एक महिला यात्री 6 मार्च को अपने पति और 3 साल के बच्चे के साथ ट्रेन संख्या 17057 देवगिरी एक्सप्रेस में यात्रा कर रही थी। इस दौरान उसे बेहद दु:खद और अपमानजनक अनुभव हुआ। एक महिला यात्री 6 मार्च को अपने पति और 3 साल के बच्चे के साथ ट्रेन संख्या 17057 देवगिरी एक्सप्रेस में यात्रा कर रही थी। इस दौरान उसे बेहद दु:खद और अपमानजनक अनुभव हुआ। टिकट कन्फर्म नहीं हुआ था, लेकिन जाना जरूरी था, इसलिए ट्रेन में चढ़ गई, टीटीई ने पेनल्टी लगाई और हमारे साथ अपमानजनक व्यवहार किया। इगतपुरी स्टेशन पर आरपीएफ के ASI किरण पाथड़े ने गिरफ्तार करने की धमकी भी दी। जुर्माना भरने के बाद भी हमें मुम्बई सीएसटी से संभाजी नगर तक ट्रेन के दरवाजे के पास बैठना पड़ा, कोई बर्थ नहीं दिया गया। इस संबंध में भुसावल डिवीजन द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया कि रेलवे नियम के अनुसार, यदि चार्ट बनने के बाद ई-टिकट वेटिंग में रह जाता है तो वह स्वतः रद्द हो जाता है और किराया यात्री के बैंक खाते में वापस कर दिया जाता है। ऐसे में उस टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को बिना वैध टिकट माना जाता है और नियमों के अनुसार उनसे शुल्क लिया जा सकता है। इस मामले में भी यात्री से रेलवे नियमों के तहत शुल्क लिया गया। हालांकि महिला यात्री ने बताया कि आपत्ति पैसे को लेकर नहीं है। मेरा सवाल उस अपमान और मानसिक पीड़ा को लेकर है जो आपके अधिकारियों के व्यवहार से मुझे सहनी पड़ी। यदि कोई यात्री वेटिंग टिकट से यात्रा कर रहा है तो इसका मतलब यह नहीं कि उसके साथ असम्मानजनक व्यवहार किया जाए या उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई जाए। हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक व्यवहार पाने का अधिकार है। पूरा मामला देखने के बाद पता चलता है कि रेलवे भी अपनी जगह सही है। महिला यात्री जिसे जाने की मजबूरी है उससे कम से कम वेटिंग टिकट के साथ बर्थ उपलब्ध करवाकर यात्रा की अनुमति मिलनी चाहिए क्योंकि उसके पास एक बच्चा भी है। वैसे ट्रेनों में भीड़ पहले से हीं होती है। वेटिंग लिस्ट यात्रियों को नियमत: जनरल कोच में सफर करना होता है जिसकी काउंटर टिकट होती है वे उसी टिकट पर यात्रा करने को मान्य होते हैं, जबकि ऑनलाइन टिकट वाले यात्रियों को जनरल टिकट लेना पड़ता है। लेकिन बात ये आती है कि जनरल क्लास पहले से हीं फूल रहती है उसमें चालाक लोग हीं सीट लूट पाते हैं।
एक महिला यात्री 6 मार्च को अपने पति और 3 साल के बच्चे के साथ ट्रेन संख्या 17057 देवगिरी एक्सप्रेस में यात्रा कर रही थी। इस दौरान उसे बेहद दु:खद और अपमानजनक अनुभव हुआ। एक महिला यात्री 6 मार्च को अपने पति और 3 साल के बच्चे के साथ ट्रेन संख्या 17057 देवगिरी एक्सप्रेस में यात्रा कर रही थी। इस दौरान उसे बेहद दु:खद और अपमानजनक अनुभव हुआ। टिकट कन्फर्म नहीं हुआ था, लेकिन जाना जरूरी था, इसलिए ट्रेन में चढ़ गई, टीटीई ने पेनल्टी लगाई और हमारे साथ अपमानजनक व्यवहार किया। इगतपुरी स्टेशन पर आरपीएफ के ASI किरण पाथड़े ने गिरफ्तार करने की धमकी भी दी। जुर्माना भरने के बाद भी हमें मुम्बई सीएसटी से संभाजी नगर तक ट्रेन के दरवाजे के पास बैठना पड़ा, कोई बर्थ नहीं दिया गया। इस संबंध में भुसावल डिवीजन द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया कि रेलवे नियम के अनुसार, यदि चार्ट बनने के बाद ई-टिकट वेटिंग में रह जाता है तो वह स्वतः रद्द हो जाता है और किराया यात्री के बैंक खाते में वापस कर दिया जाता है। ऐसे में उस टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को बिना वैध टिकट माना जाता है और नियमों के अनुसार उनसे शुल्क लिया जा सकता है। इस मामले में भी यात्री से रेलवे नियमों के तहत शुल्क लिया गया। हालांकि महिला यात्री ने बताया कि आपत्ति पैसे को लेकर नहीं है। मेरा सवाल उस अपमान और मानसिक पीड़ा को लेकर है जो आपके अधिकारियों के व्यवहार से मुझे सहनी पड़ी। यदि कोई यात्री वेटिंग टिकट से यात्रा कर रहा है तो इसका मतलब यह नहीं कि उसके साथ असम्मानजनक व्यवहार किया जाए या उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई जाए। हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक व्यवहार पाने का अधिकार है। पूरा मामला देखने के बाद पता चलता है कि रेलवे भी अपनी जगह सही है। महिला यात्री जिसे जाने की मजबूरी है उससे कम से कम वेटिंग टिकट के साथ बर्थ उपलब्ध करवाकर यात्रा की अनुमति मिलनी चाहिए क्योंकि उसके पास एक बच्चा भी है। वैसे ट्रेनों में भीड़ पहले से हीं होती है। वेटिंग लिस्ट यात्रियों को नियमत: जनरल कोच में सफर करना होता है जिसकी काउंटर टिकट होती है वे उसी टिकट पर यात्रा करने को मान्य होते हैं, जबकि ऑनलाइन टिकट वाले यात्रियों को जनरल टिकट लेना पड़ता है। लेकिन बात ये आती है कि जनरल क्लास पहले से हीं फूल रहती है उसमें चालाक लोग हीं सीट लूट पाते हैं।
- इंदौर के सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में हाल ही में एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग एक केमिकल/ऑयल पेंट फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिसने आसपास की अन्य फैक्ट्रियों (कार्डबोर्ड और अन्य इकाइयों) को भी अपनी चपेट में ले लिया।1
- इंदौर में स्वर्गीय श्री छोगालाल उस्ताद जी की स्मृति में हुआ भव्य फ़ाग महोत्सव रानीपुर स्थित नई बांगड में किया गया कार्यक्रम आयोजित 49 वर्षों से किया जा रहा है आयोजन विभिन्न समाज के लोग इस कार्यक्रम में उपस्थित होते हैं एंकर इंदौर के रानीपुर स्थित स्वर्गीय श्री छोगालाल उस्ताद जी की स्मृति में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी बड़ी धूमधाम और हर्षोउल्लास और सांस्कृतिक रूप से भाग महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें बुंदेलखंड से आए कलाकारों ने प्रस्तुति दी तो वहीं विभिन्न समाज द्वारा भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। वियो इंदौर में स्वर्गीय श्री छोगालाल उस्ताद जी की स्मृति में पिछले 49 वर्षों से रानीपुरा स्थित नई बागड़ में फाग उत्सव का आयोजन किया जा रहा है यह उत्सव में प्रतिवर्ष अलग-अलग राज्यों से कलाकारों को बुलाकर सम्मानित करने के साथी कार्यक्रम आयोजित किया जाता है पृथ्वीराज उस्ताद पिपले, अनिल पिपले के द्वारा बताया गया कि परिवार हमेशा से शहर और देश हित में युवाओं को जोड़ता हुआ आया है और हमारे पूर्वज स्वर्गीय श्री छोगालाल जी उस्ताद के द्वारा कई युवाओं को भविष्य में आगे की राह दिखाइए और उनकी स्मृति में हम यह आयोजन करते हैं सुमधुर संगीत के साथ भजन संध्या का आयोजन किया जाता है इस वर्ष बुंदेलखंड से विशेष कलाकार आए हैं जिनका सम्मान करने के बाद उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन किया हमारा उद्देश्य केवल सांस्कृतिक और संस्कार को लोगों तक पहुंचना है ताकि युवा पीढ़ी अपने संस्कारों से जुड़ी रहे इसी कारण से यह कार्यक्रम को नियंत्रित किया जा रहा है और आगे भी किया जाएगा बाइट पृथ्वीराज उस्ताद पिपले, आयोजन समिति इंदौर1
- सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर जतिन शुक्ला ने इंदौर में मांगी माफी एडिशनल डीसीपी, क्राइम से कहा,मुझसे गलती हुई, पहले भी माफी मांग चुका हूं। मेरा उद्देश्य इंदौर या किसी का अपमान करने का नहीं था सांसद शंकर लालवानी से भी माफी मांगी है आगे ऐसी गलती नहीं होगी यहां देखें जतिन का माफी मांगने वाला वीडियो1
- इंदौर पुलिस की क्राइम ब्रांच पहुंचे सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर जतिन शुक्ला सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर जतिन शुक्ला ने इंदौर में मांगी माफी एडिशनल डीसीपी, क्राइम से कहा,मुझसे गलती हुई, पहले भी माफी मांग चुका हूं। मेरा उद्देश्य इंदौर या किसी का अपमान करने का नहीं था सांसद शंकर लालवानी से भी माफी मांगी है आगे ऐसी गलती नहीं होगी यहां देखें जतिन का माफी मांगने वाला वीडियो1
- Post by Ramkrishna sheliya1
- झारखंड के राजरप्पा मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर में युवक के साथ उसकी पत्नी और मां के सामने की सुरक्षाकर्मियों ने की बर्बरता से मारपीट1
- इंदौर - इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र के मौजूद बाबा ट्रेवल्स के गोडाउन में लगी भीषण आग, आगजनी की घटना के कारण गोडाउन में खड़ी एक बस और गोडाउन हुआ जलकर खाक पांच से अधिक पानी के टैंकरों के माध्यम से आगजनी की घटना पर काबू करने के प्रयास जारी। संभवतः शर्ट सर्किट के कारण हुई घटित हुई आगजनी की घटना आग का धुआं चार से पांच किलोमीटर दूर से आसानी से देखा जा सकता था फिलहाल घटना में किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई।1
- मध्यपूर्व जल रहा है, भारतीय फंसे हुए हैं, तेल का कोई पता नहीं। मोदी जी, ट्रम्प के आगे झुकना बंद करो।🔴#BREAKING | 'हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है', मिडिल-ईस्ट पर बोले राहुल गांधी #MiddleEast | #RahulGandhi1
- मध्य प्रदेश के उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। इसी के तहत शहर में कई प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है ताकि लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इस विकास कार्य में उज्जैन के स्थानीय निवासियों ने एक अनोखी मिसाल पेश की है। कई इलाकों में रहने वाले परिवारों ने प्रशासन का सहयोग करते हुए अपने घरों और दुकानों के 10 से 20 फीट हिस्से स्वयं तोड़ दिए, जिससे सड़क चौड़ीकरण का काम तेज़ी से आगे बढ़ सके। खास बात यह है कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी लोगों ने आगे बढ़कर इस कार्य में भागीदारी दिखाई और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में अपना योगदान दिया। यह पहल सामाजिक सौहार्द, आपसी सहयोग और विकास की भावना को दर्शाती है। उज्जैन के लोगों का यह कदम पूरे देश के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि जब नागरिक और प्रशासन मिलकर काम करते हैं, तो विकास की राह आसान हो जाती है। वीडियो में देखिए उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम, स्थानीय लोगों का सहयोग और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की खास झलक।1