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aabara pasu ko aashraya sarkar ka ye yojna bahut hi khas hai jisse cow goo hatyayein bhi ruk sakega Bahut hi sundar yojna Hai sarkar ki taraf se.. esa lag raha hai Jaise isi din ka intjar thaa.. mujhe lagta hai ye sabhi kisan log ko pasand aayegi
M.s Bhandari
aabara pasu ko aashraya sarkar ka ye yojna bahut hi khas hai jisse cow goo hatyayein bhi ruk sakega Bahut hi sundar yojna Hai sarkar ki taraf se.. esa lag raha hai Jaise isi din ka intjar thaa.. mujhe lagta hai ye sabhi kisan log ko pasand aayegi
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- पीलीभीत में मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। थाना दियोरिया कला क्षेत्र के ग्राम नूरानपुर निवासी बाबा सर्वेश्वरदास ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर कुछ लोगों पर मंदिर की भूमि कब्जाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित बाबा सर्वेश्वरदास, जो बाबा मोहन दास उर्फ छलिया बाबा के चेला हैं, का कहना है कि श्री ठाकुरजी महाराज विराजमान मंदिर की कृषि भूमि ग्राम रसूलपुर में स्थित है। आरोप है कि कुछ लोग इस जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। बाबा के अनुसार, इस विवाद को लेकर पहले भी थाना दियोरिया कला में शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब मामला और गंभीर हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम नूरानपुर व आसपास के कई लोग मिलकर इस जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि इन लोगों ने बाहर से एक कथित दबंग व्यक्ति रामू चेला रामभूषणदास को बुलाया है, जो अपने साथ अन्य लोगों के साथ मिलकर मंदिर की जमीन पर कब्जे की कोशिश कर रहा है। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। बाबा ने बताया कि 15 मार्च 2026 को दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच जब वह मंदिर पहुंचे, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की और मारपीट का प्रयास किया, जिससे उन्हें मौके से भागकर जान बचानी पड़ी। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों की धमकियों के कारण उनकी जान-माल को खतरा बना हुआ है। मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात भी सामने आई है। बाबा सर्वेश्वरदास ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मंदिर की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।2
- बीसलपुर। नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सरस्वती विद्या मंदिर में प्रशासनिक बदलाव के तहत डॉ. रवि शरण सिंह चौहान ने नए प्रधानाचार्य के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उनके पदभार ग्रहण करते ही विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यभार ग्रहण के दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति एवं स्टाफ ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. चौहान ने कहा कि वे विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। विद्यालय परिवार ने आशा जताई कि उनके नेतृत्व में संस्थान नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों व कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।1
- Post by Arun Rana1
- आधार कार्ड संशोधन कराने पहुंचे लोगों को भारी परेशानी का सामना, केंद्र पर बैठने तक की व्यवस्था नहीं, घंटों खड़े रहने को मजबूर लोग, तेज धूप और भीड़ के बीच बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान, कर्मचारियों की लापरवाही से लोगों का धैर्य जवाब देने लगा, सुविधाओं के अभाव में सरकारी सेवाओं की पोल खुलती नजर आई, लंबी कतारों में लगे उपभोक्ताओं ने जताई नाराजगी, लोगों का आरोप—समय पर नहीं होता काम, सिर्फ होती है टालमटोल, जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर भी उठ रहे सवाल, स्थानीय लोगों ने व्यवस्था सुधारने की उठाई मांग।1
- Post by Journalist Amit Dixit1
- नमस्कार, मैं हूँ सरफराज अहमद खान और आप देख रहे हैं UPNewsTV24। उत्तर प्रदेश में जहाँ एक तरफ सरकार 'जीरो टॉलरेंस' और अपराधियों को 'मिट्टी में मिलाने' का दावा करती है, वहीं बदायूं के HPCL बायोगैस प्लांट में हुई दोहरे हत्याकांड की गूंज अब तक शांत नहीं हुई है। आज इस हत्याकांड को 25 दिन बीत चुके हैं, लेकिन न्याय की उम्मीद में बैठा परिवार अब टूट रहा है।" दृश्य 2: (वीडियो क्लिप - पीड़ित माँ का विलाप और इंटरव्यू) "पूरनपुर के रहने वाले अधिकारी हर्षित मिश्रा की बदायूं में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हर्षित की माँ और उनका पूरा परिवार आज कैमरे के सामने बिलख रहा है। हाथ में एक पत्र है, जिसमें इंसाफ की गुहार है और आंखों में वे आंसू जो 25 दिनों से सूखे नहीं हैं।" दृश्य 3: (अखबार की कटिंग और अपराधी की फोटो दिखाते हुए) "आरोप है कि मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। हालांकि प्रशासन बुलडोजर और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की बात कर रहा है, लेकिन मृतक हर्षित की माँ का कहना है कि उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। उनकी एक ही मांग है— CBI जांच।" दृश्य 4: (गंभीर चेतावनी - वॉइस ओवर) "परिवार ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है। माँ का कहना है कि यदि उनके बेटे को इंसाफ नहीं मिला और हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो पूरा परिवार खुदकुशी करने को मजबूर होगा। क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी इन बेबस आंखों के आंसू देख पाएंगे?" दृश्य 5: (आउट्रो - कैमरामैन के नाम के साथ) "बदायूं हत्याकांड में अब न्याय की लड़ाई आर-पार की हो चुकी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस चेतावनी के बाद कितनी तेजी से हरकत में आता है। कैमरामैन रिशांतु अग्रवाल के साथ, मैं सरफराज अहमद खान, UPNewsTV24, पूरनपुर।"1
- जिसमें नाइंथ क्लास के 20 से 22000 बच्चों ने भाग लिया और सिक्स क्लास के 8000 बच्चों ने भाग लिया1
- पीलीभीत के पूरनपुर विकासखंड क्षेत्र से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां स्कूल चलो अभियान की गूंज गांव-गांव सुनाई दे रही है। पूरनपुर के चंदिया हजारा बंगाली कॉलोनी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने स्कूल चलो अभियान के तहत एक भव्य जागरूकता रैली निकाली। इस दौरान छात्रों ने “आधी रोटी खाएंगे, स्कूल जरूर जाएंगे” जैसे जोशीले नारों के साथ गांव के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया और अभिभावकों को बच्चों के नामांकन के लिए प्रेरित किया। रैली का नेतृत्व प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार ने किया। रैली गांव के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी और अंत में विद्यालय परिसर में समाप्त हुई। इस दौरान बच्चों ने शिक्षा के महत्व को समझाते हुए समाज को एक सशक्त संदेश दिया। ग्राम प्रधान वासु देव कुंडू ने भी इस अवसर पर बच्चों का उत्साहवर्धन किया और नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ पुरस्कारों का वितरण किया। कार्यक्रम में बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ ही पूरे जिले में स्कूल चलो अभियान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कहीं रैलियां निकाली जा रही हैं तो कहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पुरस्कार वितरण के जरिए बच्चों को स्कूल से जोड़ने की पहल की जा रही है। प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।2