Shuru
Apke Nagar Ki App…
पीलीभीत से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर सरकार और मुख्यमंत्री योगी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने राम मंदिर के लिए एकत्र किए गए चंदे की कथित चोरी को लेकर एक बड़ा बयान भी दिया है। शंकराचार्य ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो सरकार राम और गाय के नाम पर सत्ता में आई थी, वह गौहत्या को रोकने में पूरी तरह से विफल रही है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मुख्यमंत्री के मथुरा से संबंधित बयान पर टिप्पणी करते हुए इसे जनता का ध्यान भटकाने का एक प्रयास बताया।
Piyush Singh Patrakaar Pph
पीलीभीत से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर सरकार और मुख्यमंत्री योगी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने राम मंदिर के लिए एकत्र किए गए चंदे की कथित चोरी को लेकर एक बड़ा बयान भी दिया है। शंकराचार्य ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो सरकार राम और गाय के नाम पर सत्ता में आई थी, वह गौहत्या को रोकने में पूरी तरह से विफल रही है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मुख्यमंत्री के मथुरा से संबंधित बयान पर टिप्पणी करते हुए इसे जनता का ध्यान भटकाने का एक प्रयास बताया।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भूकर ने थाना जेठवारा क्षेत्रान्तर्गत घटित एक घटना में वांछित शेष तीन नामित अभियुक्तों की त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक अभियुक्त पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। इस घटना के संबंध में स्थानीय पुलिस द्वारा पहले ही एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस प्रकरण से संबंधित क्षेत्राधिकारी सदर श्रीमती करिश्मा गुप्ता की बाइट भी उपलब्ध है।1
- जौनपुर में हुए आजाद बिन्द दूल्हा हत्याकांड में न्याय के लिए पीड़ित परिवार की प्रतीक्षा जारी है। सौम्या नामक महिला अपने भाई के लिए लगातार रो-रोकर इंसाफ की गुहार लगा रही है, लेकिन इस मामले में उसे अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है।1
- प्रतापगढ़ के पट्टी कार्यालय पर अखिल भारतीय सर्वजनहित पार्टी ने जनपद में अपनी जिला कार्यकारिणी का विस्तार किया। इस अवसर पर पार्टी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र और पार्टी का अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम नारायण चौबे, प्रदेश अध्यक्ष दीपक पांडे और प्रदेश प्रभारी प्रवीण मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन को मजबूत करने और मिशन-2027 को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व ने बताया कि मिशन-2027 के तहत, अखिल भारतीय सर्वजनहित पार्टी प्रतापगढ़ जनपद की सभी विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। जिला कार्यकारिणी विस्तार के दौरान, बृजेंद्र दुबे जी को जिला प्रवक्ता, प्रवीण कुमार सोनी को जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा, वीरेंद्र कुमार मिश्रा को पट्टी विधानसभा उपाध्यक्ष, चंडिका प्रसाद को ब्लॉक अध्यक्ष, मनोज यादव को जिला सचिव, अनिल पाल को पट्टी विधानसभा सचिव, तथा रंजीत पाठक और अंगद पाठक को मीडिया प्रभारी के रूप में मनोनीत किया गया है। कार्यक्रम में मौजूद पार्टी पदाधिकारियों ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने का आह्वान किया।1
- राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले में फैजाबाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने SP सिटी से मुलाकात की है। पदाधिकारियों ने SP सिटी को एक तहरीर सौंपी है, जिसमें चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की गई है।1
- प्रतापगढ़ के एल.बी.आई.सी. गोपालपुर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत इस बार सिर्फ पढ़ाई से नहीं, बल्कि सम्मान, प्रेरणा और देशभक्ति के अद्भुत संगम के साथ हुई। विद्यालय परिसर उस समय गर्व से भर उठा, जब भारतीय सेना की ट्रेनिंग पूरी कर लौटे पाँच वीर जवानों का पूरे सम्मान के साथ अभिनंदन किया गया। इस आयोजन को एक ऐतिहासिक सम्मान बताया गया, जहाँ देशभक्ति का जज़्बा स्पष्ट रूप से देखा गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त फ्लाइंग ऑफिसर हरिशंकर सरोज ने वीर जवानों को माल्यार्पण कर सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर बल दिया कि देश की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं और सेना में जाने वाले युवा पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस समारोह में विद्यालय के सामाजिक विज्ञान शिक्षक घनश्याम सरोज के यूपी टीजीटी-2022 में चयन पर भी पूरे विद्यालय ने तालियों के साथ उनका सम्मान किया, जिसकी सफलता को मेहनत, धैर्य और लगन से हर मंजिल हासिल करने का संदेश बताया गया। इसके अतिरिक्त, आसपुर देवसरा स्टेडियम में कोच नियुक्त हुए दीपू मिश्रा और भारतीय सेना में युवाओं को प्रशिक्षण देकर सफलता दिलाने वाले राष्ट्रीय गोला फेंक खिलाड़ी आदर्श यादव को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा, खेल और राष्ट्रसेवा ही किसी भी संस्थान की असली पहचान होते हैं। उन्होंने बताया कि एल.बी.आई.सी. गोपालपुर अपने विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि अनुशासन, संस्कार और देशभक्ति की सीख भी प्रदान कर रहा है। इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक जंग बहादुर यादव, प्रधानाचार्य संजय बहादुर यादव, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे, जिससे नए शैक्षणिक सत्र का पहला दिन हर छात्र के लिए प्रेरणा, सम्मान और सफलता का संदेश लेकर आया। इस आयोजन ने यह साबित किया कि जब प्रतिभाओं का सम्मान होता है, तभी नए सपनों को उड़ान मिलती है।1
- प्रतापगढ़ के जेठवारा थाना क्षेत्र के खटवारा चंदन का पुरवा गांव में राजू सिंह हत्याकांड के बाद उनके परिजन काफी समझाने-बुझाने के बाद अंततः मृतक का अंतिम संस्कार करने को राजी हो गए हैं। परिजनों ने यह सहमति एसडीएम और सीओ सदर द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद जताई। प्रशासन की ओर से परिजनों को एक बीघा जमीन का पट्टा आवंटित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया। इसके अतिरिक्त, ग्राम प्रधान द्वारा परिवार के एक सदस्य को रसोइया की नौकरी और आवास उपलब्ध कराने का वादा भी किया गया, जिसके बाद परिजन अपने निर्णय पर सहमत हुए। यह घटना बीती सोमवार की रात घटी थी, जब गांव के ही कुछ हमलावरों ने प्रेम विवाह से नाराज़ होकर राजू सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। राजू सिंह का शव उनके घर से लगभग 500 मीटर दूर मिला था।1
- प्रतापगढ़ में समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाया गया। इस अवसर पर विधायक आरके वर्मा भी मौजूद रहे और उन्होंने इस मौके पर अपनी बात रखी।1
- सुल्तानपुर जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहां तैनात सुरक्षा गार्डों पर मरीजों, उनके परिजनों और यहां तक कि पत्रकारों के साथ भी अभद्र व्यवहार, धमकी और मारपीट के लगातार आरोप लग रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि गार्ड आम लोगों को डराते हैं और मरीजों व उनके परिजनों को मारते भी हैं, जिससे अस्पताल परिसर में भय का माहौल है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोगों को अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ता है। आरोप यह भी है कि जब पत्रकार इन शिकायतों को कवर करने या जानकारी जुटाने का प्रयास करते हैं, तो उनके साथ भी अभद्रता की जाती है और उन्हें कथित तौर पर यह कहकर धमकाया जाता है कि "जहां शिकायत करनी है कर दो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।" इस संबंध में अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और अस्पताल प्रशासन का आधिकारिक पक्ष भी सामने नहीं आया है। यदि ये शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो यह न केवल अनुशासनहीनता का, बल्कि मरीजों के अधिकारों, प्रेस की स्वतंत्रता और सार्वजनिक संस्थानों में जवाबदेही से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बन जाता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि अस्पताल में आने वाले सभी लोगों और मीडिया कर्मियों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण मिल सके। इस स्थिति को देखते हुए, सवाल उठ रहा है कि क्या सुल्तानपुर प्रशासन ने जिला अस्पताल की सुरक्षा गार्डों के बजाय गुंडों के हाथों में दे दी है।1