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निगमायुक्त ने परखा जबलपुर शहर का विकास, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट और वाशिंग स्टेशन का औचक निरीक्षण,,,, जबलपुर - जबलपुर निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार आज सुबह से ही शहर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए सड़कों पर उतरे। उन्होंने कचरे से ऊर्जा बनाने वाले 'वेस्ट टू एनर्जी प्लांट' से लेकर कृषि उपज मंडी तक के विस्तृत क्षेत्र का सघन दौरा कर विकास कार्यों की जानकारी ली। दौरे की शुरुआत में निगमायुक्त ने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की कार्यप्रणाली देखी और कचरा निष्पादन की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन वाशिंग स्टेशन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके उपरांत उन्होंने दीनदयाल बस स्टैंड से चंडालभाटा और कृषि उपज मंडी तक पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। *मौके पर ही की चालानी कार्रवाई* शहर की स्वच्छता छवि को धूमिल करने वालों के खिलाफ आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान मदिरा दुकान पर कार्रवाई की गई। इस संबंध में उन्होंने बताया कि गंदगी और अव्यवस्था पाए जाने पर एक शराब दुकान पर 5,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया। उन्होंने बताया कि कुल 10 अन्य मामलों में नियमों के उल्लंघन पर मौके पर ही चालान काटते हुए 7,500 रुपये की अर्थदंड वसूली की गई। भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य, उद्यान, अतिक्रमण और लोककर्म विभाग के अमले को निर्देशित करते हुए श्री अहिरवार ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर शहर की सफाई व्यवस्था के अलावा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष कर निर्देशित किया कि स्वच्छता अभियान हमारे लिए सर्वोपरि है। स्वच्छता के कार्यों को सभी लोग गंभीरता के साथ करें। निगमायुक्त श्री अहिरवार ने 15 अप्रैल के पहले स्वच्छता के लिए जारी सिटी प्रोफ़ाइल के अनुरूप कार्यों को व्यवस्थित कराएं। जबलपुर से कार्तिक गुप्ता की

5 hrs ago
user_Kartik Gupta
Kartik Gupta
Jabalpur, Madhya Pradesh•
5 hrs ago
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निगमायुक्त ने परखा जबलपुर शहर का विकास, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट और वाशिंग स्टेशन का औचक निरीक्षण,,,, जबलपुर - जबलपुर निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार आज सुबह से ही शहर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए सड़कों पर उतरे। उन्होंने कचरे से ऊर्जा बनाने वाले 'वेस्ट टू एनर्जी प्लांट' से लेकर कृषि उपज मंडी तक के विस्तृत क्षेत्र का सघन दौरा कर विकास कार्यों की जानकारी ली। दौरे की शुरुआत में निगमायुक्त ने वेस्ट

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टू एनर्जी प्लांट की कार्यप्रणाली देखी और कचरा निष्पादन की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन वाशिंग स्टेशन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके उपरांत उन्होंने दीनदयाल बस स्टैंड से चंडालभाटा और कृषि उपज मंडी तक पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। *मौके पर ही की चालानी कार्रवाई* शहर की स्वच्छता छवि को धूमिल करने वालों के खिलाफ आयुक्त

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ने कड़ा रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान मदिरा दुकान पर कार्रवाई की गई। इस संबंध में उन्होंने बताया कि गंदगी और अव्यवस्था पाए जाने पर एक शराब दुकान पर 5,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया। उन्होंने बताया कि कुल 10 अन्य मामलों में नियमों के उल्लंघन पर मौके पर ही चालान काटते हुए 7,500 रुपये की अर्थदंड वसूली की गई। भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य, उद्यान, अतिक्रमण और लोककर्म विभाग के अमले को निर्देशित करते

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हुए श्री अहिरवार ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर शहर की सफाई व्यवस्था के अलावा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष कर निर्देशित किया कि स्वच्छता अभियान हमारे लिए सर्वोपरि है। स्वच्छता के कार्यों को सभी लोग गंभीरता के साथ करें। निगमायुक्त श्री अहिरवार ने 15 अप्रैल के पहले स्वच्छता के लिए जारी सिटी प्रोफ़ाइल के अनुरूप कार्यों को व्यवस्थित कराएं। जबलपुर से कार्तिक गुप्ता की

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  • जबलपुर के करमचंद चौक 11 baje रात्रि एक imarat में अचानक आग लगने से अफरताफरि ka माहौल बना मौके पे police प्रशासन नगर निगम फायरबिर्गेट pahuch के आग बुझाने का lagatar प्रयास कर रहे
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    जबलपुर के करमचंद चौक 11 baje रात्रि एक imarat में अचानक आग लगने से अफरताफरि ka माहौल बना मौके पे police प्रशासन नगर निगम फायरबिर्गेट pahuch के आग  बुझाने का lagatar प्रयास कर रहे
    user_News_n_News
    News_n_News
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • viral video अशोक खरात (जिन्हें उनके अनुयायी 'कैप्टन' के नाम से भी पुकारते थे) मार्च 2026 में महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए एक बड़े यौन शोषण और धोखाधड़ी मामले का मुख्य आरोपी है। इस मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक गलियारों में काफी हलचल मचा दी थी। अशोक खरात और उससे जुड़े विवाद की मुख्य बातें यहाँ दी गई हैं: 1. गंभीर आरोप और गिरफ्तारी अशोक खरात को मार्च 2026 में नासिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस पर एक महिला ने बेहद गंभीर आरोप लगाए थे: • यौन शोषण: पीड़िता का आरोप था कि खरात ने कई वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया। • ब्लैकमेलिंग: आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता के आपत्तिजनक वीडियो बनाए थे और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर उसे चुप रखा था। • आर्थिक धोखाधड़ी: खरात पर पीड़िता से करोड़ों रुपये ठगने का भी आरोप लगा। 2. 'आध्यात्मिक गुरु' का चोला खरात खुद को एक आध्यात्मिक गुरु या 'बाबा' के रूप में पेश करता था। उसने नासिक और उसके आसपास के इलाकों में अपना एक बड़ा प्रभाव बना रखा था। वह अक्सर सफेद कपड़ों में दिखता था और खुद को 'कैप्टन' कहलवाना पसंद करता था। 3. हाई-प्रोफाइल संबंध पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि खरात के संबंध कई प्रभावशाली राजनेताओं और अधिकारियों के साथ थे। • रुपाली चाकणकर विवाद: महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की तत्कालीन अध्यक्षा रुपाली चाकणकर के साथ उसके पुराने वीडियो वायरल हुए, जिसमें वह उसके पैर धोती नजर आ रही थीं। इसी विवाद के चलते चाकणकर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। • SIT जांच: मामले की गंभीरता और राजनीतिक कनेक्शन को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इस केस की जांच के लिए एक SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया है। 4. पुलिस की बरामदगी गिरफ्तारी के बाद खरात के ठिकानों पर की गई छापेमारी में पुलिस को कई चौंकाने वाली चीजें मिलीं: • कई महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें। • बड़ी मात्रा में नकदी और संपत्ति के दस्तावेज। • कुछ ऐसे सबूत जिनसे संकेत मिले कि वह महिलाओं को डरा-धमका कर उनका शोषण करता था। वर्तमान स्थिति अशोक खरात फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और SIT उसके द्वारा किए गए अन्य संभावित अपराधों और उसके 'वित्तीय साम्राज्य' की जांच कर रही है। इस मामले ने महाराष्ट्र में धर्म के नाम पर शोषण करने वाले 'स्वयंभू बाबाओं' के खिलाफ एक नई बहस छेड़ दी है।
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    viral video अशोक खरात (जिन्हें उनके अनुयायी 'कैप्टन' के नाम से भी पुकारते थे) मार्च 2026 में महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए एक बड़े यौन शोषण और धोखाधड़ी मामले का मुख्य आरोपी है। इस मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक गलियारों में काफी हलचल मचा दी थी।
अशोक खरात और उससे जुड़े विवाद की मुख्य बातें यहाँ दी गई हैं:
1. गंभीर आरोप और गिरफ्तारी
अशोक खरात को मार्च 2026 में नासिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस पर एक महिला ने बेहद गंभीर आरोप लगाए थे:
• यौन शोषण: पीड़िता का आरोप था कि खरात ने कई वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया।
• ब्लैकमेलिंग: आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता के आपत्तिजनक वीडियो बनाए थे और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर उसे चुप रखा था।
• आर्थिक धोखाधड़ी: खरात पर पीड़िता से करोड़ों रुपये ठगने का भी आरोप लगा।
2. 'आध्यात्मिक गुरु' का चोला
खरात खुद को एक आध्यात्मिक गुरु या 'बाबा' के रूप में पेश करता था। उसने नासिक और उसके आसपास के इलाकों में अपना एक बड़ा प्रभाव बना रखा था। वह अक्सर सफेद कपड़ों में दिखता था और खुद को 'कैप्टन' कहलवाना पसंद करता था।
3. हाई-प्रोफाइल संबंध
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि खरात के संबंध कई प्रभावशाली राजनेताओं और अधिकारियों के साथ थे।
• रुपाली चाकणकर विवाद: महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की तत्कालीन अध्यक्षा रुपाली चाकणकर के साथ उसके पुराने वीडियो वायरल हुए, जिसमें वह उसके पैर धोती नजर आ रही थीं। इसी विवाद के चलते चाकणकर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
• SIT जांच: मामले की गंभीरता और राजनीतिक कनेक्शन को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इस केस की जांच के लिए एक SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया है।
4. पुलिस की बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद खरात के ठिकानों पर की गई छापेमारी में पुलिस को कई चौंकाने वाली चीजें मिलीं:
• कई महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें।
• बड़ी मात्रा में नकदी और संपत्ति के दस्तावेज।
• कुछ ऐसे सबूत जिनसे संकेत मिले कि वह महिलाओं को डरा-धमका कर उनका शोषण करता था।
वर्तमान स्थिति
अशोक खरात फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और SIT उसके द्वारा किए गए अन्य संभावित अपराधों और उसके 'वित्तीय साम्राज्य' की जांच कर रही है। इस मामले ने महाराष्ट्र में धर्म के नाम पर शोषण करने वाले 'स्वयंभू बाबाओं' के खिलाफ एक नई बहस छेड़ दी है।
    user_M media 📺
    M media 📺
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • रायपुर से हुई मास्टरमाइंड की गिरफ्तारीजमीन धोखाधड़ी मामले में ढीमरखेडा पुलिस को मिली सफलता
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    रायपुर से हुई मास्टरमाइंड की गिरफ्तारीजमीन धोखाधड़ी मामले में ढीमरखेडा पुलिस को मिली सफलता
    user_Bbmm time news
    Bbmm time news
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • kayangi jabalpur madhya pradesh katangi chaupati me gandi naliyo se bahut kharab smell ati hai or kuch kha bhi nahi pate hai esliye esko jaldi se clen kro
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    kayangi jabalpur madhya pradesh katangi chaupati me gandi naliyo se bahut kharab smell ati hai or kuch kha bhi nahi pate hai esliye esko jaldi se clen kro
    user_Ajeet Chakraborty
    Ajeet Chakraborty
    Jabalpur, Madhya Pradesh•
    1 day ago
  • मध्य प्रदेश का किसान एक बार फिर व्यवस्था की चक्की में पिसने को मजबूर है। एक तरफ राज्य की मोहन सरकार ने 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी का ढिंढोरा पीटा, तो दूसरी तरफ हकीकत के धरातल पर किसान अपनी उपज लेकर दर-दर भटक रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार, कई संभागों में खरीदी की तारीख को आगे बढ़ाकर 10 से 15 अप्रैल कर दिया गया है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। शिवराज सिंह के '8 गुना आय' वाले दावे पर सवाल सदन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में दावा किया कि केंद्र के प्रयासों से किसानों की आय कई मामलों में 8 गुना तक बढ़ गई है। लेकिन विपक्ष और किसान संगठनों का कहना है कि ये दावे केवल कागजों और दूरबीनों तक सीमित हैं। हकीकत का आईना: जमीनी स्तर पर किसान कर्ज के बोझ तले दबा है। तारीखों का खेल: कर्ज की किश्त (KCC) चुकाने की आखिरी तारीख (31 मार्च) निकल चुकी है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर खरीदी शुरू न होने के कारण किसान को मजबूरी में अपना अनाज कम दामों पर व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है। "मध्य प्रदेश का लाल, किसानों का हाल बेहाल" सबसे बड़ा कटाक्ष देश के कृषि मंत्री पर हो रहा है, जो स्वयं मध्य प्रदेश की माटी से आते हैं। आरोप लग रहे हैं कि जिस राज्य ने उन्हें इस ऊंचाई तक पहुँचाया, आज वहीं का किसान सुरक्षा, संवेदना और समाधान के लिए तरस रहा है। "सरकार ने पहले 16 मार्च की तारीख दी, फिर 1 अप्रैल और अब इसे फिर बढ़ा दिया गया है। क्या सरकार के पास बारदाने (जूट बैग) की कमी है या किसान की मेहनत की कोई कीमत नहीं?" — विपक्षी दलों का तीखा हमला। मुख्य मुद्दे जो किसानों को सता रहे हैं: कर्ज का चक्र: 31 मार्च तक कर्ज न चुका पाने पर ब्याज की छूट (Interest Subvention) खत्म हो जाती है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ गया है। लापरवाही का आलम: बार-बार खरीदी की तारीखें बदलना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। मजबूरी में कम दाम: सरकारी तुलाई शुरू न होने से बिचौलिए सक्रिय हैं और किसान ₹2625 (बोनस सहित MSP) की जगह औने-पौने दामों पर फसल बेच रहा है। निष्कर्ष: क्या कृषि मंत्री के 'आठ गुना आय' वाले दावों में मध्य प्रदेश के उन किसानों की गिनती भी शामिल है जो आज अपनी फसल के सही दाम के लिए उपार्जन केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं? यह सवाल आज प्रदेश के हर खेत-खलिहान में गूंज रहा है।
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    मध्य प्रदेश का किसान एक बार फिर व्यवस्था की चक्की में पिसने को मजबूर है। एक तरफ राज्य की मोहन सरकार ने 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी का ढिंढोरा पीटा, तो दूसरी तरफ हकीकत के धरातल पर किसान अपनी उपज लेकर दर-दर भटक रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार, कई संभागों में खरीदी की तारीख को आगे बढ़ाकर 10 से 15 अप्रैल कर दिया गया है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।
शिवराज सिंह के '8 गुना आय' वाले दावे पर सवाल
सदन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में दावा किया कि केंद्र के प्रयासों से किसानों की आय कई मामलों में 8 गुना तक बढ़ गई है। लेकिन विपक्ष और किसान संगठनों का कहना है कि ये दावे केवल कागजों और दूरबीनों तक सीमित हैं।
हकीकत का आईना: जमीनी स्तर पर किसान कर्ज के बोझ तले दबा है।
तारीखों का खेल: कर्ज की किश्त (KCC) चुकाने की आखिरी तारीख (31 मार्च) निकल चुकी है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर खरीदी शुरू न होने के कारण किसान को मजबूरी में अपना अनाज कम दामों पर व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है।
"मध्य प्रदेश का लाल, किसानों का हाल बेहाल"
सबसे बड़ा कटाक्ष देश के कृषि मंत्री पर हो रहा है, जो स्वयं मध्य प्रदेश की माटी से आते हैं। आरोप लग रहे हैं कि जिस राज्य ने उन्हें इस ऊंचाई तक पहुँचाया, आज वहीं का किसान सुरक्षा, संवेदना और समाधान के लिए तरस रहा है।
"सरकार ने पहले 16 मार्च की तारीख दी, फिर 1 अप्रैल और अब इसे फिर बढ़ा दिया गया है। क्या सरकार के पास बारदाने (जूट बैग) की कमी है या किसान की मेहनत की कोई कीमत नहीं?" — विपक्षी दलों का तीखा हमला।
मुख्य मुद्दे जो किसानों को सता रहे हैं:
कर्ज का चक्र: 31 मार्च तक कर्ज न चुका पाने पर ब्याज की छूट (Interest Subvention) खत्म हो जाती है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ गया है।
लापरवाही का आलम: बार-बार खरीदी की तारीखें बदलना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
मजबूरी में कम दाम: सरकारी तुलाई शुरू न होने से बिचौलिए सक्रिय हैं और किसान ₹2625 (बोनस सहित MSP) की जगह औने-पौने दामों पर फसल बेच रहा है।
निष्कर्ष: क्या कृषि मंत्री के 'आठ गुना आय' वाले दावों में मध्य प्रदेश के उन किसानों की गिनती भी शामिल है जो आज अपनी फसल के सही दाम के लिए उपार्जन केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं? यह सवाल आज प्रदेश के हर खेत-खलिहान में गूंज रहा है।
    user_Deepak Vishawakarma
    Deepak Vishawakarma
    Photographer Panagar, Jabalpur•
    6 hrs ago
  • Aaj to dosto ne sach me April Fool bana diya… aur main serious hi raha 🤡😂 Hashtags 🔥: #AprilFool #ComedyVideo #DesiComedy #FunnyReels #ViralVideo
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    Aaj to dosto ne sach me April Fool bana diya… aur main serious hi raha 🤡😂
Hashtags 🔥:
#AprilFool #ComedyVideo #DesiComedy #FunnyReels #ViralVideo
    user_Rahul Lakhera
    Rahul Lakhera
    Actor सिहोरा, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • घटना को अंजाम देने वाला आरोपी तुलसीराम ठाकुर चंद घंटो के अंदर गिरफ्तार। • आरोपी द्वारा शराब के नशे में दिया गया घटना को अंजाम। • आरोपी के दो साथियों के विरुद्ध कठोर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही। दिनांक 31.03.2026 की सुबह थाना तेन्दूखेड़ा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि मदनपुर के पास स्थित ग्राम बरेली में रोड किनारे बने एक मंदिर में स्थापित मूर्ति को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। अज्ञात आरोपी की पतासाजी हेतु विशेष टीमों का गठन: मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक, डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा अज्ञात आरोपी की पतासाजी एवं शीघ्र गिरफ्तारी हेतु तत्काल तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है, जिन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मौके पर पहुंचकर पुलिस द्वारा मंदिर परिसर का निरीक्षण किया गया तथा मूर्ति को हुए नुकसान का जायजा लिया गया। आसपास के क्षेत्र में सघन जांच करते हुए स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई एवं संभावित साक्ष्य एकत्रित किए गए। साथ ही पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों के संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाई गयी। शराब के नशे में दिया गया घटना को अंजाम: पुलिस टीम द्वारा तत्परता पूर्वक की गई कार्यवाही के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त मंदिर के पास रात्रि में कुछ व्यक्तियों द्वारा शराब का सेवन किया जा रहा था। पुलिस टीम द्वारा सक्रियता दिखाते हुए संबंधित व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम बरेली निवासी तुलसीराम ठाकुर द्वारा अपने दो अन्य साथियों के साथ शराब का सेवन किया गया था। शराब सेवन के पश्चात उसके दोनों साथी अपने-अपने घर चले गए, जबकि तुलसीराम ठाकुर मंदिर के पास ही सो गया। इसी दौरान नशे की हालत में तुलसीराम ठाकुर द्वारा मंदिर में स्थापित मूर्ति को नुकसान पहुंचाया जाना पाया गया। आरोपी को चंद घंटों में लिया गया अभिरक्षा में: पुलिस टीम द्वारा सक्रियता से कार्यवाही करते हुए आरोपी तुलसीराम ठाकुर की तलाश की गई, जिसे ग्राम बरेली स्थित खेत से अभिरक्षा में लिया गया। आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करते हुए उसके खिलाफ धारा 298 बी.एन.एस. के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी के साथियों के विरुद्ध कठोर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही:* घटना को अंजाम देने वाले आरोपी तुलसीराम ठाकुर के साथ घटना दिनांक को शराब का सेवन करने वाले अन्य दो साथियों कमलेश ठाकुर एवं रामसिंह ठाकुर के विरूद्ध भी कठोर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गयी है।
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    घटना को अंजाम देने वाला आरोपी तुलसीराम ठाकुर चंद घंटो के अंदर गिरफ्तार।
•	आरोपी द्वारा शराब के नशे में दिया गया घटना को अंजाम।
•	आरोपी के दो साथियों के विरुद्ध कठोर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही।
दिनांक 31.03.2026 की सुबह थाना तेन्दूखेड़ा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि मदनपुर के पास स्थित ग्राम बरेली में रोड किनारे बने एक मंदिर में स्थापित मूर्ति को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।
अज्ञात आरोपी की पतासाजी हेतु विशेष टीमों का गठन:
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक, डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा अज्ञात आरोपी की पतासाजी एवं शीघ्र गिरफ्तारी हेतु तत्काल तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है, जिन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
मौके पर पहुंचकर पुलिस द्वारा मंदिर परिसर का निरीक्षण किया गया तथा मूर्ति को हुए नुकसान का जायजा लिया गया। आसपास के क्षेत्र में सघन जांच करते हुए स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई एवं संभावित साक्ष्य एकत्रित किए गए। साथ ही पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों के संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाई गयी।  
शराब के नशे में दिया गया घटना को अंजाम:
पुलिस टीम द्वारा तत्परता पूर्वक की गई कार्यवाही के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त मंदिर के पास रात्रि में कुछ व्यक्तियों द्वारा शराब का सेवन किया जा रहा था। पुलिस टीम द्वारा सक्रियता दिखाते हुए संबंधित व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित की गई।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम बरेली निवासी तुलसीराम ठाकुर द्वारा अपने दो अन्य साथियों के साथ शराब का सेवन किया गया था। शराब सेवन के पश्चात उसके दोनों साथी अपने-अपने घर चले गए, जबकि तुलसीराम ठाकुर मंदिर के पास ही सो गया। इसी दौरान नशे की हालत में तुलसीराम ठाकुर द्वारा मंदिर में स्थापित मूर्ति को नुकसान पहुंचाया जाना पाया गया।
आरोपी को चंद घंटों में लिया गया अभिरक्षा में: पुलिस टीम द्वारा सक्रियता से कार्यवाही करते हुए आरोपी तुलसीराम ठाकुर की तलाश की गई, जिसे ग्राम बरेली स्थित खेत से अभिरक्षा में लिया गया। आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करते हुए उसके खिलाफ धारा 298 बी.एन.एस. के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
आरोपी के साथियों के विरुद्ध कठोर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही:* घटना को अंजाम देने वाले आरोपी तुलसीराम ठाकुर के साथ घटना दिनांक को शराब का सेवन करने वाले अन्य दो साथियों कमलेश ठाकुर एवं रामसिंह ठाकुर के विरूद्ध भी कठोर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गयी है।
    user_Shrikant Dubay पत्रकार
    Shrikant Dubay पत्रकार
    TV News Anchor Gotegaon, Narsinghpur•
    6 hrs ago
  • अशोक खरात (जिन्हें उनके अनुयायी 'कैप्टन' के नाम से भी पुकारते थे) मार्च 2026 में महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए एक बड़े यौन शोषण और धोखाधड़ी मामले का मुख्य आरोपी है। इस मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक गलियारों में काफी हलचल मचा दी थी। अशोक खरात और उससे जुड़े विवाद की मुख्य बातें यहाँ दी गई हैं: 1. गंभीर आरोप और गिरफ्तारी अशोक खरात को मार्च 2026 में नासिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस पर एक महिला ने बेहद गंभीर आरोप लगाए थे: • यौन शोषण: पीड़िता का आरोप था कि खरात ने कई वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया। • ब्लैकमेलिंग: आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता के आपत्तिजनक वीडियो बनाए थे और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर उसे चुप रखा था। • आर्थिक धोखाधड़ी: खरात पर पीड़िता से करोड़ों रुपये ठगने का भी आरोप लगा। 2. 'आध्यात्मिक गुरु' का चोला खरात खुद को एक आध्यात्मिक गुरु या 'बाबा' के रूप में पेश करता था। उसने नासिक और उसके आसपास के इलाकों में अपना एक बड़ा प्रभाव बना रखा था। वह अक्सर सफेद कपड़ों में दिखता था और खुद को 'कैप्टन' कहलवाना पसंद करता था। 3. हाई-प्रोफाइल संबंध पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि खरात के संबंध कई प्रभावशाली राजनेताओं और अधिकारियों के साथ थे। • रुपाली चाकणकर विवाद: महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की तत्कालीन अध्यक्षा रुपाली चाकणकर के साथ उसके पुराने वीडियो वायरल हुए, जिसमें वह उसके पैर धोती नजर आ रही थीं। इसी विवाद के चलते चाकणकर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। • SIT जांच: मामले की गंभीरता और राजनीतिक कनेक्शन को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इस केस की जांच के लिए एक SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया है। 4. पुलिस की बरामदगी गिरफ्तारी के बाद खरात के ठिकानों पर की गई छापेमारी में पुलिस को कई चौंकाने वाली चीजें मिलीं: • कई महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें। • बड़ी मात्रा में नकदी और संपत्ति के दस्तावेज। • कुछ ऐसे सबूत जिनसे संकेत मिले कि वह महिलाओं को डरा-धमका कर उनका शोषण करता था। वर्तमान स्थिति अशोक खरात फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और SIT उसके द्वारा किए गए अन्य संभावित अपराधों और उसके 'वित्तीय साम्राज्य' की जांच कर रही है। इस मामले ने महाराष्ट्र में धर्म के नाम पर शोषण करने वाले 'स्वयंभू बाबाओं' के खिलाफ एक नई बहस छेड़ दी है।
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    अशोक खरात (जिन्हें उनके अनुयायी 'कैप्टन' के नाम से भी पुकारते थे) मार्च 2026 में महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए एक बड़े यौन शोषण और धोखाधड़ी मामले का मुख्य आरोपी है। इस मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक गलियारों में काफी हलचल मचा दी थी।
अशोक खरात और उससे जुड़े विवाद की मुख्य बातें यहाँ दी गई हैं:
1. गंभीर आरोप और गिरफ्तारी
अशोक खरात को मार्च 2026 में नासिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस पर एक महिला ने बेहद गंभीर आरोप लगाए थे:
• यौन शोषण: पीड़िता का आरोप था कि खरात ने कई वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया।
• ब्लैकमेलिंग: आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता के आपत्तिजनक वीडियो बनाए थे और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर उसे चुप रखा था।
• आर्थिक धोखाधड़ी: खरात पर पीड़िता से करोड़ों रुपये ठगने का भी आरोप लगा।
2. 'आध्यात्मिक गुरु' का चोला
खरात खुद को एक आध्यात्मिक गुरु या 'बाबा' के रूप में पेश करता था। उसने नासिक और उसके आसपास के इलाकों में अपना एक बड़ा प्रभाव बना रखा था। वह अक्सर सफेद कपड़ों में दिखता था और खुद को 'कैप्टन' कहलवाना पसंद करता था।
3. हाई-प्रोफाइल संबंध
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि खरात के संबंध कई प्रभावशाली राजनेताओं और अधिकारियों के साथ थे।
• रुपाली चाकणकर विवाद: महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की तत्कालीन अध्यक्षा रुपाली चाकणकर के साथ उसके पुराने वीडियो वायरल हुए, जिसमें वह उसके पैर धोती नजर आ रही थीं। इसी विवाद के चलते चाकणकर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
• SIT जांच: मामले की गंभीरता और राजनीतिक कनेक्शन को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इस केस की जांच के लिए एक SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया है।
4. पुलिस की बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद खरात के ठिकानों पर की गई छापेमारी में पुलिस को कई चौंकाने वाली चीजें मिलीं:
• कई महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें।
• बड़ी मात्रा में नकदी और संपत्ति के दस्तावेज।
• कुछ ऐसे सबूत जिनसे संकेत मिले कि वह महिलाओं को डरा-धमका कर उनका शोषण करता था।
वर्तमान स्थिति
अशोक खरात फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और SIT उसके द्वारा किए गए अन्य संभावित अपराधों और उसके 'वित्तीय साम्राज्य' की जांच कर रही है। इस मामले ने महाराष्ट्र में धर्म के नाम पर शोषण करने वाले 'स्वयंभू बाबाओं' के खिलाफ एक नई बहस छेड़ दी है।
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    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
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