शनिवार को प्रेस क्लब दुद्धी ने सोनभद्र जिले के कस्बा स्थित होटल अथर्व में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व पूर्व विधायक तथा चेरों जनजाति महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिराम चेरो, विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन और पूर्व चेयरमैन राजकुमार अग्रहरि ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस समारोह की अध्यक्षता नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन ने की, जबकि संचालन जगतनारायण विश्वकर्मा ने किया। समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए हरिराम चेरो ने पत्रकारों को लोकतंत्र का सच्चा सजग प्रहरी बताया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के दो शताब्दियों के गौरवशाली इतिहास, साहित्य में इसकी भूमिका और पत्रकारों के योगदान की सराहना की, साथ ही यह भी रेखांकित किया कि पत्रकार सरकार की गलत नीतियों और कार्यों पर लेखन कर आईना दिखाते हैं और सकारात्मक लेखन से सरकार को बुलंदियों तक पहुंचाने में भी मदद करते हैं। उन्होंने पत्रकारों से एकजुटता और निष्पक्षता बनाए रखने का आह्वान किया। डॉ. रामजीत यादव ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 30 मई 1826 को जुगल किशोर शुक्ल द्वारा कोलकाता में प्रकाशित "उदंत मार्तंड" हिंदी का पहला समाचार-पत्र था। डॉ. यादव ने 19वीं सदी के समाज-सुधारकों और साहित्यकारों के योगदान का जिक्र किया, जिनसे सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई और हिंदी साहित्य को मजबूती मिली। कई वक्ताओं ने समकालीन चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बनवासी सेवा आश्रम की डॉ. सुभा प्रेम ने दुद्धी में अंधाधुंध औद्योगीकरण से पर्यावरण को हो रहे गंभीर खतरे पर ध्यान दिलाया और पत्रकारों से पर्यावरण संरक्षण व जागरूकता का मार्ग अपनाने का दायित्व निभाने का आग्रह किया। सिविल बार संघ अध्यक्ष रामलोचन तिवारी एडवोकेट ने आज की पत्रकारिता को एक बड़ी चुनौती बताया, जिसके बावजूद पत्रकारों को सजगता से काम करना पड़ रहा है, और उन्होंने पत्रकारों से निर्भीक व जागरूक होकर निष्पक्ष समाचार आम जनता तक पहुंचाने की अपील की। डॉ. लवकुश प्रजापति ने पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि एक अंदरूनी आंदोलन और प्रतिबद्धता बताया, जो आम जनता को जोखिम भरी जानकारियां देता है। वरिष्ठ पत्रकार ख्वाजा खान व सुरेंद्र अग्रहरि ने आपसी मतभेद भुलाकर निष्पक्ष व शुद्ध समाचार संकलन पर जोर दिया। पूर्व नगर अध्यक्ष राजकुमार ने कहा कि निष्पक्ष लेखन से सरकारों में पारदर्शिता और जवाबदेही लाई जा सकती है, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघ चालक रविंद्र जायसवाल ने स्थानीय माफियाओं, गुटबाजी और भ्रष्टाचार पर लेखन द्वारा वार करने का आग्रह किया। अधिवक्ता रामपाल जौहरी ने हिंदी व ब्रजभाषा में शुरुआती प्रकाशनों और लेखन की शुद्धता के महत्व को रेखांकित किया। प्रेस क्लब दुद्धी ने समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों और समाजसेवियों का अंगवस्त्रम और माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस अवसर पर दुद्धी तहसील के पत्रकारों को पुरस्कृत कर सम्मानित भी किया गया। तहसीलदार अंजनी गुप्ता ने हिंदी पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में अमरनाथ जायसवाल, दुद्धी बार अध्यक्ष कुलभूषण पांडे, अजीत पांडे, चंद्रशेखर पांडे, अरुण पांडे, प्रमोद कुमार, देवेश मोहन, जितेंद्र कुमार चंद्रवंशी, प्रभात कुमार, विष्णु अग्रहरि, मदन तिवारी, भीम जायसवाल, जितेंद्र अग्रहरि, शमीम अंसारी, अशोक दुबे, राफे खा, सेराज खा, राजीव मिश्रा, नीतीश कुमार, समर जायसवाल, विनोद कुमार, राकेश कन्नौजिया, विवेक सिंह, नितेश कुमार सहित सैकड़ों पत्रकार और स्थानीय प्रशासन व समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन हिंदी पत्रकारिता की विरासत और भविष्य को संजोने तथा एकजुट होकर काम करने के संकल्प के साथ हुआ।
शनिवार को प्रेस क्लब दुद्धी ने सोनभद्र जिले के कस्बा स्थित होटल अथर्व में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व पूर्व विधायक तथा चेरों जनजाति महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिराम चेरो, विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन और पूर्व चेयरमैन राजकुमार अग्रहरि ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस समारोह की अध्यक्षता नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन ने की, जबकि संचालन जगतनारायण विश्वकर्मा ने किया। समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए हरिराम चेरो ने पत्रकारों को लोकतंत्र का सच्चा सजग प्रहरी बताया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के दो शताब्दियों के गौरवशाली इतिहास, साहित्य में इसकी भूमिका और पत्रकारों के योगदान की सराहना की, साथ ही यह भी रेखांकित किया कि पत्रकार सरकार की गलत नीतियों और कार्यों पर
लेखन कर आईना दिखाते हैं और सकारात्मक लेखन से सरकार को बुलंदियों तक पहुंचाने में भी मदद करते हैं। उन्होंने पत्रकारों से एकजुटता और निष्पक्षता बनाए रखने का आह्वान किया। डॉ. रामजीत यादव ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 30 मई 1826 को जुगल किशोर शुक्ल द्वारा कोलकाता में प्रकाशित "उदंत मार्तंड" हिंदी का पहला समाचार-पत्र था। डॉ. यादव ने 19वीं सदी के समाज-सुधारकों और साहित्यकारों के योगदान का जिक्र किया, जिनसे सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई और हिंदी साहित्य को मजबूती मिली। कई वक्ताओं ने समकालीन चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बनवासी सेवा आश्रम की डॉ. सुभा प्रेम ने दुद्धी में अंधाधुंध औद्योगीकरण से पर्यावरण को हो रहे गंभीर खतरे पर ध्यान दिलाया और पत्रकारों से पर्यावरण संरक्षण व जागरूकता का मार्ग अपनाने का दायित्व निभाने का आग्रह किया। सिविल
बार संघ अध्यक्ष रामलोचन तिवारी एडवोकेट ने आज की पत्रकारिता को एक बड़ी चुनौती बताया, जिसके बावजूद पत्रकारों को सजगता से काम करना पड़ रहा है, और उन्होंने पत्रकारों से निर्भीक व जागरूक होकर निष्पक्ष समाचार आम जनता तक पहुंचाने की अपील की। डॉ. लवकुश प्रजापति ने पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि एक अंदरूनी आंदोलन और प्रतिबद्धता बताया, जो आम जनता को जोखिम भरी जानकारियां देता है। वरिष्ठ पत्रकार ख्वाजा खान व सुरेंद्र अग्रहरि ने आपसी मतभेद भुलाकर निष्पक्ष व शुद्ध समाचार संकलन पर जोर दिया। पूर्व नगर अध्यक्ष राजकुमार ने कहा कि निष्पक्ष लेखन से सरकारों में पारदर्शिता और जवाबदेही लाई जा सकती है, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघ चालक रविंद्र जायसवाल ने स्थानीय माफियाओं, गुटबाजी और भ्रष्टाचार पर लेखन द्वारा वार करने का आग्रह किया। अधिवक्ता रामपाल जौहरी ने हिंदी व ब्रजभाषा में शुरुआती
प्रकाशनों और लेखन की शुद्धता के महत्व को रेखांकित किया। प्रेस क्लब दुद्धी ने समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों और समाजसेवियों का अंगवस्त्रम और माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस अवसर पर दुद्धी तहसील के पत्रकारों को पुरस्कृत कर सम्मानित भी किया गया। तहसीलदार अंजनी गुप्ता ने हिंदी पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में अमरनाथ जायसवाल, दुद्धी बार अध्यक्ष कुलभूषण पांडे, अजीत पांडे, चंद्रशेखर पांडे, अरुण पांडे, प्रमोद कुमार, देवेश मोहन, जितेंद्र कुमार चंद्रवंशी, प्रभात कुमार, विष्णु अग्रहरि, मदन तिवारी, भीम जायसवाल, जितेंद्र अग्रहरि, शमीम अंसारी, अशोक दुबे, राफे खा, सेराज खा, राजीव मिश्रा, नीतीश कुमार, समर जायसवाल, विनोद कुमार, राकेश कन्नौजिया, विवेक सिंह, नितेश कुमार सहित सैकड़ों पत्रकार और स्थानीय प्रशासन व समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन हिंदी पत्रकारिता की विरासत और भविष्य को संजोने तथा एकजुट होकर काम करने के संकल्प के साथ हुआ।
- सोनभद्र जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक प्रसूता की जान चली गई। आरोप है कि सरकारी अस्पताल से रेफर की गई गर्भवती महिला को एक अवैध निजी अस्पताल पहुँचा दिया गया, जबकि उसे निर्धारित स्वास्थ्य केंद्र ले जाना था। ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल से जुड़े लोग मौके से फरार हो गए। प्रशासन की जाँच में अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित पाया गया, जिसके फलस्वरूप उसे सील कर संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोन थाना क्षेत्र के सोना सिंगा गाँव निवासी सीमा पत्नी देवनारायण को प्रसव पीड़ा होने पर कचनरवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। चिकित्सकीय जाँच के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोन रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि 108 एम्बुलेंस द्वारा प्रसूता को सीएचसी कोन ले जाने के बजाय सीधे कोन बाजार स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल पहुँचा दिया गया। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और वहाँ मौजूद चिकित्सक व अन्य जिम्मेदार लोग मौके से फरार हो गए, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। मामले की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने तत्काल जाँच के निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कीर्ति आजाद बिन्द एवं क्षेत्राधिकारी कोन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुँचकर जाँच की। जाँच में सामने आया कि ग्लोबल हॉस्पिटल बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहा था। इसके बाद प्रशासन ने अस्पताल को तत्काल सील कर दिया। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए अस्पताल संचालक नसीम अहमद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1
- सोनभद्र जिले में पड़ रही भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेजुबान वन्यजीवों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसी का नतीजा है कि चोपन ब्लॉक के बर्दिया स्थित वन विभाग के प्लांटेशन क्षेत्र में जंगली नीलगायों का एक झुंड पानी की तलाश में भटकता हुआ नजर आया। गिरता जलस्तर और लगातार सूखते जलस्रोत वन्यजीवों के अस्तित्व के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए, प्रकृति और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल संरक्षण को आज के समय की सबसे बड़ी और आवश्यक जरूरत बताया जा रहा है।1
- सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र में एक युवक और एक युवती के बीच आपसी विवाद सामने आया है। इस विवाद के दौरान युवक द्वारा असलहा प्रदर्शित किया गया। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा ने बयान जारी कर जानकारी दी है।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ थाना रामपुर बर्कोनिया के धर्मदासपुर गांव में अराजकतत्वों ने एक मंदिर पर हमला किया है। इस हमले में उपद्रवियों ने हनुमानजी की मूर्ति को तोड़कर नाली में फेंक दिया। हमलावरों ने मंदिर को भी काफी नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने मंदिर के शिखर को क्षत-विक्षत कर दिया और मंदिर में लगे घंटे तथा झंडे को निकालकर खेत में फेंक दिया। यह हनुमानजी की मूर्ति शीतला मंदिर के प्रांगण में रखी गई थी। यह भी बताया गया है कि पूर्व में भी सोनभद्र के कई अलग-अलग इलाकों में मंदिरों पर हमले हो चुके हैं।4
- थाना चोपन क्षेत्रान्तर्गत एक घटना सामने आई है जहाँ एक युवक और युवती के बीच आपसी विवाद हुआ। इस दौरान युवक ने असलहे का प्रदर्शन किया। नगर क्षेत्राधिकारी श्री रणधीर मिश्रा ने इस मामले के संबंध में जानकारी दी है।1
- सोनभद्र जिले के बीजपुर थाना क्षेत्र में धरती डांड स्थित मोटकी मुकुट पहाड़ी मंदिर के पास एक नाले में महिला का कंकाल मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान पड़ोसी म्योरपुर थाना क्षेत्र से बीते 20 दिनों से लापता पार्वती के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, म्योरपुर थाना क्षेत्र के झानी पाथर निवासी विनोद कुमार की पत्नी पार्वती विगत 10 मई को अपने बच्चों से म्योरपुर बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी, जिसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कुछ पता नहीं चला, तो परिजनों द्वारा 19 मई को म्योरपुर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शनिवार सुबह धरती डांड के मोटकी मुकुट पहाड़ी मंदिर के पास नाले में गाय-बकरी चराने गए ग्रामीणों की नजर एक कंकाल पर पड़ी। नाले में मानव कंकाल दिखने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते वहां ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची बीजपुर थाना पुलिस ने कंकाल को अपने कब्जे में ले लिया, और शिनाख्त के दौरान उसकी पहचान लापता पार्वती के रूप में हुई। मृतका के पति विनोद कुमार, जो कि आदिवासी समुदाय से हैं, अपनी ससुराल में ही रहते थे और वर्तमान में जीविकोपार्जन के लिए अहमदाबाद में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत हैं। पार्वती अपने पीछे शौर्यांश (8 वर्ष), आर्य (6 वर्ष) और जया (डेढ़ वर्ष) नामक तीन मासूम बच्चों को छोड़ गई हैं। महिला का कंकाल मिलने के बाद पुलिस ने शव के अवशेषों को पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस इन सभी पहलुओं और प्रेम-प्रसंग या हत्या जैसी आशंकाओं को ध्यान में रखकर गहनता से तफ्तीश कर रही है कि महिला की मौत कैसे हुई और उसका शव म्योरपुर से इतनी दूर बीजपुर थाना क्षेत्र के नाले में कैसे पहुंचा।4
- सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के लिए भर्ती आशा बहू सीमा देवी की ऑपरेशन के दौरान मृत्यु हो गई। इस घटना में नवजात शिशु सुरक्षित बताया जा रहा है, लेकिन मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजन की सूचना पर सैकड़ों ग्रामीण भी तत्काल अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद, पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए घटना की जांच में जुट गई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।1
- गढ़वा जिले के रामासाऊ फील्ड इलाके में शुक्रवार सुबह एक युवक का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने जब अपने दैनिक कार्यों के लिए घरों से निकलना शुरू किया, तभी उनकी नज़र इस शव पर पड़ी, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले के हर पहलू की गहराई से जांच में जुटी हुई है। इसके साथ ही, पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी तथ्यों की भी जांच कर रही है, ताकि घटना की सच्चाई का पता चल सके। इस घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे आत्महत्या मान रहे हैं, वहीं कई लोगों के मन में हत्या की आशंका भी बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने अभी तक किसी भी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही युवक की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि यह आत्महत्या है या हत्या, या फिर इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है।1