कटनी जिले के बहोरीबंद विकासखंड के बाकल क्षेत्र में जियो नेटवर्क की खराब सेवाओं को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है। पिछले लगभग एक महीने से जियो की मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं लगातार बाधित हो रही हैं, जिसके कारण दैनिक कार्यों में गंभीर परेशानियां आ रही हैं। सोमवार को भी कई घंटों तक नेटवर्क पूरी तरह बंद रहा, जिससे हजारों उपभोक्ता कॉलिंग और इंटरनेट सुविधाओं से वंचित रहे। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस नेटवर्क समस्या से न केवल मोबाइल पर बातचीत प्रभावित हो रही है, बल्कि ऑनलाइन भुगतान, बैंकिंग सेवाएं, शासकीय कार्य, विद्यार्थियों की पढ़ाई और व्यवसायिक गतिविधियां भी थम सी गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां संचार के विकल्प सीमित हैं, वहां लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कंपनी 5जी सेवाओं के विस्तार का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर 4जी नेटवर्क भी ठीक से काम नहीं कर पा रहा है; कई जगहों पर इंटरनेट की गति बेहद धीमी है, और कुछ क्षेत्रों में तो नेटवर्क पूरी तरह गायब ही रहता है। उपभोक्ता रिचार्ज योजनाओं को लेकर भी असंतोष व्यक्त कर रहे हैं, क्योंकि एक महीने का शुल्क लेने के बावजूद कंपनियां केवल 28 दिनों की वैधता दे रही हैं, जिससे साल में 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है और अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता है। रिचार्ज के दाम भी बढ़ गए हैं, अब सामान्य उपयोगकर्ताओं को ₹349 या उससे अधिक के रिचार्ज कराने पड़ रहे हैं, जबकि सेवाओं की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं है। परेशान उपभोक्ताओं ने अपनी शिकायतें सोशल मीडिया के माध्यम से भी दर्ज कराई हैं और दूरसंचार विभाग तथा कंपनी प्रबंधन से नेटवर्क व्यवस्था सुधारने की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने दूरसंचार विभाग और संबंधित कंपनी से तत्काल तकनीकी सुधार कर नेटवर्क सेवाएं बहाल करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बुनियादी जरूरत बन चुकी हैं, और इतने लंबे समय तक नेटवर्क का बाधित रहना उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है, खासकर जब वे नियमित रूप से शुल्क का भुगतान कर रहे हैं।
कटनी जिले के बहोरीबंद विकासखंड के बाकल क्षेत्र में जियो नेटवर्क की खराब सेवाओं को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है। पिछले लगभग एक महीने से जियो की मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं लगातार बाधित हो रही हैं, जिसके कारण दैनिक कार्यों में गंभीर परेशानियां आ रही हैं। सोमवार को भी कई घंटों तक नेटवर्क पूरी तरह बंद रहा, जिससे हजारों उपभोक्ता कॉलिंग और इंटरनेट सुविधाओं से वंचित रहे। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस नेटवर्क समस्या से न केवल मोबाइल पर बातचीत प्रभावित हो रही है, बल्कि ऑनलाइन भुगतान, बैंकिंग सेवाएं, शासकीय कार्य, विद्यार्थियों की पढ़ाई और व्यवसायिक गतिविधियां भी थम सी गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां संचार के विकल्प सीमित हैं, वहां लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कंपनी 5जी सेवाओं के विस्तार का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर 4जी नेटवर्क भी ठीक से काम नहीं कर पा रहा है; कई जगहों पर इंटरनेट की गति बेहद धीमी है, और कुछ क्षेत्रों में तो नेटवर्क पूरी तरह
गायब ही रहता है। उपभोक्ता रिचार्ज योजनाओं को लेकर भी असंतोष व्यक्त कर रहे हैं, क्योंकि एक महीने का शुल्क लेने के बावजूद कंपनियां केवल 28 दिनों की वैधता दे रही हैं, जिससे साल में 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है और अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता है। रिचार्ज के दाम भी बढ़ गए हैं, अब सामान्य उपयोगकर्ताओं को ₹349 या उससे अधिक के रिचार्ज कराने पड़ रहे हैं, जबकि सेवाओं की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं है। परेशान उपभोक्ताओं ने अपनी शिकायतें सोशल मीडिया के माध्यम से भी दर्ज कराई हैं और दूरसंचार विभाग तथा कंपनी प्रबंधन से नेटवर्क व्यवस्था सुधारने की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने दूरसंचार विभाग और संबंधित कंपनी से तत्काल तकनीकी सुधार कर नेटवर्क सेवाएं बहाल करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बुनियादी जरूरत बन चुकी हैं, और इतने लंबे समय तक नेटवर्क का बाधित रहना उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है, खासकर जब वे नियमित रूप से शुल्क का भुगतान कर रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय विश्व योग दिवस के अवसर पर कटनी शहर के प्रसिद्ध जागृति पार्क (12 पीपल) में एक भव्य योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह से ही पार्क में योग प्रेमियों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम को विशेष पहचान मिली। भजनों की मधुर स्वर लहरियों और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया, और इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य, अनुशासन तथा सकारात्मक जीवनशैली का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम में "करें योग, रहें निरोग" के संदेश के साथ स्वस्थ भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया। इस दौरान विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाएं कराई गईं। योग विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योग केवल शरीर को ही स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि मानसिक तनाव को भी दूर कर व्यक्ति को ऊर्जावान और आत्मविश्वासी बनाता है। उपस्थित लोगों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में डॉ. उमा निगम, निरंजन पंजवानी, आनंद सुहाने, प्रमोद जायसवाल, लकी गुप्ता, संजय सोनी, संजय खंडेलवाल, अतुल जैन, शिवहरी जी, लक्ष्मीकांत भारद्वाज, पाठक जी, रमेश गुप्ता, कपूर सोनी, अनिल नेमा, सत्येंद्र सिंह चौहान (राजस्थान), अशोक वर्मा, मनीष दुबे, बी.डी. तिवारी जी, पारीक जी, गोयल जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और योगाभ्यास में सक्रिय रूप से सहभागिता की। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि योग भारत की हजारों वर्षों पुरानी अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करके जीवन को एक नई दिशा प्रदान करता है। विश्व योग दिवस का मुख्य उद्देश्य भी लोगों को स्वस्थ, तनावमुक्त और जागरूक जीवन की ओर प्रेरित करना है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने और समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे जागृति पार्क से एक बार फिर "योग है जीवन का आधार, स्वस्थ शरीर और सशक्त विचार" का सशक्त संदेश दिया गया।1
- जय श्री रामधर्म संगठन द्वारा व्यक्त एक गहन भावनात्मक संदेश में, यह कामना की गई है कि काश सब साथ होते। इस भावना के अनुसार, यदि सब मिलकर चलते, तो लोग बुराई के रास्ते से दूर रहते और उनकी जिंदगी संस्कारों में ढलती। संदेश में यह भी इच्छा व्यक्त की गई है कि ऐसे में किसी का प्यार बेरहमी से बिछड़ता नहीं।1
- जबलपुर के बरेला क्षेत्र में स्थित मंगलयातन यूनिवर्सिटी में छात्रों से छात्रवृत्ति के नाम पर खाली चेक मांगे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा खाली चेक न देने पर उनकी परीक्षा रोकने की धमकी दी जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हैं। छात्रों ने बताया कि एडमिशन लेने के बाद उन पर ब्लैंक चेक जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसके कारण उनका भविष्य दांव पर लगा हुआ है।1
- आज शहर के चार परीक्षा केंद्रों पर री-नीट परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें गर्ल्स कॉलेज स्थित एक केंद्र पर तीन छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गईं। इनमें से दो छात्र निर्धारित समय पर कॉलेज में प्रवेश नहीं कर सकीं, जबकि तीसरी छात्र के अभिभावक पिछली परीक्षा का ही प्रवेश फॉर्म लेकर पहुंचे थे। समय पर प्रवेश न पा सकने वाली दो छात्राओं की पहचान स्नेहा दुबे (निवासी आरएमपी नगर विदिशा) और रागनी विश्वकर्मा (ग्राम कुला, तहसील कुरवाई) के रूप में हुई है। प्रवेश सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही अनुमत था, लेकिन ये दोनों छात्र 1:30 बजे के 2 मिनट बाद पहुंची थीं, जिसके चलते उन्हें प्रवेश से रोक दिया गया। इस जानकारी के बाद परीक्षा की नोडल अधिकारी और केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य गीता भदौरिया मौके पर पहुंचीं। उन्होंने दोनों छात्रों को केंद्र के अंदर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन उनका बायोमेट्रिक सफल नहीं हो सका, जिसके कारण उन्हें परीक्षा दिए बिना ही बाहर आना पड़ा।1
- दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई। यह घटना बकायन के पास हुई, जहाँ बालक सड़क पार कर रहा था तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल बालक को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बटियागढ़ थाना प्रभारी रजनी शुक्ला ने बताया कि मृतक की पहचान बांधा निवासी कृष्णा (10) पिता पूरन सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कृष्णा के सड़क पार करते समय तेज गति से आ रहे ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थानीय नागरिकों की मदद से घायल बालक को तुरंत जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसके शव को शव गृह में सुरक्षित रखवा दिया गया था। आज रविवार को बटियागढ़ पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को शव गृह से निकलवाकर पंचनामा बनाया, पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है।1
- कटनी जिले के छोटे से ग्राम पिपरौध की प्रतिभाशाली छात्रा काजल जैन ने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि से पूरे जिले का नाम रोशन करते हुए इतिहास रच दिया है। उन्हें रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu के कर-कमलों से तीन स्वर्ण पदक प्राप्त हुए। काजल, वीरेंद्र जैन (बिल्ला) और अरविंद जैन की नातिन तथा संजय जैन (संजू) की सुपुत्री हैं। काजल जैन को यह गौरवपूर्ण उपलब्धि बीएससी (फिजिक्स, मैथ्स एवं केमिस्ट्री) विषयों में शानदार प्रदर्शन के लिए मिली। उनकी यह सफलता विशेष इसलिए है क्योंकि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के, केवल स्व-अध्ययन और अथक परिश्रम के दम पर यह मुकाम हासिल किया। समारोह में कुल लगभग 64 मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए, जिनमें कटनी जिले की एकमात्र छात्रा के रूप में काजल जैन शामिल थीं। राष्ट्रपति के हाथों तीन स्वर्ण पदक प्राप्त करना काजल और उनके परिवार के साथ-साथ पूरे कटनी जिले के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है। उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि जिले के सभी विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है। कटनी जिले के नागरिकों, शिक्षकों, समाजसेवियों और विभिन्न संगठनों ने काजल जैन की इस शानदार सफलता पर उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।1
- दमोह में रविवार को नीट यूजी री-एग्जाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ। शहर के तीन परीक्षा केंद्रों - शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय और पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस पीजी कॉलेज - पर कुल 1147 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 1038 परीक्षार्थियों ने यह परीक्षा दी, जबकि 109 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर थ्री-लेयर सुरक्षा जांच, सीसीटीवी निगरानी और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अभ्यर्थियों को दोपहर 1:30 बजे तक ही प्रवेश दिया गया। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने भी सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद शाम 5:30 बजे केंद्रों से बाहर निकले अधिकांश अभ्यर्थियों ने फिजिक्स के प्रश्नपत्र को अपेक्षाकृत कठिन बताया। उनका कहना था कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के प्रश्न मॉडरेट स्तर के थे, लेकिन फिजिक्स के सवालों को हल करने में अधिक समय लगा, जिससे उनका समय प्रबंधन प्रभावित हुआ। कई छात्रों ने कठिन फिजिक्स पेपर के कारण कटऑफ कम रहने की संभावना भी जताई। छात्र-छात्राओं ने सरकार से पुनः पेपर लीक न होने की मांग उठाते हुए कहा कि उन्होंने बड़ी मेहनत से पढ़ाई कर दोबारा यह परीक्षा दी है। वहीं, जिले में परीक्षा बिना किसी व्यवधान के संपन्न तो हुई, लेकिन केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए बैठने और पेयजल जैसी व्यवस्थाएं सीमित पाई गईं। कई अभिभावकों को बारिश और गर्मी के बीच लंबे समय तक बाहर इंतजार करना पड़ा, जबकि सुरक्षा की दृष्टि से एग्जाम सेंटरों के बाहर भारी पुलिस एवं प्रशासनिक बल मौजूद रहा।1
- पत्रकार पुष्पेंद्र लोधी के पत्रकारिता कार्यों की सराहना करते हुए, उन्हें 'समाज का हीरा' बताया गया है, खासकर एक ब्राह्मण समाज की बेटी के बलात्कार मामले में न्याय दिलाने के लिए खुलकर आवाज उठाने के उनके प्रयासों के लिए। हालांकि, उनके खिलाफ एक बड़े षड्यंत्र का आरोप लगाया गया है, जिसमें कुछ पत्रकारों और पुलिस कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया गया है जो उनकी तरक्की पचा नहीं पा रहे हैं। आरोप है कि इन्हीं षड्यंत्रों के चलते पुष्पेंद्र लोधी को कानूनी पेचीदगियों में फंसाया जा रहा है। विडंबना यह है कि जिस ब्राह्मण समाज की बेटी को वे न्याय दिलाना चाहते थे, उसी समाज की ओर से उन्हें फंसाने की साजिश की गई है। पोस्ट में विश्वास व्यक्त किया गया है कि जब इस मामले की सच्चाई सामने आएगी, तो ब्राह्मण समाज भी मजबूरी में पुष्पेंद्र लोधी के साथ खड़ा होगा और षड्यंत्रकारी खुद अकेले में रोएंगे। यह भी कहा गया है कि पुष्पेंद्र लोधी का उद्देश्य बलात्कारी को फाँसी दिलाना है। इस मामले में एक बहुत बड़ी साजिश होने का दावा किया गया है, और क्षेत्र में की गई पड़ताल के अनुसार, एक अच्छी जाँच होने पर असली षड्यंत्रकारी सामने आ सकते हैं। ओबीसी एससी एसटी संगठन ने भी निर्दोष पत्रकार पुष्पेंद्र लोधी पर की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।1
- पटेरा थाना क्षेत्र के ग्राम वमनपुरा में पेट्रोल पंप के पास नशा मुक्ति जन आंदोलन के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने तीन पेटी अवैध शराब पकड़ी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां पुलिस और संगठन के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में अवैध शराब जब्त की गई। जब्त की गई शराब में दो पेटी प्लेन और एक पेटी लाल मसाला शराब शामिल थी। इस मामले में पवन कोरी पिता आनंदराम कोरी नामक एक आरोपी को मोटरसाइकिल क्रमांक MP 34 ZA 9719 के साथ पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही हिरासत में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की। भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने बताया कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा। संगठन ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जाए।1