Shuru
Apke Nagar Ki App…
इज़राइली सेना ने लेबनान से अपनी सेना हटाने से इनकार कर दिया है, इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू हो गई है। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि आम धारणा के विपरीत, वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कहने पर काम नहीं करते हैं।
आशीष कुमार मिश्रा
इज़राइली सेना ने लेबनान से अपनी सेना हटाने से इनकार कर दिया है, इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू हो गई है। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि आम धारणा के विपरीत, वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कहने पर काम नहीं करते हैं।
More news from बिहार and nearby areas
- बिहार के ADG लॉ एंड ऑर्डर ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने भोजपुर में हुए एक एनकाउंटर मामले में लापरवाही होने की बात को स्वीकार किया है।1
- पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को सीधी धमकी दी है कि अगर पाकिस्तान की पानी की सुरक्षा को खतरा हुआ, तो वे युद्ध शुरू करने में संकोच नहीं करेंगे। आसिफ ने एक पाकिस्तानी मीडिया चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि पानी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है, और "जिस पल हमें लगेगा कि हमारी पानी की सुरक्षा खतरे में है, तो हम भारत के खिलाफ निश्चित तौर पर जंग शुरू कर देंगे।" यह धमकी भारत द्वारा 1960 की सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को निलंबित करने के बाद आई है। भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, के जवाब में यह कदम उठाया था। भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह से समाप्त नहीं करता, तब तक यह संधि बहाल नहीं की जाएगी। यह भी उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने जून 2028 तक पाकिस्तान को जाने वाले सिंधु नदी के पानी को पूरी तरह से रोकने का दावा किया था, जिसके बाद पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का यह बयान सामने आया है। इस संधि को 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता से किया गया था। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान गंभीर आंतरिक जल संकट का सामना कर रहा है। विशेष रूप से सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों में कई नहरों में पानी की 82% तक भारी कमी दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर कृषि, उद्योग और आम जनजीवन पर पड़ रहा है।1
- भोजपुर जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत के बाद स्थानीय लोगों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। इसी कड़ी में, आरा के चंदवा से एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया, जो हाउसिंग कॉलोनी स्थित राजेश कुमार पांडे चंदवा से शुरू होकर गिरजा मोड तक पहुंचा। इस कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भाग लिया। हाथों में मोमबत्तियां लिए लोगों ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने पुरजोर तरीके से कहा कि भरत तिवारी मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कैंडल मार्च के माध्यम से लोगों ने न्याय और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए अपनी आवाज बुलंद की। आरा से उठी इस न्याय की मांग के साथ, भरत तिवारी मामले को लेकर जनभावनाएं लगातार मुखर हो रही हैं।1
- संदेश के पूर्व विधायक अरुण यादव ने बिलौटी गाँव में भारत तिवारी के आवास पर पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत तिवारी के नाम पर एक स्मारक का निर्माण होना चाहिए। पूर्व विधायक अरुण यादव ने विशेष रूप से भारत तिवारी के नाम पर स्मारक बनाने की मांग उठाई।1
- भोजपुर पुलिस ने शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे युवक को पुलिस मुठभेड़ में गोली मार दी, जिसने पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तानकर हड़कंप मचाया था। यह युवक कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान था और उसने पुलिस पर पिस्टल तान दी थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में युवक को गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पूरे मामले की जांच अभी भी जारी है। भोजपुर पुलिस की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने यह भी दोहराया कि आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति लगातार जारी रहेगी।1
- भरत भूषण तिवारी के परिजनों का साथ देने वाले लोगों पर भी प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई पर यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, जिससे समाज में यह भावना बन रही है कि उसे दोनों ओर से मारा जा रहा है। लोगों द्वारा पूछा जा रहा है कि भरत भूषण तिवारी के परिजनों का समर्थन करने वालों को कानूनी कार्रवाई का सामना क्यों करना पड़ रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बांसगांव क्षेत्र के बलुआ गांव में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक 16 वर्षीय किशोर ने अपने बड़े भाई, भाभी और तीन साल के मासूम भतीजे की सोते समय धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी। यह तिहरा हत्याकांड संपत्ति और दुकान से जुड़े विवाद के कारण हुआ बताया गया है। पुलिस के सामने रोते हुए किशोर ने बताया कि उसे पिछले दो दिनों से खाना नहीं दिया गया था। उसने पुलिस से यह भी कहा कि अब उसे जेल में तो खाना मिलेगा।1
- भरत तिवारी आरा के भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले1