34 वर्षों की निष्कलंक प्रशासनिक सेवा के बाद सेवानिवृत्ति के 4 वर्ष पूर्ण: कटनी से नरसिंहपुर तक उत्कृष्ट छाप छोड़ने वाले पीसीओ रविशंकर दुबे का प्रेरणादायी सफर नरसिंहपुर: शासकीय सेवा में निष्ठा, ईमानदारी और जनसेवा की जीवंत मिसाल पेश करने वाले जनपद पंचायत नरसिंहपुर के सेवानिवृत्त पंचायत समन्वयक अधिकारी (PCO) श्री रविशंकर दुबे का प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद का 4 वर्षों का सफर भी उतनी ही सम्मानजनक और अनुकरणीय राह पर है। अपने 34 वर्षों के लंबे और बेदाग सेवाकाल के दौरान उन्होंने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में जो अमूल्य योगदान दिया, वह आज भी क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा बना हुआ है। कटनी से लेकर नरसिंहपुर तक रहा यशस्वी कार्यकाल: अपने 34 वर्षों के सुदीर्घ सेवाकाल में श्री रविशंकर दुबे ने मध्य प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जनपदों में पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएँ दीं। उन्होंने अपने प्रशासनिक सफर की शुरुआत कटनी और सिहोरा जनपद पंचायत से की, जहाँ प्रशासनिक कसावट लाने में उनकी अहम भूमिका रही। इसके उपरांत, उन्होंने साईखेड़ा जनपद पंचायत में अपनी सेवाएँ प्रदान कीं और अंततः अपने गृह जिले की जनपद पंचायत नरसिंहपुर में पंचायत समन्वयक अधिकारी के पद पर रहते हुए अपनी शासकीय सेवा को सफलतापूर्वक पूर्ण किया था। सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज के लिए प्रेरणा: शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद बीते 4 वर्षों से वे अपने परिवार के साथ एक शांत, सुसंस्कृत और सामाजिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उनके सहकर्मियों और ग्रामीण अंचल के लोगों का मानना है कि सेवाकाल के दौरान उनके द्वारा किए गए जनहित के कार्य और उनका अनुशासन आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। जन्मदिन और उपलब्धियों पर शुभचिंतकों ने दी बधाइयाँ: उनके जन्मदिवस और यशस्वी जीवन के इस गौरवशाली पड़ाव पर उनके परिजनों, इष्ट-मित्रों, क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। सभी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और खुशहाल जीवन की कामना की है। Collector Narsinghpur
34 वर्षों की निष्कलंक प्रशासनिक सेवा के बाद सेवानिवृत्ति के 4 वर्ष पूर्ण: कटनी से नरसिंहपुर तक उत्कृष्ट छाप छोड़ने वाले पीसीओ रविशंकर दुबे का प्रेरणादायी सफर नरसिंहपुर: शासकीय सेवा में निष्ठा, ईमानदारी और जनसेवा की जीवंत मिसाल पेश करने वाले जनपद पंचायत नरसिंहपुर के सेवानिवृत्त पंचायत समन्वयक अधिकारी (PCO) श्री रविशंकर दुबे का प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद का 4 वर्षों का सफर भी उतनी ही सम्मानजनक और अनुकरणीय राह पर है। अपने 34 वर्षों के लंबे और बेदाग सेवाकाल के दौरान उन्होंने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में जो अमूल्य योगदान दिया, वह आज भी क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा बना हुआ है। कटनी से लेकर नरसिंहपुर तक रहा यशस्वी कार्यकाल: अपने 34 वर्षों के सुदीर्घ सेवाकाल में श्री रविशंकर दुबे ने मध्य प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जनपदों में पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएँ दीं। उन्होंने अपने प्रशासनिक सफर की शुरुआत कटनी और सिहोरा जनपद पंचायत से की, जहाँ प्रशासनिक कसावट लाने में उनकी अहम भूमिका रही। इसके उपरांत, उन्होंने साईखेड़ा जनपद पंचायत में अपनी सेवाएँ प्रदान कीं और अंततः अपने गृह जिले की जनपद पंचायत नरसिंहपुर में पंचायत समन्वयक अधिकारी के पद पर रहते हुए अपनी शासकीय सेवा को सफलतापूर्वक पूर्ण किया था। सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज के लिए प्रेरणा: शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद बीते 4 वर्षों से वे अपने परिवार के साथ एक शांत, सुसंस्कृत और सामाजिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उनके सहकर्मियों और ग्रामीण अंचल के लोगों का मानना है कि सेवाकाल के दौरान उनके द्वारा किए गए जनहित के कार्य और उनका अनुशासन आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। जन्मदिन और उपलब्धियों पर शुभचिंतकों ने दी बधाइयाँ: उनके जन्मदिवस और यशस्वी जीवन के इस गौरवशाली पड़ाव पर उनके परिजनों, इष्ट-मित्रों, क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। सभी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और खुशहाल जीवन की कामना की है। Collector Narsinghpur
- यही हकीकत है सरकार की लोगों को करना पड़ रहा है परेशानी का सामना नहीं बन पा रहा रोड ग्राम वासी कर रहे बार-बार आग्रह सरकार से यही हकीकत है सरकार की लोगों को करना पड़ रहा है परेशानी का सामना नहीं बन पा रहा रोड ग्राम वासी कर रहे बार-बार आग्रह सरकार से1
- नरसिंहपुर - नगर में सजा राखियों का बाजार, स्टोन, ज़री और बच्चों के पसंदीदा कार्टून वाली राखियों की भारी डिमांड भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्तको मनाया जा रहा हैं।त्यौहार को लेकर नरसिंहपुर के बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और चारों तरफ रौनक छाई हुई है। इस वर्ष बाजार में पसंद के अनुसार राखियों का विशाल संग्रह उपलब्ध है।राखी दुकानदार ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राहकों के लिए स्टोन वाली राखियां, ज़री वाली राखियां, और पारंपरिक भैया-भाभी राखियां भारी मात्रा में उपलब्ध हैं। माताएं और बहनें इस बार विशेष रूप से स्टोन वर्क वाली राखियां और भैया-भाभी (जोड़ी) राखियां सबसे ज्यादा पसंद कर रही हैं। छोटे बच्चों के लिए स्पाइडरमैन, पोकेमॉन, और मोटू-पतलू जैसे कार्टून किरदारों वाली फैंसी राखियां बच्चों को बेहद आकर्षित कर रही हैं।1
- तिल्दा, नेवरा-लखना में पार्थिव शिवलिंग का रुद्र अभिषेक किया गया1
- नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट स्काई इंडिया टीवी चैनल। सर्जन सेंटर में जो है स्पाइन मैनेजमेंट किया जाता है यह कंपनी 70 देश में चल रही है 22 सालों से चल रही है और हमारे इंडिया की बात करें तो इंडिया में सेरेजम के 530 सेंटर है ऐसे ही एक सेंटर हमारे शहर नरसिंहपुर में ओपन हुआ है जिसका एड्रेस है नगर पालिका चौराहा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी विजय कंपलेक्स रोटी पार्क के साइड में यहां पर स्पिन मैनेजमेंट किया जाता है और स्पिन मैनेजमेंट से हमारे जो सारे ऑर्गन्स एक्टिव होते हैं वह सारे ऑर्गन्स को एक्टिव करके ब्लड सर्कुलेशन को सही करता है जिससे काफी सारे मेंबर्स को यहां पर आराम मिला है और हम आप सभी से यह अपील करते हैं कि हमारा जो सेंटर है कि डेमो सेंटर सर्विस सेंटर है और इस डेमो का कोई पैसा नहीं लगता है तो यहां पर आप जरूर जरूर लिए धन्यवाद1
- गाडरवारा सावन के आखरी सोमवार को श्रावण मास के चलते उज्जैन की अनुरूप नर्मदेश्वर महाकाल की शाही सवारी बड़े ही धूमधाम से निकाली गई इस यात्रा का शहर वासियों ने जगह जगह पुष्प वर्षा के साथ पूजन अर्चन कर स्वागत किया सवारी शिवधाम डमरू घाटी से प्रारंभ हुई और शिवालय चोक पर ऋणमुक्तेश्वर धाम में समापन किया गया1
- नरसिंहपुर में रेलवे ट्रैक पर अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में फैली सनसनी, पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर की कार्यवाही मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना क्षेत्र में एक अज्ञात युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई । स्थानीय लोगों के द्वारा घटनास्थल पहुंचकर मृतक युवक की पहचान करने की कोशिश की गई । लेकिन पहचान ना हो सकी जिसके बाद रेलवे द्वारा पुलिस को सूचना देकर घटना की जानकारी दी गई और पुलिस ने आंगे की कार्यवाही शुरू की ।1
- …जिम्मेदारों से सवाल—आखिर कब बनेगा घधरोला खुर्द का पक्का रास्ता?”* एंकर — नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील के ग्राम घधरोला खुर्द में सड़क की बदहाली अब ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों के लिए भी बड़ी परेशानी बन गई है। हालात ऐसे हैं कि अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचाने के लिए गांव के छोटे-छोटे पढ़ने वाले मासूम बच्चे भी ग्रामीणों के साथ शिकायत करने पहुंचे। गांव से घधरोला कला तक करीब 3 किलोमीटर का रास्ता आज भी पक्की सड़क के इंतजार में है। बारिश के दिनों में कच्चे रास्ते पर कीचड़ और पानी के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है और किसी आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए कई बार पंचायत और अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका। अब ग्रामीणों के साथ मासूम बच्चे भी जिम्मेदारों से सड़क की मांग कर रहे हैं। बाइट — निकिता नोरिया, छात्रा बाइट — ग्रामीण **सड़क के लिए मासूमों की गुहार…जिम्मेदारों से सवाल—आखिर कब बनेगा घधरोला खुर्द का पक्का रास्ता?”* एंकर — नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील के ग्राम घधरोला खुर्द में सड़क की बदहाली अब ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों के लिए भी बड़ी परेशानी बन गई है। हालात ऐसे हैं कि अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचाने के लिए गांव के छोटे-छोटे पढ़ने वाले मासूम बच्चे भी ग्रामीणों के साथ शिकायत करने पहुंचे। गांव से घधरोला कला तक करीब 3 किलोमीटर का रास्ता आज भी पक्की सड़क के इंतजार में है। बारिश के दिनों में कच्चे रास्ते पर कीचड़ और पानी के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है और किसी आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए कई बार पंचायत और अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका। अब ग्रामीणों के साथ मासूम बच्चे भी जिम्मेदारों से सड़क की मांग कर रहे हैं। बाइट — निकिता नोरिया, छात्रा बाइट — ग्रामीण3
- सेठान चौराहे पर दर्दनाक हादसा: डंपर की चपेट में आईं 8 गौमाताएं, 6 की मौके पर मौत सेठान चौराहे पर दर्दनाक हादसा: डंपर की चपेट में आईं 8 गौमाताएं, 6 की मौके पर मौत साईंखेड़ा। बुधवार रात करीब 1 बजे सेठान चौराहे पर एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार डंपर ने सड़क पर मौजूद 8 गौमाताओं को कुचल दिया, जिसमें 6 गौमाताओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हालत में सड़क पर तड़पती मिलीं। घटना के बाद मौके पर पहुंचे गौभक्तों और स्वयंसेवकों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने डंपरों को रोकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते सेठान चौराहे पर करीब 50–60 डंपर खड़े हो गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लगातार आवागमन के कारण इस मार्ग पर पशुओं के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भारी वाहनों की गति व आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए। समाचार लिखे जाने तक घटना की आधिकारिक पुष्टि एवं पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई थी।1