पीलीभीत: श्मशान घाटों की बदहाली पर हिंदू महासभा का फूटा गुस्सा, ADM को सौंपा ज्ञ रिपोर्टर अमित दीक्षित पीलीभीत पीलीभीत। जनपद की ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं में शव दाह स्थलों (श्मशान भूमि) की दुर्दशा और अवैध कब्जों को लेकर हिंदू महासभा ने गहरा रोष प्रकट किया है। सोमवार को महासभा के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (ADM) को सौंपकर श्मशान घाटों के कायाकल्प की पुरजोर मांग की। व्यवस्था पर उठाए सवाल: "बरसात में अंतिम संस्कार भी दूभर" हिंदू महासभा के प्रतिनिधियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनपद के अधिकांश श्मशान घाटों पर भू-माफियाओं ने अवैध कब्जे कर लिए हैं। श्मशान स्थलों पर गंदगी का अंबार लगा है और झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। सबसे दयनीय स्थिति बुनियादी सुविधाओं की है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि टीन शेड न होने के कारण बरसात के समय न तो शव को सुरक्षित रखने की जगह बचती है और न ही अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लोगों के सिर छिपाने की कोई व्यवस्था है। सत्ता पक्ष को घेरा: “कब्रिस्तानों की बाउंड्री हुई, तो श्मशान क्यों छूटे?" ज्ञापन के दौरान महासभा ने राजनीतिक भेदभाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि: पूर्ववर्ती सपा सरकार में कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में ग्राम प्रधान से लेकर सांसद तक भाजपा के होने के बावजूद श्मशान घाट बदहाली के आंसू रो रहे हैं। चिड़ियादह स्थित शव दाह स्थल का उदाहरण देते हुए उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। "जब हर स्तर पर सत्ता पक्ष के प्रतिनिधि मौजूद हैं, तो हिंदू समाज के इन अंतिम स्थलों की उपेक्षा क्यों की जा रही है?" — हिंदू महासभा प्रतिनिधि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपील हिंदू महासभा ने एडीएम के माध्यम से प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं: अवैध कब्जे हटें: सभी तहसीलदारों को आदेश देकर श्मशान भूमि से अतिक्रमण और गंदगी साफ कराई जाए। कायाकल्प: घाटों पर टीन शेड और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। महासभा ने जनपद के सभी विधायकों, प्रधानों और जिला पंचायत सदस्यों से भावुक अपील करते हुए कहा कि ईश्वर से डरते हुए इन पुण्य स्थलों का उद्धार कराएं। उन्होंने संदेश दिया कि मृतकों के परिजनों की दुआएं ही राजनेताओं को शिखर पर पहुंचाती हैं, इसलिए इन मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना अनिवार्य है।
पीलीभीत: श्मशान घाटों की बदहाली पर हिंदू महासभा का फूटा गुस्सा, ADM को सौंपा ज्ञ रिपोर्टर अमित दीक्षित पीलीभीत पीलीभीत। जनपद की ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं में शव दाह स्थलों (श्मशान भूमि) की दुर्दशा और अवैध कब्जों को लेकर हिंदू महासभा ने गहरा रोष प्रकट किया है। सोमवार को महासभा के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (ADM) को सौंपकर श्मशान घाटों के कायाकल्प की पुरजोर मांग की। व्यवस्था पर उठाए सवाल: "बरसात में अंतिम संस्कार भी दूभर" हिंदू महासभा के प्रतिनिधियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनपद के अधिकांश श्मशान घाटों पर भू-माफियाओं ने अवैध कब्जे कर लिए हैं। श्मशान स्थलों पर गंदगी का अंबार लगा है और झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। सबसे दयनीय स्थिति बुनियादी सुविधाओं की है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि टीन शेड न होने के कारण बरसात के समय न तो शव को सुरक्षित रखने की जगह बचती है और न ही अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लोगों के सिर छिपाने की कोई व्यवस्था है। सत्ता पक्ष को घेरा: “कब्रिस्तानों की बाउंड्री हुई, तो श्मशान क्यों छूटे?" ज्ञापन के दौरान महासभा ने राजनीतिक भेदभाव का
मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि: पूर्ववर्ती सपा सरकार में कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में ग्राम प्रधान से लेकर सांसद तक भाजपा के होने के बावजूद श्मशान घाट बदहाली के आंसू रो रहे हैं। चिड़ियादह स्थित शव दाह स्थल का उदाहरण देते हुए उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। "जब हर स्तर पर सत्ता पक्ष के प्रतिनिधि मौजूद हैं, तो हिंदू समाज के इन अंतिम स्थलों की उपेक्षा क्यों की जा रही है?" — हिंदू महासभा प्रतिनिधि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपील हिंदू महासभा ने एडीएम के माध्यम से प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं: अवैध कब्जे हटें: सभी तहसीलदारों को आदेश देकर श्मशान भूमि से अतिक्रमण और गंदगी साफ कराई जाए। कायाकल्प: घाटों पर टीन शेड और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। महासभा ने जनपद के सभी विधायकों, प्रधानों और जिला पंचायत सदस्यों से भावुक अपील करते हुए कहा कि ईश्वर से डरते हुए इन पुण्य स्थलों का उद्धार कराएं। उन्होंने संदेश दिया कि मृतकों के परिजनों की दुआएं ही राजनेताओं को शिखर पर पहुंचाती हैं, इसलिए इन मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना अनिवार्य है।
- Date : 15/01/2026 Mob. 90121748241
- कांग्रेस का चुनावी शंखनाद: प्रियंका गांधी के जन्मदिन पर 100 दिनों का 'एक्शन प्लान' जारी-जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा से ख़ास बात चीत #कांग्रेस #congressnews #pilibhit #newsfeed #Dmpilibhit #news Harpreet Chabba Abhinay Gupta1
- Post by Furkankhan1
- बरेली के थाना सिरौली क्षेत्र से सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने महज़ 48 घंटे में दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 10 जनवरी 2026 की रात की है। ग्राम भूड़ा निवासी सुरेशपाल सिंह की उसके ही घर में हथौड़े से वार कर हत्या कर दी गई। मृतक के भाई चन्द्रपाल सिंह की तहरीर पर थाना सिरौली में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी ममता उर्फ खुशबू और होतम सिंह उर्फ होते पिछले तीन साल से प्रेम संबंध में थे। पति को जब इसकी भनक लगी तो घर में आए दिन विवाद होने लगे। इसी से छुटकारा पाने के लिए दोनों ने हत्या की साजिश रची। रात में ममता ने पति को पकड़ लिया और होतम सिंह ने हथौड़े से सिर व चेहरे पर कई वार कर उसकी जान ले ली। पुलिस ने ममता को घर से और होतम सिंह को शिवपुरी तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा भी बरामद कर लिया गया है। फिलहाल दोनों अभियुक्त पुलिस हिरासत में हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पूरे मामले में एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने आज सोमवार समय लगभग शाम के 7:00 बजे जानकारी देते हुए बताया1
- *मंगल बाजार को बंद करने के लिए किच्छा व्यापारियों ने एक ज्ञापन दिया* *किच्छा में मंगल बाजार बंद करने की मांग*, फास्टेस्ट न्यूज उत्तराखंड से पत्रकार राधेश्याम अरोड़ा की रिर्पोट किच्छा। नगर क्षेत्र में लगने वाले मंगल बाजार को बंद कराने की मांग को लेकर व्यापारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी के माध्यम से दिया गया। ज्ञापन सौंपने पहुंचे व्यापारियों का कहना था कि मंगल बाजार के कारण स्थानीय दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। देवभूमि व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष जगरूप सिंह ‘गोल्डी’ के नेतृत्व में व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा। इस दौरान व्यापारियों ने प्रशासन को अवगत कराया कि मंगल बाजार में अव्यवस्थित ढंग से दुकानें लगाई जाती हैं, जिससे न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि आसपास के दुकानदारों के व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि स्थायी दुकानों पर किराया, बिजली बिल और अन्य करों का बोझ होता है, जबकि अस्थायी बाजार में लगने वाली दुकानों पर इस तरह का कोई नियंत्रण नहीं है। व्यापारियों का कहना था कि मंगल बाजार में बाहरी लोग भी आकर दुकानें लगाते हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों की आय में गिरावट आ रही है। इसके साथ ही बाजार में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मंगल बाजार को पूरी तरह बंद किया जाए, जिससे स्थायी व्यापारियों को राहत मिल सके। ज्ञापन देने वालों में केशव लहिया (अध्यक्ष, रेडीमेड यूनियन), इरशाद अहमद, नदीम, लाइक अहमद, चंदन गुप्ता, जीवन, सिराज, संदीप बजाज , राधेश्याम अरोड़ा, नितिन अरोड़ा, गोविन्द राम अरोड़ा, हरपाल राठौर, सत्येंद्र, सनी पांडे, गुलशन चावला ,कामिल और संदीप मलिक सहित कई व्यापारी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन देकर प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। इस अवसर पर तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने ज्ञापन प्राप्त कर व्यापारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- क्या कहा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने1
- फरीदपुर के ग्राम पंचायत तरह खास में यह एक गरीब आदमी का घर है इनका सरकार की तरफ से कोई आवास नहीं बढ़ रहा है कृपया करके इनको ज्यादा से ज्यादा देखें और इनका जल्द से जल्द आवास बनवाने की कृपा करें।1
- पीलीभीत के शमशानों की दुर्दशा पर गर्जी हिंदू महासभा, जिलाधिकारी से मुलाकात कर दिया ज्ञापन।1