सारनाथ में आषाढ़ पूर्णिमा पर निकाला गया शांति मार्च बौद्ध जयंती के अवसर पर अम्बेडकर भवन से आशापुर तक निकली रैली आप देख रहे हैं न्यूज टू इंडिया से संवाददाता एबूल टोन की खास रिपोर्ट वाराणसी क्षेत्र सारनाथ आषाढ़ पूर्णिमा की याद में आज सारनाथ में बौद्ध जयंती मनाते हुए लोगों ने शांति मार्च निकाला। अम्बेडकर भवन से शुरू हुआ मार्च शांति मार्च अम्बेडकर भवन पतेरवा से शुरू होकर आशापुर चौराहा होते हुए वापस अम्बेडकर भवन पर समाप्त हुआ। मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और बुद्ध के शांति संदेश को याद किया। ऐतिहासिक महत्व बताया लोगों ने बताया कि आज ही के दिन बौद्ध भगवान ने सारनाथ से अपने उपदेशों की शुरुआत की थी। यह परंपरा आज पूरे विश्व में मनाई जाती है। बौद्ध धर्म के अनुसार यह आषाढ़ पूर्णिमा 528 ईस्वी से शुरू हुई थी वक्ताओं ने कहा कि बौद्ध जी ने दुनिया को शांति, करुणा और सद्भाव का उपदेश दिया, जिसे आज पूरी दुनिया मानती है।
सारनाथ में आषाढ़ पूर्णिमा पर निकाला गया शांति मार्च बौद्ध जयंती के अवसर पर अम्बेडकर भवन से आशापुर तक निकली रैली आप देख रहे हैं न्यूज टू इंडिया से संवाददाता एबूल टोन की खास रिपोर्ट वाराणसी क्षेत्र सारनाथ आषाढ़ पूर्णिमा की याद में आज सारनाथ में बौद्ध जयंती मनाते हुए लोगों ने शांति मार्च निकाला। अम्बेडकर भवन से शुरू हुआ मार्च शांति मार्च अम्बेडकर भवन पतेरवा से शुरू होकर आशापुर चौराहा होते हुए वापस अम्बेडकर भवन पर समाप्त हुआ। मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और बुद्ध के शांति संदेश को याद किया। ऐतिहासिक महत्व बताया लोगों ने बताया कि आज ही के दिन बौद्ध भगवान ने सारनाथ से अपने उपदेशों की शुरुआत की थी। यह परंपरा आज पूरे विश्व में मनाई जाती है। बौद्ध धर्म के अनुसार यह आषाढ़ पूर्णिमा 528 ईस्वी से शुरू हुई थी वक्ताओं ने कहा कि बौद्ध जी ने दुनिया को शांति, करुणा और सद्भाव का उपदेश दिया, जिसे आज पूरी दुनिया मानती है।
- मार्कण्डेय महादेव क्षेत्र में सपा की रणनीतिक बैठक, बूथ मजबूत करने पर जोर1
- गंगा के किनारे अदलपुरा में सदियों पुराना शीतला माता मंदिर, बीमारियां भी मांगती हैं आशीर्वाद आप देख रहे हैं न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट मिर्ज़ापुर, चुनार। गंगा की शीतल लहरों के किनारे, चुनार से लगभग 10 किमी दूर अदलपुरा गांव में एक ऐसी शक्ति विराजमान है जहां दर्द भी दवा मांगने आता है, और आंसू भी आशीर्वाद बनकर लौटते है। बड़ी शीतला माता मंदिर एक ऐसा पावन धाम, जिसकी स्थापना की तारीख इतिहास के पन्नों में नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की श्रद्धा में दर्ज है। अनादि काल से चली आ रही आस्था कहते हैं ये मंदिर सदियों पुराना है। विद्वान इसे मध्यकाल से भी पहले का मानते हैं। लोक मान्यता है कि यहां माता की प्रतिमा स्वयंभू रूप में प्रकट हुई थी। उसी दिन से पूजा शुरू हुई और धीरे-धीरे ये आस्था का महातीर्थ बन गया। इस धाम की सबसे अनोखी विशेषता यहां निषाद/मल्लाह समुदाय के लोग पीढ़ियों से माता की सेवा करते आ रहे हैं। गंगा पुत्रों के हाथों से हुई पूजा में एक अलग ही अपनापन और पवित्रता है। जहां बीमारी भी माथा टेकती है शीतला माता को संतानों की रक्षक कहा जाता है। मान्यता है कि चेचक, खसरा और फोड़े- फुंसी जैसी बीमारियों में माता बासी भोग से तुरंत कृपा करती हैं। इसीलिए यहां गर्म भोग वर्जित है। भक्त माता को पूड़ी-हलवा, लापसी और बाटी-चोखा का शीतल प्रसाद चढ़ाते हैं। मन्नत पूरी होने पर लोग गंगा किनारे भंडारा करते हैं और नीम के पेड़ पर मौली बांधकर आभार जताते हैं। दर्शन का समय और खास दिन समय प्रातः 06:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक आरती: सुबह-शाम की विशेष आरती मन को असीम शांति देती है।मंगलवार: आस्था का मेला लगता है। वाराणसी मिर्जापुर से हजारों श्रद्धालु आते हैं नवरात्रिः चैत्र और अश्विन नवरात्रि में 9 दिन मंदिर 24 घंटे खुला रहता है। पूरा घाट लाखों दीपों से जगमगाता है शांति से दर्शन के लिए बुधवार से शुक्रवार, सुबह 6 से 8 बजे के बीच जाएं। कैसे पहुंचे, वाराणसी कैंट से मात्र 28 किमी, 50 मिनट मार्ग लहरतारा, DLW,SH-74 अदलपुरा रास्ते में विंध्याचल की तरह सजा बाजार मिलता है, जहां से चुनरी, नारियल और कलावा ले सकते हैं। यहां दवा नहीं, दुआ काम करती है। यहां प्रसाद नहीं, ममता मिलती है। एक बार दिल से लिखिए "जय शीतला माता" माता सभी की झोली भरती है।1
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "मैं विनम्रतापूर्वक अनुरोध करना चाहता हूं कि जिस असंसदीय शब्द का प्रयोग विपक्ष के नेता (LoP) द्वारा किया गया है उसे कार्यवाही से हटा दिया जाए और मैं अपनी तरफ के सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि वे शांति बनाए रखें और उन्हें सुनें।"1
- चतुभुजपुर सकलडीहा रेलवे स्टेशन स्थित बाबा डांगरिया सरकार आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़1
- छात्रों के दिल्ली आंदोलन में शामिल हुए कांग्रेस प्रदेश महासचिव देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने दिया बड़ा बयान1
- हवन-पूजन और तपासन की आरती के साथ रामगढ़ मठ में मनाई गई गुरु पूर्णिमा आप देख रहे हैं न्यूज टू इंडिया से संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता जिला चीफ ब्यूरो की खास रिपोर्ट चहनियां क्षेत्र चंदौली महाकापालिक योगीराज अघोराचार्य बाबा कीनाराम की तपोस्थली रामगढ़ स्थित बाबा कीनाराम मठ में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया प्रातःकाल से उमड़ी भीड़ सुबह से ही श्रद्धालुओं का मठ में आगमन शुरू हो गया। पूरे दिन बाबा कीनाराम के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की कतारें लगी रहीं हवन-पूजन और आरती गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर प्रभुनारायण सिंह लल्ला,धनंजय सिंह तथा मठ प्रबंधक मेजर अशोक सिंह द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से हवन-पूजन संपन्न कराया गया। इसके बाद बाबा कीनाराम के पावन तपासन की भव्य आरती की गई। आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रसाद वितरण पीठाधीश्वर सिद्धार्थ गौतमराम बाबा के आदेश पर सभी धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ हुए। दिनभर प्रसाद वितरण का क्रम चलता रहा। सुबह 10 बजे से सुप्रसिद्ध गायक कलाकार विक्की तिवारी एवं सतरूपा शीतल ने भजन-कीर्तन, लोकगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा मठ परिसर भक्ति रस में सराबोर रहा गुरु-भक्ति का महापर्व मठ प्रबंधक मेजर अशोक सिंह ने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का महापर्व है। बाबा कीनाराम की पावन तपोस्थली पर आयोजित यह पर्व गुरु-भक्ति की परंपरा को और अधिक सुदृढ़ करता है उपस्थित रहे इस अवसर पर प्रधानाचार्य विपिन सिंह, सुनील पाण्डेय, संतोष सिंह, कौशल दूबे, प्रमोद सिंह, समित सिंह, प्रवीण श्रीवास्तव, अर्पित पाण्डेय, नंदू गुप्ता, विशाल सिंह, पंकज सिंह, रितेश पाण्डेय, अभय यादव पीके, अन्नू यादव, बृजेश सिंह, सुदामा यादव, सर्वेश मौर्य, दीना दादा, मठ पुजारी देवदत्त पाण्डेय, अमृत पाठक, फग्गू पाण्डेय सहित मठ के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे विशाल सिंह* व अन्य साथियों ने पूरे आयोजन, सजावट, साफ-सफाई एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं की व्यवस्था में सक्रिय सहयोग दिया।1
- भूगर्भ जल दिवस पर चहनिया से जागरूकता रथ रवाना, जल संरक्षण का दिया संदेश जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली "चंदौली के चहनिया विकास खंड में भूगर्भ जल दिवस के अवसर पर जल संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। खंड विकास अधिकारी जावेद अख्तर ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लगातार गिरता भूगर्भ जल स्तर गंभीर चिंता का विषय है और वर्षा जल संचयन व जल का विवेकपूर्ण उपयोग समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह जागरूकता रथ क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में पहुंचकर लोगों को जल संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन के प्रति जागरूक करेगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया।"1
- चित्रकूट गैंगरेप कांड: तीनों आरोपी गिरफ्तार, एक मुठभेड़ में घायल; अजय सिंह ने यूपी पुलिस की कार्रवाई की सराहना की जनता न्यूज़ टीवी संवाददाता पंकज कुमार उत्तर प्रदेश1