अहंकारी का अंत तय: गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन, छप्पन भोग से सजी भक्ति की थाल भितरवार। नगर के कुशवाह परिवार द्वारा वार्ड नंबर 13 स्थित देव स्थान (प्रीत बाबा) पर आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस मंगलवार को कथा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। भागवत कथा के वक्ता पं. रामप्रकाश शास्त्री (चंद्रास्वामी) ने भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि अहंकार का अंत निश्चित होता है। उन्होंने बताया कि देवराज इंद्र अपने अहंकार में चूर होकर ब्रजवासियों पर प्रलयकारी वर्षा करने लगे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र के अहंकार को चूर किया। कथा के दौरान गोवर्धन लीला की सुंदर झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इस अवसर पर भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया। विभिन्न प्रकार के व्यंजन और मिष्ठान से सजी भोग थालियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। इससे पूर्व उन्होंने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं की भी कथा का वर्णन श्रोताओं को सुनाया। कथा के आयोजन में भजन-कीर्तन के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा के अंत में भगवान की महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर श्याम सिंह कुशवाह, सुनमान सिंह कुशवाह, कमलेश कुशवाह, पातीराम कुशवाह, प्रताप सिंह, हरि किशोर कुशवाह, सोवरन सिंह सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अहंकारी का अंत तय: गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन, छप्पन भोग से सजी भक्ति की थाल भितरवार। नगर के कुशवाह परिवार द्वारा वार्ड नंबर 13 स्थित देव स्थान (प्रीत बाबा) पर आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस मंगलवार को कथा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। भागवत कथा के वक्ता पं. रामप्रकाश शास्त्री (चंद्रास्वामी) ने भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि अहंकार का अंत निश्चित होता है। उन्होंने बताया कि देवराज इंद्र अपने अहंकार में चूर होकर ब्रजवासियों पर प्रलयकारी वर्षा करने लगे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की और
इंद्र के अहंकार को चूर किया। कथा के दौरान गोवर्धन लीला की सुंदर झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इस अवसर पर भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया। विभिन्न प्रकार के व्यंजन और मिष्ठान से सजी भोग थालियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। इससे पूर्व उन्होंने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं की भी कथा का वर्णन श्रोताओं को सुनाया। कथा के आयोजन में भजन-कीर्तन के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा के अंत में भगवान की महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर श्याम सिंह कुशवाह, सुनमान सिंह कुशवाह, कमलेश कुशवाह, पातीराम कुशवाह, प्रताप सिंह, हरि किशोर कुशवाह, सोवरन सिंह सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
- *भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री घनश्याम पिरोनिया की बाइट:-*1
- कल नगर परिषद मगरौनी में भगवान परशुराम जयंती का जुलूस बहुत ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ निकाला गया इस पावन अवसर पर पूरे नगर में उत्सव का माहौल रहा1
- दामोदर यादव ने प्रीतम लोधी से जुड़े विवाद में बड़ा बयान देकर सियासी माहौल गरमा दिया है। लोधी समाज की एक अहम बैठक में यादव ने आरोप लगाया कि विधायक के खिलाफ उनकी ही पार्टी के भीतर साजिश रची जा रही है। यादव ने कहा कि विधायक के बेटे से जुड़ी सड़क दुर्घटना को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, जबकि ऐसी घटनाएं किसी के साथ भी हो सकती हैं और यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है, न कि जानबूझकर किया गया कृत्य। उन्होंने करैरा के SDOP पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर किसके इशारे पर विधायक के बेटे को “देख लेने” जैसी धमकी दी जा रही है। यादव के मुताबिक, किसी अधिकारी की यह हिम्मत नहीं हो सकती कि वह सत्ताधारी दल के विधायक को इस तरह धमकाए। आगे उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के ही कुछ नेता प्रीतम लोधी को निशाना बना रहे हैं और उनका राजनीतिक अपमान कराया जा रहा है। यादव ने यह भी कहा कि विधायक बनने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है और वे आज भी उनके समर्थन में खड़े हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो वे आंदोलन की स्थिति में पूरी तरह से विधायक प्रीतम लोधी के साथ खड़े रहेंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस विवाद के और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।1
- डबरा – कृषि उपज मंडी में फिर हंगामा। किसानों के ट्रैक्टर ट्रॉली से लगा सड़कों पर जाम। व्यापारियों द्वारा उपज खरीदी बंद करने पर हुआ किसानों का हंगामा।1
- दतिया 23 अप्रैल --------------------- दतिया/एक मां की आंखों में बेबसी और दिल में उम्मीद लिए की गई गुहार ने प्रशासन को झकझोर दिया मेरा बेटा मुझे वापस दिला दीजिए इस एक विनती पर जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया कलेक्टर स्वप्निल वानखडे के निर्देश पर तत्काल ओडिशा शासन और वहां के जिला प्रशासन से संपर्क साधा गया दोनों राज्यों के प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए लगातार प्रयास किए गए नतीजा महज दो दिनों के भीतर नाबालिक बच्चों को सुरक्षित छुड़ाकर दतिया वापस लाया गया प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्चा ओडिशा में बंधक बनाकर श्रम में लगाया गया था प्रशासन ने मानवीय संवेदन शीलता और गंभीरता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की और बच्चे को सकुशल उसके परिवार से मिलाया यह घटना सिर्फ एक बच्चे की घर वापसी नहीं बल्कि एक मां के विश्वास की जीत है और प्रशासन की संवेदनशीलता का प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है जहां हर नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है1
- Post by Lakshya News tv1
- दामोदर यादव नई मान रये अपने बयान पर अडिग कई सवाल पर जबाव अलग आप लोगन को का कैबो कमेंट करके जरूर बताओ1
- केदारनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत में गुजरात के श्रद्धालु की की मौत, प्रशासन पर सवाल..... केदारनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत एक दर्दनाक खबर के साथ हुई। Kedarnath Temple के कपाट खुलने के पहले ही दिन गुजरात के श्रद्धालु दिलीप भाई माली की कथित तौर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिवार के अनुसार, उनके बेटे ने कई बार हेलिकॉप्टर की मदद से शव को नीचे लाने की गुहार लगाई, लेकिन दावा है कि DGCA के नए नियमों के तहत NOC न होने की वजह से अनुमति नहीं दी गई। यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं रहा, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है। क्या सख्त एविएशन नियम आपात स्थिति में भी लागू होने चाहिए? क्या इमरजेंसी के लिए अलग और तेज़ व्यवस्था नहीं होनी चाहिए थी? और सबसे बड़ा सवाल-क्या नियम सभी पर समान रूप से लागू हो रहे हैं, या वीआईपी और आम श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था है? Uttarakhand में हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन परिस्थितियों में इस पवित्र यात्रा पर निकलते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी सिर्फ व्यवस्था संभालने की नहीं, बल्कि हर आपात स्थिति में तुरंत और मानवीय प्रतिक्रिया देने की भी होती है। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है-क्या हमारी तैयारियां इस तरह की उच्च जोखिम वाली यात्राओं के लिए पर्याप्त हैं? क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है?1