SHG प्रशिक्षण केंद्र निर्माण में अनियमितता ,बच्चों के हाथों बन रहा है सरकारी भवन पाकुड़ ।जिले के हिरणपुर प्रखंड के फतेहपुर में लाखों रुपये की लागत से निर्माणाधीन स्वयं सहायता समूह (SHG) प्रशिक्षण केंद्र का कार्य इन दिनों गंभीर अनियमितताओं के आरोपों में घिर गया है। करीब 24 लाख 80 हजार रुपये की लागत से बन रहे इस भवन को लेकर ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।सबसे गंभीर आरोप निर्माण कार्य में बाल मजदूरी को लेकर सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि संवेदक द्वारा नाबालिग बच्चों से काम कराया जा रहा है, जो न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी बेहद चिंताजनक है। इस आरोप ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।वहीं, निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी कई खामियां उजागर हुई हैं। जानकारी के अनुसार, भवन के लिए कुल 16 पिलर खड़े किए गए हैं, लेकिन इनमें इस्तेमाल हो रहे सरिया की गुणवत्ता एक समान नहीं है। कुछ पिलरों में अलग कंपनी का सरिया तो अन्य में दूसरी कंपनी का उपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं।इसके अलावा, निर्माण में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता को लेकर भी ग्रामीणों ने असंतोष जताया है। उनका कहना है कि मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा, जिससे भवन की दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है।पारदर्शिता के मामले में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। निर्माण स्थल पर अब तक कार्य से संबंधित कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिसमें योजना, लागत और विभागीय जानकारी दर्ज होनी चाहिए। यह सरकारी नियमों की अनदेखी को दर्शाता है।ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की अपील की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और क्या इस मामले में ठोस कदम उठाए जाते हैं।
SHG प्रशिक्षण केंद्र निर्माण में अनियमितता ,बच्चों के हाथों बन रहा है सरकारी भवन पाकुड़ ।जिले के हिरणपुर प्रखंड के फतेहपुर में लाखों रुपये की लागत से निर्माणाधीन स्वयं सहायता समूह (SHG) प्रशिक्षण केंद्र का कार्य इन दिनों गंभीर अनियमितताओं के आरोपों में घिर गया है। करीब 24 लाख 80 हजार रुपये की लागत से बन रहे इस भवन को लेकर ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।सबसे गंभीर आरोप निर्माण कार्य में बाल मजदूरी को लेकर सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि संवेदक द्वारा नाबालिग बच्चों से काम कराया जा रहा है, जो न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी बेहद चिंताजनक है। इस आरोप ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।वहीं, निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी कई खामियां उजागर हुई हैं। जानकारी के अनुसार, भवन के लिए कुल 16 पिलर खड़े किए गए हैं, लेकिन इनमें इस्तेमाल हो रहे
सरिया की गुणवत्ता एक समान नहीं है। कुछ पिलरों में अलग कंपनी का सरिया तो अन्य में दूसरी कंपनी का उपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं।इसके अलावा, निर्माण में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता को लेकर भी ग्रामीणों ने असंतोष जताया है। उनका कहना है कि मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा, जिससे भवन की दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है।पारदर्शिता के मामले में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। निर्माण स्थल पर अब तक कार्य से संबंधित कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिसमें योजना, लागत और विभागीय जानकारी दर्ज होनी चाहिए। यह सरकारी नियमों की अनदेखी को दर्शाता है।ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की अपील की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और क्या इस मामले में ठोस कदम उठाए जाते हैं।
- पाकुड़। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जनगणना 2027 के तहत जिलेवासियों से स्व-जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य में स्व-जनगणना की तिथि 1 मई से 15 मई 2026निर्धारित की गई है। यह एक सरल, पारदर्शी एवं उपयोगी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं अपने एवं अपने परिवार की सही जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। उपायुक्त ने कहा कि यदि नागरिक स्वयं स्व-जनगणना की प्रक्रिया पूर्ण करते हैं, तो बाद में जब प्रगणक घर-घर सत्यापन के लिए पहुंचेंगे, तब उनका कार्य काफी आसान हो जाएगा।इससे समय की बचत होगी तथा सही एवं प्रमाणिक जानकारी दर्ज करने का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि जनगणना की आधिकारिक वेबसाइट पर मोबाइल नंबर आधारित ओटीपी लॉगिन की सुविधा उपलब्ध है। नागरिक अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन कर राज्य, जिला एवं अपने क्षेत्र का चयन कर सकते हैं। इसके बाद डिजिटल मैप के माध्यम से अपने निवास स्थान की पहचान करनी होगी, जहां वे वर्तमान में निवास कर रहे हैं।इसके उपरांत कुल 34 प्रश्नों का उत्तर देना होगा, जिसमें स्वयं एवं परिवार के सभी सदस्यों की सही जानकारी दर्ज करनी होगी। पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद एक सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। उपायुक्त ने कहा कि जब मकान सूचीकरण हेतु प्रगणक घर पहुंचेंगे, तब यही आईडी उन्हें उपलब्ध करानी होगी। इस आईडी के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। इससे जनगणना कार्य अधिक सरल, सटीक एवं समयबद्ध रूप से संपन्न होगा। उपायुक्त ने जिलेवासियों से आग्रह किया कि वे 1 मई से 15 मई तक चलने वाली इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लें।संबंधित वेबसाइट लिंक एवं विस्तृत जानकारी पाकुड़ जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट एवं सोशल मीडिया हैंडल पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सभी नागरिक आसानी से स्व-जनगणना प्रक्रिया से जुड़ सकें।1
- Post by Sunny kr. bhagat1
- Post by Kapil Kumar1
- Post by Imraul kais1
- 😱🙏Ho Jaaye aap log bhi Savdhan🙏😱 Kyunki ab Aalu mein nikalne Lage 👇Hain 👉छोटे-छोटे rangte 👈👉hue kide 👈 isliye Aalu ko chhin Kar Hi khana chahie aap log is video ko Jyada Se Jyada share Karen Taki Logon Ko Bhi pata chal sake ki Aalu Mein kide Hote Hain1
- Post by Rihan1
- बाराहाट विकास मंच द्वारा मजदूर दिवस मनाया गया बाराहाट विकास मंच के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस बड़े उत्साह एवं सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रमिकों के योगदान को सराहा गया तथा समाज में उनके महत्व को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने श्रमिकों के सम्मान, समानता एवं उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। मंच के सदस्यों ने कहा कि समाज के विकास में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके सम्मान के बिना समग्र विकास संभव नहीं है। इस अवसर पर श्रमिकों एवं आम जन के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से आपसी सहयोग, एकता एवं सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया गया। 👉 इस अवसर पर जयशंकर चौधरी, रविशंकर चौधरी एवं कुंदन चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि “हम सभी मजदूर हैं और श्रम ही हमारे जीवन का आधार है। समाज के विकास में हर व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है।” 👉 कार्यक्रम में स्थानीय श्रमिक — देवेंद्र राय, सरवन दास, प्रमोद साह, सुभाष एवं फुच्चो को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मंच द्वारा माननीय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम “मन की बात” का भी सामूहिक श्रवण किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मंच के सक्रिय सदस्य — मनोज चौधरी, जयशंकर चौधरी, रविशंकर चौधरी, उदयशंकर चौधरी, दीपक चौधरी (प्लाईवुड), दीपक चौधरी, मनोज चौधरी (शिक्षक), निक्की चौधरी, प्रीतम चौधरी, कुंदन चौधरी, गौतम चौधरी, ओमप्रकाश चौधरी, संदीप चौधरी, रौशन चौधरी, गुड्डू साह, मोहम्मद अंसार सहित अन्य कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। 👉 इसी अवसर पर जयशंकर चौधरी की माता स्व. प्रभा देवी की द्वितीय पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मंच ने सभी लोगों से ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। — बाराहाट विकास मंच 👉 “सहयोग से परिवर्तन”1
- Post by Sunny kr. bhagat1