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35 की उम्र में 500 महिलाओं को बनाया ह'व"स का शि'कार, अ"श्ली"ल वीडियो बनाकर करोड़ों की ठगी 🪈🪈🪈🪈🪈
Dhruv Muskan
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- Rahul Sir Ke Coaching Ka Address 🗾 #Coaching #reelsviralシ #trendingreel #viralreel #viralreels1
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- Post by मुन्ना पड़रौना कुशीनगर1
- दो से अधिक संतान छुपाने पर वार्ड पार्षद पद से हटाए गए एनामुल हक निर्वाचन आयोग का सख्त फैसला, वार्ड 24 में फिर होगा चुनाव मझौलिया से जापान भाई की रिपोर्ट बेतिया। नगर निगम बेतिया के वार्ड संख्या 24 के पार्षद एनामुल हक को दो से अधिक संतान होने का तथ्य छुपाने के मामले में बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। आयोग ने वाद संख्या 04/2025 की सुनवाई पूरी करते हुए यह सख्त निर्णय सुनाया। आदेश में कहा गया है कि एनामुल हक 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान होने के कारण चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे। इसके बावजूद उन्होंने गलत शपथ पत्र और भ्रामक जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर पार्षद पद हासिल किया। आयोग ने बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 18(1)(एम) एवं 18(2) के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए पद से हटा दिया है। साथ ही वार्ड 24 का पद रिक्त घोषित कर पुनः चुनाव कराने का निर्देश भी जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त, जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि एनामुल हक के खिलाफ गलत हलफनामा दाखिल करने और तथ्य छिपाने के मामले में अधिनियम की धारा 447 समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आयोग ने मामले की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने में हुई देरी को भी गंभीरता से लेते हुए संबंधित जांच पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई के बाद बेतिया नगर निगम में हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि एनामुल हक पर पूर्व में पद के दुरुपयोग और बैठकों में व्यवधान उत्पन्न करने के आरोप भी लगाए गए थे, जिनका जिक्र आयोग के फैसले में किया गया है।1
- 14 april bhimrao Ramajiaambedkar Ambedkar welcome 🙏💙1
- जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में भारत - नेपाल सीमा पर सुरक्षा, तस्करी रोक थाम और नशा नियन्त्रण को लेकर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। 16.04.2026.1
- पश्चिम चंपारण में निजी स्कूलों की मनमानी पर अब लगाम लगने जा रही है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बेतिया के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने सख्त आदेश जारी कर साफ कर दिया है कि अब स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। इस फैसले से जिले के करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। जिले में संचालित सैकड़ों निजी और सीबीएसई स्कूलों पर लंबे समय से मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने, अनावश्यक शुल्क वसूलने और अभिभावकों को तय दुकानों से किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर करने के आरोप लग रहे थे। जांच में इन शिकायतों की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। नए आदेश के तहत अब कोई भी स्कूल अभिभावकों को किसी एक दुकान से सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। साथ ही सभी स्कूलों को अपनी फीस, किताबों की सूची और यूनिफॉर्म की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। बार-बार यूनिफॉर्म बदलने पर भी रोक लगा दी गई है। अब तय यूनिफॉर्म कम से कम तीन साल तक नहीं बदली जाएगी। वहीं छात्रों को पुराने किताबों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो सके। आरटीई के तहत नामांकित बच्चों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा स्कूल वाहनों में सीसीटीवी और फर्स्ट एड जैसी सुरक्षा सुविधाएं अनिवार्य कर दी गई हैं। स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फीस में अवैध बढ़ोतरी करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। आदेश के पालन के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत प्रशासनिक अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। कुल मिलाकर प्रशासन के इस फैसले ने साफ संदेश दे दिया है—अब शिक्षा के नाम पर मनमानी नहीं, नियम से ही काम होगा।1
- Post by मुन्ना पड़रौना कुशीनगर1
- ## जनगणना 2027 प्रशिक्षण का निरीक्षण, प्रगणकों को दिए जरूरी निर्देश **मझौलिया में 218 प्रगणक ले रहे प्रशिक्षण, मोबाइल स्विच ऑफ रखने की हिदायत** **बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट** **बेतिया।** मझौलिया प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय में गुरुवार को भारत की जनगणना 2027 के तहत चल रहे प्रगणकों के दूसरे चरण के प्रशिक्षण का निरीक्षण बीडीओ सह चार्ज अधिकारी डॉ. राजीव रंजन एवं नोडल पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रगणकों को प्रशिक्षण के समय मोबाइल फोन स्विच ऑफ रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी प्रगणक पूरी तन्मयता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें, ताकि आगामी जनगणना कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों ने प्रशिक्षण ले रहे शिक्षकों एवं सुपरवाइजर्स से जनगणना से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे और उन्हें इसके उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय जनगणना सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनसांख्यिकीय आंकड़ों का सबसे विश्वसनीय स्रोत है। जानकारी के अनुसार, मझौलिया में कुल 218 शिक्षकों को प्रगणक के रूप में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनमें से सात शिक्षक एईडीओ परीक्षा में प्रतिनियुक्ति के कारण अनुपस्थित पाए गए। डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद पहले चरण में 2 मई से 31 मई तक घर-घर जाकर गणना की जाएगी। वहीं 17 अप्रैल से 1 मई तक स्व-गणना की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी, जिसके तहत लोग स्वयं अपने आंकड़े दर्ज करेंगे और बाद में प्रगणक घर-घर जाकर उनका सत्यापन करेंगे। निरीक्षण के दौरान प्रगणक प्रदीप कुमार पांडेय ने पेयजल की व्यवस्था की मांग उठाई, जिस पर बीडीओ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रखंड नाजिर को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशिक्षण कार्य में प्रखंड स्तर के 10 प्रशिक्षक शामिल हैं, जिनमें शमसे आलम, अनिल कुमार सिंह, अक्षय कुमार और शशि रंजन चौबे प्रमुख हैं। वहीं प्रखंड आईटी मैनेजर अरविंद ठाकुर एवं कार्यपालक सहायक अजय कुमार पंडित ने स्व-गणना प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी दी। फिलहाल जनगणना 2027 को लेकर प्रखंड प्रशासन पूरी तरह सजग और सक्रिय नजर आ रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों के लिए खान-पान की भी समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे मझौलिया का कन्या मध्य विद्यालय परिसर गुलजार बना हुआ है।1