दो वर्षों से बंद पड़ा करमोलिया पंचायत भवन, सरकारी सुविधाओं से वंचित ग्रामीण पसगवां खीरी। विकासखंड पसगवां की ग्राम पंचायत करमोलिया में लाखों रुपये की लागत से निर्मित पंचायत भवन पिछले करीब दो वर्षों से बंद पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन का निर्माण कार्य पूरा होने और भुगतान होने के बावजूद आज तक इसका नियमित संचालन शुरू नहीं कराया गया। इससे ग्रामीणों को पंचायत से जुड़े आवश्यक कार्यों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों के अनुसार पंचायत भवन बंद रहने से जाति, आय, निवास, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सरकारी कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। छोटे-छोटे कार्यों के लिए लोगों को कई किलोमीटर दूर संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। पंचायत भवन परिसर में लंबे समय से गंदगी और निर्माण सामग्री का मलबा पड़ा हुआ है। परिसर में लगा समरसेबल भी खराब है, जिसके कारण पानी की व्यवस्था पूरी तरह ठप है। रखरखाव के अभाव में भवन और उसका परिसर लगातार बदहाल होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन बंद होने से ग्राम पंचायत की बैठकें, सरकारी योजनाओं की समीक्षा, जनसुनवाई, शिविर और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं। इतना ही नहीं, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पंचायत भवन के निकट स्थित भगवान बुद्ध मंदिर भी इस अव्यवस्था से प्रभावित है। मंदिर के आसपास फैली गंदगी के कारण बुद्ध जयंती सहित अन्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी बाधाएं उत्पन्न होती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत भवन नियमित रूप से संचालित हो और परिसर की साफ-सफाई कराई जाए तो पूरे क्षेत्र का वातावरण बेहतर हो सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पंचायत भवन को तत्काल संचालित कराया जाए, परिसर की साफ-सफाई कराकर मलबा हटवाया जाए, खराब पड़े समरसेबल की मरम्मत कराई जाए तथा पंचायत सचिव एवं संबंधित कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए भी बाध्य होंगे।
दो वर्षों से बंद पड़ा करमोलिया पंचायत भवन, सरकारी सुविधाओं से वंचित ग्रामीण पसगवां खीरी। विकासखंड पसगवां की ग्राम पंचायत करमोलिया में लाखों रुपये की लागत से निर्मित पंचायत भवन पिछले करीब दो वर्षों से बंद पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन का निर्माण कार्य पूरा होने और भुगतान होने के बावजूद आज तक इसका नियमित संचालन शुरू नहीं कराया गया। इससे ग्रामीणों को पंचायत से जुड़े आवश्यक कार्यों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों के अनुसार पंचायत भवन बंद रहने से जाति, आय, निवास, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सरकारी कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। छोटे-छोटे कार्यों के लिए लोगों को कई किलोमीटर दूर संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। पंचायत भवन परिसर में लंबे समय से गंदगी और निर्माण सामग्री का मलबा पड़ा हुआ है। परिसर में लगा समरसेबल भी खराब है, जिसके कारण पानी की व्यवस्था पूरी तरह ठप है। रखरखाव के अभाव में भवन और उसका परिसर लगातार बदहाल होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन बंद होने से ग्राम पंचायत की बैठकें, सरकारी योजनाओं की समीक्षा, जनसुनवाई, शिविर और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं। इतना ही नहीं, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पंचायत भवन के निकट स्थित भगवान बुद्ध मंदिर भी इस अव्यवस्था से प्रभावित है। मंदिर के आसपास फैली गंदगी के कारण बुद्ध जयंती सहित अन्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी बाधाएं उत्पन्न होती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत भवन नियमित रूप से संचालित हो और परिसर की साफ-सफाई कराई जाए तो पूरे क्षेत्र का वातावरण बेहतर हो सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पंचायत भवन को तत्काल संचालित कराया जाए, परिसर की साफ-सफाई कराकर मलबा हटवाया जाए, खराब पड़े समरसेबल की मरम्मत कराई जाए तथा पंचायत सचिव एवं संबंधित कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए भी बाध्य होंगे।
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- गोला नगर जाम से जूझ रहा है,जिसमें मिल रोड पर नगर के अंदर रोडवेज बसों ने कब्जा कर रखा है। *गोला नगर में जाम से बेहाल जनता, सावन मेले की तैयारियां धरी रह गईं* *अशोक चौराहे से मिल रोड बना जाम का हॉटस्पॉट, रोडवेज बसें जिम्मेदार* *सीओ सिटी कार्यालय के सामने रोज लगता है घंटों जाम, नगरवासी आक्रोशित* *फोटो कैप्शन:* `अशोक चौराहे से मिल रोड पर रोडवेज बस और अतिक्रमण के कारण लगा भीषण जाम` *गोला गोकर्णनाथ, लखीमपुर* *सूर्य प्रकाश मिश्रा गोला गोकर्णनाथ।* सावन मेला शुरू हो गया है लेकिन गोला नगर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रशासन द्वारा जाम से निपटने के लिए की गई तैयारियां और दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। शहर की सड़कों पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से आम जनमानस का जीना दूभर हो गया है। शहर का सबसे व्यस्त और संवेदनशील मार्ग अशोक चौराहे से मिल वाली रोड है। यहीं पर सबसे अधिक भीड़भाड़ और जाम की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। सावन मेला होने के बावजूद भी इसी मार्ग से रोडवेज की बसें शहर के बीचों-बीच से गुजरती हैं। बसों के बेतरतीब खड़े होने और सवारी बैठाने के कारण इस मार्ग पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक यहां पांच मिनट का रास्ता तय करने में लोगों को पैतालिस मिनट से एक घंटा तक लग जाता है। नगर प्रशासन ने सावन मेले को लेकर जाम से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए थे। वैकल्पिक मार्ग, अतिक्रमण हटाओ अभियान और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की बात कही गई थी। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। मिल रोड पर अतिक्रमण जस का तस है। ठेला-खुम्चे, ई-रिक्शा और अवैध पार्किंग ने सड़क का आधा हिस्सा घेर रखा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसी मिल रोड पर सीओ सिटी का कार्यालय स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीओ साहब की सरकारी गाड़ी भी कई बार इसी जाम में फंस चुकी है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। इस जाम से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों और व्यापारियों को हो रही है। सीएचसी आने वाले मरीज और एंबुलेंस जाम में फंसकर घंटों विलंब से पहुंच रही हैं। स्कूलों की छुट्टी के समय बच्चों के अभिभावकों की गाड़ियों से हालात और खराब हो जाते हैं। दुकानदारों का कहना है कि जाम के डर से ग्राहक बाजार नहीं आ रहे हैं, जिससे उनका कारोबार चौपट हो रहा है। महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं।नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल रोडवेज बसों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए। बसों के लिए शहर के बाहर अस्थाई बस स्टैंड बनाया जाए। मिल रोड और अशोक चौराहे पर अतिक्रमण हटाकर नो-पार्किंग जोन घोषित किया जाए। ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित स्टैंड बनाए जाएं। *क्या कहते हैं जिम्मेदार* रोडवेज ए आर एम गोला ने बताया कि बसों को मिल रोड के बजाय विकास चौराहे से होकर दत्तेली होकर निकलना चाहिए वहीं रूट है। पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने बताया कि कई बार एसडीएम साहब एवं इंस्पेक्टर साहब को बताया गया है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं,कई बार हमारी गाड़ी भी घंटो जाम में फंसी रहती है। यातायात प्रभारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि समस्या संज्ञान में है।कल से शहर में कोई बस नहीं आएगी,मिल गेट पर फोर्स लगाकर बसों को अंदर आने से रोका जाएगा। सावन मेले में यातायात सुचारू रूप से चालू किया जाएगा,कांवड़ियों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।3
- संसारपुर में पुलिस का पैदल गश्त: अतिक्रमणकारियों को सख्त हिदायत, सुरक्षा का दिया भरोसा संसारपुर।थाना मैलानी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी संसारपुर द्वारा कस्बे की कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने तथा आम जनता में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशेष पैदल गश्त (फुट पेट्रोलिंग) अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान पुलिस बल ने कस्बे के प्रमुख बाजारों, चौराहों और मुख्य मार्गों का गहन निरीक्षण किया। यह गश्त चौकी प्रभारी **जितेन्द्र सिंह यादव** के नेतृत्व में आयोजित की गई। उनके साथ कांस्टेबल **सौरभ यादव**, कांस्टेबल **परशुराम** और कांस्टेबल **दिनेश कुमार** सहित पुलिस चौकी के अन्य जवान मुस्तैदी के साथ दल-बल में शामिल रहे। गश्त के दौरान पुलिस टीम ने कस्बे की मुख्य सड़कों पर दुकानों के बाहर काउंटर, ठेले या सामान रखकर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी। पुलिस ने दुकानदारों को अपना सामान सीमा के भीतर रखने की हिदायत देते हुए कहा कि सार्वजनिक मार्ग बाधित होने से आम जनता को आवागमन में असुविधा होती है। इसके अलावा सड़क किनारे अकारण वाहन खड़े करने वालों और मनचले किस्म के लोगों को भी कड़ी चेतावनी देकर मौके से हटाया गया। चौकी प्रभारी ने कहा कि क्षेत्र में शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। आगे भी इस प्रकार के चेकिंग और गश्त अभियान लगातार चलाए जाएंगे ताकि कस्बा संसारपुर अतिक्रमण मुक्त रहे और नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।1
- पूर्वी नेपाल में हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। सिराहा जिले में झड़प के दौरान एक युवक की मौत के बाद भारत से सटे जनकपुर, सिराहा और सप्तरी जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। दो गुटों के बीच हुई हिंसा में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।Golbazar, Siraha, Nepal1
- संसारपुर की उड़ान डिफेंस अकादमी युवाओं के सपनों को दे रही नई उड़ान, वर्दी पहनने का सपना हो रहा साकार संसारपुर (लखीमपुर खीरी)। क्षेत्र के युवाओं को सेना, पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों में भर्ती के लिए बेहतर मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उड़ान डिफेंस अकादमी, संसारपुर निरंतर कार्य कर रही है। अकादमी में शारीरिक दक्षता (फिजिकल) और लिखित परीक्षा, दोनों की समग्र तैयारी एक ही स्थान पर कराई जा रही है, जिससे अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप व्यवस्थित प्रशिक्षण मिल सके। अकादमी में फिजिकल कोच सारिक सर के मार्गदर्शन में अभ्यर्थियों को भारतीय सेना (Army), SSC GD, उत्तर प्रदेश पुलिस, उपनिरीक्षक (UPSI), उत्तर प्रदेश होमगार्ड, दिल्ली पुलिस सहित विभिन्न सुरक्षा बलों की भर्ती परीक्षाओं के फिजिकल टेस्ट की विशेष तैयारी कराई जाती है। प्रशिक्षण के दौरान दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और परीक्षा के अनुरूप आवश्यक तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। साथ ही लिखित परीक्षा की भी विषयवार तैयारी कराई जाती है, जिससे अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास बढ़े और वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। अकादमी प्रबंधन का कहना है कि यदि किसी युवा का सपना देश की सेवा करते हुए वर्दी पहनने का है, तो उसे सही दिशा, नियमित अभ्यास और अनुभवी मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य के साथ उड़ान डिफेंस अकादमी युवाओं को उनके लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। "बेहतर तैयारी • बेहतर प्रदर्शन • 100% मेहनत, सफलता की ओर मजबूत कदम" के संकल्प के साथ अकादमी क्षेत्र के युवाओं को अपने सपनों को साकार करने का अवसर प्रदान कर रही है।4
- पहले दोस्ती फिर लोगों पर हमला करता है लंगूरी बंदर 100 ज्यादा लोगों को काट चुका है लखीमपुर - शहर में एक लंगूर के हमलों से लोगों में दहशत है। यह बंदर अब तक कई लोगों को काट चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लंगूर पहले एक व्यक्ति के सिर पर हाथ रखता है, फिर अचानक गर्दन पर हमला कर देता है। एक अन्य वीडियो में भी वह राहगीर पर झपटता दिखाई देता है। इसके अलावा लंगूर सड़क पर चल रही एक कार की छत पर बैठकर सफर करता भी नजर आया। शहर के छाऊछ चौराहे से सामने आए इस वीडियो के बाद लोगों में भय का माहौल है।1