छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस विभाग के एक आरक्षक पर दुष्कर्म, प्रताड़ना और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगने के बाद यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। कांसाबेल थाना में पदस्थ आरक्षक रूद्रमणी यादव के खिलाफ दर्ज प्रकरण में पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चला रही है। आरोपी के लगातार फरार रहने के कारण जशपुर पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है और उसकी सूचना देने वाले को 2 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है। मिली जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को एक महिला ने कांसाबेल थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरक्षक रूद्रमणी यादव ने उसके साथ दुष्कर्म किया और लंबे समय तक उसका शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी उसे लगातार प्रताड़ित करता था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां देता था। पुलिस ने आरोपों को गंभीर मानते हुए प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी आरक्षक के खिलाफ अपराध क्रमांक 67/2026 दर्ज किया है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की दुष्कर्म संबंधी धाराओं 376(2)(एन) और 376(2)(क)(1) के साथ-साथ जबरन गर्भपात कराने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में धारा 313, 294 और 506(बी) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। चूंकि पीड़िता अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित है, इसलिए मामले में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है तथा सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी। मामला दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आरोपी आरक्षक फरार हो गया। इसके बाद पुलिस की विशेष टीमों ने उसके संभावित ठिकानों, निवास स्थान और रिश्तेदारों के घरों पर लगातार दबिश दी, लेकिन अब तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. लाल उमेद सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए 2 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। साथ ही, आरोपी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है ताकि वह जिले या राज्य की सीमा से बाहर भागने में सफल न हो सके। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि आरोपी आरक्षक के संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाना, पुलिस अधिकारियों अथवा जिला नियंत्रण कक्ष को सूचित करें और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर दबाव भी बढ़ गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस विभाग के एक आरक्षक पर दुष्कर्म, प्रताड़ना और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगने के बाद यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। कांसाबेल थाना में पदस्थ आरक्षक रूद्रमणी यादव के खिलाफ दर्ज प्रकरण में पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चला रही है। आरोपी के लगातार फरार रहने के कारण जशपुर पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है और उसकी सूचना देने वाले को 2 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है। मिली जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को एक महिला ने कांसाबेल थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरक्षक रूद्रमणी यादव ने उसके साथ दुष्कर्म किया और लंबे समय तक उसका शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी उसे लगातार प्रताड़ित करता था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां देता था। पुलिस ने आरोपों को गंभीर मानते हुए प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी आरक्षक के खिलाफ अपराध क्रमांक 67/2026 दर्ज किया है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की दुष्कर्म संबंधी धाराओं 376(2)(एन) और 376(2)(क)(1) के साथ-साथ जबरन गर्भपात कराने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में धारा 313, 294 और 506(बी) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। चूंकि पीड़िता अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित है, इसलिए मामले में एससी/एसटी अत्याचार निवारण
अधिनियम की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है तथा सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी। मामला दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आरोपी आरक्षक फरार हो गया। इसके बाद पुलिस की विशेष टीमों ने उसके संभावित ठिकानों, निवास स्थान और रिश्तेदारों के घरों पर लगातार दबिश दी, लेकिन अब तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. लाल उमेद सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए 2 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। साथ ही, आरोपी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है ताकि वह जिले या राज्य की सीमा से बाहर भागने में सफल न हो सके। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि आरोपी आरक्षक के संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाना, पुलिस अधिकारियों अथवा जिला नियंत्रण कक्ष को सूचित करें और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर दबाव भी बढ़ गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में शासन की महत्वाकांक्षी शिक्षा योजना में फर्जीवाड़े का एक मामला सामने आया है। पत्थलगांव पुलिस ने एक शासकीय शिक्षक चमर साय पैकरा को गिरफ्तार किया है, जिस पर अपनी वास्तविक आय को छिपाकर अपनी पुत्री को पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना का अनुचित लाभ दिलाने का आरोप है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक ने अपनी वार्षिक आय मात्र 75 हजार रुपये दर्शाते हुए आय प्रमाण पत्र बनवाया और शपथ पत्र के माध्यम से गलत जानकारी प्रस्तुत की। इसी आधार पर उसने अपनी पुत्री का शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा छठवीं में निःशुल्क प्रवेश करा लिया। हालांकि, जांच के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त वेतन अभिलेखों में शिक्षक की वास्तविक वार्षिक आय लगभग 6 लाख 79 हजार रुपये पाई गई। आदिवासी विकास विभाग एवं अन्य दस्तावेजों की जांच से भी यह पुष्टि हुई कि आरोपी ने जानबूझकर आय छुपाकर सरकारी योजना का लाभ उठाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की धोखाधड़ी से आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र प्रतिभावान विद्यार्थियों के अधिकार प्रभावित होते हैं, और इससे शासन की योजनाओं का उद्देश्य भी बाधित होता है। पत्थलगांव पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को 30 मई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस संबंध में बताया कि शासकीय योजनाओं में फर्जी दस्तावेज, झूठी जानकारी या मिथ्या शपथ पत्र के आधार पर लाभ लेने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पात्र हितग्राहियों के अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।2
- चैनपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रुति अग्रवाल द्वारा अवैध बालू उठाव के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में बालू कारोबार से जुड़े ट्रैक्टर मालिकों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस ने हाल ही में अवैध रूप से बालू उठाव कर रहे तीन ट्रैक्टरों को जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र की नदियों से होने वाला अवैध बालू उठाव लगभग पूरी तरह बंद हो गया है। चैनपुर में अवैध बालू उठाव पर पुलिस की इस सख्ती का असर अब आम लोगों और सरकारी योजनाओं पर भी पड़ने लगा है।1
- चैनपुर प्रखंड के प्रेमनगर के समीप परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। शुक्रवार शाम सात बजे तक मिली जानकारी के अनुसार, इस संयुक्त कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए, जिससे क्षेत्र में नियम तोड़ने वाले चालकों के बीच हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने, शराब पीकर गाड़ी चलाने तथा बिना नंबर प्लेट के सड़क पर दौड़ रहे वाहनों की गहन जांच की गई। इस जांच में कुल सोलह मोटरसाइकिल, तीन ट्रैक्टर और एक पिकअप वैन का चालान काटा गया। कार्रवाई की प्रक्रिया समाचार लिखे जाने तक भी जारी थी। मोटरयान निरीक्षक प्रदीप कुमार तिर्की ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं नशे की हालत में वाहन चलाने और हेलमेट नहीं पहनने के कारण होती हैं, जिससे दुर्घटना के समय सिर में गंभीर चोट लगने से लोगों की जान चली जाती है। सड़क सुरक्षा मैनेजर प्रभाष कुमार ने युवाओं और बाइक चालकों से हेलमेट पहनने की अपील करते हुए कहा कि नई सड़कों के कारण वाहनों की रफ्तार बढ़ी है, और ऐसे में दुर्घटना होने पर सिर को सबसे अधिक खतरा होता है। उन्होंने यह भी बताया कि गंभीर सिर की चोट का उपचार स्थानीय स्तर पर संभव न होने के कारण मरीजों को रांची रेफर करना पड़ता है, इसलिए हेलमेट पहनकर स्वयं की सुरक्षा करना बेहद आवश्यक है। प्रभाष कुमार ने लोगों को जागरूक करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि शराब का सेवन करना एक अलग बात है, लेकिन शराब पीकर वाहन चलाना कानूनन अपराध है और यह कई लोगों की जान को खतरे में डाल सकता है। इस अभियान के दौरान मोटरयान निरीक्षक प्रदीप कुमार तिर्की, सड़क सुरक्षा मैनेजर प्रभाष कुमार, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, एसआई राजेंद्र मंडल सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल और वाहन जांच कर्मी मौजूद रहे। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- राज्य में ठनका गिरने से चार लोगों की जान चली गई है। इसी के साथ, राजधानी रांची में तापमान में 9 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 31 तारीख तक के लिए बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है।1
- अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जलडेगा थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने थाना क्षेत्र के गांगुटोली गांव में छापेमारी कर कुल 136 बोतल विदेशी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई में अवैध शराब बिक्री के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार भी किया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांगुटोली गांव में एक ढाबे के माध्यम से अवैध रूप से अंग्रेजी शराब बेची जा रही है। इस सूचना के आधार पर थाना प्रभारी सकलदेव महतो के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया और मौके पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान दुकान से विभिन्न कंपनियों की कुल 136 बोतल विदेशी शराब जब्त की गई। पुलिस ने मौके से गांगुटोली निवासी 21 वर्षीय सतीश साहू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद सतीश साहू के विरुद्ध जलडेगा थाना में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और ऐसे कारोबार में संलिप्त लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है। छापेमारी दल में थाना प्रभारी सकलदेव महतो, सअनि उदय भेंगरा सहित अन्य जवान शामिल थे।1