जिलाधिकारी कपिल सिंह ने अकबरपुर स्थित जिला महिला चिकित्सालय में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जय गोविंद और जिला महिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्साधीक्षक की उपस्थिति में फीता काटा। अभियान की शुरुआत उन्होंने "बेबी ऑफ सबीना" को पोलियो ड्रॉप्स पिलाकर की, जिससे जनजागरूकता का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान, जिलाधिकारी ने उपस्थित माताओं और परिजनों को संबोधित करते हुए पोलियो को एक गंभीर एवं संक्रामक बीमारी बताया, जिससे बच्चों में स्थायी शारीरिक विकलांगता उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समय पर पोलियो की खुराक दिए जाने से बीमारी से प्रभावी बचाव संभव है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने जन्म से 5 वर्ष तक के बच्चों को प्रत्येक चरण में पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं। जिलाधिकारी ने पल्स पोलियो अभियान को बच्चों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का अभियान बताते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि कोई भी पात्र बच्चा दवा से वंचित न रहे और घर-घर पहुंचकर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोलियो मुक्त समाज के निर्माण में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुख्य चिकित्साधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में अभियान के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं तथा बूथों के साथ-साथ स्वास्थ्य टीमों द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधीक्षक महिला चिकित्सालय डॉ. वंदना सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस. एल. वर्मा, एमओआईसी डॉ. खान सहित अन्य चिकित्सकगण, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने अकबरपुर स्थित जिला महिला चिकित्सालय में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जय गोविंद और जिला महिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्साधीक्षक की उपस्थिति में फीता काटा। अभियान की शुरुआत उन्होंने "बेबी ऑफ सबीना" को पोलियो ड्रॉप्स पिलाकर की, जिससे जनजागरूकता का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान, जिलाधिकारी ने उपस्थित माताओं और परिजनों को संबोधित करते हुए पोलियो को एक गंभीर एवं संक्रामक बीमारी बताया, जिससे बच्चों में स्थायी शारीरिक विकलांगता उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समय पर पोलियो की खुराक दिए जाने से बीमारी से प्रभावी बचाव संभव है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने जन्म से 5 वर्ष तक के बच्चों को प्रत्येक चरण में पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं। जिलाधिकारी ने पल्स पोलियो अभियान को बच्चों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का अभियान बताते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि कोई भी पात्र बच्चा दवा से वंचित न रहे और घर-घर पहुंचकर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोलियो मुक्त समाज के निर्माण में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुख्य चिकित्साधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में अभियान के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं तथा बूथों के साथ-साथ स्वास्थ्य टीमों द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधीक्षक महिला चिकित्सालय डॉ. वंदना सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस. एल. वर्मा, एमओआईसी डॉ. खान सहित अन्य चिकित्सकगण, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- जालौन जिले के कोंच से एक महिला ने अपने 13 वर्षीय बेटे को बाल गृह से वापस न मिलने पर पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि उसका बेटा बाल गृह में सुरक्षित मिल चुका है, लेकिन सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद पिछले 15 दिनों से उसे सौंपा नहीं गया है। इस मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच का आश्वासन दिया है।3
- जालौन के माधौगढ़ में जगम्मनपुर निवासी दीक्षा रावत ने अपने परिवार की आखिरी संपत्ति को बचाने के लिए उपनिबंधक कार्यालय में एक प्रार्थना पत्र दिया है। दीक्षा ने आरोप लगाया है कि उनके पति गौतम रावत शराब के आदी हैं और उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं रहती, जिससे उन्हें पैतृक संपत्ति के गलत तरीके से हस्तांतरण का डर है। महिला ने अनुरोध किया है कि ग्राम जगम्मनपुर के हुसेपुरा मेन रोड स्थित मकान संख्या 153, जिसमें तीन दुकानें बनी हैं, से संबंधित किसी भी दस्तावेज का पंजीकरण बिना आवश्यक कानूनी जांच के न किया जाए, क्योंकि यह मकान और दुकानें परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा हैं। दीक्षा के अनुसार, उनके पति पहले भी नशे की हालत में पैतृक जमीन बेच चुके हैं, जिससे परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ था। अब उन्हें आशंका है कि पति इस मकान और दुकानों को भी बैनामा, हिबानामा, मुहायदानामा या किसी अन्य माध्यम से हस्तांतरित करा सकते हैं। महिला ने उपनिबंधक से मांग की है कि यदि उनके पति किसी दस्तावेज के पंजीकरण के लिए कार्यालय आते हैं, तो उनकी वैधानिक पात्रता और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। यह मामला फिलहाल उपनिबंधक कार्यालय के संज्ञान में है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित पक्ष यानी पति का पक्ष सामने आया है। अब सक्षम अधिकारी द्वारा इस प्रार्थना पत्र पर नियमानुसार निर्णय लिया जाना बाकी है।1
- उरई के राजकीय मेडिकल कॉलेज में रविवार को अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के दौरान, अस्पताल परिसर में आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को राहत एवं बचाव कार्यों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। फायर सेफ्टी टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने, मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपातकालीन निकासी की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया, साथ ही अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग और सुरक्षा मानकों के पालन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। यह मॉक ड्रिल मेडिकल कॉलेज की आपदा प्रबंधन तैयारियों को परखने और सभी कर्मचारियों को किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार करने के लिए आयोजित की गई थी। इस महत्वपूर्ण अभ्यास में फायर ब्रिगेड के चंद्रशेखर यादव, फायर नोडल अधिकारी डॉ. चरक सांगवान और इमरजेंसी प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।3
- उत्तर प्रदेश अब देश और दुनिया भर के निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है, जहाँ बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग-अनुकूल नीतियाँ और सिंगल विंडो सिस्टम जैसी सुविधाओं के कारण लगातार बड़े निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। हाल ही में हुए निवेशक कार्यक्रमों और रोड शो में भी प्रदेश को हजारों करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाना है, जिसके लिए आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स, एमएसएमई, पर्यटन और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में तेजी से निवेश आकर्षित किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि ये निवेश बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेंगे। निवेशकों को पारदर्शी और त्वरित अनुमोदन प्रक्रियाएँ उपलब्ध कराकर, उत्तर प्रदेश देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहा है।1
- जालौन के माधौगढ़ नगर पंचायत के वार्ड नंबर-1 में बन रहे नाले की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस सरकारी निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी कर खुलेआम 'तीन नंबर' की ईंटों और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। वार्डवासियों का कहना है कि नाले की नींव में गिट्टी के बजाय टूटी-फूटी ईंटों का प्रयोग किया गया है, जिससे निर्माण की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। सोनू शाक्य के मकान से गुप्ता जी के मकान तक बनाए जा रहे इस नाले में कथित तौर पर निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग होने से वार्डवासियों में भारी नाराजगी है। उनका मानना है कि यदि यही स्थिति रही तो नाला जल्द ही क्षतिग्रस्त हो जाएगा और सरकारी धन की बर्बादी होगी। शिकायत मिलने पर जिला योजना समिति सदस्य अरविंद सिंह सेंगर ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, मौजूद कारीगरों और कर्मचारियों ने कथित रूप से बताया कि ठेकेदार देवेंद्र भदौरिया के निर्देश पर ही तीन नंबर की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर संबंधित जूनियर इंजीनियर अनिल कुमार ने कहा कि शिकायत उनके संज्ञान में है और निर्माण कार्य की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि गुणवत्ता में कमी या मानकों का उल्लंघन पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वार्डवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण नाला निर्माण की मांग की है।1
- कानपुर देहात जिला कारागार का हाल ही में जिला जज रविन्द्र सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रणविजय सिंह, जिलाधिकारी कपिल सिंह, और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने कारागार परिसर के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से अवलोकन किया, जिसमें बंदी गृह, बैरक, भोजनालय और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयाँ शामिल थीं। निरीक्षण के दौरान कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था, उनके रहन-सहन की स्थिति, स्वच्छता के मानकों, भोजन की गुणवत्ता और समग्र प्रबंधन प्रणाली का गहनता से जायजा लिया गया। इसके अतिरिक्त, कारागार में तैनात सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और कैदियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। इस संयुक्त निरीक्षण के उपरांत, संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। यह कदम जिला प्रशासन और न्यायिक प्रणाली की कारागार प्रबंधन के प्रति सजगता तथा सुधारों के लिए उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- उत्तर प्रदेश में विकास, रोजगार और सरकारी नौकरियों के संबंध में लगातार सकारात्मक खबरें सामने आ रही हैं। प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं, औद्योगिक निवेश और भर्ती प्रक्रियाओं ने युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए हैं, जिससे प्रदेश की आर्थिक प्रगति और युवाओं के बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम देखे जा रहे हैं। इसी कड़ी में गोरखपुर क्षेत्र को बड़ी सौगातें मिली हैं, जहाँ विकास परियोजनाओं को नई गति मिल रही है। बुनियादी ढांचे के विस्तार और कनेक्टिविटी में सुधार से पूर्वांचल के आर्थिक विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी नए औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिला है। इन क्षेत्रों में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं के लिए हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। औद्योगिक परियोजनाओं, निवेश और विकास कार्यों के चलते पूरे प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, और सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में भर्तियों की प्रक्रिया भी जारी है। पात्र अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने की सलाह दी गई है। प्रदेश में विकास, निवेश, रोजगार और भर्ती प्रक्रियाओं में आई यह तेजी उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति और युवाओं के बेहतर भविष्य की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।1
- जय हिंद भारत! कानपुर देहात के फतेहपुर मुशंगार में पुलिस मोहम्मद अनीश कुरैशी को पकड़ने पहुंची थी। इसी घटना के संदर्भ में तिवारी का एक वीडियो भी सामने आया है।1