होली में रंग लगाने के नाम पर लड़की से छेड़छाड़.."वीडियो जारी कर बताया दर्द".. ! होली में रंग लगाने के नाम पर लड़की से छेड़छाड़.."वीडियो जारी कर बताया दर्द".. ! कोतवाली वृंदावन थाना क्षेत्र का मामला ll मथुरा, उत्तर प्रदेश ll एक युवती दर्शन के लिए वृंदावन गई थी, लेकिन सड़क पर घूम रहे कुछ मनचलों ने उसके साथ बदसलूकी की और जबरन उसके चेहरे व पूरे शरीर पर रंग लगा दिया। लड़की का सवाल है कि.....क्या इन सड़क पर घूम रहे आवारा लोगों की वजह से मुझे वृंदावन आना ही छोड़ देना चाहिए...? वृंदावन में होली के दौरान युवती के साथ हुई इस घटना ने एक बार फिर त्योहार के नाम पर होने वाली "हुड़दंगबाजी" और "छेड़छाड़" पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में (फरवरी 2026) ब्रज क्षेत्र से ऐसे कई वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें महिलाओं के साथ बदसलूकी और जबरन रंग लगाने की घटनाएं सामने आई हैं।
होली में रंग लगाने के नाम पर लड़की से छेड़छाड़.."वीडियो जारी कर बताया दर्द".. ! होली में रंग लगाने के नाम पर लड़की से छेड़छाड़.."वीडियो जारी कर बताया दर्द".. ! कोतवाली वृंदावन थाना क्षेत्र का मामला ll मथुरा, उत्तर प्रदेश ll एक युवती दर्शन के लिए वृंदावन गई थी, लेकिन सड़क पर घूम रहे कुछ मनचलों ने उसके साथ बदसलूकी की और जबरन उसके चेहरे व पूरे शरीर पर रंग लगा दिया। लड़की का सवाल है कि.....क्या इन सड़क पर घूम रहे आवारा लोगों की वजह से मुझे वृंदावन आना ही छोड़ देना चाहिए...? वृंदावन में होली के दौरान युवती के साथ हुई इस घटना ने एक बार फिर त्योहार के नाम पर होने वाली "हुड़दंगबाजी" और "छेड़छाड़" पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में (फरवरी 2026) ब्रज क्षेत्र से ऐसे कई वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें महिलाओं के साथ बदसलूकी और जबरन रंग लगाने की घटनाएं सामने आई हैं।
- ब्रज की पवित्र धरती… आस्था का केंद्र… और उसी आस्था की आड़ में अगर कानून को खुली चुनौती दी जाए तो सवाल उठना लाज़मी है। क्या राधाकुंड में नियम सिर्फ़ आम लोगों के लिए हैं? और क्या प्रभावशाली लोगों के सामने प्रशासन बेबस हो जाता है? मामला गोवर्धन के कस्बा राधाकुंड स्थित घाट वाले मंदिर—रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी—का है। यहां बिना राधाकुंड नगर पंचायत की अनुमति और बिना नक्शा पास कराए निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। जब इस बारे में नगर पंचायत से जानकारी ली गई तो अधिशासी अधिकारी ने साफ कहा—निर्माण के लिए कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। यानि निर्माण अवैध है। नगर पंचायत के कर्मचारियों ने आनन-फानन में नोटिस तैयार कर महंत केशव दास, शिष्य अनंत दास, को थमाने की कोशिश की। लेकिन जानकारी के मुताबिक महंत केशव दास ने नोटिस लेने से ही मना कर दिया। सवाल यह है—अगर निर्माण वैध है तो नोटिस से परहेज क्यों? यह पहली बार नहीं है जब महंत केशव दास विवादों में आए हों। इससे पहले “भक्ति निवास आश्रम” के नाम पर राधाकुंड परिक्रमा मार्ग में अवैध निर्माण का मामला सामने आया था। जिस भूमि—खसरा नंबर 20, 30, 41—पर आश्रम बनाया गया, उस पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टे आदेश भी दिया गया था। इसके बावजूद निर्माण जारी रहा। आख़िर किसके भरोसे? 12 अक्टूबर 2015 को मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) ने उस बिल्डिंग को सील किया था। बाद में 17 सितंबर 2017 को महंत केशव दास ने प्राधिकरण को शपथ पत्र दिया कि वे स्वयं अवैध निर्माण हटा देंगे। लेकिन खबर लिखे जाने तक वह निर्माण जस का तस खड़ा है। तो फिर सवाल सीधा है—MVDA की कार्रवाई कागजों तक सीमित क्यों रह जाती है? सीलिंग के बाद भी निर्माण कैसे कायम है? शपथ पत्र के बाद भी तोड़फोड़ क्यों नहीं हुई? स्थानीय लोगों का आरोप है कि जो भी शिकायत करने की कोशिश करता है, उसे या तो झूठे मुकदमों में फंसा दिया जाता है या आर्थिक दबाव डालकर चुप करा दिया जाता है। अगर यह सच है, तो यह सिर्फ अवैध निर्माण का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। अब निगाहें टिकी हैं लक्ष्मी एन. पर, जो वर्तमान में MVDA की सचिव हैं और पूरे मथुरा जिले में ताबड़तोड़ कार्रवाई के लिए जानी जाती हैं। क्या राधाकुंड में भी वैसी ही सख्ती देखने को मिलेगी? या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? ब्रज की पवित्रता सिर्फ भजन और आस्था से नहीं बचती—वह कानून के पालन से भी सुरक्षित रहती है। अब देखना यह है कि राधाकुंड में कानून की जीत होती है… या प्रभाव की। क्योंकि सवाल सिर्फ एक मंदिर का नहीं—पूरे सिस्टम की साख का है।1
- Post by ATV INDIA HD (Ajeet chauhan)1
- *रंगभरनी एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं हेतु फलाहार की व्यवस्था* रंगभरनी एकादशी के पावन अवसर पर नगर निगम मथुरा–वृंदावन द्वारा वृंदावन क्षेत्र में सौ फुटा मार्ग के समीप श्रद्धालुओं एवं परिक्रमार्थियों के लिए फलाहार की समुचित व्यवस्था की गई। इस अवसर पर नगर आयुक्त महोदय श्री जग प्रवेश जी, माननीय उपसभापति श्री मुकेश सारस्वत सहित अन्य माननीय पार्षदगण एवं नगर निगम के अधिकारियों द्वारा श्रद्धालुओं को केला, सेव, बेर, पेठा एवं संतरा आदि फलाहार वितरित किए गए। नगर निगम द्वारा पर्व के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सुविधा, सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं एवं सुचारु संचालन को प्राथमिकता देते हुए यह व्यवस्था सुनिश्चित की गई ।1
- Post by Subhash Chand3
- Post by INDIA CIRCLE NEWS2
- dono pulish vale aapas me bhid gye fir Jo aage hua1
- Post by Brajvir Singh1
- बरसाना लठमार होली में हुरीयारों पर बरसाई लाठियां1