रायपुर जिले के खरोरा में गुरुवार को हल्की बारिश के बीच श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उल्लास के साथ भगवान जगन्नाथ की 70वीं ऐतिहासिक रथयात्रा निकाली गई। "जय जगन्नाथ" के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय माहौल के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की सुसज्जित प्रतिमाओं का नगर भ्रमण कराया गया। इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ पहुंचे। यह रथयात्रा श्री राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी बालाजी मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गांधी चौक सहित विभिन्न क्षेत्रों से निकली। श्रद्धालुओं ने लगभग दो किलोमीटर तक भगवान के रथ को खींचा। मार्ग में जगह-जगह पर भगवान की आरती उतारी गई तथा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। रथयात्रा के दौरान विशेष रूप से किसानों ने अच्छी फसल एवं क्षेत्र की समृद्धि की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की। आयोजन के पौराणिक महत्व के बारे में पंडित धनंजय शर्मा ने बताया कि पद्म पुराण के अनुसार भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा की नगर भ्रमण की इच्छा पूरी करने के लिए भगवान जगन्नाथ और बलभद्र उन्हें रथ पर बैठाकर गुंडिचा मंदिर ले गए थे, तभी से यह परंपरा चली आ रही है। बालाजी दरबार स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से लगभग 70 वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। नगर भ्रमण के पश्चात भगवान पुनः मंदिर में विराजमान हुए और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ।
रायपुर जिले के खरोरा में गुरुवार को हल्की बारिश के बीच श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उल्लास के साथ भगवान जगन्नाथ की 70वीं ऐतिहासिक रथयात्रा निकाली गई। "जय जगन्नाथ" के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय माहौल के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की सुसज्जित प्रतिमाओं का नगर भ्रमण कराया गया। इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए नगर
सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ पहुंचे। यह रथयात्रा श्री राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी बालाजी मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गांधी चौक सहित विभिन्न क्षेत्रों से निकली। श्रद्धालुओं ने लगभग दो किलोमीटर तक भगवान के रथ को खींचा। मार्ग में जगह-जगह पर भगवान की आरती उतारी गई तथा पुष्पवर्षा
कर भव्य स्वागत किया गया। रथयात्रा के दौरान विशेष रूप से किसानों ने अच्छी फसल एवं क्षेत्र की समृद्धि की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की। आयोजन के पौराणिक महत्व के बारे में पंडित धनंजय शर्मा ने बताया कि पद्म पुराण के अनुसार भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा की नगर भ्रमण की इच्छा पूरी करने के लिए भगवान जगन्नाथ और बलभद्र
उन्हें रथ पर बैठाकर गुंडिचा मंदिर ले गए थे, तभी से यह परंपरा चली आ रही है। बालाजी दरबार स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से लगभग 70 वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। नगर भ्रमण के पश्चात भगवान पुनः मंदिर में विराजमान हुए और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ।
- रायपुर के लाखे नगर मंगल बाजार से निकलने वाली रथ यात्राओं में बलभद्र, सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के रथ शामिल होते हैं।1
- भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) 2019 बैच के अधिकारी राय गौरव रामप्रवेश ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में गुरुवार को विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया है। इससे पहले वे दंतेवाड़ा जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। पुलिस कार्यालय बलौदाबाजार पहुंचने पर निवर्तमान पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने उनका आत्मीय स्वागत करते हुए औपचारिक रूप से जिले का प्रभार सौंपा। इस दौरान पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। स्वागत समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह (बलौदाबाजार), हेमसागर सिदार (भाटापारा), एसडीओपी तारेश साहू, डीएसपी कौशल किशोर वासनिक, डीएसपी संजय साहू और डीएसपी उषा सोन्धिया सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यभार संभालने के बाद पुलिस अधीक्षक राय गौरव रामप्रवेश ने जिले के अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण तथा जन-केंद्रित पुलिसिंग को मजबूत करना रहेगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करते हुए आमजन का विश्वास और मजबूत करने का आह्वान किया।2
- बेमेतरा जिला मुख्यालय में भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा पूरी श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ निकाली गई।4
- पुरी में भगवान जगन्नाथ की भव्य व दिव्य रथयात्रा के दौरान रस्सा खींचते समय मची भगदड़ में एक श्रद्धालु की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। इस विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा में महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा था। इसी दौरान अत्यधिक भीड़ के कारण रस्सा खींचते समय धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते भगदड़ का रूप ले लिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन और स्वयंसेवकों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को तुरंत पुरी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बावजूद अत्यधिक भीड़ के कारण रस्सा खींचते समय धक्का-मुक्की हुई और यह हादसा घटित हो गया। घटना के बाद पूरे माहौल में शोक की लहर दौड़ गई है और 'जय जगन्नाथ' के जयकारों के बीच हुआ यह हादसा श्रद्धालुओं के लिए गहरे गम में बदल गया है। हादसे के बाद जिला प्रशासन ने मृतक के परिजनों को मुआवजे का ऐलान किया है और साथ ही घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।2
- छत्तीसगढ़ के रायपुर में स्थित राज टॉकीज के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू की गई है, जिसके तहत दर्शक सीधे बुकमायशो प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी टिकट ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। इसके अलावा राज टॉकीज ने संपर्क के लिए अपना फोन नंबर 0771-2229223 भी जारी किया है। दर्शकों को सीधे अपने साथ जोड़ने के लिए टॉकीज ने एक व्हाट्सएप ग्रुप का लिंक भी साझा किया है, जिसके माध्यम से लोग खुद जुड़ने के साथ-साथ दूसरों को भी इस ग्रुप में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।1
- छत्तीसगढ़ में नकटी गांव को न्याय दिलाने की मांग के बीच अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना इस गांव को न्याय कैसे दिलाएगी। इस पूरे मामले को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है और हर कोई यह जानना चाहता है कि नकटी गांव के हक की लड़ाई में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना आगे क्या कदम उठाने जा रही है।1
- छत्तीसगढ़ के भिलाई के रामनगर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रही 19 वर्षीय फार्मेसी छात्रा खुशी साहू की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। हमलावर ने मृतका के पेट और रीढ़ की हड्डी पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। घटना शुक्रवार सुबह करीब 11:30 से 12:00 बजे के बीच की है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक छात्रा पर शादी करने के लिए लगातार दबाव बना रहा था और यह मामला एकतरफा प्यार का है। मृतका खुशी साहू मूल रूप से बेमेतरा जिले के ग्राम कुम्ही की रहने वाली थी। वह करीब दो महीने पहले ही भिलाई आई थी और यहाँ शंकराचार्य नर्सिंग कॉलेज में बी फार्मेसी की पढ़ाई कर रही थी। खुशी अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाने के लिए वैशाली नगर के एक कैफे में काम भी करती थी। उसके गाँव की ही रहने वाली सहेली सुरुचि करीब दो सप्ताह पहले भिलाई आई थी और खुशी के साथ ही किराए के कमरे में रह रही थी। सुरुचि एक निजी कॉलेज में पढ़ाई करती है। घटना के वक्त खुशी की सहेली सुरुचि नहाने गई थी। जब वह नहाकर बाथरूम से बाहर आई, तो उसने खुशी को कमरे के फर्श पर बेसुध और खून से लथपथ पड़े देखा। सुरुचि ने तुरंत इसकी जानकारी मकान मालिक को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। खून से लथपथ खुशी को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने फरार आरोपी की पतासाजी शुरू कर दी है और दावा किया है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1