जशपुर जिले के पत्थलगांव शहर में गरीबों के लिए चलाई जा रही मुफ्त राशन योजना मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सबब बन गई है। यहां की राशन दुकानों में भीषण मनमानी और कालाबाजारी का आलम है, जिससे आम जनता त्रस्त है। अक्सर दुकानों से शक्कर या चना गायब मिलता है, और यदि सारा सामान उपलब्ध भी हो, तो राशन दुकान संचालक खुद गायब रहता है या 'सरकारी छुट्टी' का नाटक रच दिया जाता है। गरीब राशन कार्ड धारक महीने के पंद्रह दिन सिर्फ दुकान के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इस पूरे भ्रष्टाचार का एक खौफनाक पहलू यह है कि यदि कोई नागरिक खाद्य अधिकारी को फोन पर शिकायत करता है, तो अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ता का नाम और नंबर सीधे राशन दुकान संचालक को 'बेच' देते हैं। अधिकारियों और दुकानदारों के बीच 'मलाई और मिठाई' का ऐसा गठजोड़ है कि शिकायत मिलते ही राशन संचालक शिकायतकर्ता के घर पहुंचकर गुंडागर्दी शुरू कर देता है। वे खुलेआम 'ज्यादा नेतागिरी की तो राशन कार्ड निरस्त करवा दूंगा और राशन मिलना बंद हो जाएगा' जैसी धमकियाँ देते हैं। वार्ड वासियों के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रताड़ना देने वाली राशन दुकान का संचालक सत्तारूढ़ दल (बीजेपी) का एक रसूखदार नेता है, जो सत्ता के नशे में चूर होकर गरीबों को डराता-धमकाता है। एक पीड़ित बुजुर्ग महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए डर के मारे नाम न छापने की गुहार लगाई, क्योंकि उन्हें राशन दुकान संचालक द्वारा गाली-गलौज और मारपीट का भय है। स्थानीय मीडिया में कई बार खबरें प्रकाशित होने के बावजूद खाद्य विभाग के अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है, जिससे इस 'कमीशनखोरी' के धंधे में ऊपर से नीचे तक सब 'फिक्स' नजर आता है। पत्थलगांव की पीड़ित जनता अब चुप नहीं बैठेगी और जिला प्रशासन, जशपुर कलेक्टर तथा सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं से इस 'राशन माफिया' और भ्रष्ट अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई कर इंसाफ की मांग कर रही है।
जशपुर जिले के पत्थलगांव शहर में गरीबों के लिए चलाई जा रही मुफ्त राशन योजना मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सबब बन गई है। यहां की राशन दुकानों में भीषण मनमानी और कालाबाजारी का आलम है, जिससे आम जनता त्रस्त है। अक्सर दुकानों से शक्कर या चना गायब मिलता है, और यदि सारा सामान उपलब्ध भी हो, तो राशन दुकान संचालक खुद गायब रहता है या 'सरकारी छुट्टी' का नाटक रच दिया जाता है। गरीब राशन कार्ड धारक महीने के पंद्रह दिन सिर्फ दुकान के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इस पूरे भ्रष्टाचार का एक खौफनाक पहलू यह है कि यदि कोई नागरिक खाद्य अधिकारी को फोन पर शिकायत करता है, तो अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ता का नाम और नंबर सीधे राशन दुकान संचालक को 'बेच' देते हैं। अधिकारियों और दुकानदारों के बीच 'मलाई और मिठाई' का ऐसा गठजोड़ है कि शिकायत मिलते ही राशन संचालक शिकायतकर्ता के घर पहुंचकर गुंडागर्दी शुरू कर देता है। वे खुलेआम 'ज्यादा नेतागिरी की तो राशन कार्ड निरस्त करवा दूंगा और राशन मिलना बंद हो जाएगा' जैसी धमकियाँ देते हैं। वार्ड वासियों के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रताड़ना देने वाली राशन दुकान का संचालक सत्तारूढ़ दल (बीजेपी) का एक रसूखदार नेता है, जो सत्ता के नशे में चूर होकर गरीबों को डराता-धमकाता है। एक पीड़ित बुजुर्ग महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए डर के मारे नाम न छापने की गुहार लगाई, क्योंकि उन्हें राशन दुकान संचालक द्वारा गाली-गलौज और मारपीट का भय है। स्थानीय मीडिया में कई बार खबरें प्रकाशित होने के बावजूद खाद्य विभाग के अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है, जिससे इस 'कमीशनखोरी' के धंधे में ऊपर से नीचे तक सब 'फिक्स' नजर आता है। पत्थलगांव की पीड़ित जनता अब चुप नहीं बैठेगी और जिला प्रशासन, जशपुर कलेक्टर तथा सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं से इस 'राशन माफिया' और भ्रष्ट अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई कर इंसाफ की मांग कर रही है।
- रायगढ़ में पूंजीपथरा पुलिस ने दो दिन पहले तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले पगडंडी मार्ग पर मिली एक अधेड़ महिला की जली हुई लाश के अंधे कत्ल का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह शव विगत 17 जून को मायाराम सालिकराम क्रेशर के पास जली हुई अवस्था में मिला था, जिसके आसपास घसीटने के निशान भी पाए गए थे। पूंजीपथरा पुलिस ने मर्ग कायम कर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 145/2026 धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की थी। पुलिस के लिए मृतिका की पहचान और अज्ञात आरोपी तक पहुँचना सबसे बड़ी चुनौती थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर थाना प्रभारी पूंजीपथरा को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। निर्देशों के पालन में, पुलिस टीम ने मृतिका के फोटो और वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और स्थानीय औद्योगिक इकाइयों में प्रसारित किए। इसी दौरान लक्ष्मी कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाले इमिलीयूस तिग्गा और उसके साथ रहने वाली महिला के कुछ दिनों से गायब होने की जानकारी मिली। सोशल मीडिया में प्रसारित फोटो और वीडियो देखकर जशपुर जिले के ग्राम बोरो से दो युवक पहुँचे, जिन्होंने घटनास्थल से बरामद कपड़ों और शव की पहचान अपनी मां, मंगरिता एक्का (60 वर्ष), निवासी ग्राम बोरो, जिला जशपुर के रूप में की। उन्होंने बताया कि मृतिका पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी का कार्य करती थी। पुलिस ने संदेही इमिलीयूस तिग्गा के संबंध में जानकारी जुटाकर उसे जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह पिछले दो वर्षों से एनआर फेरो प्लांट तुमीडीह में मजदूरी करता था और करीब तीन माह पूर्व उसकी पहचान मां शिवा प्लांट में काम करने वाली मंगरिता एक्का से हुई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गया था और वे पति-पत्नी की तरह पूंजीपथरा के लक्ष्मी कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे थे। आरोपी ने बताया कि मृतिका अक्सर उस पर दूसरी पत्नी रखने का शक कर विवाद करती थी। 17 जून को जब मंगरिता एक्का घर जाने की बात कहकर निकली, तो इमिलीयूस तिग्गा भी उसके पीछे-पीछे निकल गया। रास्तें में दोनों महुआ पेड़ के नीचे बैठकर शराब पी रहे थे कि पिछली बातों को लेकर विवाद बढ़ने पर इमिलीयूस ने मंगरिता की साड़ी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को झाड़ियों में छिपा दिया और पास के पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदकर शाम को पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को क्रेशर डस्ट के ढेर के पास घसीटकर आग लगा दी। आरोपी के मेमोरेंडम पर घटना के समय पहने कपड़े, घटना में प्रयुक्त पेट्रोल की बोतल और माचिस बरामद की गई है। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी इमिलीयूस तिग्गा को गिरफ्तार कर आज न्यायालय में पेश किया जा रहा है।4
- रायगढ़ में एक तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़ी पिकअप से टकरा गई, जिससे बाइक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद, पिकअप चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।1
- बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोरबा नगरीय क्षेत्र स्थित लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर कन्वेंशन हॉल में एक जिला स्तरीय सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंत्री श्री खुशवंत साहेब ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और नागरिकों के साथ विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। उन्होंने योग के महत्व और उससे मिलने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों की जानकारी देते हुए सभी से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश नाग, अपर कलेक्टर श्री ओंकार यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे। अपने संबोधन में मंत्री श्री खुशवंत साहेब ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा की अमूल्य देन है, जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति का मार्ग दिखाया है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। मंत्री श्री साहेब ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है और आज करोड़ों लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और युवाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने स्वस्थ जीवन के लिए योग को बहुत जरूरी बताया और कहा कि यह भागदौड़ भरी जिंदगी में बीमारियों से बचे रहने के लिए बहुत फायदेमंद है, जिससे तन और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशन में पूरे देश सहित राज्य में योग दिवस मनाए जाने का उल्लेख किया। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में योग का विशेष महत्व है और यह शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा माध्यम है। उन्होंने सभी से प्रतिदिन योग के लिए समय निकालने और निरोग बनने की अपील की। कार्यक्रम में योग शिक्षक श्री रामेश्वर प्रसाद पांडे ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे नियमित रूप से जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया। मंत्री श्री खुशवंत साहेब ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि प्रतिदिन योग कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं तथा परिवार और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण तथा विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लेने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर मंत्री श्री खुशवंत साहेब सहित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों और नगरवासियों ने ताड़ासन, पवन मुक्तासन, हलासन, शवासन, कपाल भारती, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और प्राणायाम जैसे विभिन्न आसनों का सामूहिक योगाभ्यास किया। इस सामूहिक अभ्यास के माध्यम से स्वस्थ जीवन, नियमित योग और जन-जागरूकता का संदेश दिया गया। अंत में, सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित योग करने तथा नशामुक्त भारत के निर्माण में सहभागी बनने की शपथ भी दिलाई गई।4
- कोरबा जिले के बालको थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ पुलिस ने एक नाबालिग को ब्लैकमेल कर उससे संबंध बनाने का दबाव डालने के आरोप में कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- ज़िले के डबरा में आयोजित की गई जिला स्तरीय जैविक खेती कार्यशाला अब सवालों के घेरे में आ गई है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, वर्तमान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 जून को अंबिकापुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अंबिकापुर पीजी कॉलेज ग्राउंड में योग किया, लोगों को शपथ ग्रहण करवाई और नशा मुक्ति का संदेश दिया। मुख्यमंत्री श्री साय यहाँ योग और स्वास्थ्य कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। पत्रकारों से बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्हें 'खुद के गिरेबान में झांकने' की सलाह दी। उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि जहां-जहां राहुल गांधी जाते हैं, वहां उस पार्टी का क्या हाल होता है, यह सभी को पता है। इस तरह उन्होंने विपक्ष को तीखी प्रतिक्रिया दी।3
- रायगढ़ के साइबर पुलिस थाना में 19 मई को चक्रधरनगर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपलोड एवं प्रसारित किए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, डीएसपी साइबर श्रीमती उन्नति ठाकुर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अज्ञात इंस्टाग्राम यूजर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 05/2026, धारा 79 बीएनएस, 67-बी आईटी एक्ट और 12 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन और डीएसपी साइबर श्रीमती उन्नति ठाकुर के सुपरविजन में, साइबर थाना की टीम ने तकनीकी जांच प्रारंभ की। इस जांच के दौरान, संबंधित इंस्टाग्राम आईडी की पहचान कर उसके संचालक, एक 17.4 माह के विधि के साथ संघर्षरत बालक, तक पहुंच बनाई गई। थाना साइबर ने 19 जून को इस बाल अपचारी को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने नाबालिग बालिका और अन्य दोस्तों से इंस्टाग्राम पर दोस्ती करने तथा बालिका के आपत्तिजनक फोटो व वीडियो विभिन्न चैट ग्रुपों में साझा करने की बात स्वीकार की। मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन बाल अपचारी के कब्जे से जब्त कर लिया गया। प्रकरण में वैधानिक कार्रवाई करते हुए, बाल अपचारी को किशोर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। साइबर थाना द्वारा मामले की आगे की जांच जारी है तथा डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक, प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह एवं हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही है।1
- एक सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक की ट्रेलर की ठोकर लगने से मौत हो गई। घटना के बाद, ट्रेलर का आरोपी चालक अपना वाहन मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी चालक की पतासाजी शुरू कर दी है।1
- जांजगीर-चांपा जिले के राहौद नगर पंचायत क्षेत्र में शनिवार दोपहर हुए एक सड़क हादसे में परीक्षा देकर लौट रहे दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों युवकों की बाइकें आपस में टकरा गईं, जिससे यह घटना हुई। जानकारी के अनुसार, ग्राम डेराडीह कटगी निवासी ललित साहू और चन्द्र प्रकाश साहू संदीपनी कॉलेज, राहौद से पर्यावरण विषय की परीक्षा देकर अपने गांव वापस जा रहे थे। इसी दौरान राहौद स्थित कान्हा पेट्रोल पंप के पास उनकी बाइकों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों युवकों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलने पर 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ पहुंचाया गया। वहाँ उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल जांजगीर रेफर कर दिया। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया। घटना की सूचना पुलिस को भी दे दी गई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1