चाईबासा (झारखंड)। आदिवासी हो समाज युवा महासभा, चाईबासा के नेतृत्व में आज यानी 1 अगस्त से चाईबासा-टाटा मार्ग पर एक बड़े आंदोलन की शुरुआत हो रही है। हो समाज के लोगों ने चाईबासा टाटा बाईपास चौक पर वीर शहीद पोटो हो की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर 'अनिश्चितकालीन हड़ताल' और धरने का आह्वान किया है। वीर शहीद पोटो हो की प्रतिमा लगाने की मांग: चाईबासा-टाटा मार्ग पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, 'हो समाज' ने संभाला मोर्चा चाईबासा (झारखंड) 01 अगस्त 2026 चाईबासा: चाईबासा-टाटा बाईपास चौक पर वीर शहीद पोटो हो की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर आदिवासी हो समाज युवा महासभा द्वारा बुलाई गई अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। शनिवार, 1 अगस्त से शुरू हुआ यह आंदोलन आगामी 4 अगस्त तक पूरी ताकत के साथ चलाने का निर्णय लिया गया है। आंदोलनकारियों ने चाईबासा-टाटा मार्ग पर स्थित 'पोटो हो चौक' को अपना मुख्य धरना स्थल बनाया है, जहां समाज के सैकड़ों लोग डटे हुए हैं। "सिर्फ वीर शहीद पोटो हो की ही लगेगी मूर्ति" महासभा के पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि चाईबासा टाटा बाईपास चौक पर सिर्फ और सिर्फ वीर शहीद पोटो हो की ही प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। समाज इसे अपनी अस्मिता और गौरव से जोड़कर देख रहा है। धरना स्थल पर पहुंचे वक्ताओं ने कहा कि जब तक प्रशासन और संबंधित विभाग इस मांग को आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं करते, आंदोलन थमेगा नहीं। समाज से बढ़-चढ़कर जुड़ने की अपील 'आदिवासी हो समाज युवा महासभा, चाईबासा' के निवेदकों ने पूरे हो समाज के लोगों से इस हड़ताल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है। आंदोलन के दौरान "एकता हमारी पहचान, संस्कृति हमारी शान, अधिकार हमारा अधिकार" के नारों के साथ युवा और समाज के वरिष्ठ नागरिक एकजुटता का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक प्रतिमा की नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के ऐतिहासिक गौरव को सम्मान दिलाने की है। प्रशासन अलर्ट, रूट डायवर्जन की संभावना चाईबासा-टाटा मार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर अनिश्चितकालीन धरने को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। सुरक्षा के लिहाज से धरना स्थल और बाईपास चौक पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। लंबी दूरी के वाहनों और आम राहगीरों को परेशानी से बचाने के लिए प्रशासन वैकल्पिक रूट (डायवर्जन) पर विचार कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन का अधिकार सबको है, लेकिन कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
चाईबासा (झारखंड)। आदिवासी हो समाज युवा महासभा, चाईबासा के नेतृत्व में आज यानी 1 अगस्त से चाईबासा-टाटा मार्ग पर एक बड़े आंदोलन की शुरुआत हो रही है। हो समाज के लोगों ने चाईबासा टाटा बाईपास चौक पर वीर शहीद पोटो हो की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर 'अनिश्चितकालीन हड़ताल' और धरने का आह्वान किया है। वीर शहीद पोटो हो की प्रतिमा लगाने की मांग: चाईबासा-टाटा मार्ग पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, 'हो समाज' ने संभाला मोर्चा चाईबासा (झारखंड) 01 अगस्त 2026 चाईबासा: चाईबासा-टाटा बाईपास चौक पर वीर शहीद पोटो हो की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर आदिवासी हो समाज युवा महासभा द्वारा बुलाई गई अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। शनिवार, 1 अगस्त से शुरू हुआ यह आंदोलन आगामी 4 अगस्त तक पूरी ताकत के साथ चलाने का निर्णय लिया गया है। आंदोलनकारियों ने चाईबासा-टाटा मार्ग पर स्थित 'पोटो हो चौक' को अपना मुख्य धरना स्थल बनाया है, जहां समाज के सैकड़ों लोग डटे हुए हैं। "सिर्फ वीर शहीद पोटो हो की ही लगेगी मूर्ति" महासभा के पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि चाईबासा टाटा बाईपास चौक पर सिर्फ और सिर्फ वीर शहीद पोटो हो की ही प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। समाज इसे अपनी अस्मिता और गौरव से जोड़कर देख रहा है। धरना स्थल पर पहुंचे वक्ताओं ने कहा कि जब तक प्रशासन और संबंधित विभाग इस मांग को आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं करते, आंदोलन थमेगा नहीं। समाज से बढ़-चढ़कर जुड़ने की अपील 'आदिवासी हो समाज युवा महासभा, चाईबासा' के निवेदकों ने पूरे हो समाज के लोगों से इस हड़ताल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है। आंदोलन के दौरान "एकता हमारी पहचान, संस्कृति हमारी शान, अधिकार हमारा अधिकार" के नारों के साथ युवा और समाज के वरिष्ठ नागरिक एकजुटता का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक प्रतिमा की नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के ऐतिहासिक गौरव को सम्मान दिलाने की है। प्रशासन अलर्ट, रूट डायवर्जन की संभावना चाईबासा-टाटा मार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर अनिश्चितकालीन धरने को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। सुरक्षा के लिहाज से धरना स्थल और बाईपास चौक पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। लंबी दूरी के वाहनों और आम राहगीरों को परेशानी से बचाने के लिए प्रशासन वैकल्पिक रूट (डायवर्जन) पर विचार कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन का अधिकार सबको है, लेकिन कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
- जय🇮🇳 हिंद नंबर लॉन्च हो रहा है योगी जी का जहां कोई रिश्वत घूसखोरी हो इस नंबर पर कॉल करें1
- Address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand Address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand1
- किनका नाम कटेगा SIR List Se और किनको आएगा नोटिस, पूरी जानकारी झारखंड में एस ए आर का दूसरा चरण 5 अगस्त से शुरू होगा।1
- जेपीएससी, जेएससीए में पारदर्शिता और पदों में बहाली की मांग, एबीवीपी चलाया हस्ताक्षर अभियान। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी।1
- झारखंड में नौकरियों की 'रेट लिस्ट'!: तराजू में पोस्ट तौलकर अभ्यर्थियों का अनूठा प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा। रांची। झारखंड में JPSC और JSSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर युवाओं का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। राजधानी रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस वक्त विरोध-प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बना हुआ है—जहां गुस्साए अभ्यर्थियों ने एक बेहद अनोखे और तीखे अंदाज में हेमन्त सोरेन सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई है। गले में तराजू टांगकर बेची जा रही 'सरकारी नौकरियां' प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे अभ्यर्थियों ने गले में 'तराजू' लटकाकर और उस पर विभिन्न सरकारी पदों का 'रेट चार्ट' (Rate Chart) चिपकाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। तराजू और बक्से पर विभिन्न सरकारी नौकरियों के दाम की रेट लिस्ट लिखी हुई थी: FRO (फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर): ₹50 लाख माध्यमिक आचार्य: ₹35 लाख लेडीज सुपरवाइजर: ₹20 लाख उत्पाद पुलिस: ₹15 लाख पंचायत सचिव: ₹15 लाख BSO / PGT / TGT / BDO / CO / पुलिस दरोगा: (विभिन्न रेट लिस्ट) प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पोस्टर के जरिए सीधे तौर पर आरोप लगाया कि राज्य में योग्यता की जगह "बोली" लग रही है और नौकरियां बेची जा रही हैं। क्या हैं अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें? CBI और ED से जांच: अभ्यर्थियों ने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी विवादित एजेंसियों और संदिग्ध अधिकारियों की भूमिका की जांच CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए। परीक्षाओं में पारदर्शिता: JPSC और JSSC द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जाए। कड़ी कार्रवाई: पेपर लीक और धांधली में लिप्त सभी दोषियों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई हो। "मेहनत करने वाले छात्र सड़कों पर हैं और रेट लिस्ट तय करने वाले मौज में हैं!" — धरना स्थल पर मौजूद गुस्साए अभ्यर्थी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में उनका यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा।1
- "तूंडी से आया अभ्यर्थी शायरी बोलकर हुआ वायरल! लेकिन JPSC-JSSC आंदोलन का संदेश रहा गंभीर।" रांची में चल रहे JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच एक अभ्यर्थी का इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। 🎥 तूंडी से आए इस अभ्यर्थी ने बातचीत के दौरान "ढयारी" शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद वीडियो पर लोगों ने खूब मजेदार प्रतिक्रियाएँ दीं। हालांकि, इस वायरल पल के पीछे छात्रों की मुख्य मांगें—पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, समय पर परीक्षा और निष्पक्ष चयन—अब भी उतनी ही गंभीर हैं। आपको यह वायरल क्लिप कैसी लगी? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। #Ranchi #JPSC #JSSC #Jharkhand #StudentProtest #ViralVideo #Tundi #JharkhandNews #RanchiNews #NewsUpdate #HindiNews1
- प्रधान का इस्तीफा के बदला सरकार बच्चों को उठाकर ले रही घर से! ताना शाही का हद हो है ! #travel #trendingreels #trendingnow प्रधान का इस्तीफा के बदला सरकार बच्चों को उठाकर ले रही घर से! ताना शाही का हद हो है !1