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*मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है। यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अब सवाल यह उठ रहा है कि — ➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया? ➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? ➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।

1 hr ago
user_Shahid Qureshi
Shahid Qureshi
दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

*मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है। यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अब सवाल यह उठ रहा है कि — ➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया? ➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? ➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।

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  • *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है। यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अब सवाल यह उठ रहा है कि — ➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया? ➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? ➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है। *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है। यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अब सवाल यह उठ रहा है कि — ➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया? ➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? ➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
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    *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!*


भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है।
यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि —
➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया?
➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया?
➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
*मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!*
भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है।
यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि —
➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया?
➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया?
➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
    user_Safik kazi Midia
    Safik kazi Midia
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    9 min ago
  • दतिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: स्कॉर्पियो से हो रही अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़, ₹4.61 लाख की शराब और वाहन जब्त अतरेटा थाना पुलिस की घेराबंदी में पकड़े गए दो तस्कर, भारी मात्रा में शराब बरामद, भेजे गए जेल दतिया जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कॉर्पियो वाहन से शराब की खेप ले जा रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना अतरेटा पुलिस की इस कार्रवाई में करीब ₹4 लाख 61 हजार 160 कीमत की अवैध शराब और वाहन जब्त किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 09 मई 2026 को थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन में अवैध शराब की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई और खमरोली तिराहा स्थित चिताई मोड़ के पास घेराबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की गई। इसी दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने वाहन से 05 पेटी लाल प्लेन मदिरा, 07 पेटी सफेद मदिरा और 04 पेटी बीयर सहित कुल 146 लीटर शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹61,160 बताई गई है। इसके अलावा शराब परिवहन में उपयोग की जा रही सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹4 लाख आंकी गई है। इस प्रकार कुल जब्त मशरूका की कीमत ₹4,61,160 रही। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों विकास पुत्र जसवंत सिंह लोधी एवं सतेंद्र पुत्र अजब सिंह लोधी, निवासी ग्राम रावपुरा थाना गोरमी जिला भिंड को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला उप जेल सेवड़ा भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत, ओर उनकी टीम की कार्यवाही।
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    दतिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: स्कॉर्पियो से हो रही अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़, ₹4.61 लाख की शराब और वाहन जब्त
अतरेटा थाना पुलिस की घेराबंदी में पकड़े गए दो तस्कर, भारी मात्रा में शराब बरामद, भेजे गए जेल
दतिया जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कॉर्पियो वाहन से शराब की खेप ले जा रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना अतरेटा पुलिस की इस कार्रवाई में करीब ₹4 लाख 61 हजार 160 कीमत की अवैध शराब और वाहन जब्त किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 09 मई 2026 को थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन में अवैध शराब की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई और खमरोली तिराहा स्थित चिताई मोड़ के पास घेराबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की गई।
इसी दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने वाहन से 05 पेटी लाल प्लेन मदिरा, 07 पेटी सफेद मदिरा और 04 पेटी बीयर सहित कुल 146 लीटर शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹61,160 बताई गई है।
इसके अलावा शराब परिवहन में उपयोग की जा रही सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹4 लाख आंकी गई है। इस प्रकार कुल जब्त मशरूका की कीमत ₹4,61,160 रही।
पुलिस ने मौके से दो आरोपियों विकास पुत्र जसवंत सिंह लोधी एवं सतेंद्र पुत्र अजब सिंह लोधी, निवासी ग्राम रावपुरा थाना गोरमी जिला भिंड को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला उप जेल सेवड़ा भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत, ओर उनकी टीम की कार्यवाही।
    user_P Goyal
    P Goyal
    दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    16 min ago
  • दतिया में गेहूं खरीदी पर सवाल, सर्वेयरों पर लापरवाही के आरोप दतिया। जिले के उपार्जन केंद्रों पर गेहूं खरीदी में लापरवाही और मिलावट के आरोप सामने आ रहे हैं। मामला उनाव रोड स्थित बिहार हाउस बुधेड़ा उपार्जन केंद्र का बताया जा रहा है, जहां सर्वेयरों पर खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की अनदेखी कर खरीदी कराने के आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार, सर्वेयरों की जिम्मेदारी गेहूं की गुणवत्ता जांचने की होती है। यदि गेहूं में मिट्टी, कचरा या खराब अनाज पाया जाता है तो उसे खरीदी से अलग किया जाना चाहिए। बावजूद इसके केंद्र पर कथित रूप से नियमों की अनदेखी की जा रही है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शी खरीदी व्यवस्था बनाए रखने और गुणवत्ताहीन गेहूं को अस्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ सर्वेयरों की लापरवाही के कारण मिट्टी और कचरा मिश्रित गेहूं को भी खरीदी योग्य बताया जा रहा है, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। मामले को लेकर जब केंद्र प्रबंधन से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच कराई जा रही है। यदि किसी सर्वेयर की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरोपों के घेरे में आए कुछ सर्वेयरों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि उन्हें हटाया गया तो वे पूरे मामले की “पोल खोल” देंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता एवं गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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    दतिया में गेहूं खरीदी पर सवाल, सर्वेयरों पर लापरवाही के आरोप
दतिया। जिले के उपार्जन केंद्रों पर गेहूं खरीदी में लापरवाही और मिलावट के आरोप सामने आ रहे हैं। मामला उनाव रोड स्थित बिहार हाउस बुधेड़ा उपार्जन केंद्र का बताया जा रहा है, जहां सर्वेयरों पर खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की अनदेखी कर खरीदी कराने के आरोप लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, सर्वेयरों की जिम्मेदारी गेहूं की गुणवत्ता जांचने की होती है। यदि गेहूं में मिट्टी, कचरा या खराब अनाज पाया जाता है तो उसे खरीदी से अलग किया जाना चाहिए। बावजूद इसके केंद्र पर कथित रूप से नियमों की अनदेखी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शी खरीदी व्यवस्था बनाए रखने और गुणवत्ताहीन गेहूं को अस्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ सर्वेयरों की लापरवाही के कारण मिट्टी और कचरा मिश्रित गेहूं को भी खरीदी योग्य बताया जा रहा है, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
मामले को लेकर जब केंद्र प्रबंधन से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच कराई जा रही है। यदि किसी सर्वेयर की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, आरोपों के घेरे में आए कुछ सर्वेयरों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि उन्हें हटाया गया तो वे पूरे मामले की “पोल खोल” देंगे।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता एवं गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
    user_Shahid Qureshi
    Shahid Qureshi
    दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • तालबेट हाईवे पर बड़ा हादसा टला, ओवरलोड टार फटने से बेकाबू हुई लोडिंग गाड़ी, सामने से आ रही गाड़ी से टकराकर पलटी,हादसे में कोई जनहानि नहीं, चालक सुरक्षित तालबेट के पास हाईवे रोड पर एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। ओवरलोड माल से भरी एक लोडिंग गाड़ी का टायर फटने के बाद वाहन अनियंत्रित हो गया और सामने से आ रही दूसरी लोडिंग गाड़ी से टकराकर पलट गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, हाईवे से गुजर रही लोडिंग गाड़ी में भारी मात्रा में माल भरा हुआ था। इसी दौरान अचानक गाड़ी का आगे का टायर फट गया, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। अनियंत्रित लोडिंग गाड़ी सामने से आ रही दूसरी लोडिंग वाहन से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक गाड़ी सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर चालक और अन्य लोगों को बाहर निकाला। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि वाहनों को नुकसान पहुंचा है। हादसे के बाद कुछ देर तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए यातायात को सुचारु कराया।
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    तालबेट हाईवे पर बड़ा हादसा टला, ओवरलोड टार फटने से बेकाबू हुई लोडिंग गाड़ी, सामने से आ रही गाड़ी से टकराकर पलटी,हादसे में कोई जनहानि नहीं, चालक सुरक्षित
तालबेट के पास हाईवे रोड पर एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। ओवरलोड माल से भरी एक लोडिंग गाड़ी का टायर फटने के बाद वाहन अनियंत्रित हो गया और सामने से आ रही दूसरी लोडिंग गाड़ी से टकराकर पलट गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, हाईवे से गुजर रही लोडिंग गाड़ी में भारी मात्रा में माल भरा हुआ था। इसी दौरान अचानक गाड़ी का आगे का टायर फट गया, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।
अनियंत्रित लोडिंग गाड़ी सामने से आ रही दूसरी लोडिंग वाहन से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक गाड़ी सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर चालक और अन्य लोगों को बाहर निकाला। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि वाहनों को नुकसान पहुंचा है।
हादसे के बाद कुछ देर तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए यातायात को सुचारु कराया।
    user_Vikas Sen
    Vikas Sen
    Photographer दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है। यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अब सवाल यह उठ रहा है कि — ➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया? ➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? ➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
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    *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!*


*मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!*
भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है।
यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि —
➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया?
➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया?
➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
    user_भूपेन्द्र जिगना
    भूपेन्द्र जिगना
    News Anchor दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • दतिया तहसील कार्यालय में अपना काम न होने से परेशान व्यक्ति.. Jansampark Madhya Pradesh Collector Office Datia Dr Mohan Yadav
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    दतिया तहसील कार्यालय में अपना काम न होने से परेशान व्यक्ति..
Jansampark Madhya Pradesh Collector Office Datia Dr Mohan Yadav
    user_AD SINGH DHAKAD
    AD SINGH DHAKAD
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • दतिया में महिला के साथ तमंचे की नौक पर लूट का मामला आया सामने।
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    दतिया में महिला के साथ तमंचे की नौक पर लूट का मामला आया सामने।
    user_BOLTA MP
    BOLTA MP
    News anchoring news reporter. दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • थाना अतरेटा, जिला दतिया दिनांक : 09 मई 2026 *दतिया पुलिस की अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्यवाही* *स्कॉर्पियो वाहन से शराब की तस्करी कर रहे आरोपियों को थाना अतरेटा पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा* *करीबन ₹4,61,160/- कीमती अवैध शराब एवं वाहन जब्त, आरोपी जेल भेजे गए* दतिया पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शिवहरे तथा एसडीओपी सेवड़ा श्री अजय चानना के मार्गदर्शन में जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना अतरेटा पुलिस को अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। *घटना का विवरण* आज दिनांक 09 मई 2026 को थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन में अवैध शराब परिवहन की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा तत्काल खमरोली तिराहा स्थित चिताई मोड़ के पास घेराबंदी कर वाहन की चेकिंग की गई। पुलिस द्वारा संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोककर तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। *जब्त मशरूका* - 05 पेटी लाल प्लेन मदिरा, 07 पेटी सफेद मदिरा, 04 पेटी बीयर, कुल मात्रा : 146 लीटर, कीमत : लगभग ₹61,160/- कीमती इसके अतिरिक्त परिवहन में प्रयुक्त सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹4,00,000/- है, को भी जब्त किया गया। इस प्रकार कुल जब्त मशरूका की कीमत ₹4,61,160/- आंकी गई है। मौके से दोनों आरोपी 1. विकास पुत्र जसवंत सिंह लोधी, 2. सतेंद्र पुत्र अजब सिंह लोधी निवासीगण – ग्राम रावपुरा, थाना गोरमी, जिला भिंड को विधिवत गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से आदेशानुसार उन्हें जिला उप जेल सेवड़ा भेज दिया गया। *सराहनीय भूमिका* उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक रामकुमार यादव, प्रधान आरक्षक अशोक कौरव, आरक्षक देवेंद्र गुर्जर, आरक्षक संजय सोलंकी, आरक्षक जितेंद्र यादव एवं आरक्षक प्रदीप की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। थाना अतरेटा, जिला दतिया दिनांक : 09 मई 2026 *दतिया पुलिस की अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्यवाही* *स्कॉर्पियो वाहन से शराब की तस्करी कर रहे आरोपियों को थाना अतरेटा पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा* *करीबन ₹4,61,160/- कीमती अवैध शराब एवं वाहन जब्त, आरोपी जेल भेजे गए* दतिया पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शिवहरे तथा एसडीओपी सेवड़ा श्री अजय चानना के मार्गदर्शन में जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना अतरेटा पुलिस को अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। *घटना का विवरण* आज दिनांक 09 मई 2026 को थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन में अवैध शराब परिवहन की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा तत्काल खमरोली तिराहा स्थित चिताई मोड़ के पास घेराबंदी कर वाहन की चेकिंग की गई। पुलिस द्वारा संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोककर तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। *जब्त मशरूका* - 05 पेटी लाल प्लेन मदिरा, 07 पेटी सफेद मदिरा, 04 पेटी बीयर, कुल मात्रा : 146 लीटर, कीमत : लगभग ₹61,160/- कीमती इसके अतिरिक्त परिवहन में प्रयुक्त सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹4,00,000/- है, को भी जब्त किया गया। इस प्रकार कुल जब्त मशरूका की कीमत ₹4,61,160/- आंकी गई है। मौके से दोनों आरोपी 1. विकास पुत्र जसवंत सिंह लोधी, 2. सतेंद्र पुत्र अजब सिंह लोधी निवासीगण – ग्राम रावपुरा, थाना गोरमी, जिला भिंड को विधिवत गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से आदेशानुसार उन्हें जिला उप जेल सेवड़ा भेज दिया गया। *सराहनीय भूमिका* उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक रामकुमार यादव, प्रधान आरक्षक अशोक कौरव, आरक्षक देवेंद्र गुर्जर, आरक्षक संजय सोलंकी, आरक्षक जितेंद्र यादव एवं आरक्षक प्रदीप की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।
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    थाना अतरेटा, जिला दतिया
दिनांक : 09 मई 2026

 *दतिया पुलिस की अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्यवाही* 

 *स्कॉर्पियो वाहन से शराब की तस्करी कर रहे आरोपियों को थाना अतरेटा पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा* 

 *करीबन ₹4,61,160/- कीमती अवैध शराब एवं वाहन जब्त, आरोपी जेल भेजे गए* 

दतिया पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शिवहरे तथा एसडीओपी सेवड़ा श्री अजय चानना के मार्गदर्शन में जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना अतरेटा पुलिस को अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता प्राप्त हुई है।

 *घटना का विवरण* 
आज दिनांक 09 मई 2026 को थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन में अवैध शराब परिवहन की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा तत्काल खमरोली तिराहा स्थित चिताई मोड़ के पास घेराबंदी कर वाहन की चेकिंग की गई। पुलिस द्वारा संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोककर तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई।
 *जब्त मशरूका* - 05 पेटी लाल प्लेन मदिरा, 07 पेटी सफेद मदिरा, 04 पेटी बीयर, कुल मात्रा : 146 लीटर, कीमत : लगभग ₹61,160/- कीमती 

इसके अतिरिक्त परिवहन में प्रयुक्त सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹4,00,000/- है, को भी जब्त किया गया। इस प्रकार कुल जब्त मशरूका की कीमत ₹4,61,160/- आंकी गई है।

मौके से दोनों आरोपी 1. विकास पुत्र जसवंत सिंह लोधी, 2. सतेंद्र पुत्र अजब सिंह लोधी
निवासीगण – ग्राम रावपुरा, थाना गोरमी, जिला भिंड को विधिवत गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से आदेशानुसार उन्हें जिला उप जेल सेवड़ा भेज दिया गया।

 *सराहनीय भूमिका* 
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक रामकुमार यादव, प्रधान आरक्षक अशोक कौरव, आरक्षक देवेंद्र गुर्जर, आरक्षक संजय सोलंकी, आरक्षक जितेंद्र यादव एवं आरक्षक प्रदीप की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।
थाना अतरेटा, जिला दतिया
दिनांक : 09 मई 2026
*दतिया पुलिस की अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्यवाही* 
*स्कॉर्पियो वाहन से शराब की तस्करी कर रहे आरोपियों को थाना अतरेटा पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा* 
*करीबन ₹4,61,160/- कीमती अवैध शराब एवं वाहन जब्त, आरोपी जेल भेजे गए* 
दतिया पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शिवहरे तथा एसडीओपी सेवड़ा श्री अजय चानना के मार्गदर्शन में जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना अतरेटा पुलिस को अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता प्राप्त हुई है।
*घटना का विवरण* 
आज दिनांक 09 मई 2026 को थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन में अवैध शराब परिवहन की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा तत्काल खमरोली तिराहा स्थित चिताई मोड़ के पास घेराबंदी कर वाहन की चेकिंग की गई। पुलिस द्वारा संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोककर तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई।
*जब्त मशरूका* - 05 पेटी लाल प्लेन मदिरा, 07 पेटी सफेद मदिरा, 04 पेटी बीयर, कुल मात्रा : 146 लीटर, कीमत : लगभग ₹61,160/- कीमती 
इसके अतिरिक्त परिवहन में प्रयुक्त सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹4,00,000/- है, को भी जब्त किया गया। इस प्रकार कुल जब्त मशरूका की कीमत ₹4,61,160/- आंकी गई है।
मौके से दोनों आरोपी 1. विकास पुत्र जसवंत सिंह लोधी, 2. सतेंद्र पुत्र अजब सिंह लोधी
निवासीगण – ग्राम रावपुरा, थाना गोरमी, जिला भिंड को विधिवत गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से आदेशानुसार उन्हें जिला उप जेल सेवड़ा भेज दिया गया।
*सराहनीय भूमिका* 
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक रामकुमार यादव, प्रधान आरक्षक अशोक कौरव, आरक्षक देवेंद्र गुर्जर, आरक्षक संजय सोलंकी, आरक्षक जितेंद्र यादव एवं आरक्षक प्रदीप की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।
    user_Safik kazi Midia
    Safik kazi Midia
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    13 min ago
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