मंदसौर खबर रामप्रसाद धनगर कि रिपोर्ट प्रगतिशील कृषक श्री राजेश आर्य की पहल: फसल अवशेष से कमाई और खेती में किया नया बदलाव* मंदसौर 2 अप्रेल 26/ मंदसौर जिले के विकासखंड मलहारगढ़ के ग्राम कनघट्टी के प्रगतिशील कृषक श्री राजेश आर्य ने आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर न केवल अपनी खेती को लाभकारी बनाया, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं। कृषि अभियांत्रिकी विभाग की ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना के अंतर्गत श्री आर्य ने स्ट्रॉ रीपर कृषि यंत्र क्रय किया, जिसमें उन्हें लगभग 1.50 लाख का अनुदान प्राप्त हुआ। इस यंत्र की मदद से वे गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेष (नरवाई) को कुशलतापूर्वक भूसे में बदल रहे हैं। पहले जहां किसान नरवाई को जलाने के लिए मजबूर होते थे, वहीं अब श्री आर्य के प्रयासों से यह समस्या समाधान में बदल गई है। वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में किसानों के खेतों से हार्वेस्टर के बाद बचे अवशेषों को नि:शुल्क साफ करते हैं और स्ट्रॉ रीपर से भूसा बनाते हैं। एक ट्रॉली भूसा बनाने पर लगभग 10 से 15 किलोग्राम गेहूं भी एकत्रित होता है, जिसे वे संबंधित किसान को लौटा देते हैं। इस पहल के कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं— किसानों को खेत साफ करने की चिंता से मुक्ति, अतिरिक्त गेहूं की प्राप्ति, भूसे का उपयोग एवं बिक्री से आय, नरवाई जलाने की आवश्यकता समाप्त, मृदा स्वास्थ्य में सुधार, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा, श्री आर्य द्वारा तैयार किया गया भूसा स्थानीय गौशालाओं में बेचा जा रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है। यह पहल दर्शाती है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाएं, तो वे न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। श्री राजेश आर्य की यह कहानी अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणा है कि नवाचार और सहयोग से खेती को और अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है। मंदसौर खबर रामप्रसाद धनगर कि रिपोर्ट प्रगतिशील कृषक श्री राजेश आर्य की पहल: फसल अवशेष से कमाई और खेती में किया नया बदलाव* मंदसौर 2 अप्रेल 26/ मंदसौर जिले के विकासखंड मलहारगढ़ के ग्राम कनघट्टी के प्रगतिशील कृषक श्री राजेश आर्य ने आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर न केवल अपनी खेती को लाभकारी बनाया, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं। कृषि अभियांत्रिकी विभाग की ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना के अंतर्गत श्री आर्य ने स्ट्रॉ रीपर कृषि यंत्र क्रय किया, जिसमें उन्हें लगभग 1.50 लाख का अनुदान प्राप्त हुआ। इस यंत्र की मदद से वे गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेष (नरवाई) को कुशलतापूर्वक भूसे में बदल रहे हैं। पहले जहां किसान नरवाई को जलाने के लिए मजबूर होते थे, वहीं अब श्री आर्य के प्रयासों से यह समस्या समाधान में बदल गई है। वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में किसानों के खेतों से हार्वेस्टर के बाद बचे अवशेषों को नि:शुल्क साफ करते हैं और स्ट्रॉ रीपर से भूसा बनाते हैं। एक ट्रॉली भूसा बनाने पर लगभग 10 से 15 किलोग्राम गेहूं भी एकत्रित होता है, जिसे वे संबंधित किसान को लौटा देते हैं। इस पहल के कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं— किसानों को खेत साफ करने की चिंता से मुक्ति, अतिरिक्त गेहूं की प्राप्ति, भूसे का उपयोग एवं बिक्री से आय, नरवाई जलाने की आवश्यकता समाप्त, मृदा स्वास्थ्य में सुधार, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा, श्री आर्य द्वारा तैयार किया गया भूसा स्थानीय गौशालाओं में बेचा जा रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है। यह पहल दर्शाती है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाएं, तो वे न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। श्री राजेश आर्य की यह कहानी अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणा है कि नवाचार और सहयोग से खेती को और अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है।
मंदसौर खबर रामप्रसाद धनगर कि रिपोर्ट प्रगतिशील कृषक श्री राजेश आर्य की पहल: फसल अवशेष से कमाई और खेती में किया नया बदलाव* मंदसौर 2 अप्रेल 26/ मंदसौर जिले के विकासखंड मलहारगढ़ के ग्राम कनघट्टी के प्रगतिशील कृषक श्री राजेश आर्य ने आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर न केवल अपनी खेती को लाभकारी बनाया, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं। कृषि अभियांत्रिकी विभाग की ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना के अंतर्गत श्री आर्य ने स्ट्रॉ रीपर कृषि यंत्र क्रय किया, जिसमें उन्हें लगभग 1.50 लाख का अनुदान प्राप्त हुआ। इस यंत्र की मदद से वे गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेष (नरवाई) को कुशलतापूर्वक भूसे में बदल रहे हैं। पहले जहां किसान नरवाई को जलाने के लिए मजबूर होते थे, वहीं अब श्री आर्य के प्रयासों से यह समस्या समाधान में बदल गई है। वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में किसानों के खेतों से हार्वेस्टर के बाद बचे अवशेषों को नि:शुल्क साफ करते हैं और स्ट्रॉ रीपर से भूसा बनाते हैं। एक ट्रॉली भूसा बनाने पर लगभग 10 से 15 किलोग्राम गेहूं भी एकत्रित होता है, जिसे वे संबंधित किसान को लौटा देते हैं। इस पहल के कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं— किसानों को खेत साफ करने की चिंता से मुक्ति, अतिरिक्त गेहूं की प्राप्ति, भूसे का उपयोग एवं बिक्री से आय, नरवाई जलाने की आवश्यकता समाप्त, मृदा स्वास्थ्य में सुधार, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा, श्री आर्य द्वारा तैयार किया गया भूसा स्थानीय गौशालाओं में बेचा जा रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है। यह पहल दर्शाती है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाएं, तो वे न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। श्री राजेश आर्य की यह कहानी अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणा है कि नवाचार और सहयोग से खेती को और अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है। मंदसौर खबर रामप्रसाद धनगर कि रिपोर्ट प्रगतिशील कृषक श्री राजेश आर्य की पहल: फसल अवशेष से कमाई और खेती में किया नया बदलाव* मंदसौर 2 अप्रेल 26/ मंदसौर जिले के विकासखंड मलहारगढ़ के ग्राम कनघट्टी के प्रगतिशील कृषक श्री राजेश आर्य ने आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर न केवल अपनी खेती को लाभकारी बनाया, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं। कृषि अभियांत्रिकी विभाग की ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना के अंतर्गत श्री आर्य ने स्ट्रॉ रीपर कृषि यंत्र क्रय किया, जिसमें उन्हें लगभग 1.50 लाख का अनुदान प्राप्त हुआ। इस यंत्र की मदद से वे गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेष (नरवाई) को कुशलतापूर्वक भूसे में बदल रहे हैं। पहले जहां किसान नरवाई को जलाने के लिए मजबूर होते थे, वहीं अब श्री आर्य के प्रयासों से यह समस्या समाधान में बदल गई है। वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में किसानों के खेतों से हार्वेस्टर के बाद बचे अवशेषों को नि:शुल्क साफ करते हैं और स्ट्रॉ रीपर से भूसा बनाते हैं। एक ट्रॉली भूसा बनाने पर लगभग 10 से 15 किलोग्राम गेहूं भी एकत्रित होता है, जिसे वे संबंधित किसान को लौटा देते हैं। इस पहल के कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं— किसानों को खेत साफ करने की चिंता से मुक्ति, अतिरिक्त गेहूं की प्राप्ति, भूसे का उपयोग एवं बिक्री से आय, नरवाई जलाने की आवश्यकता समाप्त, मृदा स्वास्थ्य में सुधार, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा, श्री आर्य द्वारा तैयार किया गया भूसा स्थानीय गौशालाओं में बेचा जा रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है। यह पहल दर्शाती है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाएं, तो वे न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। श्री राजेश आर्य की यह कहानी अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणा है कि नवाचार और सहयोग से खेती को और अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है।
- बसई बालाजी मंदिर जन्म उत्सव मनाते हुए3
- 🔥 हनुमान जन्मोत्सव विशेष भजन रिलीज 🔥 खेड़ापति हनुमान मंदिर से हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर LED के माध्यम से शानदार भजन रिलीज किया गया है। 🙏 "खेड़ापति सरकार कर दो मारो भी उधार" 🙏 इस भजन को देखने और सुनने के लिए 👉 YouTube पर सर्च करें: NAGESH BHAGAT2
- Post by Manoj Kumar1
- Post by Mangal Dev rathore1
- श्री मंशापूर्ण बालाजी मंदिर गुराडिया नाका मंदसौर में भाव श्री हनुमान जन्मोत्सव का पर्व मनाया गया। विगत कई वर्षों से यहां कई महापर्व धूमधाम से मनाए जाते हैं सुबह प्रातः 6:30 बजे से हनुमान जी की आरती हवन का कार्यक्रम एवं भक्तों का संकीर्तन हनुमान चालीसा पाठ पश्चात भंडारा शुरू किया जाता है जो की 10:00 से लेकर रात 8:30 बजे तक चलता है। जिसमें गुराडिया देदा सबा खेड़ा सिंदपन घारिया खेड़ी भूनिया खेड़ी लालघाटी बोरखेड़ा रलायता। मंदसौर नीमच पिपलिया मंडी आसपास के कई गांव और शहरों से लोग प्रतिवर्ष यहां आते हैं और बालाजी को अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। प्रातः 6:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक भक्तों का आना-जाना और ताता लगा रहता है। रात्रि 10:00 बजे सुंदरकांड का पाठ किया गया। आने वाले सभी भक्तों का आभार स्वागत सत्कार एवं सारी व्यवस्था श्री बालाजी मित्र मंडल गुराडिया द्वारा की गई। पुजारी बजरंगदास जी बैरागी श्री कमल पटेल राजेश नामदेव कमलेश पाटीदार द्वारा मीडिया को जानकारी दी गई।1
- ताल में आज करीब 9 बजे के आसपास आंधी तूफान और तेज गरज के साथ बरसात होने से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया1
- बसई में आंधी तूफान चलने से पेड़ गिर गया रास्ते में मन्दसौर रोड बसई2
- खेड़ापति हनुमान जी मंदिर आलोट जन्मोत्सव पर भंडारा और आतिशबाजी मंदिर में दर्शन करने के लिए भक्तों का मेला लगा बड़ी संख्या में आलोट और आसपास क्षेत्र के भक्त हनुमान जी के दर्शन करने के लिए पहुंचे जय श्री राम जय खेड़ापति हनुमान जी की कृपा सभी पर बनी रहे1
- Post by Mangal Dev rathore1