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ग्राम खेरवास में हुई भारी ओलावृष्टि किसानों का हुआ हुआ नुकसान.... ग्राम खेरवास में हुई भारी ओलावृष्टि किसानों का हुआ हुआ नुकसान....
रितिक परमार
ग्राम खेरवास में हुई भारी ओलावृष्टि किसानों का हुआ हुआ नुकसान.... ग्राम खेरवास में हुई भारी ओलावृष्टि किसानों का हुआ हुआ नुकसान....
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- खबर शिवपुरी के पास सुरवाया क्षेत्र के अटेर गांव की बताई जा रही है गांव के पास खेतों में आए दो चीते गांव के लोगों के अंदर है डर का माहौल....1
- ब्रेकिंग न्यूज शिवपुरी जिले की तहसील पिछोर से है जहां फिर से हुई बेमौसम ओलावृष्टि ने मचाई तबाही: गेहूं-चने की फसल बर्बाद, किसानों के चेहरे पर छाई मायूसी शिवपुरी जिले की तहसील पिछोर के आसपास की ग्रामों में शाम 7.32 मिनिट पर (4 अप्रैल 2026): जिले में अचानक बदले मौसम के मिजाज से किसानों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। शिवपुरी जिले के तहसील पिछोर के कई हिस्सों, में विशेषकर भारी हुई ओलावृष्टि ग्राम खेरवास,बाचरौन भरतपुर पिछोर जराय काली पहाड़ी बमना नांद कमालपुर फतेहपुर कोटरा और भितरगुवा-खुरई काली पहाड़ी के ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई। खेतों में बिछी ओलों की चादर कई स्थानों पर ओलों का आकार इतना बड़ा था कि खेतों में खड़ी गेहूं, चना और सरसों की फसलें पूरी तरह से बिछ गई हैं। किसानों ने बताया कि कटी हुई फसल जो खलिहान में रखी थी, वह भी भीगकर खराब हो गई है। कई गांवों में घरों के छप्पर और गाड़ियों के शीशे टूटने की भी खबर है।। संवाददाता पत्रकार चंद्रभान/पुष्पेंद्र बघेल2
- जनसेवा की अनूठी मिसाल 'मेरा वार्ड, मेरा परिवार' के संकल्प के साथ जनता के बीच पहुँच रहे युवा पार्षद [शिवपुरी पार्षद] | राजनीति में अक्सर बड़े-बड़े वादों और रैलियों का शोर सुनाई देता है, लेकिन धरातल पर जनता के सुख-दुख का साथी बनने वाले नेता कम ही मिलते हैं। इन्हीं अपवादों में से एक हैं कांग्रेस विचारधारा के समर्पित युवा पार्षद, जिन्होंने अपनी कार्यशैली से न केवल अपने वार्ड, बल्कि पूरे क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। हर दिन एक घर में भोजन: रिश्तों को मज़बूत करने की पहल अपनी कर्मठता के लिए जाने जाने वाले इस युवा नेता ने अब एक नया और भावुक अभियान शुरू किया है— 'मेरा वार्ड, मेरा परिवार'। इस अभियान के तहत वे प्रतिदिन अपने वार्ड के एक अलग परिवार के घर जाकर उनके साथ भोजन करते हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल राजनीति नहीं, बल्कि वार्ड के हर नागरिक के साथ पारिवारिक संबंध स्थापित करना है। भोजन की मेज पर बैठकर वे लोगों की समस्याओं को करीब से समझते हैं और वहीं बैठकर उनके निराकरण की योजना भी बनाते हैं। विचारधारा से ऊपर उठकर 'सेवा' को प्राथमिकता वैसे तो वे कांग्रेस विचारधारा से जुड़े हैं, लेकिन क्षेत्र की सेवा के मामले में वे दलगत राजनीति से कोसों दूर हैं। उनके लिए वार्ड का हर व्यक्ति, चाहे वह किसी भी विचारधारा का हो, उनके परिवार का हिस्सा है। यही कारण है कि आज वे हर वर्ग और हर आयु के लोगों की पहली पसंद बन चुके हैं। नेता वह नहीं जो सिर्फ मंच से भाषण दे, नेता वह है जो अपने क्षेत्र के हर घर के चूल्हे की फ़िक्र करे।" - एमडी गुर्जर युवा पार्षद शिवपुरी क्षेत्र में चर्चा का विषय बना 'जज्बा' पार्षद होने के बावजूद उनकी सादगी और लगन ने सबको प्रभावित किया है। वार्ड में साफ-सफाई हो, बिजली-पानी की व्यवस्था हो या किसी गरीब की व्यक्तिगत मदद—वे हमेशा तत्पर रहते हैं। उनकी इस नई तैयारी ने शहर के अन्य जनप्रतिनिधियों के सामने भी एक बड़ी लकीर खींच दी है। 'मेरा वार्ड, मेरा परिवार' के तहत जन-संवाद। प्रतिदिन एक वार्डवासी के घर जाकर भोजन और चर्चा।1
- खबर मगरौनी, जिला शिवपुरी (मध्य प्रदेश) से जितेन्द्र शाक्य की रिपोर्ट मगरौनी से एक मानवता और तत्परता की मिसाल पेश करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला की जान समय रहते डॉक्टर की सूझबूझ से बच गई। जानकारी के अनुसार, मगरौनी निवासी एक महिला को अचानक सीने में तेज दर्द उठा। घबराई महिला ने तुरंत पास ही के चिकित्सक डॉ. राकेश रजक को फोन किया। डॉक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद स्थिति को गंभीर समझते हुए तुरंत ग्वालियर ले जाने की सलाह दी। महिला के परिजनों ने डॉक्टर से साथ चलने का आग्रह किया, जिस पर डॉ. राकेश रजक मरीज के साथ ग्वालियर के लिए रवाना हुए। रास्ते में बकीला कंसाना को भी साथ लिया गया। ग्वालियर पहुंचकर अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला की ईसीजी (ECG) कराने को कहा। इसी दौरान जांच के समय महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी। उसकी पल्स तेजी से गिरने लगी और कुछ ही क्षणों में हार्ट बीट बंद हो गई। मौके की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉ. राकेश रजक ने बिना समय गंवाए तुरंत सीपीआर (CPR) देना शुरू किया। डॉक्टर की तत्परता और सही समय पर किए गए प्रयास से महिला की धड़कन दोबारा चलने लगी और उसकी जान बच गई। बाद में अस्पताल में उसका सफलतापूर्वक इलाज किया गया। महिला ने भावुक होकर कहा कि, “अगर डॉ. राकेश रजक उस समय साथ नहीं होते, तो आज मैं जिंदा नहीं होती।” इस घटना के बाद क्षेत्र में डॉ. राकेश रजक की जमकर सराहना हो रही है। लोगों ने इसे डॉक्टर की सजगता, कर्तव्यनिष्ठा और मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।1
- मगरौनी मेला का शुभारंभ आज सुबह 9 बजे किया गया सभी भक्तजनों से निवेदन हैं कि आप मातारानी के भवन पर सादर आमंत्रित हैं1
- कुंभकर्णी नींद में सो रही भाजपा, किसानों की समस्याओं पर सरकार गंभीर नहीं: पुरुषोत्तम रावत । रिपोर्टर हेमंत भार्गव शिवपुरी, 4 अप्रैल 2026। मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस शिवपुरी के जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम रावत ने भारतीय जनता पार्टी एवं राज्य सरकार पर किसानों की उपेक्षा के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर कुंभकर्णी नींद में सो रही है। रावत ने शनिवार को अपने निज निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदेश वर्तमान में अनेक समस्याओं से जूझ रहा है, जिनमें किसान सबसे अधिक प्रभावित वर्ग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की फसलों की खरीदी अब तक प्रारंभ नहीं की गई है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिवपुरी जिले सहित प्रदेश की कई सहकारी समितियां ओवरड्यू पड़ी हुई हैं, जिसके कारण किसानों को खाद एवं बीज समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। रावत ने इसे सरकार की सोची-समझी रणनीति बताते हुए आरोप लगाया कि किसानों को जान बूझकर परेशान किया जा रहा है। किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने बताया कि शिवपुरी जिले की करैरा तहसील में पिछले 15 वर्षों से कृषि उपज मंडी बंद पड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व में आंदोलन के माध्यम से मंडी को कुछ समय के लिए प्रारंभ कराया गया था, लेकिन बाद में इसे पुनः बंद कर दिया गया। रावत ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसान कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सड़क जाम, एसडीएम एवं तहसीलदार कार्यालय का घेराव तथा धरना-प्रदर्शन जैसे व्यापक आंदोलन किए जाएंगे।3
- Post by Hrdas Emr tje1
- 🚨 करेरा अस्पताल बना लापरवाही का अड्डा, विधायक ने खोली पोल! 🚨 करेरा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था अब छुपी नहीं रही। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि खुद विधायक को मानना पड़ा—अस्पताल में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। डॉक्टरों की मनमानी चरम पर है। समय पर अस्पताल पहुंचना तो दूर, कई डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी से ही मुंह मोड़ते नजर आ रहे हैं। नतीजा—मरीज घंटों तड़पते रहते हैं और इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। मरीजों के लिए बनने वाला खाना भी घोटाले की भेंट चढ़ गया है। तय मेनू को ताक पर रखकर घटिया और अधूरा भोजन परोसा जा रहा है, जिससे मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात—बीएमओ पर गंभीर आरोप। बताया जा रहा है कि वे सरकारी जिम्मेदारी छोड़ अपनी प्राइवेट क्लीनिक में ज्यादा व्यस्त रहते हैं। सरकारी अस्पताल उनके लिए सिर्फ नाम का रह गया है। विधायक के इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप जरूर है, लेकिन बड़ा सवाल ये है— 👉 क्या दोषियों पर गिरेगी गाज? 👉 या फिर सिस्टम यूं ही मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करता रहेगा? ⚡ करेरा की जनता जवाब मांग रही है… अब कार्रवाई कब?1