पत्नी को मेंटेनेंस नहीं मिलेगा यदि वह बिना उचित कारण पति से अलग रहती है: बॉम्बे हाईकोर्ट* बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि पत्नी बिना किसी उचित कारण के पति से अलग रह रही है, तो वह सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण–पोषण (मेंटेनेंस) की हकदार नहीं होगी। अदालत ने कहा कि पति से स्वयं दूरी बना लेने और उसकी सेवा छोड़कर मायके या अन्य स्थान पर रहने वाली पत्नी मेंटेनेंस का दावा नहीं कर सकती। अदालत यह निर्णय उस पुनरीक्षण याचिका को खारिज करते हुए दिया, जिसमें एक महिला ने पारिवारिक न्यायालय द्वारा अस्वीकार किए गए मेंटेनेंस आदेश को चुनौती दी थी। महिला का आरोप था कि पति ने उसे और बच्चों को छोड़ दिया, जबकि पति ने दावा किया कि पत्नी स्वयं बिना किसी कारण के उससे अलग रहने लगी और सरकारी तिमंजिले में अवैध रूप से निवास कर रही थी। कोर्ट ने रिकॉर्ड व गवाहियों के आधार पर पाया कि दोनों पति–पत्नी कई वर्षों तक साथ रहे और पति ने पूरे जीवन परिवार की जिम्मेदारी निभाई। सेवानिवृत्ति के बाद पति गांव में मजदूरी कर रहा था, जबकि पत्नी उससे मिलने या साथ रहने को तैयार नहीं हुई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि धारा 125 सीआरपीसी के तहत पत्नी तभी मेंटेनेंस की अधिकारी होगी जब वह उचित कारण के साथ पति से अलग रह रही हो। अंत में हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पत्नी के पास अलग रहने का कोई ठोस आधार नहीं था और उसने खुद ही पति का साथ छोड़ा, इसलिए वह भरण–पोषण पाने की हकदार नहीं है। अदालत ने पारिवारिक न्यायालय के आदेश को सही ठहराते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
पत्नी को मेंटेनेंस नहीं मिलेगा यदि वह बिना उचित कारण पति से अलग रहती है: बॉम्बे हाईकोर्ट* बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि पत्नी बिना किसी उचित कारण के पति से अलग रह रही है, तो वह सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण–पोषण (मेंटेनेंस) की हकदार नहीं होगी। अदालत ने कहा कि पति से स्वयं दूरी बना लेने और उसकी सेवा छोड़कर मायके या अन्य स्थान पर रहने वाली पत्नी मेंटेनेंस का दावा नहीं कर सकती। अदालत यह निर्णय उस पुनरीक्षण याचिका को खारिज करते हुए दिया, जिसमें एक महिला ने पारिवारिक न्यायालय द्वारा अस्वीकार किए गए मेंटेनेंस आदेश को चुनौती दी थी। महिला का आरोप था कि पति ने उसे और बच्चों को छोड़ दिया, जबकि पति ने दावा किया कि पत्नी स्वयं बिना किसी कारण के उससे अलग रहने
लगी और सरकारी तिमंजिले में अवैध रूप से निवास कर रही थी। कोर्ट ने रिकॉर्ड व गवाहियों के आधार पर पाया कि दोनों पति–पत्नी कई वर्षों तक साथ रहे और पति ने पूरे जीवन परिवार की जिम्मेदारी निभाई। सेवानिवृत्ति के बाद पति गांव में मजदूरी कर रहा था, जबकि पत्नी उससे मिलने या साथ रहने को तैयार नहीं हुई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि धारा 125 सीआरपीसी के तहत पत्नी तभी मेंटेनेंस की अधिकारी होगी जब वह उचित कारण के साथ पति से अलग रह रही हो। अंत में हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पत्नी के पास अलग रहने का कोई ठोस आधार नहीं था और उसने खुद ही पति का साथ छोड़ा, इसलिए वह भरण–पोषण पाने की हकदार नहीं है। अदालत ने पारिवारिक न्यायालय के आदेश को सही ठहराते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
- Post by हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार1
- Post by Vertman Bharat News Prayagraj1
- Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,84169043591
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- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- प्रयागराज। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त भोगन कोराव निवासी कृष्णकांत पांडे आज प्रयागराज पहुंचे, जहाँ क्षेत्रवासियों और परिजनों ने उनका भव्य स्वागत किया। स्वागत समारोह में फूल-मालाएं पहनाई गईं और मिठाई बांटी गई। इस मौके पर उनके भाई और भाजपा नेता हरीकांत पांडे भी मौजूद रहे। हरीकांत पांडे ने कहा, “हमारे तीन अन्य भाई अभी भी सेना में देश और भारत माता की सेवा कर रहे हैं। परिवार के लिए यह गर्व का क्षण है।” हरीकांत पांडे ने क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका समर्थन हमेशा देशभक्ति और समाज सेवा के मूल्यों को प्रेरित करता रहेगा। समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे और सभी ने कृष्णकांत पांडे के उज्जवल भविष्य की कामना की ।1
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1