नरसिंहपुर से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार, स्काई इंडिया टीवी चैनल द्वारा कवर की गई एक अत्यंत कठिन और प्रेरणादायक नर्मदा परिक्रमा इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। नर्मदा माई की बगिया, अमरकंटक से दशहरे (विजयदशमी) के पावन अवसर पर शुरू हुई यह अनूठी परिक्रमा अगले 10 से 12 वर्षों तक निरंतर जारी रहेगी। इस यात्रा के दौरान धर्मपुरी बाबा अपनी भक्ति और दृढ़ता की मिसाल पेश कर रहे हैं, जो अपने दोनों हाथों के सहारे पैदल चलते हुए इसे पूर्ण कर रहे हैं। वे अब गोटेगांव पहुँचे हैं। धर्मपुरी बाबा का संकल्प अत्यंत कठोर है, जिसमें वे पूरे दिन उपवास रखते हैं और केवल शाम के समय ही प्रसाद ग्रहण करते हैं। यह यात्रा नर्मदा नदी के किनारे-किनारे पैदल चलकर की जा रही है, जहाँ भक्त विभिन्न धार्मिक स्थलों और आश्रमों में रुककर माँ नर्मदा की महिमा का गुणगान करते हैं। हिंदू धर्म में नर्मदा परिक्रमा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसे मोक्ष का मार्ग माना गया है। धर्मपुरी बाबा की यह यात्रा शारीरिक व मानसिक दृढ़ता का एक अद्वितीय संगम है, जो माँ नर्मदा के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा को दर्शाता है। बाबा का यह समर्पण श्रद्धालुओं के लिए गहरी प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
नरसिंहपुर से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार, स्काई इंडिया टीवी चैनल द्वारा कवर की गई एक अत्यंत कठिन और प्रेरणादायक नर्मदा परिक्रमा इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। नर्मदा माई की बगिया, अमरकंटक से दशहरे (विजयदशमी) के पावन अवसर पर शुरू हुई यह अनूठी परिक्रमा अगले 10 से 12 वर्षों तक निरंतर जारी रहेगी। इस यात्रा के दौरान धर्मपुरी बाबा अपनी भक्ति और दृढ़ता की मिसाल पेश कर रहे हैं, जो अपने दोनों हाथों के सहारे पैदल चलते हुए इसे पूर्ण कर रहे हैं। वे अब गोटेगांव पहुँचे हैं। धर्मपुरी बाबा का संकल्प अत्यंत कठोर है, जिसमें वे पूरे दिन उपवास रखते हैं और केवल शाम के समय ही प्रसाद ग्रहण करते हैं। यह यात्रा नर्मदा नदी के किनारे-किनारे पैदल चलकर की जा रही है, जहाँ भक्त विभिन्न धार्मिक स्थलों और आश्रमों में रुककर माँ नर्मदा की महिमा का गुणगान करते हैं। हिंदू धर्म में नर्मदा परिक्रमा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसे मोक्ष का मार्ग माना गया है। धर्मपुरी बाबा की यह यात्रा शारीरिक व मानसिक दृढ़ता का एक अद्वितीय संगम है, जो माँ नर्मदा के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा को दर्शाता है। बाबा का यह समर्पण श्रद्धालुओं के लिए गहरी प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
- नरसिंहपुर पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की स्पष्ट चेतावनी जारी की है। पुलिस द्वारा दी गई इस चेतावनी में यह साफ किया गया है कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात व्यवस्था का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।1
- एक दिव्यांग दादा ने आरोप लगाया है कि एक आरोपी उनकी पोती को भगा ले गया है। उनकी शिकायत है कि इस मामले में कार्रवाई करने के बजाय, उन्हें विभिन्न स्थानों की पुलिस द्वारा बेवजह चक्कर कटवाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें कोई मदद नहीं मिल पा रही है।1
- भानुप्रतापपुर नगर में शौर्य चक्र से सम्मानित विजेताओं का उनके आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। यह अभिनंदन नगर पहुँचने पर हुआ।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की आखिरी सीमा पर, रायसेन की सीमा से लगे पुल पर भारी जाम लग गया। यह जाम बोरास झिंकोली पुल पर एनटीपीसी के डंपरों के कारण लगा, जिससे त्योहार के अवसर पर आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। इस स्थिति को देखते हुए, लोगों ने कलेक्टर, विधायक और मंत्री से इस पर ध्यान देने की अपील की है। विशेष रूप से यह मांग की गई है कि पर्व-त्योहारों के मौके पर डंपरों का संचालन बंद रहना चाहिए, ताकि ऐसी असुविधा और जाम की समस्या से बचा जा सके।1
- गोटेगांव में मंगलवार को भगतराम चौराहे पर एक बार फिर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। इस जाम के कारण वाहन चालक और आम नागरिक काफी देर तक फंसे रहे, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगलवार को हमेशा भारी भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। स्थानीय निवासियों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि यातायात प्रभावित होने के बावजूद मौके पर कोई प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था देखने को नहीं मिली। भगतराम चौराहा लगातार इस समस्या का केंद्र बना हुआ है।1
- नरसिंहपुर जिले के घाट पिडरई के पास रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों में एक अज्ञात पुरुष का शव मिला है। शव की शिनाख्त न हो पाने के कारण उसे मुक्तिधाम में दफना दिया गया।1
- नरसिंहपुर में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान, कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस मौके पर, उन्होंने जनसुनवाई में प्राप्त हुई विभिन्न शिकायतों और मुद्दों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।1
- मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस घटना के बाद, पार्टी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर चुनाव आयोग का पुतला दहन किया, जिससे उनका गुस्सा और असहमति स्पष्ट रूप से सामने आई।1