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कलेक्टर जिस बस में बैठकर पहुंचे जन विश्वास कार्यक्रम में, उसी बस को करा दिया सीज 💥 *बड़ी खबर*💥 *कलेक्टर जिस बस में बैठकर पहुंचे जन विश्वास कार्यक्रम में, उसी बस को करा दिया सीज* रीवा जिले के गुढ़ में 'मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम' में पहुंचे कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी एक्शन मोड में दिखे। जिस बस से वे कार्यक्रम में आए थे, उसमें अनियमितताएं व कमियां मिलने पर उन्होंने तुरंत जांच कराई। नियमों के उल्लंघन पर कलेक्टर के निर्देश पर आरटीओ ने बस को सीज कर बस का फिटनेस किया गया निरस्त ।

1 hr ago
user_Tej pratap Kacher
Tej pratap Kacher
Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

कलेक्टर जिस बस में बैठकर पहुंचे जन विश्वास कार्यक्रम में, उसी बस को करा दिया सीज 💥 *बड़ी खबर*💥 *कलेक्टर जिस बस में बैठकर पहुंचे जन विश्वास कार्यक्रम में, उसी बस को करा दिया सीज* रीवा जिले के गुढ़ में 'मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम' में पहुंचे कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी एक्शन मोड में दिखे। जिस बस से वे कार्यक्रम में आए थे, उसमें अनियमितताएं व कमियां मिलने पर उन्होंने तुरंत जांच कराई। नियमों के उल्लंघन पर कलेक्टर के निर्देश पर आरटीओ ने बस को सीज कर बस का फिटनेस किया गया निरस्त ।

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  • *झूला झूलता मैहर विकास! बिना गाइडलाइन के निर्माण, श्रद्धालु और वाहन चालक परेशान* मैहर। धार्मिक नगरी मैहर में विकास कार्यों की रफ्तार को लेकर भले ही जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। शहर में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाएं कई स्थानों पर दिखाई नहीं दे रही हैं। निर्माण स्थल पर न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड नजर आते हैं, न रेडियम संकेतक और न ही डायवर्सन की स्पष्ट जानकारी देने वाले बोर्ड लगाए गए हैं। स्थिति यह है कि जहां मन आया, वहां निर्माण कार्य के चलते रास्ता बदल दिया जाता है और कई जगह बैरियर लगाकर यातायात को रोक दिया जाता है। इससे मैहर आने वाले बाहर के श्रद्धालुओं और यात्रियों को रास्ता समझने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान यदि स्पष्ट सांकेतिक बोर्ड, रेडियम पट्टियां और सुरक्षित डायवर्सन की व्यवस्था हो तो दुर्घटनाओं की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आज अलाउद्दीन चौक पर देखने को मिला सड़क निर्माण की अव्यवस्था का एक उदाहरण। सतना निवासी एक चार पहिया वाहन सड़क निर्माण के दौरान किनारे पर्याप्त संकेतक और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क से नीचे उतर गया। बाद में क्रेन की मदद से वाहन को वापस सड़क पर लाया गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। शहर में कई जगह सड़कें टुकड़ों-टुकड़ों में बन रही हैं। कहीं सड़क बनी तो कहीं किनारा अधूरा छोड़ दिया गया। निर्माणाधीन मार्गों पर रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब पर्याप्त रेडियम, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत नहीं होने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता। सवाल यह है कि दिन-रात इन्हीं सड़कों से गुजरने वाले जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को यह अव्यवस्था क्यों नजर नहीं आती? यदि शहर में विकास कार्य हो रहे हैं तो उनकी गुणवत्ता, सुरक्षा और निर्माण की निर्धारित गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की है। मैहर की जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि आखिर विकास के नाम पर कब तक एक तरफ सड़क बनाई जाएगी और दूसरी तरफ उसे उखाड़ने जैसी स्थिति पैदा होती रहेगी? क्या विकास का मतलब केवल निर्माण करा देना है, या फिर सुरक्षित, व्यवस्थित और टिकाऊ निर्माण भी विकास का हिस्सा है? मैहर में जनता और बाहर से आने वाले श्रद्धालु विकास का लाभ चाहते हैं, लेकिन ऐसा विकास नहीं जिसमें सड़क पर चलना भी किसी झूले की सवारी जैसा अनुभव बन जाए।
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    *झूला झूलता मैहर विकास! बिना गाइडलाइन के निर्माण, श्रद्धालु और वाहन चालक परेशान*
मैहर। धार्मिक नगरी मैहर में विकास कार्यों की रफ्तार को लेकर भले ही जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। शहर में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाएं कई स्थानों पर दिखाई नहीं दे रही हैं। निर्माण स्थल पर न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड नजर आते हैं, न रेडियम संकेतक और न ही डायवर्सन की स्पष्ट जानकारी देने वाले बोर्ड लगाए गए हैं।
स्थिति यह है कि जहां मन आया, वहां निर्माण कार्य के चलते रास्ता बदल दिया जाता है और कई जगह बैरियर लगाकर यातायात को रोक दिया जाता है। इससे मैहर आने वाले बाहर के श्रद्धालुओं और यात्रियों को रास्ता समझने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान यदि स्पष्ट सांकेतिक बोर्ड, रेडियम पट्टियां और सुरक्षित डायवर्सन की व्यवस्था हो तो दुर्घटनाओं की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आज अलाउद्दीन चौक पर देखने को मिला सड़क निर्माण की अव्यवस्था का एक उदाहरण। सतना निवासी एक चार पहिया वाहन सड़क निर्माण के दौरान किनारे पर्याप्त संकेतक और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क से नीचे उतर गया। बाद में क्रेन की मदद से वाहन को वापस सड़क पर लाया गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
शहर में कई जगह सड़कें टुकड़ों-टुकड़ों में बन रही हैं। कहीं सड़क बनी तो कहीं किनारा अधूरा छोड़ दिया गया। निर्माणाधीन मार्गों पर रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब पर्याप्त रेडियम, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत नहीं होने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता।
सवाल यह है कि दिन-रात इन्हीं सड़कों से गुजरने वाले जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को यह अव्यवस्था क्यों नजर नहीं आती? यदि शहर में विकास कार्य हो रहे हैं तो उनकी गुणवत्ता, सुरक्षा और निर्माण की निर्धारित गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की है।
मैहर की जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि आखिर विकास के नाम पर कब तक एक तरफ सड़क बनाई जाएगी और दूसरी तरफ उसे उखाड़ने जैसी स्थिति पैदा होती रहेगी? क्या विकास का मतलब केवल निर्माण करा देना है, या फिर सुरक्षित, व्यवस्थित और टिकाऊ निर्माण भी विकास का हिस्सा है?
मैहर में जनता और बाहर से आने वाले श्रद्धालु विकास का लाभ चाहते हैं, लेकिन ऐसा विकास नहीं जिसमें सड़क पर चलना भी किसी झूले की सवारी जैसा अनुभव बन जाए।
    user_गोवर्धन गुप्ता
    गोवर्धन गुप्ता
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • brainmaster academy में कन्या भोज कराया गया, प्रदीप सर उँछेहरा अकादमी में गणेश विसर्जन के पूर्व कन्या भोज एवं भंडारा किया गया
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    brainmaster academy में कन्या भोज कराया गया, प्रदीप सर उँछेहरा
अकादमी में गणेश विसर्जन के पूर्व कन्या भोज एवं भंडारा किया गया
    user_Pradeep sir
    Pradeep sir
    Teacher उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मैहर के सेवा संकल्प में बच्चों और शिक्षकों के लिए एक गिलास पानी तक की व्यवस्था नहीं! मैहर में आयोजित सेवा संकल्प कार्यक्रम में बच्चों और शिक्षकों के लिए मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद बच्चों एवं शिक्षकों के लिए एक गिलास पीने के पानी तक की समुचित व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई। ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में बच्चों और शिक्षकों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब सवाल है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का पहले से निरीक्षण क्यों नहीं किया गया? जिम्मेदारों से व्यवस्था की जानकारी और जवाब की मांग। मैहर के सेवा संकल्प में बच्चों और शिक्षकों के लिए एक गिलास पानी तक की व्यवस्था नहीं! मैहर में आयोजित सेवा संकल्प कार्यक्रम में बच्चों और शिक्षकों के लिए मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद बच्चों एवं शिक्षकों के लिए एक गिलास पीने के पानी तक की समुचित व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई। ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में बच्चों और शिक्षकों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब सवाल है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का पहले से निरीक्षण क्यों नहीं किया गया? जिम्मेदारों से व्यवस्था की जानकारी और जवाब की मांग।
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    मैहर के सेवा संकल्प में बच्चों और शिक्षकों के लिए एक गिलास पानी तक की व्यवस्था नहीं!
मैहर में आयोजित सेवा संकल्प कार्यक्रम में बच्चों और शिक्षकों के लिए मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद बच्चों एवं शिक्षकों के लिए एक गिलास पीने के पानी तक की समुचित व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई।
ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में बच्चों और शिक्षकों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब सवाल है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का पहले से निरीक्षण क्यों नहीं किया गया?
जिम्मेदारों से व्यवस्था की जानकारी और जवाब की मांग।
मैहर के सेवा संकल्प में बच्चों और शिक्षकों के लिए एक गिलास पानी तक की व्यवस्था नहीं!
मैहर में आयोजित सेवा संकल्प कार्यक्रम में बच्चों और शिक्षकों के लिए मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद बच्चों एवं शिक्षकों के लिए एक गिलास पीने के पानी तक की समुचित व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई।
ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में बच्चों और शिक्षकों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब सवाल है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का पहले से निरीक्षण क्यों नहीं किया गया?
जिम्मेदारों से व्यवस्था की जानकारी और जवाब की मांग।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    1 hr ago
  • मैहर*मौहरीकटरा में जन-विश्वास कार्यक्रम, अधिकारियों के समक्ष पहुंचीं आमजन की समस्याएं *मौहरीकटरा में जन-विश्वास कार्यक्रम, अधिकारियों के समक्ष पहुंचीं आमजन की समस्याएं* मैहर जिले के मौहरीकटरा में जन-विश्वास कार्यक्रम का आयोजन,कार्यक्रम में मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी, अपर कलेक्टर रोशन राय, एसडीएम एसपी मिश्रा, अमरपाटन तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण और आमजन अपनी समस्याएं एवं शिकायतें लेकर कार्यक्रम में पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं निराकरण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से आमजन को शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाने के संबंध में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मौहारी जनविश्वास कार्यक्रम में रामपुर बघेलान विधायक विक्रम सिंह भैय्या उपस्थित रहे। मौहारी को मिला ISO अवार्ड। कलेक्टर मैहर ने दिया अवार्ड।
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    मैहर*मौहरीकटरा में जन-विश्वास कार्यक्रम, अधिकारियों के समक्ष पहुंचीं आमजन की समस्याएं
*मौहरीकटरा में जन-विश्वास कार्यक्रम, अधिकारियों के समक्ष पहुंचीं आमजन की समस्याएं*
मैहर जिले के मौहरीकटरा में जन-विश्वास कार्यक्रम का आयोजन,कार्यक्रम में मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी, अपर कलेक्टर रोशन राय, एसडीएम एसपी मिश्रा, अमरपाटन तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण और आमजन अपनी समस्याएं एवं शिकायतें लेकर कार्यक्रम में पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं निराकरण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से आमजन को शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाने के संबंध में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मौहारी जनविश्वास कार्यक्रम में रामपुर बघेलान विधायक विक्रम सिंह  भैय्या उपस्थित रहे। मौहारी  को मिला ISO अवार्ड। कलेक्टर मैहर ने दिया अवार्ड।
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच 39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया। 2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं। 1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले! शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है। सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है। अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा। तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच 39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया। 2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं। 1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले! शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है। सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है। अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
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    तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच
39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन 

शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया।
2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल 
पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं।
1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले!
शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है।
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल 
संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। 
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है।
सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है।
अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन
शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच
39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन 
शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया।
2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल 
पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं।
1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले!
शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है।
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल 
संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। 
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है।
सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है।
अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन
शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान: रामपुर बघेलान में प्रशासन का शक्ति प्रदर्शन, एक ही ट्रेवलर में पहुंचा पूरा अमला विधायक, कलेक्टर और एसपी ने दिया भरोसे का संदेश बोले, जनता का विश्वास ही हमारी ताकत,, "रामपुर बाघेलान, सतना। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान को लेकर आज रामपुर बघेलान तहसील कार्यालय में प्रशासनिक अमले का जमावड़ा लगा। अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि *कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, डीएफओ मयंक चांदीवाल, अपर कलेक्टर विकास सिंह, एसडीएम एल.आर. जांगड़े सहित जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी एक साथ एक ही ट्रेवलर में सवार होकर कलेक्ट्रेट सतना से रामपुर बघेलान पहुंचे। तहसील परिसर में *विधायक विक्रम सिंह विक्की और जनपद अध्यक्ष राबेन्द्र सिंह छोटू* के साथ बड़ी बैठक हुई, जिसमें अधिकारियों-कर्मचारियों को अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। विधायक विक्रम सिंह विक्की ने कहा - "यह अभियान सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशा है कि हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। रामपुर में हम हर समस्या का समाधान मौके पर ही करेंगे।" कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा - "इस अभियान का उद्देश्य शासन के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करना है। आज पूरा प्रशासन एक वाहन से इसलिए आया ताकि टीम भावना का संदेश जाए और जनता को लगे कि पूरा प्रशासन उनके साथ खड़ा है। सभी विभाग फील्ड में रहकर निराकरण करेंगे।" पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने कहा - "जन विश्वास में पुलिस की भूमिका सबसे अहम है। हमारा लक्ष्य जनता में सुरक्षा और भरोसे का भाव बढ़ाना है। हम गांव-गांव जाकर संवाद करेंगे और भयमुक्त, अपराधमुक्त समाज बनाएंगे।"
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    मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान: रामपुर बघेलान में प्रशासन का शक्ति प्रदर्शन, एक ही ट्रेवलर में पहुंचा पूरा अमला
विधायक, कलेक्टर और एसपी ने दिया भरोसे का संदेश बोले, जनता का विश्वास ही हमारी ताकत,,
"रामपुर बाघेलान, सतना। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान को लेकर आज रामपुर बघेलान तहसील कार्यालय में प्रशासनिक अमले का जमावड़ा लगा। अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि *कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, डीएफओ मयंक चांदीवाल, अपर कलेक्टर विकास सिंह, एसडीएम एल.आर. जांगड़े सहित जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी एक साथ एक ही ट्रेवलर में सवार होकर कलेक्ट्रेट सतना से रामपुर बघेलान पहुंचे।
तहसील परिसर में *विधायक विक्रम सिंह विक्की और जनपद अध्यक्ष राबेन्द्र सिंह छोटू* के साथ बड़ी बैठक हुई, जिसमें अधिकारियों-कर्मचारियों को अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
विधायक विक्रम सिंह विक्की ने कहा - "यह अभियान सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशा है कि हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। रामपुर में हम हर समस्या का समाधान मौके पर ही करेंगे।"
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा - "इस अभियान का उद्देश्य शासन के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करना है। आज पूरा प्रशासन एक वाहन से इसलिए आया ताकि टीम भावना का संदेश जाए और जनता को लगे कि पूरा प्रशासन उनके साथ खड़ा है। सभी विभाग फील्ड में रहकर निराकरण करेंगे।"
पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने कहा - "जन विश्वास में पुलिस की भूमिका सबसे अहम है। हमारा लक्ष्य जनता में सुरक्षा और भरोसे का भाव बढ़ाना है। हम गांव-गांव जाकर संवाद करेंगे और भयमुक्त, अपराधमुक्त समाज बनाएंगे।"
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला संपादक अरुण कुमार शर्मा खास खबर चित्रकूट- मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के बाद क्षेत्र में जारी लगातार बारिश के बाद अलर्ट मोड पर प्रशासन, मन्दाकिनी किनारे रहने वाले श्रद्धालुओं, रहवासी एवं दुकानदारों को नदी के घाटों से दूर रहने एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई, नाव से श्रद्धालुओं को नौका विहार न करवाने की अपील की गई, इस मौके पर मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, तहसीलदार कमलेश सिंह भदौरिया, सीएमओ अंकित सोनी और सहायक राजस्व निरीक्षक सदीप त्रिपाठी मौजूद रहे।
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    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला संपादक अरुण कुमार शर्मा खास खबर 
चित्रकूट- मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के बाद क्षेत्र में जारी लगातार बारिश के बाद अलर्ट मोड पर प्रशासन, मन्दाकिनी किनारे रहने वाले श्रद्धालुओं, रहवासी एवं दुकानदारों को नदी के घाटों से दूर रहने एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई, नाव से श्रद्धालुओं को नौका विहार न करवाने की अपील की गई, इस मौके पर मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, तहसीलदार कमलेश सिंह भदौरिया, सीएमओ अंकित सोनी और सहायक राजस्व निरीक्षक सदीप त्रिपाठी मौजूद रहे।
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • *मध्यप्रदेश /भोपाल परिवहन सेवा कार्यक्रम में भोपाल पहुंचे केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी मप्र के परिवहन विभाग के भ्रष्टाचार से केंद्रीय परिवहन मंत्री भी वाकिफ. आज भरे मंच से बोले- RTO के अधिकारी बड़े गांधीवादी है. नोट देखते ही ठप्पे लगाते है..* परिवहन मंत्री जी अनुशासन बनाइए... और विभाग से भ्रष्टाचार दूर करिए...! *मध्यप्रदेश परिवहन सेवा कार्यक्रम में भोपाल पहुंचे केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी मप्र के परिवहन विभाग के भ्रष्टाचार से केंद्रीय परिवहन मंत्री भी वाकिफ. आज भरे मंच से बोले- RTO के अधिकारी बड़े गांधीवादी है. नोट देखते ही ठप्पे लगाते है..* परिवहन मंत्री जी अनुशासन बनाइए... और विभाग से भ्रष्टाचार दूर करिए...!
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    *मध्यप्रदेश /भोपाल परिवहन सेवा कार्यक्रम में भोपाल पहुंचे केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी मप्र के परिवहन विभाग के भ्रष्टाचार से केंद्रीय परिवहन मंत्री भी वाकिफ. आज भरे मंच से बोले- RTO के अधिकारी बड़े गांधीवादी है.  नोट देखते ही ठप्पे लगाते है..* परिवहन मंत्री जी अनुशासन बनाइए... और विभाग से भ्रष्टाचार दूर करिए...!
*मध्यप्रदेश परिवहन सेवा कार्यक्रम में भोपाल पहुंचे केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी मप्र के परिवहन विभाग के भ्रष्टाचार से केंद्रीय परिवहन मंत्री भी वाकिफ. आज भरे मंच से बोले- RTO के अधिकारी बड़े गांधीवादी है.  नोट देखते ही ठप्पे लगाते है..* परिवहन मंत्री जी अनुशासन बनाइए... और विभाग से भ्रष्टाचार दूर करिए...!
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • ग्राम खारी में सड़क निर्माण की मांग, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार कीचड़ भरे रास्तों से आवागमन को मजबूर ग्रामीण, सड़क निर्माण की उठी मांग ब्यौहारी/शहडोल। जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम पंचायत खारी में सड़क सुविधा की समस्या को लेकर ग्रामीणों में परेशानी बनी हुई है। गांव में सड़क का अभाव होने के कारण बारिश के दौरान रास्तों में कीचड़ और जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक से अपील करते हुए ग्राम खारी में जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और आवागमन सुगम हो सकेगा। वहीं, गांव की सड़क समस्या को लेकर विकास कार्यों और जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित जनप्रतिनिधि और प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम खारी में सड़क निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान किया जाए। ग्राम खारी में सड़क निर्माण की मांग, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार कीचड़ भरे रास्तों से आवागमन को मजबूर ग्रामीण, सड़क निर्माण की उठी मांग ब्यौहारी/शहडोल। जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम पंचायत खारी में सड़क सुविधा की समस्या को लेकर ग्रामीणों में परेशानी बनी हुई है। गांव में सड़क का अभाव होने के कारण बारिश के दौरान रास्तों में कीचड़ और जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक से अपील करते हुए ग्राम खारी में जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और आवागमन सुगम हो सकेगा। वहीं, गांव की सड़क समस्या को लेकर विकास कार्यों और जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित जनप्रतिनिधि और प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम खारी में सड़क निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान किया जाए।
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    ग्राम खारी में सड़क निर्माण की मांग, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार

कीचड़ भरे रास्तों से आवागमन को मजबूर ग्रामीण, सड़क निर्माण की उठी मांग

ब्यौहारी/शहडोल। जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम पंचायत खारी में सड़क सुविधा की समस्या को लेकर ग्रामीणों में परेशानी बनी हुई है। गांव में सड़क का अभाव होने के कारण बारिश के दौरान रास्तों में कीचड़ और जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक से अपील करते हुए ग्राम खारी में जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और आवागमन सुगम हो सकेगा।

वहीं, गांव की सड़क समस्या को लेकर विकास कार्यों और जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित जनप्रतिनिधि और प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम खारी में सड़क निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान किया जाए।
ग्राम खारी में सड़क निर्माण की मांग, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार
कीचड़ भरे रास्तों से आवागमन को मजबूर ग्रामीण, सड़क निर्माण की उठी मांग
ब्यौहारी/शहडोल। जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम पंचायत खारी में सड़क सुविधा की समस्या को लेकर ग्रामीणों में परेशानी बनी हुई है। गांव में सड़क का अभाव होने के कारण बारिश के दौरान रास्तों में कीचड़ और जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक से अपील करते हुए ग्राम खारी में जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और आवागमन सुगम हो सकेगा।
वहीं, गांव की सड़क समस्या को लेकर विकास कार्यों और जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित जनप्रतिनिधि और प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम खारी में सड़क निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान किया जाए।
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
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