Shuru
Apke Nagar Ki App…
प्रयागराज के शंकरगढ़ क्षेत्र के कपारी इलाके में सड़क किनारे एक युवक का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतक युवक शंकरगढ़ के रानीगंज का निवासी बताया जा रहा है। इस घटना के बाद से कपारी और रानीगंज दोनों ही इलाकों में हड़कंप और मातम का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल मृतक युवक की पूरी शिनाख्त करने और उसकी मौत की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी हुई है। यह घटना कोई हादसा है, हत्या है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है, पुलिस इन सभी पहलुओं पर गहनता से काम करते हुए इस रहस्य को सुलझाने का प्रयास कर रही है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और पुलिस की विस्तृत तफ्तीश के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
पवन कुमार पाल पत्रकार
प्रयागराज के शंकरगढ़ क्षेत्र के कपारी इलाके में सड़क किनारे एक युवक का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतक युवक शंकरगढ़ के रानीगंज का निवासी बताया जा रहा है। इस घटना के बाद से कपारी और रानीगंज दोनों ही इलाकों में हड़कंप और मातम का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल मृतक युवक की पूरी शिनाख्त करने और उसकी मौत की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी हुई है। यह घटना कोई हादसा है, हत्या है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है, पुलिस इन सभी पहलुओं पर गहनता से काम करते हुए इस रहस्य को सुलझाने का प्रयास कर रही है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और पुलिस की विस्तृत तफ्तीश के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- हिमाचल प्रदेश में एक बड़ा हादसा हुआ है, जहाँ एक पुल के अचानक ढह जाने के बाद एक ट्रक गहरी खाई में जा गिरा है। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँच गए हैं और राहत कार्यों में जुट गए हैं। फिलहाल, ट्रक के चालक और दुर्घटना से प्रभावित अन्य संभावित व्यक्तियों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।1
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र में एक पत्रकार के साथ हुई साइबर ठगी की घटना ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के परिपत्र संख्या-08/2022 में साइबर अपराध से जुड़े मामलों में शत-प्रतिशत अभियोग पंजीकृत करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इस मामले में घूरपुर पुलिस पर उन निर्देशों का पालन न करने का आरोप है। बीते 16 जून की शाम लगभग 4 बजे साइबर अपराधियों ने क्षेत्र के एक पत्रकार का मोबाइल हैक कर लिया। मोबाइल हैक होते ही, अपराधियों ने पत्रकार के व्हाट्सएप संपर्कों पर मदद के नाम पर धनराशि भेजने की अपील करनी शुरू कर दी। पत्रकार को घटना की जानकारी होने और साइबर सेल व थाने को सूचना देकर मोबाइल पुनः सक्रिय कराने से पहले ही उनके दो परिचित साइबर अपराधियों द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड पर कुल ₹14,000 (₹10,000 और ₹4,000) ऑनलाइन ट्रांसफर कर चुके थे। घटना के बाद, पीड़ितों ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पत्रकार ने शिकायत संख्या, भुगतान के स्क्रीनशॉट और आधार की प्रतिलिपि सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उसी दिन घूरपुर थाने में तहरीर भी दी। हालांकि, आरोप है कि जब सोमवार को पत्रकार पुनः थाना पहुंचे और मुकदमा दर्ज करने की मांग की, तो थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने कथित तौर पर यह कहकर इनकार कर दिया कि "50 हजार रुपये से कम की साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता।" इस बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। लगभग तीन दशक से पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार थानाध्यक्ष के इस कथित जवाब से हैरान रह गए और बिना कोई बात किए थाने से वापस लौट आए। वहीं, जब इस संबंध में एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान से बातचीत की गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी जानकारी में 50 हजार रुपये से कम की साइबर ठगी पर मुकदमा दर्ज न करने जैसा कोई नियम नहीं है। उन्होंने मामले की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारी से बात करने की बात कही। यह घटना एक बार फिर साइबर अपराध पीड़ितों की समस्याओं और थानों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाती है। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो और वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पीड़ित पत्रकार को न्याय मिल पाता है या नहीं।4
- प्रयागराज के लूकरगंज इलाके में बुधवार, 24 जून 2026 को सिद्धार्थ गोयल के मकान में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई, जिससे पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की लपटें देखकर स्थानीय लोग घबरा गए। झूलेलाल नगर के पार्षद रोचक दरबारी ने तुरंत इस घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, और समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा नुकसान टल गया। स्थानीय निवासियों ने फायर ब्रिगेड की तत्परता और त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। शुरुआती जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।1
- लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले में निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण करार दिया है। सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि उनका कार्यक्षेत्र बेहद सीमित है, जबकि एनओसी जारी करने सहित सभी महत्वपूर्ण अधिकार मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के पास होते हैं। कमलेंद्र सिंह ने अग्निकांड स्थल पर दमकल के देर से पहुंचने के लिए भी सीधे तौर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए और उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाए।1
- लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों की जाँच तेज़ कर दी गई है। इसी क्रम में प्रयागराज में भी फायर विभाग और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने संयुक्त कार्रवाई शुरू की। इस दौरान विकास प्राधिकरण की टीम ने खान ग्लोबल कोचिंग संस्थान का निरीक्षण किया। जाँच में भवन मानकों और सुरक्षा संबंधी कई खामियाँ पाए जाने के बाद प्राधिकरण ने इस कोचिंग संस्थान को सील कर दिया। बताया गया है कि यह कोचिंग संस्थान तीन मंजिला भवन में संचालित हो रहा था। निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण और संचालन से संबंधित मानकों में अनियमितताएँ मिलने पर पीडीए ने सीज करने की यह कार्रवाई की।1
- मलिहाबाद तहसील क्षेत्र के रहीमाबाद स्थित ग्राम पंचायत तिरगवा गाँव में एक बदबूदार पोल्ट्री फार्म के कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि पोल्ट्री फार्म से उठने वाली तेज बदबू, गंदगी और मक्खियों के प्रकोप से गाँव में बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि कई लोग गाँव छोड़कर जाने को मजबूर हैं, जबकि पोल्ट्री फार्म संचालक मुनाफा कमा रहा है और ग्रामीण इलाज व अन्य मुश्किलों से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि फार्म के ठीक सामने स्थित प्राथमिक विद्यालय के मासूम बच्चे भी बदबू और मक्खियों से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए हजारों ग्रामीणों ने मलिहाबाद के संपूर्ण समाधान तहसील दिवस में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, शिकायत के 5 दिन बीत जाने के बाद भी आरोप है कि संबंधित अधिकारी मौके पर जाँच करने नहीं पहुँचे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी तहसील दिवस की शिकायतें केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गई हैं, जिससे अधिकारियों की इस अनदेखी को लेकर उनमें भारी रोष है।1
- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन से पहले ही तैयारियों की वास्तविक स्थिति सामने आने लगी है। इन राज्यों के कई शहरों में सड़क, फ्लाईओवर और मेट्रो परियोजनाओं का काम अभी भी अधूरा है, जिससे गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर सड़कें खुदी हुई हैं, नालों की सफाई का काम भी पूरा नहीं हुआ है और विभिन्न निर्माण कार्य लगातार जारी हैं। इन अधूरे कामों के कारण, बारिश बढ़ने के साथ-साथ जलभराव, ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा भी काफी बढ़ गया है। प्रशासन भले ही मानसून की तैयारियों को लेकर दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि समय रहते ये आवश्यक कार्य पूरे नहीं हुए, तो मानसून के दौरान आम जनता को होने वाली परेशानियों का जिम्मेदार कौन होगा।1
- प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत लूकरगंज फील्ड के पास राहुल गोयल के घर स्थित एक स्टेशनरी दुकान में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ समय बाद, फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँची और अथक प्रयासों के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। बताया जा रहा है कि इस भीषण अग्निकांड में लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ है, हालाँकि राहत की बात यह रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई।1