शहर की ज्वलंत समस्याओं को लेकर सैकड़ो लोग उतरे सड़कों पर। पुलिस बताएं कि गत 10 माह में 485 करोड रुपए की शराब सिरोही जिले के लोगों ने पी है - लोढ़ा नगर कांग्रेस ने निकाली विशाल जन आक्रोश रैली आबूरोड। पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने कहां कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में सिरोही जिले में 475 करोड रुपए की शराब बेची गई और 2025-26 में अब तक 485 करोड रुपए की बेच दी गई है। तो यह वर्ष पूरा होते होते 600 करोड़ तक आंकड़ा पहुंच जाएगा तो यह शराब के हम सिरोही जिले के लोग पी रहे हैं या गुजरात के पेट में जा रही है। लोढ़ा नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा शहर की ज्वलंत समस्याओं को लेकर आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। लोढ़ा ने भाजपा सरकार की गवर्नेंस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री सिरोही के रामझरोखा मंदिर लूट के मामले में जिला कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम आयुक्त की कमेटी गठित कर रहे हैं, मैं जानना चाहता हूं कि नगर पालिका अधिनियम में उन्हें कमेटी गठित करने का क्या अधिकार है ? और कौनसी कमेटी कहने के बाद भी गठित हो गई। लोढ़ा ने कहा कि आबू रोड शहर और आसपास क्षेत्र में गत दो वर्षों में हुई चोरियों में से 175 चोरियां अभी तक नहीं खोल पाये हैं, यह अपने आप में चिंता का विषय हैं। डकैती के तो प्रतिशत मामले नहीं खुले हैं। उन्होंने कहां कि आजादी 75 साल के बाद भारत के प्रजातंत्र के इतिहास में पहली बार ऐसी घटना सामने आई जब लोकसभा के अध्यक्ष ने कहा कि संसद में प्रधानमंत्री को खतरा है, उन्हें बताना चाहिए किन लोगों से खतरा है और उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। लोढ़ा ने कहा कि अत्यंत लज्जा जनक गलत बात है कि प्रधानमंत्री जैसे पद को अपनी संकुचित मानसिकता के चलते इतने तुच्छ स्तर पर हम ले जा रहे हैं कि पूरे देश के लोगों में निराशा व्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के हाथ गाय के खून से रंगे हुए हैं। उन्होंने गायों के मांस के निर्यात में गायों को काटने की मशीनों पर सब्सिडी दी हैं। गायों का मांस बेचने वाली कंपनियों से चंदा लिया हैं। ढाई सौ करोड़ रुपये इलेक्ट्रॉल बॉन्ड के नाम पर बीफ कंपनियों से लिए गए। वाजपेई कर दो लोगों को समझने की जरूरतहै। गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए लेकिन तीसरी बार सत्ता में आने के बाद भी उसका नाम तक नहीं लेते। उन्होंने कहा कि सनातन के सबसे बड़े प्रतीक शंकराचार्य और शंकराचार्य भी मुक्तेश्वर आनंद का प्रयागराज में जो अपमान हुआ है, उनके शिष्यों को जिस तरह से चोटी पकड़कर मारा गया है इसके बाद भी सहयोगियों ने कोई आवाज नहीं उठाई इससे साफ नहीं होता है कि भाजपा का सनातन से कोई लेना देना नहीं है। माउंट आबू नगर पालिका के कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठाए और और कहां कि नक्की लेक के नावों के ठेके में जो भ्रष्टाचार हुआ है, उसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और माउंट आबू नगर पालिका में जो बार-बार हस्तक्षेपकर आयुक्त को बदला जा रहा है, वह अपने आप में भ्रष्टाचार और लूट का खुला प्रमाण हैं। विधायक मोतीराम कोली ने कहां कि नगर पालिका आबूरोड में व्यापक रूप से भ्रष्टाचार हो रहा है। मैंने विधानसभा में नगर पालिका को लेकर प्रश्न लगाए और उसका जवाब मिलते ही नगर पालिका के भ्रष्टाचार उजागर करूंगा। कोहली ने कहां की नगर पालिका आमजन को नोटिस देकर परेशान कर रही है। नगर पालिका के पास बहुत से जनहित के काम है करने को, पहले हमेशा से अधिशासी अधिकारी पहले वह कम करें फिर जनता को परेशान करें। नगर कांग्रेस अध्यक्ष नरगिस कायमखानी ने कहां कि प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किश्त आ गई तो दूसरी नहीं आई, दूसरी आ गई तो तीसरी नहीं आई। सैकड़ो पट्टे नगर पालिकाओं में लंबित है। यह सब प्रकट करता है कि किस तरह की व्यवस्था चल रही हैं। आबूरोड के अंदर अनेक कॉलोनी को सीवरेज से जोड़ा नहीं गया तो, उसकी जानकारी लेकर जिला कलेक्टर को इन्हें शामिल करने का प्रस्ताव भेजना चाहिए और इस सुनिश्चित करना चाहिए कि पूरे शहर को सीवरेज का लाभ हो अन्यथा अरबों रुपए खर्च करने का कोई अर्थ नहीं रह जाता। रेवदर विधानसभा प्रभारी गोविंद बंजारा ने कहा कि भाजपा राज में आम जनता दुखी है। गरीब जनता की कोई सुनने वाला नहीं है। नगर कांग्रेस ने आज जो शहर की समस्या को लेकर रैली निकाली है उसमें इतनी तादाद में आए शहरवासियों से पता चलता है कि उनकी समस्या कितनी अधिक हैं। धरने को पूर्व विधायक गंगाबेन गरासिया, पूर्व जिला परिषद सदस्य पुखराज गहलोत, जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस रेणुलता व्यास, हेमलता शर्मा संबोधित किया। नगर कांग्रेस ने रैली निकाल कर किया विरोध प्रदर्शन - नगर कांग्रेस कमेटी आबू रोड ने शहर में ज्वलंत समस्याओं को लेकर विशाल रैली निकाली। रैली शहर के शांतिकुंज पार्क से शुरू होकर बस स्टैंड, कैलाश मेडिकल, शहर के मुख्य बाजार से होते हुए जगदीश चौराया से होकर तहसील कार्यालय पहुंचकर आमसभा में तब्दील हुई। रैली में हजारों की तादाद में शहरवासियों ने भाग लिया। इस अवसर पर पूर्व विधायक लालाराम गरासिया, गंगाबेन गरासिया, एससी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष लखमाराम गरासिया, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष रेनू लता व्यास, पूर्व जिला अध्यक्ष हेमलता शर्मा, सरपंच ललिता देवी, सुमित्रा परमार, राजेश गहलोत, अवधेश देवल, जयंतीलाल मारू, हमीद कुरैशी, हीर सिंह इंदा, कांतिलाल परिहार, शेर मोहम्मद, शमशाद अली अब्बासी, कैलाश माली, शिव शंकर शर्मा, जितेंद्र परिहार, राजेश परिहार,सुरेश बंजारा, जितेंद्र बंजारा, रमेश मीणा सलीम पठान, दिलावर पठान, दामोदर धानका, मोहन सीरवी, दशरथ नरूका, रमेश बंजारा, अजय बंजारा, छगन टॉक, विकास सिंह, दिनेश धावलेसा, रमेश कच्छावा, मंडल अध्यक्ष सुल्तान पठान, प्रेमाराम गरासिया, लक्ष्मी देवी, सुलेमान नागोरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी उपस्थित थे।
शहर की ज्वलंत समस्याओं को लेकर सैकड़ो लोग उतरे सड़कों पर। पुलिस बताएं कि गत 10 माह में 485 करोड रुपए की शराब सिरोही जिले के लोगों ने पी है - लोढ़ा नगर कांग्रेस ने निकाली विशाल जन आक्रोश रैली आबूरोड। पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने कहां कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में सिरोही जिले में 475 करोड रुपए की शराब बेची गई और 2025-26 में अब तक 485 करोड रुपए की बेच दी गई है। तो यह वर्ष पूरा होते होते 600 करोड़ तक आंकड़ा पहुंच जाएगा तो यह शराब के हम सिरोही जिले के लोग पी रहे हैं या गुजरात के पेट में जा रही है। लोढ़ा नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा शहर की ज्वलंत समस्याओं को लेकर आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। लोढ़ा ने भाजपा सरकार की गवर्नेंस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री सिरोही के रामझरोखा मंदिर लूट के मामले में जिला कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम आयुक्त की कमेटी गठित कर रहे हैं, मैं जानना चाहता हूं कि नगर पालिका अधिनियम में उन्हें कमेटी गठित करने का क्या अधिकार है ? और कौनसी कमेटी कहने के बाद भी गठित हो गई। लोढ़ा ने कहा कि आबू रोड शहर और आसपास क्षेत्र में गत दो वर्षों में हुई चोरियों में से 175 चोरियां अभी तक नहीं खोल पाये हैं, यह अपने आप में चिंता का विषय हैं। डकैती के तो प्रतिशत मामले नहीं खुले हैं। उन्होंने कहां कि आजादी 75 साल के बाद भारत के प्रजातंत्र के इतिहास में पहली बार ऐसी घटना सामने आई जब लोकसभा के अध्यक्ष ने कहा कि संसद में प्रधानमंत्री को खतरा है, उन्हें बताना चाहिए किन लोगों से खतरा है और उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। लोढ़ा ने कहा कि अत्यंत लज्जा जनक गलत बात है कि प्रधानमंत्री जैसे पद को अपनी संकुचित मानसिकता के चलते इतने तुच्छ स्तर पर हम ले जा रहे हैं कि पूरे देश के
लोगों में निराशा व्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के हाथ गाय के खून से रंगे हुए हैं। उन्होंने गायों के मांस के निर्यात में गायों को काटने की मशीनों पर सब्सिडी दी हैं। गायों का मांस बेचने वाली कंपनियों से चंदा लिया हैं। ढाई सौ करोड़ रुपये इलेक्ट्रॉल बॉन्ड के नाम पर बीफ कंपनियों से लिए गए। वाजपेई कर दो लोगों को समझने की जरूरतहै। गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए लेकिन तीसरी बार सत्ता में आने के बाद भी उसका नाम तक नहीं लेते। उन्होंने कहा कि सनातन के सबसे बड़े प्रतीक शंकराचार्य और शंकराचार्य भी मुक्तेश्वर आनंद का प्रयागराज में जो अपमान हुआ है, उनके शिष्यों को जिस तरह से चोटी पकड़कर मारा गया है इसके बाद भी सहयोगियों ने कोई आवाज नहीं उठाई इससे साफ नहीं होता है कि भाजपा का सनातन से कोई लेना देना नहीं है। माउंट आबू नगर पालिका के कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठाए और और कहां कि नक्की लेक के नावों के ठेके में जो भ्रष्टाचार हुआ है, उसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और माउंट आबू नगर पालिका में जो बार-बार हस्तक्षेपकर आयुक्त को बदला जा रहा है, वह अपने आप में भ्रष्टाचार और लूट का खुला प्रमाण हैं। विधायक मोतीराम कोली ने कहां कि नगर पालिका आबूरोड में व्यापक रूप से भ्रष्टाचार हो रहा है। मैंने विधानसभा में नगर पालिका को लेकर प्रश्न लगाए और उसका जवाब मिलते ही नगर पालिका के भ्रष्टाचार उजागर करूंगा। कोहली ने कहां की नगर पालिका आमजन को नोटिस देकर परेशान कर रही है। नगर पालिका के पास बहुत से जनहित के काम है करने को, पहले हमेशा से अधिशासी अधिकारी पहले वह कम करें फिर जनता को परेशान करें। नगर कांग्रेस अध्यक्ष नरगिस कायमखानी ने कहां कि प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किश्त आ गई तो दूसरी नहीं आई, दूसरी आ गई तो तीसरी नहीं आई। सैकड़ो
पट्टे नगर पालिकाओं में लंबित है। यह सब प्रकट करता है कि किस तरह की व्यवस्था चल रही हैं। आबूरोड के अंदर अनेक कॉलोनी को सीवरेज से जोड़ा नहीं गया तो, उसकी जानकारी लेकर जिला कलेक्टर को इन्हें शामिल करने का प्रस्ताव भेजना चाहिए और इस सुनिश्चित करना चाहिए कि पूरे शहर को सीवरेज का लाभ हो अन्यथा अरबों रुपए खर्च करने का कोई अर्थ नहीं रह जाता। रेवदर विधानसभा प्रभारी गोविंद बंजारा ने कहा कि भाजपा राज में आम जनता दुखी है। गरीब जनता की कोई सुनने वाला नहीं है। नगर कांग्रेस ने आज जो शहर की समस्या को लेकर रैली निकाली है उसमें इतनी तादाद में आए शहरवासियों से पता चलता है कि उनकी समस्या कितनी अधिक हैं। धरने को पूर्व विधायक गंगाबेन गरासिया, पूर्व जिला परिषद सदस्य पुखराज गहलोत, जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस रेणुलता व्यास, हेमलता शर्मा संबोधित किया। नगर कांग्रेस ने रैली निकाल कर किया विरोध प्रदर्शन - नगर कांग्रेस कमेटी आबू रोड ने शहर में ज्वलंत समस्याओं को लेकर विशाल रैली निकाली। रैली शहर के शांतिकुंज पार्क से शुरू होकर बस स्टैंड, कैलाश मेडिकल, शहर के मुख्य बाजार से होते हुए जगदीश चौराया से होकर तहसील कार्यालय पहुंचकर आमसभा में तब्दील हुई। रैली में हजारों की तादाद में शहरवासियों ने भाग लिया। इस अवसर पर पूर्व विधायक लालाराम गरासिया, गंगाबेन गरासिया, एससी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष लखमाराम गरासिया, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष रेनू लता व्यास, पूर्व जिला अध्यक्ष हेमलता शर्मा, सरपंच ललिता देवी, सुमित्रा परमार, राजेश गहलोत, अवधेश देवल, जयंतीलाल मारू, हमीद कुरैशी, हीर सिंह इंदा, कांतिलाल परिहार, शेर मोहम्मद, शमशाद अली अब्बासी, कैलाश माली, शिव शंकर शर्मा, जितेंद्र परिहार, राजेश परिहार,सुरेश बंजारा, जितेंद्र बंजारा, रमेश मीणा सलीम पठान, दिलावर पठान, दामोदर धानका, मोहन सीरवी, दशरथ नरूका, रमेश बंजारा, अजय बंजारा, छगन टॉक, विकास सिंह, दिनेश धावलेसा, रमेश कच्छावा, मंडल अध्यक्ष सुल्तान पठान, प्रेमाराम गरासिया, लक्ष्मी देवी, सुलेमान नागोरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी उपस्थित थे।
- रोटरी क्लब आबूरोड ने रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3131 की विशाल कार रैली का किया भव्य स्वागत। रोटरी क्लब आबूरोड ने रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3131 द्वारा आयोजित एक भव्य कार रैली का जोशीला और आत्मीय स्वागत किया। यह रैली सामाजिक जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकाली गई थी, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। रैली आबूरोड पहुंचने पर क्लब के सभी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और रैली में शामिल होकर इसका समर्थन किया। रैली के संयोजक डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि यह विशाल कार रैली मुख्य रूप से सामाजिक मुद्दे जैसे प्लास्टिक मुक्त सड़कें, स्वस्थ माँ और स्वस्थ बच्चा, पानी बचाओ, प्रदूषण हटाओ तथा अन्य सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दे पर जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित की गई है। यह रैली रोटरी की 'Service Above Self' की भावना को मजबूत करते हुए समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाने का एक अनोखा प्रयास है। कार रैली के माध्यम से रोटेरियंस विभिन्न शहरों में जाकर इन मुद्दों पर संदेश पहुंचा रहे हैं और लोगों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित कर रहे हैं। स्वागत समारोह में डॉ. अजय सिंगला, विमल भावनगरी, विनय गोयल, के. ए. श्याम कुमार, भगवान अग्रवाल, मुकेश गर्ग, मनीष जैन, दिलीप मिश्रा, हरिश्चन्द्र अग्रवाल, हेमेंद्र कच्छावा, मुकेश अग्रवाल, राजेन्द्र बाकलीवाल, संजय गर्ग, अमित गर्ग, राकेश अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल, दिलीप मिश्रा, डॉ गौरव मेवाड़ा प्रमुख रूप से उपस्थित थे। रोटरी क्लब आबूरोड के सचिव विनय गोयल ने इस अवसर पर रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3131 का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसी गतिविधियाँ न केवल जागरूकता फैलाती हैं, बल्कि रोटेरियंस के बीच एकता और सौहार्द को भी बढ़ावा देती हैं।4
- 80 हजार की रिश्वत लेते पंचायत समिति का JTA एसीबी के जाल में फंसा - रेवदर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत समिति रेवदर के जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट (जेटीए) दिनेश कुमार वैष्णव को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। एसीबी की टीम ने आरोपी को एसडीएम कार्यालय के बाहर खड़ी कार से दबोचा। जानकारी अनुसार, ग्राम पंचायत उड़वारिया में 10 कैटल शेड के प्रस्ताव को स्वीकृति दिलाने के एवज में आरोपी ने प्रति कैटल शेड 10 हजार रुपए की मांग की थी। बाद में 8 हजार रुपए प्रति शेड में सौदा तय हुआ। इस तरह कुल 80 हजार रुपए की रिश्वत तय की गई थी। परिवादी ग्राम पंचायत प्रशासक जेताराम चौधरी ने एसीबी को शिकायत दी थी। शिकायत के बाद 11 फरवरी को एसीबी टीम ने सत्यापन किया और आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया। यह कार्रवाई एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता और डीआईजी अनिल क़ायल के निर्देशन में की गई। वहीं विशेष अनुसंधान इकाई (SIU) के एएसपी संदीप सारस्वत के निर्देशन में सीआई रघुवीर शरण शर्मा और उनकी टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। मामले की जांच जारी है ।1
- शिवगन नगर पालिका चुंगी नाका हटाने के बाद अब नीम को हटाने तैयारी, आरोपों के बावजूद नहीं आई आधिकारिक सफाई, *विकास और विनाश के बीच की रेखा शिवगंज में धुंधली क्यों दिख रही है?*1
- सिरोही गिरवर जीएसएस का ट्रांसफॉर्मर जला, तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप आबूरोड क्षेत्र के गिरवर जीएसएस में ट्रांसफॉर्मर जल जाने से कई गांवों में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति बंद है। प्रभावित गांव: गिरवर, महीखेड़ा, बहादुरपुरा, सकोड़ा, फतेहपुरा, चंडेला, चोटिला और बगेरी। बिजली बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर सिंचाई बाधित होने से गेहूं की फसल खराब होने की आशंका जताई जा रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को ज्ञापन सौंपकर जल्द बिजली बहाल करने की मांग की। अधिकारियों ने शीघ्र बिजली आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया है।1
- आबूरोड : नगरपालिका क्षेत्र में ज्वलंत समस्याओं पर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन नगर कांग्रेस कमेटी के द्वारा शांतिकुंज पार्क से निकली विशाल रैली, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं सड़कों पर उतरकर किया विरोध प्रदर्शन, समस्याओं को लेकर रैली में राज्य सरकार और पालिका के विरुद्ध की नारेबाजी, सड़क, सफाई, पार्किंग सहित विभिन्न 20 मुद्दों पर किया विरोध प्रदर्शन, शहर के विभिन्न मार्गो से होकर रैली उपखंड कार्यालय के पास धरना प्रदर्शन में हुई तब्दील, एकदिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन को लेकर जनसभा का हुआ आयोजन, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा, गंगाबेन गरासिया, रेवदर विधायक मोतीराम कोली ने सभा को किया संबोधित, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री और जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार को सोपा ज्ञापन, कांग्रेस पार्टी के बड़ी संख्या में पदाधिकारी कार्यकर्ता रहे मौजूद1
- Post by Arjun Solanki1
- Post by Pappu d1
- आबूरोड में कांग्रेस की रैली में दिखी अव्यवस्था, ग्रामीणों ने लगाए ‘बीजेपी जिंदाबाद’ के नारे। आबूरोड। नगर की ज्वलंत समस्याओं को लेकर 17 फरवरी को आबूरोड नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन रैली उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब रैली के दौरान विरोधाभासी नारे सुनाई दिए। रैली का उद्देश्य शहर की मूलभूत समस्याओं — बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण हेतु पुलिस गश्त बढ़ाने, हाई मास्क लाइटें चालू कराने, प्रमुख चौराहों के सौंदर्यकरण, गलियों को सीवरेज मैप से जोड़ने, गांधी पार्क के विकास तथा पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने — को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना बताया गया था। रैली में ग्रामीण अंचल से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए। विशेष रूप से आदिवासी महिलाओं ने हाथों में समस्याओं से संबंधित तख्तियां थाम रखी थीं, जिन पर नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी व्यक्त की गई थी। रैली जब सदर बाजार से होते हुए रेलवे स्टेशन चौराहे के रास्ते उपखंड कार्यालय की ओर बढ़ रही थी, तभी एक ओर मंच से ‘बीजेपी मुर्दाबाद’ के नारे लगाए जा रहे थे, जबकि पीछे चल रहे कुछ ग्रामीण प्रतिभागियों द्वारा ‘बीजेपी जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए। इससे रैली के उद्देश्य और व्यवस्थापन को लेकर सवाल खड़े हो गए। घटना ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को जन्म दे दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की स्थिति आयोजन की रणनीति और समन्वय पर प्रश्नचिह्न लगाती है।2