से उखाड़ कर दिखाई 'विकास' की हकीकत बहराइच। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां एक ओर जीरो टॉलरेंस की नीति और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों का दावा कर रहे हैं, वहीं बहराइच जिले के महसी तहसील से भ्रष्टाचार की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। ग्राम पंचायत बौन्डी फत्तेउल्लापुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बनाई जा रही सीसी रोड (CC Road) पहली बारिश या भार सहने से पहले ही हाथों से उखड़ने लगी है। हाथों से उखड़ रही है करोड़ों की सड़क ग्रामीणों का आरोप है कि PWD विभाग के ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से मानक को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। जब पत्रकारों की टीम गांव पहुंची, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने कैमरे के सामने सड़क को अपने हाथों से उखाड़कर दिखाया। वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि गिट्टी और बालू का मसाला इस कदर कमजोर है कि वह बिना किसी औजार के केवल हाथ के इशारे से बाहर निकल रहा है। 15:1 के अनुपात का गंभीर आरोप मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि आरसीसी रोड के निर्माण में भारी अनियमितता बरती जा रही है। उनके अनुसार, निर्माण में 'पंद्रह और एक' (15:1) का मसाला (रेत-बजरी और सीमेंट का अनुपात) लगाया जा रहा है। मानकों के अनुसार सीसी रोड के लिए जो मजबूती होनी चाहिए, वह यहां कहीं नजर नहीं आ रही। सड़क बनते ही उजड़ने लगी है, जिससे सरकारी धन की सरेआम बर्बादी हो रही है। प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल "फोटो और वीडियो कभी झूठ नहीं बोलते"— ग्रामीणों के इस दावे ने विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासी राम कुमार और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत विभाग से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। घटिया सामग्री के प्रयोग से बनी यह सड़क कुछ ही महीनों में गड्ढों में तब्दील हो जाएगी। जांच की मांग क्षेत्रीय जनता ने जिलाधिकारी बहराइच और शासन से मांग की है कि इस घटिया निर्माण कार्य का तत्काल संज्ञान लिया जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि मौके पर जांच टीम भेजकर मसाले की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व संबंधित PWD इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सड़क का दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए।
बौंडीफतेउल्लापुर में निर्माणाधीन सीसी रोड में जमकर भ्रष्टाचार,बनते ही उखड़ने लगी सीसी रोड बहराइच: महसी में PWD की सड़क में भ्रष्टाचार का खेल, ग्रामीणों ने हाथों से उखाड़ कर दिखाई 'विकास' की हकीकत बहराइच। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां एक ओर जीरो टॉलरेंस की नीति और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों का दावा कर रहे हैं, वहीं बहराइच जिले के महसी तहसील से भ्रष्टाचार की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। ग्राम पंचायत बौन्डी फत्तेउल्लापुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बनाई जा रही सीसी रोड (CC Road) पहली बारिश या भार सहने से पहले ही हाथों से उखड़ने लगी है। हाथों से उखड़ रही है करोड़ों की सड़क ग्रामीणों का आरोप है कि PWD विभाग के ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से मानक को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। जब पत्रकारों की टीम गांव पहुंची, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने कैमरे के सामने सड़क को अपने हाथों से उखाड़कर दिखाया। वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि गिट्टी और बालू का मसाला इस कदर कमजोर है कि वह बिना किसी औजार के केवल हाथ के इशारे से बाहर निकल रहा है। 15:1 के अनुपात का गंभीर
आरोप मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि आरसीसी रोड के निर्माण में भारी अनियमितता बरती जा रही है। उनके अनुसार, निर्माण में 'पंद्रह और एक' (15:1) का मसाला (रेत-बजरी और सीमेंट का अनुपात) लगाया जा रहा है। मानकों के अनुसार सीसी रोड के लिए जो मजबूती होनी चाहिए, वह यहां कहीं नजर नहीं आ रही। सड़क बनते ही उजड़ने लगी है, जिससे सरकारी धन की सरेआम बर्बादी हो रही है। प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल "फोटो और वीडियो कभी झूठ नहीं बोलते"— ग्रामीणों के इस दावे ने विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासी राम कुमार और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत विभाग से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। घटिया सामग्री के प्रयोग से बनी यह सड़क कुछ ही महीनों में गड्ढों में तब्दील हो जाएगी। जांच की मांग क्षेत्रीय जनता ने जिलाधिकारी बहराइच और शासन से मांग की है कि इस घटिया निर्माण कार्य का तत्काल संज्ञान लिया जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि मौके पर जांच टीम भेजकर मसाले की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व संबंधित PWD इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सड़क का दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए।
- महसी, बहराइच: जनपद बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र अंतर्गत घाघरा कछार के इलाकों में मुसीबतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भेड़ियों और अन्य जंगली जानवरों के खौफ के बीच अब जलीय जीवों ने भी आबादी वाले क्षेत्रों में अपनी दस्तक दे दी है, जिससे स्थानीय निवासियों की नींद उड़ी हुई है। आधी रात को गांव की गलियों में दिखा मगरमच्छ ताजा मामला थाना हरदी क्षेत्र के ग्राम बम्भौरी पाण्डेय पुरवा का है। बीती रात गांव के रिहाइशी इलाके में अचानक एक विशालकाय घड़ियाल (या मगरमच्छ) दिखाई देने से हड़कंप मच गया। जलीय जीव को गांव के बीचों-बीच रेंगते देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। कुछ साहसी युवाओं ने दूर से इसका वीडियो बना लिया और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की लापरवाही से बढ़ा खतरा ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची । इस बीच, अंधेरे का फायदा उठाकर वह विशालकाय जीव गांव की ही किसी झाड़ी या सुरक्षित स्थान पर ओझल हो गया। सुबह होने तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका, जिससे पूरे गांव में असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। अनहोनी की आशंका से सहमे ग्रामीण बम्भौरी पाण्डेय पुरवा के निवासियों का कहना है कि गांव में छोटे बच्चे और मवेशी बाहर ही रहते हैं। अगर समय रहते इस हिंसक जलीय जीव को रेस्क्यू नहीं किया गया, तो कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द कॉम्बिंग कर मगरमच्छ को पकड़ा जाए ताकि लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।1
- #BigNews : एक्शन में सरकार, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू, ताकि देश में बनी रहे पेट्रोलियम उत्पाद-प्राकतिक गैस की उपलब्धता #EssentialCommoditiesAct #IranWar #LPGShortage #MiddleEastWar #GasShortage #LPGCrisis #ZeeNEWS1
- सड़क किनारे लघुशंका करते समय करंट की चपेट में आया युवक बहराइच के नानपारा इलाके में एक युवक करंट की चपेट में आकर झुलस गया। 22 वर्षीय छुट्टन कुरैशी सड़क किनारे लघुशंका कर रहे थे, तभी अचानक करंट की चपेट में आ गए। उन्हें बहराइच मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल युवक बकरा के कारोबार से जुड़े हैं और नानपारा नई बस्ती देहाती के निवासी हैं। उनके भाई सद्दाम कुरैशी ने बताया कि अचानक हुए हादसे से परिवार में हड़कंप मच गया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घायल युवक के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।3
- मिहींपुरवा CHC विवाद: महिला कर्मचारियों के आरोप, वीडियो वायरल और राजनीति की एंट्री मिहींपुरवा बहराइच। मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। महिला कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन, अधीक्षक पर लगे गंभीर आरोप और जांच पर उठते सवालों के बीच अब इस पूरे विवाद में राजनीति की भी एंट्री होती दिख रही है। महिला कर्मचारियों का धरना, अधीक्षक पर गंभीर आरोप कुछ दिन पहले एएनएम, आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में उग्र धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अधीक्षक डॉ. थानेदार ने एक महिला एएनएम के साथ कथित छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार किया। आरोप यह भी है कि कथित तौर पर आपत्तिजनक मैसेज भेजे गए और बाद में दबाव बनाकर उनसे सिग्नेचर कराने की कोशिश की गई। धरने में शामिल महिलाओं का कहना था कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में कहा गया —“सिग्नेचर कर दो, नहीं भी करोगी तो मेरा कुछ नहीं होगा।” वीडियो भी चर्चा में इस पूरे विवाद के बीच एक वीडियो भी सामने आने की चर्चा है, जिसमें बताया जा रहा है कि डॉ. थानेदार महिला कर्मचारियों से आक्रोशित और तीखे शब्दों में बात करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। जांच पर सवाल मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या जांच पूरी तरह निष्पक्ष हुई। कुछ सूत्रों का दावा है कि जांच एकतरफा रही और मामले को ठंडा करने की कोशिश की गई। राजनीति: संरक्षण के आरोपों से गरमाया मामला सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इतने गंभीर आरोपों और विवाद के बावजूद डॉ. थानेदार को फिर से चार्ज मिल गया है। स्थानीय चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें कथित रूप से सरोज सोनकर (बलहा विधायक) और अक्षयवर लाल गोंड (बहराइच सांसद) के संरक्षण में दोबारा जिम्मेदारी दी गई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह सवाल जरूर उठ रहा है कि गंभीर आरोपों के बाद भी उन्हें वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार कैसे सौंप दिए गए। जनता के सवाल महिला कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन तय करेगा? अगर आरोप सही हैं तो एफआईआर क्यों नहीं हुई? जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही? क्या यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा? स्वास्थ्य केंद्र, जो जनता के भरोसे का प्रतीक होना चाहिए, वहां अगर महिला कर्मचारियों को ही सम्मान और सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़े, तो यह पूरे सिस्टम के लिए चिंताजनक संकेत है। अब निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं— क्या सच्चाई सामने आएगी या फिर सत्ता और सिस्टम के दबाव में यह मामला भी दब जाएगा?1
- Post by कृष्ण कुमार आजाद1
- #jaishreeram1
- Post by Kasim1
- बहराइच। दरगाह शरीफ के अंदर स्थित होटल में शातिर चोर का तांडव करीब 20 हजार का सामान और 5 हजार की नगदी लेकर चोर फरार चोरी करते हुए आरोपी की तस्वीर CCTV कैमरे में कैद एक महीने में तीन ताबड़तोड़ चोरी से होटल मालिक में दहशत दरगाह परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल दरगाह के पहरेदार असरफ की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिन्ह घटना के बाद रात्रि गश्त करने वाले पहरेदारों पर भी उंगलियां चोरी की वारदात से इलाके में मचा हड़कंप पुलिस मामले की जांच में जुटी मामला थाना दरगाह शरीफ क्षेत्र के दरगाह परिसर का1